#rachanaprati165

21 posts
  • somashekar 16w

    Unse Mohabbat Kamal Ke Hote Hai JinKa Milna Muqaddar Mein Nahe Hota.

    Kabhi kisi ko mukammal jahan nahi milta , Kahin zameen , kahin aasmaan nahi milta . Jise bhi dekhiye woh apne aap mein gum hai , Zuban milti hai , magar hum - zuban nahi milta .

    अजब तेरी है ऐ मेहबूब सूरत नज़र से गिर गए सब खूबसूरत.

  • soonam 16w

    #rachanaprati165
    #rachanaprati166

    @anonymous_143 आपका धन्यवाद..!!

    आशा करती हूं जिस तरह आप सबने मिलकर अपनी मेहनत से #rachanaprati को आगे बढ़ाया है, उसी प्रकार आप सभी मेरे संचालन में अपना योगदान दे कर कामयाब बनाएंगे..!!

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    *

    मैं @anonymous_143 जी को तहे दिल से शुक्रिया अदा करती हूं.. कि उन्हें मेरी कविता "भ्रम" पसंद आई और उन्होंने ने मुझे इस काबिल समझा, मुझे #rachanaprati166 को संचालित करने का अवसर प्रदान किया..!!

    #rachanaprati166 का विषय - "खुबसूरती"

    मेरा मानना है खुबसूरती हर जगहों पर होती है..
    जले हुए से लेकर टूटे जिस्मों तक,
    गन्दे नालों से लेकर सूखे झाड़ियों तक,
    कड़कड़ाती धूप से लेकर झमझमाती बारिश तक..
    बस चाहिए तो क्या हमें.. एक नजरिया उन्हें देखने का..!!
    तो चलिए आज आप भी अपने खुबसूरत से मन का दरवाजा खटखटा कर "खुबसूरती" को अपनी अंदाज में खुबसूरत से कलमों से बिखेर दीजिए..!!

    समय सीमा - 20 अप्रैल 2022 !!
    ©soonam

  • soonam 16w

    जिंदगी एक भ्रम है
    ये लोग..उन लोगों का प्यार
    अपनों का प्यार
    भले कहें कि..ये बातें.. वो और उनका वो प्यार
    कितना ही सच्चा हो..
    पर ये भ्रम भी तब टूटा
    जब उन्होंने ने हमारे सपनों के ऊपर
    अपना सपना जोड़ दिया
    क्यों..क्या..कैसे..कुछ नहीं
    बस अपने प्यार के डोर से
    हमारे सपनों के भ्रम को मड़ोड़ दिया..!!

    ये गहरी काली रात
    उस रात के बाद ये उम्मीद
    कि.. आने वाला दिन अच्छा होगा
    एक बुरे दिन के बाद
    एक नए सवेरे का.. वो एहसास
    इस साल के बाद आने वाले
    साल तक का इंतजार..
    ये भी तो एक भ्रम है
    क्यों कि आने वाला
    वो दिन.. वो सवेरा.. वो साल
    देखा किसने है.. जनाब
    कहीं उस रात के बाद सवेरा लिखा ही ना हो..!!

    ये नदियां.. ये पेड़..
    ये धरती.. ये आकाश..
    ये गांव.. ये शहरे..
    ये दिन.. ये रात..
    सभी एक दूसरे के पूरक हैं
    ये भी तो एक भ्रम है
    कब किस दिन
    ये मुंह फेर ले.. एक दूसरे से
    कहां किसे है पता..!!

    ये मासूम सा दिल
    ये तेज तर्रार दिमाग
    जानते सब है..
    पर बात वही.. "एक भ्रम"
    के आगे उन्होंने ने भी
    घुटने टेक दिए.. जनाब..!!
    ©soonam


    #rachanaprati165 "भ्रम" @anonymous_143
    @writersnetwork @writerstolli @hindiwriters @hindinama

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    भ्रम

    ये समय का खेल.. अपनों का मेल..
    ये झुकते कंधे.. अकड़़ते मन
    ये पछतावा.. वो शर्मिंदगी
    वो कसमकस.. ये बंदगी
    सब समय है.. ऐसा बोलते हैं लोग
    क्यों कि.. उससे पहले छेड़ दिया तो
    वो समय नहीं.. ये "भ्रम" है..
    बिखर जाते हैं लोग..!!
    ©soonam

