#rachanaprati98

7 posts
  • anandbarun 6w

    #rachanaprati99 #rachanaprati98

    हम सुकून की तलाश में न जाने कितने पल व्यर्थ गवा देते हैं। मित्रगण हम जिन खुशियों का इंतजार करते रहते हैं वो है इसी पल में।
    तो लीजिए, उठाईये कलम और उकेड़ दीजिए अपने मन में आ रहे विचारों को इसी पल....विषय है 'वर्तमान में जीना'

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    वर्तमान में जीना

    'कहाँ रख दी शामें, कहाँ रख दी सहर।'
    ©neerajtripathi

    भींच मुट्ठियों में, दौड़ता रहा था बेखबर
    कि सफर के मध्यान्ह में कभी रुक कर
    निश्चिंत हो सुकून से उन पलों के सुखन
    जी लूँगा उनकी खुशबुओं को मुक़म्मल
    समय के रिसते रेत ना ठहरे कभी मगर
    कहाँ रख दी शामें, कहाँ रख दिए सहर
    ©anandbarun

  • anusugandh 6w

    #rachanaprati98
    @psprem

    मुस्कान---एक लफ्ज़ एक पहचान
    ममता-------प्रकृति ----------इंसान

    अलग रंगों में होती, मुस्कान की पहचान
    बच्चा मुस्काये ,मां के चेहरे पर आ जाती मुस्कान
    अपने परिवार पर ,सारा प्यार लुटाती,
    मां तैयार होती, करने को सर्वस्व बलिदान!

    गिरती नन्ही नन्ही बूंदें ,जब आकाश से ,!
    लगता अमृत बरस रहा, प्रभु दे रहे वरदान ,
    प्रकृति हर्षित हो जाती, जब होती देखभाल ,
    पत्ता पत्ता हंसता,फूल फूल पर आ जाती जैसे जान

    निहित स्वयं में ,,जीवन की मुस्कान,
    सब्र और संयम है विवेकी इंसान की पहचान ,
    जो समझ ले मानव, अंदर की प्रतिभा को ,
    चढ़ जाए सीढ़ियां , सफलता पा जाए इंसान !!

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    मुस्कान

    जीवन की मुस्कान का, बस एक ही पैमाना,
    खुद खुश रहना ,..औरों को भी खुश रखना
    खूब मेहनत करना,तरक्की की सीढ़ी चढ़ना
    दूसरों की इज्जत करना,...अपनी करवाना ,
    रोज योग करना और सभी को ... करवाना,
    अपने को और दूसरों को भी स्वस्थ रखना ,
    जीवन का उद्देश्य ,...बस कुछ ऐसा रखना ,
    रोते को हंसाना...........,गिरते को उठाना ,
    मिलेगी अंतरंग खुशी ,बस ऐसा कुछ करना,
    दूसरों के चेहरे पर अपनी वजह से खुशी ढूंढना!!
    ©anusugandh

  • loveneetm 6w

    मुस्कान

    जब से मन भक्ति बसी,
    तब से बढ़ता ज्ञान,
    मेरे गोविंद माधव मेरे,
    जीवन की मुस्कान।

    उनकी लीला उनकी गाथा,
    सत्य का करे बखान,
    अद्भुत उनकी जीवन लीला,
    अद्भुत उनका ज्ञान।

    राधा माधव गोविंद गिरधर,
    जगतपति भगवान,
    जो ना समझे सत्य यह,
    वह बालक है नादान।

    ना छल ना अपवाद हृदय,
    ना ही मन अज्ञान,
    प्रेम भाव भक्ति हृदय मेरे,
    जीवन की मुस्कान।
    @लवनीत

  • anandbarun 6w

    जीवन में मुस्कान

    हर पल की विवेक और संयम से
    होता है हर अपना सपना साकार
    धीरता और ध्रुव निरंतरता ही में
    बसता रहा है सुकून का व्यापार
    कभी सफलता की बुर्ज पे भी बैठे
    अक्सर मिलता नहीं मनचाहा स्वाद
    अनन्तर निरत संघर्षों के अंतरे ही में
    निहित होता है आनन्द का पारावार
    विषमताओं की अंतहीन सिलसिले
    गढ़ते हैं अवसर चढ़ने को पायदान
    सुख का कोई धाम नहीं है, वह उगे
    जब भी हमारे पग उठे आगे हरबार
    व्यर्थ प्रलाप में कमियों को गिनते
    असल का व्यय कर देते अनायास
    रात में खिलने को जो होते हैं बदे
    वो दिन को क्यूँ कोसते थकें बेजार
    कमल, गुलाब, हरश्रृंगार और बेलें
    भिन्न हैं सबके ऋतु-रंग-रूप-आचार
    अन्यथा नहीं कुछ भी यहाँ रहता है
    'जहाँ काम सुई के, कहाँ करे तलवार'
    परिवर्तनशील जग मे प्रतीत व्यर्थ से
    समय से लेते अनुपम रूप व आकार
    जो हम यह सारा रहस्य समझ सकें
    असीम रहे हमारे जीवन की मस्कान
    ©anandbarun

