#shiv

279 posts
  • ajayamitabh7 1d

    #Kavita #Duryodhana #Ashvatthama #Kritvarma #Kripacharya #Mahabharata #Mahadev #Shiv

    विपरीत परिस्थितियों में एक पुरुष का किंकर्तव्यविमूढ़ होना एक समान्य बात है । मानव यदि चित्तोन्मुख होकर समाधान की ओर अग्रसर हो तो राह दिखाई पड़ हीं जाती है। जब अश्वत्थामा को इस बात की प्रतीति हुई कि शिव जी अपराजेय है, तब हताश तो वो भी हुए थे। परंतु इन भीषण परिस्थितियों में उन्होंने हार नहीं मानी और अंतर मन में झाँका तो निज चित्त द्वारा सुझाए गए मार्ग पर समाधान दृष्टि गोचित होने लगा । प्रस्तुत है दीर्घ कविता "दुर्योधन कब मिट पाया " का छब्बीसवां भाग।

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    दुर्योधन कब मिट पाया:भाग:26
    शिव शम्भू का दर्शन जब हम तीनों को साक्षात हुआ?
    आगे कहने लगे द्रोण के पुत्र हमें तब ज्ञात हुआ,
    महा देव ना ऐसे थे जो रुक जाएं हम तीनों से,
    वो सूरज क्या छुप सकते थे हम तीन मात्र नगीनों से?

    ज्ञात हमें जो कुछ भी था हो सकता था उपाय भला,
    चला लिए थे सब शिव पर पर मसला निरुपाय फला।
    ज्ञात हुआ जो कर्म किये थे उसमें बस अभिमान रहा,
    नर की शक्ति के बाहर हैं महा देव तब भान रहा।

    अग्नि रूप देदिव्यमान दृष्टित पशुपति से थी ज्वाला,
    मैं कृतवर्मा कृपाचार्य के सन्मुख था यम का प्याला।
    हिमपति से लड़ना क्या था कीट दृश जल मरना था ,
    नहीं राह कोई दृष्टि गोचित क्या लड़ना अड़ना था?

    मुझे कदापि क्षोभ नहीं था शिव के हाथों मरने का,
    पर एक चिंता सता रही थी प्रण पूर्ण ना करने का।
    जो भी वचन दिया था मैंने उसको पूर्ण कराऊँ कैसे?
    महादेव प्रति पक्ष अड़े थे उनसे प्राण बचाऊँ कैसे?

    विचलित मन कम्पित बाहर से ध्यान हटा न पाता था,
    हताशा का बादल छलिया प्रकट कभी छुप जाता था।
    निज का भान रहा ना मुझको कि सोचूं कुछ अंदर भी ,
    उत्तर भीतर छुपा हुआ है झांकूँ चित्त समंदर भी।

    कृपाचार्य ने पर रुक कर जो थोड़ा ज्ञान कराया ,
    निजचित्त का अवबोध हुआ दुविधा का भान कराया।
    युद्ध छिड़े थे जो मन में निज चित्त ने मुक्ति दिलाई ,
    विकट विघ्न था पर निस्तारण हेतु युक्ति सुझाई।

    अजय अमिताभ सुमन:सर्वाधिकार सुरक्षित

  • pallavi4 5d

    Within

    I saw you once again today
    You came to me like a vision in blue
    With lotus petal shaped eyes closed in meditation
    Immediately I felt drawn towards you

    Dressed in tiger skin and a skull necklace
    Carrying a trident with a small drum
    Your forehead smeared with ash I saw
    While around you was a pleasant hum

    A serpent adorned your blue neck
    In your hair was the crescent moon
    One palm was raised ready to give
    A commendable disciple a deserving boon

    The Ganges flowed from your hair tied in a bun
    While you were seated smiling pleasantly A third eye lay on your forehead
    Within and without you looked heavenly

    With a brilliant white halo around your head
    I was given an auspicious sighting in your form
    I knew that all I could do was to lie prostrate
    And ask for strength to weather all storms

    I see the form of you I pray to each day
    Whose picture I keep piously on the shelf
    You appear whenever I meditate and dive
    Deep into my subconscious only to lose myself

    @pallavi4

    14th of October, 2021

    Pic credit: Pinterest, picture credited to its rightful owner- Shiva by Chandra Shekhar Poudyal

    #withinc #writersbay @writersbay #shiva #shiv #darshan #minds_eye @writersnetwork #miraquill #writersnetwork #poetry #pod #writerscommunity @miraquill

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    .