  • satender_tiwari 16w

    भ्रम

    दसवीं करलो फिर सब ठीक होगा
    जब किया तो भ्रम निकला
    बारहवीं करलो फिर सब ठीक होगा
    जब किया तो भ्रम निकला
    कॉलेज में आ गए बात वही हुई
    जब किया तो भ्रम निकला
    नौकरी लग गयी ज़िन्दगी वही है
    भ्रम पे भरोसा कर लेतें हैं
    फिर मेहनत उसपर खूब करतें हैं
    और मायूसी में खुद से कहतें हैं
    जब किया तो भ्रम निकला

    ©सतेंदर तिवारी ब्रोकेन्वोर्डस

  • satender_tiwari 16w

    हम लिखते हैं ये सत्य है
    अच्छा ! ये एक भ्रम है
    हमारी सोच लोग पढ़तें हैं
    क्या पता ये भी एक भ्रम है
    हम आज के दौर में जी रहें हैं
    हम भ्रम को सच मान रहें हैं
    हर कोई अपना स्वार्थ लिए है
    बेस्वार्थ कम है वो मिलते कम हैं

    ©सतेंदर तिवारी (ब्रोकेन्वोर्डस)

    बातें वातें with सतेंदर
    कुछ किस्से कुछ कहानियाँ
    【its my show live on Instagram @itsme_stb】follow for more information

  • anonymous_143 17w

    "भ्रम"

    जब बचपन में हम कहीं ट्रेन में जाते थे, तो मुझे लगता था ट्रेन आगे तो जा ही रही है, पर ट्रेन की खिड़की के बाहर दिखते ये सारे पेड़ पीछे की तरफ भाग रहे हैं। बचपन में मुझे अजीब-अजीब से भ्रम थे। मुझे बहुत कुछ लगता था चीजों को लेकर, बहुत कुछ क्या हर कुछ ही लगता था। जैसे हमारी नाक को कैसे पता हवा में ऑक्सीजन कहाँ है? कैसे हम सिर्फ ऑक्सीजन ही ले रहे हैं? अगर बंदर/चिंपैंजी मानव बने, तो ये बंदर कब इंसान बनेंगे? इन्हे कौन और कब मिंटॉस खिलाएगा? अगर धरती घूम रही है, तो हम क्यों नहीं घूम रहे? ऐसे असंख्य सवाल बस चलते रहते फिर मुझे उनको लेकर कुछ भी लगने लगा था, बचपन में मुझे लगता था मेरे पास पावर है पापा के स्कूटर पर उल्टा बैठकर में अपने दोनों हाथों को हवा में सीधा उठा कर पूरी ताकत से सारी चीज़े पीछे की और धकेलता था। मुझे लगता था मैं ही हूँ जो स्कूटर को आगे बाकी सबको पीछे चला रहा हूँ। फिर स्कूल जैसी मनहूस जगह ने मेरे सारे सवालों के गलत जवाब दिए। मेरे सारे खोजे हुए जवाबों को सिरे से नकार दिया गया। पढ़ने में अच्छा था मैं पर साइंस ने मेरे बहुत से भ्रम तोड़ दिए थे। और मुझे साइंस से नफ़रत-सी हो गई। भ्रम में रहना भी खूबसूरत है। भ्रम में आपकी अपनी अलग दुनिया होती है। ये भ्रम हकीकत से ज्यादा खूबसूरत लगते हैं। लेकिन जब खुबसूरत भ्रम टूटते हैं तो खुद पर से विश्वास उठ जाता है। अब लगता है मुझे भी प्रैक्टिकल होना चाहिए था। ठीक तुम्हारी ही तरह। फिर शायद मुझे ये भ्रम नहीं होता की तुम्हे भी मुझसे प्यार है।

    ©anonymous_143

  • _desaiagraja 17w

    होती रेत हैं लगता पानी
    भ्रम हैं सारे,
    सोचो कितना तड़पा होगा वो बिना पानी।

    क्षितिज, जहा आसमान और जमीन इक हो जाइए
    भ्रम हैं सारे,
    ये दोनो कभी मिल दिखाए।

    कहते हैं चांद अंधेरे में खुशी खुशी चमकता हैं
    भ्रम हैं सारे,
    उससे भी पूछो कोई, नजाने सूरज की गर्मी से कितना जला होगा।

    Had to write����‍♀️
    Tried��✨��


    #Rachanaprati165 @anonymous_143

    #hindiwriters #miraquill #writersnetwork @writersnetwork @miraquill @hindiwriters #poetry #shyari #wod #pod

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    भ्रम

    राते लम्बी,
    दिन इक भ्रम हैं,
    कदम किस और बढ़ावू!
    रास्ते अनेक,
    मंजिल थोड़ी दूर हैं,
    सपने सारे उलझे और
    उलझन में बिखरे हम हैं,
    या ये भी कोई भ्रम हैं।

