#rachanaprati89

15 posts
  • aryaaverma12 9w

    #rachanaprati89
    @anandharun sir ji ����������������������

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    सबसे पहले तो मैं@abr_e_ shayari dear को धन्यवाद देना चाहती हू की इन्होने ने मुझे इस #rachanaprati89 की जिम्मेदारी सौंपी,,,,,,,
    विषय सुकून का डेफिनेश @mamtapoet dear @goldenwriters_jakir bhai ji @alkatripathi79 dear @anusugndh di @anandharun sir ji @abr_e_shayari sis @tejasmita_tjjt dear @shayarana_girl choti,,,, आप सब का आभार प्रगट करती हू कि आप सब ने विषय सुकून पर बहुत बेहतरीन रचना प्रस्तुत की,,,,मेरी नजर में सब विजेता हैं,,,,,
    तो मैं #rachanaprati90 की जिम्मेदारी@tejasmita_tjjt dear को सौपातीं हु ,,,,

    @tejasmita_tjjt Congratulations dear
    अगर मुझसे कोई गलती हो गई हो तो माफ़ी चाहती हूं
    ©aryaaverma12

  • abr_e_shayari 9w

    समंदर किनारे
    बाहें समेटे ,
    रेत पर खड़ी मैं,

    सोचती की तुम
    आते साथ
    तो कैसा होता!

    कुछ बातें होती,
    तुम्हारी अदरक की चाय होती,
    मेरी चाट होती!

    लाखों यादें दोस्तों की ताज़ा होती,
    तुम बताते , मैं हंसती,
    तुम और हंसाते!

    पर तुम नहीं हो,
    ना चाय है ,
    ना चाट है
    ना दोस्त हैं,
    ना वो बात है

    बस मैं, मेरे रेतीले ख्वाब,
    तुम्हारे बगल उस
    लाल जोड़े का तसव्वुर,
    और बिलखता ,
    हारा हुआ सुकून!

    जो ना तो कल
    मुझे मयस्सर था,
    ना आज मुझे,
    मयस्सर है!

    -shruti singh

    @aryaaverma12 #rachanaprati89

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    सुकून

    #rachanaprati89

  • anandbarun 9w

    सुकून के पल

    निशा निमग्न थी स्वप्नलोक विचर
    रहस्यमय तिमिर के कुछ शेष प्रहर
    अन्तर अवचेतना की परिधि इतर
    बिहँसा मधुसिक्त मंथर मन भ्रमर
    पवन की लय पर नृत्यरत स्वर
    देवालय की घंटियों के स्निग्ध सुमधुर
    नन्ही विहगों की रागिनी अविरल
    वातायन में घोल रही उल्लास निरंतर
    स्वर्णाक्षरों में हुई उषा निमंत्रण
    नवल उद्योष करती चहकी अंतर
    पट खोल धाई बयार निर्मल सिमर
    पुलकित रोम-रोम रमा आलिंगन कर
    घुटन की तहों बेसुध शाश्वत मन
    साँसे भर रहा एहसासों के उन्मुक्त गगन
    बन्द घड़ी की जैसे चल पड़ी हो धड़कन
    पुष्प कलियों की जागी सुधि सहज
    खिली दसो दिशा रंग इंद्रधनुषी पहन
    लुप्त हो रहे दुविधाओं के श्रृंग प्रखर
    आस और विश्वास से भर रहा रग-रग
    उर्जस्वित धरा पर प्रफुल्लित पहर
    उद्विग्न मन का सुकून अविचल
    चिरंतन अभ्युदय का आभास निरंतर
    प्रभात बेला सा उदित हो हर एक अंतर...
    ©anandbarun

  • mamtapoet 9w

    तुम रहो उलझे उलझे से परेशां,
    तो चैन मुझे भी कहाँ आता है,
    एक तेरी आँखों में ही तो
    सुकून मेरा भी जागता सोता है।।
    ©mamtapoet

  • anusugandh 9w

    सुकून

    मां के चेहरे पर मुस्कान जो आई
    तब जाकर सुकून भरी नींद आई
    ©anusugandh

  • tejasmita_tjjt 9w

    #rachanaprati89
    @aryaaverma12

    सुकून मिलता कहां है आजकल
    महंगाई के जैसे मानो ये भी
    बहुत मंहगा हो चला है अब
    नहीं मिले तो ऐसा लगता है
    जैसे बहुत कुछ टूट गया हो
    बहुत कुछ बिखर गया हो
    मिल जाए गर तो मन इतना
    प्रफुल्लित हो जाता है कि
    प्यासे को पानी धूप को छांव
    सुकून.....यूं तो बहुत सीधा सा है
    पर इसका मतलब जानो तो
    इतनी आसानी से मिलता कहां है
    हर किसी को
    ये सुकून......