  • ajayamitabh7 1w

    #Kavita #Duryodhana #Ashvatthama #Kritvarma #Kripacharya #Mahabharata #Mahadev #Shiv
    हिमालय पर्वत के बारे में सुनकर या पढ़कर उसके बारे में जानकरी प्राप्त करना एक बात है और हिमालय पर्वत के हिम आच्छादित तुंग शिखर पर चढ़कर साक्षात अनुभूति करना और बात । शिवजी की असीमित शक्ति के बारे में अश्वत्थामा ने सुन तो रखा था परंतु उनकी ताकत का प्रत्यक्ष अनुभव तब हुआ जब उसने जो भी अस्त्र शिव जी पर चलाये सारे के सारे उनमें ही विलुप्त हो गए। ये बात उसकी समझ मे आ हीं गई थी कि महादेव से पार पाना असम्भव था। अब मुद्दा ये था कि इस बात की प्रतीति होने के बाद क्या हो? आईये देखते हैं दीर्घ कविता "दुर्योधन कब मिट पाया" का पच्चीसवाँ भाग।

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    दुर्योधन कब मिट पाया:भाग:25
    किससे लड़ने चला द्रोण पुत्र थोड़ा तो था अंदेशा,
    तन पे भस्म विभूति जिनके मृत्युमूर्त रूप संदेशा।
    कृपिपुत्र को मालूम तो था मृत्युंजय गणपतिधारी,
    वामदेव विरुपाक्ष भूत पति विष्णु वल्लभ त्रिपुरारी।

    चिर वैरागी योगनिष्ठ हिमशैल कैलाश के निवासी,
    हाथों में रुद्राक्ष की माला महाकाल है अविनाशी।
    डमरूधारी के डम डम पर सृष्टि का व्यवहार फले,
    और कृपा हो इनकी जीवन नैया भव के पार चले।

    सृष्टि रचयिता सकल जीव प्राणी जंतु के सर्वेश्वर,
    प्रभु राम की बाधा हरकर कहलाये थे रामेश्वर।
    तन पे मृग का चर्म चढाते भूतों के हैं नाथ कहाते,
    चंद्र सुशोभित मस्तक पर जो पर्वत ध्यान लगाते।

    जिनकी सोच के हीं कारण गोचित ये संसार फला,
    त्रिनेत्र जग जाए जब भी तांडव का व्यापार फला।
    अमृत मंथन में कंठों को विष का पान कराए थे,
    तभी देवों के देव महादेव नीलकंठ कहलाए थे।

    वो पर्वत पर रहने वाले हैं सिद्धेश्वर सुखकर्ता,
    किंतु दुष्टों के मान हरण करते रहते जीवन हर्ता।
    त्रिभुवनपति त्रिनेत्री त्रिशूल सुशोभित जिनके हाथ,
    काल मुठ्ठी में धरते जो प्रातिपक्ष खड़े थे गौरीनाथ।

    हो समक्ष सागर तब लड़कर रहना ना उपाय भला,
    लहरों के संग जो बहता है होता ना निरुपाय भला।
    महाकाल से यूँ भिड़ने का ना कोई भी अर्थ रहा,
    प्राप्त हुआ था ये अनुभव शिवसे लड़ना व्यर्थ रहा।

  • mohitmalhoch 8w

    ©mohitmalhoch

  • hiireath27 11w

    महाकाल

    एक सकून सा मिल गया वो मेरे पास तो नहीं
    सुना है कोई नहीं जानता के वो असल में है कहां
    बस आख़ बन्द करने की देर है वो सामने ही खड़ा है

    ©hiireath27 (विवेक)

  • neehaa 12w

    सलामत है मेरी दुनिया तेरी छांव में,
    मुझे सारी उम्र रखना महादेव अपनी निगाहों में।।

    रोशन है मेरी जिंदगी तेरी पनाह में,
    देना साथ महादेव हर कांटों भरी राहों में।।

    #shiv #mahadev #bholenath #shivsambhu #sawan

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    महादेव..