    जीवन हैं या स्वप्न,
    यथार्थ हैं या भ्रम,
    थोड़ा गम हैं,
    सपनो के शेहर में,
    इक टूटा दिल हैं,
    थोड़ी उसकी यादें,
    और वो मुलाकाते भी,
    चलो कहदेती हु,
    ये भी कोई भ्रम हैं।

    ~अgraja

    ©_desaiagraja

  • shru_pens 17w

    Sui ko bhram tha ki wo zyada hoshiyar hai
    Dhaage ko bhram tha ki wo zyada mehnati hai
    Kapde ko bhram tha ki uske bina sui dhaage kis kaam ke......
    Piche se samay ne awaz lagai... Bhram ko bhram hi rehne do... Mere bina ek patta bhi nai hilta iss brahmaand ka...
    ©silent_pen_with_migrated_ink

  • mamtapoet 17w

    भ्रम

    भ्रम था उन्हें
    मर जाएगी सब तितलियां बिन फूलों के,

    और
    जुगनू जुगनू जोड़कर,
    हर चेहरे पर हमने सूरज खिला दिए।
    ©mamtapoet

  • psprem 17w

    भ्रम

    भ्रम जाल है सारी दुनियां,भ्रम की चादर ओढ़ रही है।
    भ्रम में फंसा हुआ हर कोई,फिर भी दुनियां दौड़ रही है।
    बात बात पर भ्रम हो जाता,मरने जीने का पता नहीं है।
    जीवन डोर टूट जाए कब,फिर भी लालच ना छोड़ रही है।
    ©psprem

  • pandeyajay 17w

    भ्रम

    कल के लिए आज ही भ्रम में हूँ ,
    जिंदगी है अभी पर मौत के भ्रम में हूँ,
    वर्तमान से लड़कर भविष्य के भ्रम में हूँ,
    खुद के लिए ,खुद से भ्रम में हूँ......
    बादल घिरा है, रात के भ्रम में हूँ,
    सूर्योदय की लालिमा देख ,शाम के भ्रम में हूँ,
    चेहरे की सुंदरता देख अच्छाई के भ्रम में हूँ,
    मुखौटे की मुस्कान देख ,खुशहाली के भ्रम में हूँ,
    रिश्तेदारों की भीड़ देख ,अपनों के भ्रम में हूँ ,
    भरी महफ़िल में भी, तन्हाई के भ्रम में हूँ ,
    खुद के लिए ,खुद से भ्रम में हूँ ,
    क्या कहूँ जनाब....कल ख़ातिर आज ही भ्रम में हूँ ।

  • alkatripathi79 17w

    #rachanaprati165
    @anonymous_145


    मेरा भ्रम.... मैं जीवित हूँ
    मेरा भ्रम.... मैं ख़ुश हूँ

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    भ्रम

    भ्रान्ति भ्रान्ति के भ्रम पालूँ
    पालूँ मैं मन अपने मिथ्या
    जब भ्रम हीं मुझे जिंदा रखें
    ना चाहूँ सत्य की छैयाँ

    ©alkatripathi79

  • yuvi7rawat 17w

    Bhram

    Bhram me the vo kashmiri pandit,
    Ki vo jihadi unhe apnayege,
    Unhe bhi aapna samajke vo,
    Hinduo ko gale lagayege...

    Bhram tuta pandit samaj ka,
    Jab jihadiyo ne unpar waar kiya,
    Mata, behen, betiyo tak ke upar,
    Us napunsak kaum ne atyachar kiya...

    Bhram me the jihadi sare,
    Ki kashmir unke baap ka hai,
    Sochte the khooni darinde,
    K kashmir pakistan ka hai...

    Bhram thoda bhartiya sena ne,
    Darindo ki khal khech le,
    Napak erade safal na hue,
    Jannat me allah ne jaga na de...

    Bhram me tha pura pakistan,
    Ki kashmir ko khud me milayege,
    Humne bangladesh ko mukth karaya tha,
    Aab hum balochistan ko azad karvayege...

    Bhram me ha Bharat wasi bhi,
    Ki hum bharatiye kuch nahi kar paryege,
    Thoda samay do aapne modi jii ko,
    Vo akhand bharat bhi banayege...
    ©yuvi7rawat

  • anusugandh 17w

    भ्रम

    एक तेरे ही भ्रम में जिंदगी गुजार दी
    बस तुझ पर ही रूह तक निसार दी
    खुदा का शुक्र तू नहीं तेरा भ्रम ही सही
    चाहे तूने हमारी याद तक बिसार दी
    ©anusugandh

  • _do_lafj_ 17w

    Abhi k liye iss topic pe hi likh liya uss topic p bhi jldi likhugi����������...