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    सुकून

    जब भी मिला मुझे
    बस तेरे पास होने से मिला
    तेरे एहसास से मिला
    ये सुकून......
    बस तेरी बाहों में मिला
    ©tejasmita_tjjt

  • aryaaverma12 9w

    सुकून शब्द, कितना खूबसूरत साउंड करता है न
    वैसे तो जल्दी कही मिलता नहीं हैं,,

    कभी कभी तो इतनी बेचैनी की सांस नहीं आती
    ,,कुछ कड़वी बातें कुछ अनकहे जज़्बात इतना बैचेन करते हैं कि सुकून मिलना मुश्किल हो जाता हैं,,,,फिर चाहे फेवरेट सॉन्ग सुनो ,चाहे मूवी देखो,किसी से भी बात कर लो,,कही सुकून नही मिलता,,,

    पर खुद से सवाल करना,खुद ही जवाब ढूंढ लेंना ,,सुकून देता है,,
    कड़वी बातों के साथ ,,अच्छी बातें भी याद कर लेना,,सुकून देता है,,
    ईश्वर से बात करना,सब उनपर छोड़ देना,,
    सुकून देता हैं,

    बुरा वक्त गुजर जायेगा,अच्छा वक्त भी आएगा,,
    ऐसी सोच ,,सुकून देता हैं,

    जब हमारी वजह से,,कोई मुस्कुराता है,
    तो वो पल ,सुकून देता हैं,,

    सुकून को यूं दर बदर ढूंढते रहे ,सुकून खुद के अंदर ही था ,,,
    जो करीब से देखा तो खुद में ही मुस्कुरा रहा था,,

    कहते हैं अकेलापन,बुरा होता हैं,
    पर मैं कहती हूं,जब अकेले हो तो ,खुद से मुलाकात होती हैं,तो वो पल ,,सुकून देता हैं,

    ©aryaaverma12

  • anusugandh 9w

    सुकून

    सुकून ही ना मिला ,यूं ही जीवन चलता रहा ,
    ना जाने किन गलियों में सदा ही भटकता रहा !
    ज्यूँ मृग, कस्तूरी चाहता रहा जीवन भर ,
    ना पता था भीतर ही छुपी, यूं ही बस भागता रहा! चकोर भी, स्वाति नक्षत्र की बूंद की खातिर ,
    दिन-रात रट लगाते लगाते, नभ में विचरता रहा !
    यूं ही सीप, मोती को तरसा एक बूंद के लिए ,
    एक मोती की चाह में सागर में गोते लगाता रहा !
    न जाने क्यों सदा मन भटकता था, क्या चाहत थी, समझ ना सकी ,मन ही मन खुद को टटोलत रहा!
    प्यास बुझी इस मन की, जब कलम आई हाथ में ,
    लिख डाले ज़ज्बात सुनाने को जो सदा बहकता रहा !
    आज सुकून इतना है जीवन में ,जो कभी नहीं था, ज़ज्बात बयां करने को,एक कलम का साथ मिलता रहा !
    ए खुदा बख्श ऐसी नेमत सबको, जो मिले सुकून,
    सब खुश रहे हम जैसे बस ,सबको किसी ना किसी का साथ मिलता रहे!
    ©anusugandh

  • goldenwrites_jakir 9w

    संग हो तुम मेरे ❤ दिल की धड़कन में सुकून धड़कता है

    #jp #zakir #hamsafar #rachanaprati89 @aryaaverma12

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    सुकून ❤

    सुकून की चादर तेरी बाहों की हर इक मौसम में नई ज़िन्दगी दे जाती
    चलती तेरी सांसे मेरी साँसो के साथ तेरी परछाई मेरी ज़िन्दगी का आईना बनजाति
    तुम्हारा रिश्ता ही मेरी ज़िन्दगी का सुकून है
    तुम बिन मेरी ज़िन्दगी बिखरा हुआ फ़ूल है
    तुमसे ही शुरू तुम पर ही ख़त्म मेरी ज़िन्दगी की सुबह शाम
    तुम ही मेरी ज़िन्दगी का चाँद हो
    तुम्हे पाकर तक़दीर की लकीरों से इश्क़ हुआ
    क्या होती अर्धांगिनी वो सफ़र ज़िन्दगी का तुम्हारे साथ शुरू हुआ ...

