#rachanaprati143

19 posts
  • happy81 17w

    ॐ नमोः पार्वत्यै पतयेः नमः..हर हर महादेव ���� ��

    #rachanaprati143
    #rachanaprati144

    @loveneetm

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    मैं अत्यंत हर्षित हूँ ,की सभी ने मेरे विषय की लाज रख अपना कीमती समय, महादेव की आराधना में ,अर्पित किया ,मैं समझ नहीं पा रही थी, की किसको विजेता घोषित करूं, मैं तो मूढ़ हूँ पर फिर भी एक सरल रचना से मन भावविभोर हुआ वो है लवनीत जी की रचना.. हमेशा सहज भाव से वास्तविक प्रेम लिख देते है..
    आशा है सभी लोग मेरे निर्णय से संतुष्ट होंगे..
    रचनाप्रति144 के संचलान के लिए लवनीत जी का स्वागत करती हूँ..

    ©happy81

  • abr_e_shayari 17w

    Back after a long break ��
    @happy81 didi bas itna hi aya smjh !
    Or acha likhna chahti thi hua nhi ��

    @suryamprachands @anshuman_mishra
    @anandbarun @abhinavmishra11 @anusugandh
    #rachanaprati143

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    शंकर

    वह बसता हर कण कण है,
    वह कोही तपता भीषण है,

    जो बस गंगा को बांध सका,
    वह एक मात्र ,वो बंधन है!

    जो दीप्त जग के दासों में,
    जिसकी छवि कैलाशों में,

    वो नाग लपेटे फौलादी,
    नन्दी है जिसका साथी!

    जो खोले लोचन धूप दिखे,
    जो बंद करे तो निशा बहे!

    ठाढ़े तो विकराल विकट,
    स्थान ले अम्बिका संग!

    जो स्वर्ग बना पाताल रहे,
    जो भस्म लगा संताप हरे!

    चार दिशा यह नाद करे,
    बस उसका ही जाप करे!

    जो शोर मचाता आरव है,
    वह शंकर है,वह शंकर है!
    -शायरा

  • loveneetm 17w

    शिव प्रेम

    हे!गौरी क्यूँ शंकर भाए,
    क्यूँ उनसे ही प्रेम,
    क्या ऐसा है उनमें गौरी,
    जो एकटक देखें नैन।

    कहें गौरी नयन लजाकर,
    मन शिवमय शिवरूप,
    वर्णन उनकी कौन करेगा,
    भव्य है दिव्य स्वरूप।

    शिव सुंदर शिव सृष्टि चालक,
    शिव ही आदि अंत,
    सब मिथ्या नश्वर बिन शंकर,
    शिव ही शक्ति अनंत।

    रूप गौरंगा जटा में गंगा,
    कंठ वासुकी नाग,
    शिव गण उनके संग रहे,
    मन भरके उल्लास।

    ऐसे शिव से प्रेम भाव रख,
    पुलकित है यह नैन,
    मैं दासी सेविका हूँ उनकी,
    उनके बिन ना चैन।
    ©loveneetm

  • aryaaverma12 17w

    उलझन भरी जिंदगी में आप "सुकून" के लम्हा हो "महादेव"��#rachanaprati143
    @happy81

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    ✨✨

    हम ये सोचते हैं,ईश्वर हमसे दूर रहते हैं,
    पर नहीं वो हर दम हमारे समीप रहते हैं,
    किसी न किसी रूप में रहते हैं,
    जब भी मुसीबत आती हैं,
    हमें रास्ता दिखाते हैं,
    जब भी अकेले होते हैं,
    हर दफा महाकाल को खुद के करीब पाते हैं,
    हर समस्या का समाधान है महादेव,
    हमारी हसी खुशी की वजा हैं महादेव,
    दुनिया का क्या फिकर,जब साथ हैं महादेव,
    किसी से क्या ही डर,जब रक्षक हैं महादेव,
    महादेव साथ हैं, यही सोच कुछ पागलपन कर जाती हूं,
    अंजाम कुछ भी हो , उस पल को जी जाती हूं,
    हर हर महादेव
    ©aryaaverma12

  • goldenwrites_jakir 17w

    चाँद भी अधूरा जिसके बिना वो नाम महाकाल है
    गंगा कि धारा जिसकी लटों में वो नाम महाकाल है
    चारो दिशा में जिसका बोल बाला वो नाम महाकाल है
    बरदान सबको दिए जिसने जो माँगा वो नाम महाकाल है
    दिन भी जिससे रात भी जिससे
    गीता महाभारत रामायण जिससे वो नाम महाकाल है
    ©goldenwrites_jakir

  • anusugandh 17w

    #rachanaprati143
    @happy81

    एक छोटा सा प्रयास यह बताने का कि शिव सिर्फ त्रिशूल ही धारण नहीं करते वह एक बहुत कोमल भाव भी अपने मन में छुपा कर रखते हैं सब पर दया करते हैं यही दर्शाया है एक छोटे से प्रसंग में��

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    महादेव

    त्रिशूल धारी, त्रिनेत्र धारी
    महादेव की है महिमा न्यारी
    तीन आयाम जीवन के
    जैसे तीन सिरे त्रिशूल के
    महादेव तांडव जब करते
    सारी सृष्टि कांपे डर से
    शांत भाव भी उनमें भरा
    कृष्ण रास जब मन में उतरा
    शिव ने सुनी कुछ अद्भुत बात
    वह तो तांडव करते ना की रास
    पहुंच गए जब गोकुलधाम
    नाविक बोला पुरुषों का क्या काम
    बस कृष्ण ही वहां एक पुरुष
    जाना पड़ेगा बदलकर वेष
    अपनाना पड़ेगा स्त्री गुण
    जानना भी होगा स्त्री गुण
    अभिभूत भोलेनाथ हुए
    जाने को तैयार हुए
    कृष्ण धुन पर थिरकते हुए
    बांसुरी में मगन हुए
    जब सिर से उतरी साड़ी
    मुस्कुराए इस पर बनवारी
    भोले बाबा बड़े कृपा निधान
    करते भक्तों का सदा कल्याण

  • piu_writes 17w

    शिव ही साई

    काल जई विकराल परम सत्य महाकाल अर्धनारीश्वर ,ओमकार निसर्लिप और नश्वर ,वही सरल वही गूढ़ वही शब्द वही सुर, संग पार्वती सृष्टि निर्माता, त्रिनेत्र धारी विधवंस कर्ता, कर्ता भी वही कारक भी, साई स्वरूप सहायक भी ,मेरे चित्त के धारक भी, शत शत नमन श्री साई
    ©piu_writes

  • jigna_a 17w

    #rachanaprati143 @happy81 जानती हूँ विषय से हटकर है, पर शेयर करने से रोक नहीं पाई खुद को। स्पर्धा में नहीं है।

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    मैं नारी हूँ,
    या हूँ मैं आदिशक्ति का त्रिशूल!!
    सुषुप्त होती हैं मेरी शक्तियाँ मुझमें ही,
    स्वभाव से मृदु, स्नेह सरिता सम,
    घात करना स्वभाव विरूद्ध काम,
    परंतु......
    परीक्षा करोगे मेरे धैर्य की,
    त्रिशूल के तीन तीक्ष्ण अंग कार्यान्वित होते,
    संयमित क्रोध...
    संयमित आयोजन...
    संयमित आक्रमण,
    संयमित है सब, आवेश नहीं,
    पराजय का.. .अवकाश नहीं,
    हिंसा, दहेज, बलात्कार,
    सक्षम हूँ त्रिशूल स्वरूपा मैं,
    सहूँगी नहीं अब अत्याचार!!
    ©jigna_a

  • goldenwrites_jakir 17w

    #jp #rachanaprati143 @happy81
    ग़ुस्ताखी माफ़ ��

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    शिव ✍️

    नाम जिसका महाकाल
    हम भक्त उसके कलाकार
    हँसी ख़ुशी में करते जिसे याद
    गम को या हो कोई डर
    आए बस इक नाम याद महाकाल

    सत्य ही शिव है सत्य ही ॐ है
    फिर हम भक्त उसके आसत्य मार्ग क्यों चुने
    ज़ब आराधना गुरु महागुरु कि हम करें
    फिर हम मानव से दानव क्यों बने

    ©goldenwrites_jakir

  • gannudairy_ 17w

    #rachanaprati143

    @happy81

    This is for those who say we are smoking because shiv used to do it... I hope you like it
    @anusugandh @mamtapoet @_do_lafj_ @alkatripathi79

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    हमें भी विजिया चाहिए क्योंकि शिव ने थी भांग पी!!
    पिया तो हलाहल भी था तुमने विष की क्यूँ ना मांग की!!

    शिव और भांग का संबंध तुम्हें किसने उल्लेख किया?!
    पुराणों में तो नहीं मिला तुम्हें किसने यह ज्ञान दिया!!

    मोह से परे हैं जो उसे चिलम नहीं चाहिए
    महायोगी कहलाते शिव हैं जरा ज्ञान लेके आइए!!


    ©gannudairy_

  • alkatripathi79 17w

    ॐ नमः शिवाय

    शिखा में बांधे गंगे जो
    चंद्र मस्तक जिसके विराजे
    चेहरे पर तेज़ अनुपम उनके
    अधरों पर मुस्कान साजे
    गले में सर्प कुण्डल लिए
    हाथ जिसके डमरू बाजे
    रक्षा कवच है जिनकी वाणी
    उनका प्रेम गौरी को साजे
    वो त्रिनेत्र, त्रिलोक पति
    हरपल कैलाश विराजे
    वंदन करुँ चरण उनके
    नित्य उनके नाम जपुं
    ना जाऊँ कही और ढूंढने
    वो मेरे ह्रदय में विराजे

    ©alkatripathi79

  • yuvi7rawat 17w

    Namo parvati pate:,
    Har Har Mahadev��������

    #rachanaprati143

    @happy81

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    ShivRam

    Sagar kinare baithe Shri Ram,
    Pareshan se, thak haar ke,
    Milne ko aatur Maa sita se,
    Par samaj na paye ki kya kare...