    सलामत है मेरी दुनिया तेरी छांव में,
    मुझे सारी उम्र रखना महादेव अपनी निगाहों में।।

    रोशन है मेरी जिंदगी तेरी पनाह में,
    देना साथ महादेव हर कांटों भरी राहों में।।
    @neha..

  • agyaanee 12w

    काल है, वो महाकाल है,
    योगी है वो, वही मायाजाल है।

    संहारक वही, वही सबका पालक है।
    आधार अनन्त ब्रह्माण्डों का, वही उनका संचालक है।

    शून्य भी वही, वही अनन्त है,
    असुरों का आराध्य किंतु, सबसे बड़ा वो संत है।

    भोला है वो, वही प्रचण्ड है,
    वही कण कण में है, फिर भी वो अखंड है।

    विनाश का पर्याय, स्वयं वह अविनाशी है,
    है अगम की मंज़िल, हर घट का वो वासी है।

    गंगा का अवतरण भी और, हलाहल का रसपान वही,
    यम को त्राहिमाम है जो, मार्कण्डेय को अभयदान वही।

    सबसे पहला नृत्य है वो, वो सबसे पहला योगी है,
    समय चक्र के पार खड़ा, अद्भुत अजब ये जोगी है।

    जीवन को अजन्मा है, फिर भी प्रथम जीव है वो,
    अखिल ब्रह्माण्ड में धड़क रहा, मेरा शम्भु शिव है वो।।

    -अज्ञानी-
    ©agyaanee

  • ___shweta 12w

    राधा सा प्रेम है मेरा
    मीरा सी भक्ति है
    तो पार्वती सा इंतज़ार है मेरा
    फिर न जाने क्यों मुकम्मल न हुआ मेरा प्रेम,
    और तूम कहा ठहरे इस जन्म के शिव
    जो विष पी जाओ इतने भोले तो नही
    और मैं कहा ठहरी पार्वती
    जो मेरे प्रेम को अमर्त्व प्रदान हो जाए
    मैं इतनी भी सौभाग्यशाली तो नहीं...
    श्वेता ✍️
    ©___shweta

  • ajaypatel 12w

    #Mahadev #shiv # mahakal #savan # life

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    जिनके शीश पर चंद्रमा चमकता है,
    वही तो मेरे चंद्रशेखर है।

    जो अपनी जटाओं में गंगा को धारण किए हुए है,
    वही तो मेरे गंगाधर है।

    जिनका कण्ठ विष से नीला हैं,
    वही तो मेरे नीलकंठ है।

    जो कालो के भी काल है,
    वही तो मेरे महाकाल है।

    जो देवो के भी देव है,
    वही तो मेरे महादेव है।
    ©ajaypatel

  • vivekrai_00042 12w

    विष पिले ......और जग की ख़ातिर

    इतना भोला कोई नही है

  • ammy21 12w

    Ho rha suru mahina sawaan
    Mahakaal ki aastha me man hua paawan
    Dhakrane keh rahi har har mahadev
    Aur man vairaagi shiv ka kar rha taandav
    ©ammy21

  • ammy21 13w

    Duniya deewani shayar gulzaar ki
    Aur mai deewani sirf mahakaal ki
    ©ammy21

  • badal_roy 14w

    Jai bhole nath ����
    #bholenath #shiv #महाकाल

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    मेरे भोले

    तू नर में है ,तू प्रखर में है
    तुहिं क्षितिज में ,घर में है
    तुझ में समा का केंद्र है
    संकल्प तू और स्वर में है

    तुहिं अगम या है सुगम
    कोई तुझसे कैसे दूर है
    तेरा नदिश जो छू लिया
    वह खुद में ही भरपूर है