  • _do_lafj_ 9w

    सुकून से हो तुम,
    हर पल में बस अब ज़िक्र तुम्हारा है।।
    कितना सुकून है,
    मेरे हाँथो में जो हाँथ तुम्हारा है।।
    मिलता है सुकून,
    हर बात में तेरी बात होने पे।।
    दिन खूबसूरत हो जाता है,
    ख़्वाबों में भी तुझसे मुलाक़ात होने पे।।
    मेरे चंचल से ख़यालों का,
    सुकून भरा ख़याल हो तुम।।
    मेरे लिए सुकून का,
    दूसरा नाम हो तुम।।

    #Sukoon #Mine❤️ #rachanaprati89

    @aryaaverma12 @alkatripathi79 @goldenwrites_jakir @anusugandh @greenpeace767

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    Sukoon

    मैं लहरों से मचलता समुन्दर हूँ,
    मेरी लहरों का सुकून सा किनारा हो तुम।।


    ©_do_lafj_

  • goldenwrites_jakir 9w

    सुकून ✍️✍️

    बात कुछ वक्त पुरानी है
    दिल के दर्द से रूह जख़्मी है
    क्या पाया था ज़िन्दगी में फिर उसे खो दिया
    वो दर्द से राहत दिल को पाना ना मुमकिन था
    ना ही उस ज़ख्म की दवा थी ना ही कोई मरहम
    हर रोज दिल टूट कर बिखर रहा था
    रह रह कर उनकी यादें दिल को रुला जाती थी
    हर तरफ तन्हाई दिल को कुछ राहत देती
    तो कहीं उनको ख्यालों में महसूस करना
    उनके साथ ख़्वाnrब सजाना दिल को कुछ पल सुकून के दे जाता
    पर ज़ख्म और भी गहरे होते चले जाते
    ऐसे ही कई दिन कई साल गुजर गए पर राह नज़र दिल को नही मिलती
    रूह रहती बेचैन और ज़िन्दगी थक हार कर कहीं रुक जाती
    वक्त के साथ कुछ चीजे नज़र के सामने होने के बाद भी दिखाई नही देती ऐसा लम्हा भी मेरी ज़िन्दगी में आया ,,,
    तन्हाई का साया मुझे ऐसी जगह लेकर आया जहां रूह के हर इक ज़ख्म पर मरहम मिला
    बैठ कर उस दरगाह पर मन के सारे सवालों का जवाब मिला
    खोल कर रख दी दिल ने हर इक बात बंद आँखों से
    मन ही मन ख़ामोशी से सारे दिल के राज़ खोल दिए
    क्या ख़ुशी क्या गम हर इक बातों की कहानी रूह ने सुनादी
    कोई नही था पास फिर भी लग रहा था कोई सुन रहा है मेरे दिल की हर इक बात - कब कैसे दिल को सुकून मिलता चला गया
    कब कैसे हर इक ज़ख्म रूह से फना हो गए पता भी ना चला
    चहरे पर ख़ुशी लवों पर मुस्कान लिए बहाँ से लौट आया
    मानो इक नई ज़िन्दगी वहाँ से लेकर आया
    इक अलग ही आत्मविश्वास मन में उभर रहा था
    वो मन्नत का धागा मेरी ज़िन्दगी की कहानी लिख रहा था
    दुआ से बढ़कर कुछ भी नही सुकून का रास्ता
    वो बंद आँखों का जादू भीगी पलकों की नमी
    नई ज़िन्दगी की कहानी लिख रही थी
    सुकून मिला कैसे - कहां ----- आज भी वो लम्हा दिल को
    इक आईना ज़िन्दगी को दिखाता है .....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 9w

    सुकून ✍️

    ज़िन्दगी की भागदौड़ में सुकून के लिए
    किसी के पास वक्त नही सब चले ही जा रहे हैं
    रख कर मन पर बोझ लगाकर
    नकाब पर नकाब मुस्कुराए जा रहे हैं
    ज़िन्दगी जीना ज़िन्दगी समझ कर अब ये मुमकिन नही
    अब बस सब चले ही जा रहे हैं ,,,,,
    ©goldenwrites_jakir

  • shayarana_girl 9w

    सुकून की बात हो और जिक्र मेरे विराट का ना हो,,ऐसा हो ही न सकता,,जितना सुकून मिलता है मुझे उसे देखकर उतना और कहीं नहीं,,, क्युकी ना तो मुझे गाना सुनना पसंद और ना ही मूवी देखना,,
    पसंद है तो सिर्फ को देखना,,विराट की क्यूटनेस पर अग्गरेशन को,,
    और सुनना उसके है चर्चे।।

    शायद इसी का एक रीजन है की मुझे वर्णमाला में व शब्द सबसे ही ज्यादा पसंद है,,फिर चाहे वो विराट का हो या विज्ञान का,,पर वो कहते है ना ,,,हर चीज अपने साथ कुछ ना कुछ लेकर आती है,,
    ठीक उसी तरह ये शब्द 'व' अपने साथ विरह लेके आया है,,
    विराट से दूर रहने का थोड़ा तो दुख है।।��

    विराट जिसके चेहरे पर हसी देखकर,,
    अपने गामो को भूल जाती हूं,,
    दिन भर इंस्टा की रीलस पर उसी का चेहरा देखना चाहती हूं।
    ना जाने क्यों एक अलग ही सुकून है उसके चेहरे में।।
    हाल ही में Mi vs RCB कॉमेंटेटर वाज लाइक ...आज विराट कोहली अलग ही अग्रेशन मै है,, एंड आई वाज लाइक..मेरे विराट को नजर ना लगाओ।

    जब जब तेरे नेटवर्क मै आता है,,
    मेरा दिल आउट ऑफ कवरेज बताने लगता है,,,
    (अब क्या करूं इस दिल का��)
    कितना भी लिखूं मै अपने इश्क़ पर,,
    फिर भी यही इश्क़ है कि ख़तम ही ना हो रहा।।
    (दिमाग......विराट विराट ही जपता रहता)

    मुझे ना पता बाकी लोगो के सुकून कि डेफिनिशन में कौन आता है,,मेरी इश्क़,सुकून....सबकी डेफिनिशन मै सिर्फ और सिर्फ vk ही आता है।।।������

    #rachanaprati89 @aryaaverma12

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    विराट कोहली

    दिल का सुकून,,और रातों का आराम हो तुम,,
    ना जाने कैसे,,पर इस दिल का अरमान हो तुम,,
    मिलना तो हमारा नामुमकिन है,,किसी भी जन्म में,,
    फिर मेरे दिमाग,, क्यू इन बातों से अनजान हो तुम।।

  • aryaaverma12 9w

    सबसे पहले तो मैं @abr_e_shayari dear का धन्यवाद करती हु की इन्होंने मुझे #rachanaprati89 का कार्य भर सौंपा,,,,तो आज का मेरा टॉपिक हैं" सुकून का डेफिनेशन"
    सुकून का सबका अपना अलग अलग डेफिनेशन होता हैं,
    जैसे कि किसी को मूवी देखकर सुकून मिलता,तो किसी को किसी खास परसन से बात करके सुकून मिलता h , तो किसी को कुछ लिख कर सुकून मिलता h , तो किसी को खुद के हाथ की चाय पीके सुकून मिलता है,तो किसी को song सुन के सुकून मिलता हैं,तो किसी को दिन भर चाहे जहा घूम फिर ले ,लेकिन शाम को घर आके ही सुकून मिलता हैं,तो किसी को घंटो अकेले बैठ कर खुद से ही बातें करके सुकून मिलता हैं ,,,सबकी अपनी अलग अलग परिभाषा है सुकून की,,तो आज की टॉपिक हैं "सुकून का definition" उम्मीद करती हूं कि आप सब को ये विषय पसंद आया हो ,,,,आशा करती हु कि इस टॉपिक पर ज्यादा से ज्यादा रचनाएं पढ़ने को मिलेगी ,,,,,,,
    धन्यवाद
    समय समाप्ति कल दोपहर 12 बजे ,

    ©aryaaverma12

  • abr_e_shayari 9w

    #rachanaprati88
    #rachanaprati89
    @aryaaverma12 संचालन का कार्यभार ग्रहण करें ��
    @amateur_skm @loveneetm @alkatripathi79

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    नमस्कार मित्रों, जैसा की आप सभी जानते हैं कि #rachanaprati88 की समय सीमा पूरी हो चुकी है! निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत मुझे बहुत सी गम्भीर और सुंदर रचनाएं देखने को मिली!
    कही सौरभ भाईया की रचना " अंतिम" ने मानवीकरण अलंकार की छटा बिखेरी तो कहीं साजिद भाईया की रचना "प्रदूषण" ने हमे जागरूक किया|
    अनुष्का बच्ची की कविता "प्रकृति", आर्या जी का निबंध "प्रकृति", अल्का दीदी और लवनीत जी की कविता "प्रकृति" एवं अनु दीदी और ममता दीदी की रचना" पर्यावरण" ने भी दिल जीत लिया! ऐसे किसी एक को चुनना मुझ जैसे साधारण व्यक्ति के बस की बात तो‌ नही पर फिर वो तीन रचनाएं जिन्हें मैं पुनः अंकित करना चाहूंगी वे है~~

    १. @amateur_skm - "अंतिम"(कविता)
    २. @aryaverma12-" प्रकृति" (निबंध)
    ३. @loveneetm @alkatripathi79
    -"प्रकृति" एवं "प्रकृति"

    यदि मुझसे संचालन में कोई त्रुटी हुईं हो तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं
    आप सभी का बहुत बहुत आभार!
    किसी आकस्मिक कार्य के चलते@amateur_skm bhaiya #rachanaprati89 के संचालन का कार्यभार संभालने की अवस्था में नहीं है मैं @aryaaverma जी से निवेदन करूंगी की वे #rachanaprati89 के संचालन का कार्यभार संभाले
    ©abr_e_shayari