  • psprem 6w

    #rachanaprati98
    @psprem.
    मैं ममता जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझेrachanaprati98.के मंच संचालन की जिम्मेदार सोपीं है।मेरी इच्छा है कि विषय ऐसा हो जो प्रोत्साहित करे। अतः मेरा विषय है"जीवन की मुस्कान"मुझे विश्वास है कि मेरे सभी अजीज़ दोस्त इस विषय पर एक से एक sundr रचनाएं प्रस्तुत करने का प्रयास करेंगे।जिनको टैग नहीं किया ।उनका भी अभिनंदन है।
    @anusugandhji, @alkatripathiji, @anandbarunji@,goldenwrites_jakirji,@greenpeace,@aryaavarmaji,@abr_e_shayri,@loveneetam.@ayeshashah.
    आप सब अपनी रचनाएं कल शाम ५ बजे तक भेज सकते हैं। शुभकामनाओं सहित।

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    जीवन की मुस्कान

    मेरी तो पहचान यही है।
    जीवन की मुस्कान यही है।
    मन की मंजिल मिल जायेगी,
    क्योंकि पथ सुनसान नहीं है।
    यहां अपना पराया कोई नहीं,
    अपनेपन का भान यही है।
    रिश्ते नाते मृदुल रखो,
    बस खुशियों का गान यही है।
    जब भी मिलना मिलो प्यार से,
    तब सबका सम्मान यही है।
    दर्द बांट लो दुनिया भर का,
    सबसे अच्छा दान यही है।
    राह दिखाओ सबको सच्ची,
    पर यह कोई अहसान नहीं है।
    आत्म विश्वास जगाओ सब में,
    इससे सुन्दर ज्ञान नहीं है।
    एक_एक कदम बढ़ाओ आगे,
    मंजिल का सोपान यही है।
    "प्रेम" बांट कर प्रेम बढ़ाओ,
    सुंदरता की खान यही है।
    ©psprem

  • mamtapoet 6w

    #rachanaprati97
    #rachanaprati98

    @anandbarun, @anusugandh, @psprem, @loveneetm, @goldenwrites_jakir, @greenpeace767, @suresh_28 @abr_e_shayari
    आप सभी ने मेरे द्वारा दिये विषय पर बहुत ही खूबसूरती से अपने अपने विचारों के परिंदों को उन्मुक्त उड़ान का अवसर प्रदान किया और मुझे कहते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि सभी की रचनाएँ
    अप्रतिम और मनभावन है। आप सभी एक दूसरें की रचनाओं को पढ़े तो आपको भी लगेगा विजेता घोषित करना सच में बहुत दुविधा का विषय है।

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    मैं आगे मंच संचालन की जिम्मेदारी @psprem ji को सौंपती हूँ। अपना सहयोग अपनी रचनाओं के साथ आप आगे भी सभी को प्रदान करेंगे इसी आशा के साथ, कोई त्रुटि हो तो क्षमा करे ।

  • goldenwrites_jakir 62w

    प्रेम ❤ संगनी

    घर को स्वर्ग बनाया ज़िन्दगी थी तन्हा
    उसे खूबसूरत ज़िन्दगी बनाया
    संगनी तुझसे ही है घर स्वर्ग ....

    सच्ची मुस्कान ज़िन्दगी की यही है
    मेरी दौलत मेरा अभिमान यही है

    प्यार मोहब्बत के सफर के बाद जिंदगी मे एक मोड़ आया
    क़बूल है निकाह के बाद जिंदगी मे सच्चा हमसफर आया
    घर परिवार की पसंद से घर के आँगन मे एक चाँद आया

    कहते जिसे जिंदगी की अमानत वो संगनी तक़दीर की लकीरों
    मे खुशियाँ बेहिसाब लाई
    इश्क़ मोहब्बत चाहत आरजू ख़्वाब सब रंगों मे बहार बनकर आई
    वो अमानत किसी और आँगन की मेरी जिंदगी मे रौशनी बनकर आई
    कब हम दो से तीन फिर चार हुए दो फूल नन्हे हमारी जिंदगी मे फरिस्ते बनकर आए .....
    जिंदगी के सफर मे वो खूबसूरत सबेरा बनकर आए

    सुख दुख मे जो साथ रहा बनकर मेरी परछाई वो साथी मेरी जिंदगी मे एक हक़ीक़त बनकर आई
    वो संगनी वो साया मेरा मेरी किस्मत मे हजारों खुशियाँ साथ लाई
    कहते जिसे जिंदगी वो मेरी जिंदगी बनकर आई
    वो हमसफर हमसाया मेरे लबों की मुस्कान बनकर आई ...।।


    ©goldenwrites_jakir