    यह सृष्टि तेरी अंश है
    जो तू ना हो विध्वंस है
    तेरे बिना ये जहान तो
    जैसे मोहन बिन कंश है

    हर कर्म हर संताप जो
    मानव करे है पाप जो
    होता वही है नीलकंठ
    चाहे स्वयं हैं आप जो

    पर क्यों अहम ये आ गया
    कैसे प्रलय सा छा गया
    अब भूल कर तुझको हे शंभू
    कैसे सब बदला गया

    क्यों कंकड़ों में नाम तेरा
    ढूंढ ना पाता कोई
    अब सब खुदी में व्यस्त हैं
    गुण तेरा ना गाता कोई

    हे रूद्र हे शंकर मेरे
    किस ध्यान में तुम खो गए
    नाराज होकर हमसे क्या
    पर्वत पर अपने सो गए

    गर हो उपस्थित तुम यहां
    तो धर्म कैसे खो गया
    या देखकर इसको हे स्वामी
    नैन तेरा रो गया

    यह आस्था की भूमि मेरी
    टुकड़ों में क्यों हो रहा
    कैसे यह भूल तुझको, खुद
    स्वयं से हाथ धो रहा

    है आखिरी यह विनय तुमसे
    हे देवों के देवता
    दिखाओ कोई राह सबको
    हूं चरण में नेवता

    ©Badal Roy

  • amiravana 17w

    जब तक चुप थी
    दुर्गा ही ठीक थी
    जिस दिन भी बोल उठी
    गर्जन काली सी होगी
    @amiravana
    ©amiravana
    #conceptart
    Maa Kali, The Dark Mother in all her love and ferocity will guide you through transformation by dissolving all forms and time #amiravana




    #Photoshop #EmpoweringWomen #Empowerment
    #qutoeami
    .
    .
    #ramesstudios #mahakali #mahadev #mahakal #durga #jaimatadi #shiva #mahakaleshwar #harharmahadev #hindu #bholenath #devi #mahakaal #shiv #shivshakti #parvati #maa #navratri #har #bhole #kali #adishakti #india #mata #durgamaa

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    जब तक

    जब तक चुप थी
    दुर्गा ही ठीक थी
    जिस दिन भी बोल उठी
    गर्जन काली सी होगी
    @amiravana
    ©amiravana

  • deep_to_soul 17w



    रहो अपनी मस्ती में मग्न...
    हम तो हमारे शिव में मग्न रहेंगे |
    तुम रहो जिसके साथ रहना हैं...
    जहाँ हमारे शिव हम भी वहाँ रहेंगे ||
    ©deep_to_soul

  • my_unspoken_words 18w

    संसार

    जब तक मेरे माँ पापा मेरे साथ है
    और शिवजी का आशीर्वाद है
    तो सारा संसार मेरे साथ है
    ©my_unspoken_words

  • my_unspoken_words 18w

    तुम हो

    मै जहा भी जाऊ वहा मेरे साथ तुम हो..
    सुबह का पहला नाम और रात का आखरी संवाद तुम हो..
    अगर आए कोई मुश्किल तो उसका उपाय तुम हो..
    मेरी बेवजह खुशी की वजह तुम हो..
    मुश्किल की घड़ी में सामर्थ्य तुम हो..
    दिन रात जपु ऐसा नाम तुम हो..
    धोखाधड़ी वाली ज़िंदगी में विश्वास की ज्योत तुम हो..
    मेरे जीवन का आखरी किनारा तुम हो...
    मैं रह न सकूं जिस नाम बगैर वो नाम महादेव तुम हो..
    क्यूकी तुम ही इस टूटे दिल का एक विश्वास हो.. महादेव
    ©my_unspoken_words

  • kailashn 19w

    शिव

    ©kailashn

  • im_mortal 21w

    #Trueknowledege#secretsoftime#god#Shiv
    ������

    Please watch today at 12 pm
    Link in Bio...

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    ©im_mortal

  • juisai 23w

    Mera Shiva

    Bhakt hu teri, dar mohe kahe...
    Tera saath hi toh hai, jo mohe bhaaye...

    ©juisai