    @anonymous_143
    #rachanaprati165

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    मुझे भ्रम है कि तू मेरा है,
    ना जाने ये किन भावनाओं ने मुझे घेरा है।।
    तुझसे तुझ तक ही जाते है रास्ते सारे,
    जैसे हर कही बस तेरा ही डेरा है।।
    तुझें लगता है तेरे बिना मैं खुश हूँ,
    बहुत खूबसूरत ये भ्रम तेरा है।।

    ख़्वाब से हक़ीक़त तक,
    बस ये सफर मेरा है।।
    तू किरण है रोशनी की,
    तेरे बिना तो सब अंधेरा है।।
    और तुझें लगता है तेरे बिना मैं खुश हूँ,
    बहुत खूबसूरत ये भ्रम तेरा है।।



    ©_do_lafj_

  • psprem 17w

    शेर

    जिन्दगी के हर मोड़ पर,भ्रम जाल ही बुनते रहे।
    मगर आखिरी ठौर पर, शून्य ही मिला हमें।
    ©psprem

  • psprem 17w

    भ्रम

    जिन्दगी गुजर गई, गुना भाग करते करते।
    इस भ्रम में डूबे रहे, जोड़ तोड़ करते करते।
    अरबों खरबों कमा लिए कई पीढ़ियों के लिए,
    मगर अंत में शून्य बचा सब कुछ करते करते।
    ©psprem

  • anonymous_143 17w

    @satender_tiwari जी और @isikaa का बहुत बहुत धन्यवाद ��

    #Rachanaprati165 विषय- " भ्रम "

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    @satender_tiwari जी और @isikaa के द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी हेतु इस संचालन को आगे बढ़ाते हुए मैं सभी लेखको से अनुरोध करुंगा की वो

    #Rachanaprati165 में " भ्रम " विषय पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करें|

    आशा करता हूँ आप सभी को विषय पसंद आयेगा एवं अधिक से अधिक लेखक अपना सहयोग प्रदान करेंगे|

    समय सीमा:- 15 April सुबह 10 बजे तक...धन्यवाद

    ©anonymous_143

  • satender_tiwari 17w

    #rachanaprati164
    #rachanaprati165


    एक बार फिर से संचालन की ज़िम्मेदारी सौपने के लिए सभी का आभार ।

    1. शुरुआत करता हूँ @anonymous_143 जी से जिन्होंने एक कविता में एक लंबी पथ यात्रा को बताया और उसमें एक आभार उन लोगों को दिया जिन्होंने इस घड़ी में लोगों की सहायता की।

    वहीं दूसरी तरफ एक कविता को तीन भागों में लिखा और जानवरों के प्रति एक संवेदनशील बात को लिखा जो कई मायनों में सही था।

    2. Lockdown के सारे दर्द को कविता में @anusugandh mam आपने बखूबी कहा है। बहुत ही दुखद समय था जो इस कविता में झलक रहा था।

    3. @isikaa जी ने भी दो कविताएँ #rachanaprati164 में लिखी,

    एक कविता में जहाँ दर्द के सत्य को बयाँ किया , गालियां सूनी हुई, वहीँ दूसरी तरफ़ एक पुरानी कविता को साझा किया , जिसमें lockdown में बचपन का खो जाने पर एक विचार रखा। बहुत खूब

    4. @silent_pen_with_migrated_ink जी ने lockdown में आलस का ज़िक्र किया, उम्मीद जगाई, और सबसे खूब , वक़्त के ताकत को लिखा।

    5. लॉकडाउन रिश्तों को वापिस लेकर आया। न रुपया न गाड़ी , सब पीछे छूट जब सबकुछ बंद हो गया। @mamtapoet mam ने रिश्तों को बखूबी समझाया।

    6. और फिर आतें हैं सरकार Jigna mam , जिन्होंने बताया, की lockdown ने हर किसी को हर किसी के काम की अहमियत समझाई। वाह।

    तो आप सभी का ढेरों आभार , बहुत सुंदर सुंदर कविताओं ने उस वक़्त की याद दिलाई इसने सताया भी और खूब सिखाया भी।

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    Result

    तो #rachanaprati164 के विजेता हैं @anonymous_143 जी । बहुत बहुत शुभकामनायें।।

    Aur #रचनाप्रति165 के संचालन की ज़िम्मेदारी
    @isikaa जी को दी जाती है। बहुत बहुत बधाई संचालन की।

  • uttamky 20w

    भ्रम

    ख्वाबों-ख्यालों में ही खुश रखता है अपने दिल को
    कुछ हकीकतें उसे जरूर रुलाती होंगी...
    ©uttamky