    Banaya Shivling mitti aur ret se,
    Japne lage shiv ke mantra,
    Pukar Bhole ko shri Hari,
    Mange hari ne divya yantra...

    Kaise lejau vanar sena ko,
    Mai sagar k us-paar,
    Jaha aapke bhakt ravan ki,
    Aasur sena hai apaar...

    Dekh Shri Ram ko charano me,
    Mahadev ka dhayan tut gaya,
    Bhole chale Shri Ram ki aur,
    Or trishul kailash me chhoth gaya...

    Laga Narayan ko hriday se,
    Mahadev vishnu se kahane lage,
    Ki bhagwan tho aap khud hai prabhu,
    Tho kyu aap mere aage jhuke...

    He Ram aapke ek aadesh par,
    Mai shiv mahakaal ban jauga,
    Ravan k das ser kaat ke,
    Mai aapko bhett chadauga...

    Prabhu ye sagar bhi aaj,
    Ravan k dar se kap raha,
    Aapko marg na dena ka,
    Ye nishchay ha than raha...

    Ramban dikha de sagar ko jo,
    Ye sare marg kholega,
    Aare sagar ka har ek jev-jantu bhi,
    Shri Ram ki jai bolega...
    ©yuvi7rawat

  • somefeel 17w

    हर बार इंसानों से हार कर तुम्हारे पास आता हूं,
    तुम्हारे चरणों में ही सिर्फ सुख पाता हूं,
    हर रोज याद करू तुम्हे,
    सिर्फ सोमवार सोच कर आप से मिलने नही आता हूं,
    जानता हूं यह की मेरी हर समस्या का क्या समाधान है,
    हर हर महादेव शब्द ही सबसे महान है,
    हर महीना मेरे लिए सावन के सम्मान है,
    शिव पार्वती का जोड़ा सबसे महान जोड़ा है,
    तभी राधा कृष्ण ने भी उन्हें हाथ जोडा है,
    सबसे प्रिय उनके पुत्र गणेश भगवान है,
    हर नए कार्य से पहले लेता हर इंसान उनका नाम है,
    देवो के देव महादेव से ही इस जिस्म में यह जान है,

    पार्वती पति पति हर हर हर महादेव............ शंभू!

    ©somefeel

  • happy81 17w

    #rachanaprati143

    @somefeel ji बहुत आभार.. ����

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    अत्यंत मंगलप्रद, सुखद, अनुभूति हैं ये की @somefeel जी ने मुझे रचनाप्रति143 के संचालन के योग्य समझा.. मेरे अत्यंत प्रिय मेरे प्रियतम, जो मेरे रग- रग में समाहित हैं, जो मेरे हर क्षण में हैं या यूँ कहूँ की उनसे ही मेरा हर क्षण हैं... मैं चाहती हूँ की मैं मेरे प्रियतम मेरे महाकाल पर कुछ पढ़ूँ, लिखूं, कहूँ, सुनूँ क्युकी उनके अतिरिक्त कोई ऐसा विषय नहीं हैं जिस पर मैं विराम ना हूँ.. महाकाल प्रेम हैं.. और उनको जितना पढूंगी.. मैं कृतज्ञ हों जाऊँगी..
    आज का विषय हैं :-शिव... वहीं सत्य हैं, वहीं सुंदर हैं, वहीं जीवन हैं..
    सभी से अनुरोध हैं कृपया मेरे विषय का आदर करे और कुछ लिखे..
    मैं सभी कलाकारों की पंक्तिया पढ़ कर हर बार उनका मनमोहक रूप देख सकूंगी.. और इन नेत्रों और ह्रदय की कोई और इच्छा नहीं हैं...

    समय सीमा :- 23 jan रात, 10 बजे तक.

    ©happy81

  • somefeel 17w

    रचनाप्रति 143

    आप सब का लेखन बहुत ही अच्छा और प्यारा था
    सब ने अपन हाथों से भिन भिन प्रकार का लिखा!
    मै इस काबिल भी नहीं आप सब के लेखन के की विजेता किसी एक को घोषित कर सकू,
    आप सब ही विजेता है!

    पर हैप्पी जी के लेख में लिखी बाते,

    मां की ममता से लेके, इन हाथो से लूटी जाने वाली जनता,

    मुझे बेहद पसंद आई!

    इस लिए मैं हैप्पी जी से निवेदन करता हूं की रचनाप्रति143 का आगे संचालन करे!

    मुझे बहुत खुशी हुईं, रचनाप्रति 142 का संचालन करने में,

    आप सब से उम्मीद करता हूं की आप भी सहमत होंगे!

    शुक्रिया❣️

  • mamtapoet 17w

    शिवमय स्वरूप

    देखो बिल्कुल चुप हूँ मैं
    पर अंदर से आने वाली आवाज़े
    या यूँ कहूँ शोर,
    कानों को बीन्ध रहा है ये शोर
    इस शोर की आवाज़ तो मेरी
    आवाज़ से मिलती जुलती है
    स्पष्ट कुछ नहीं सुनाई दे रहा
    या मैं सुनना नहीं चाह रही
    कुछ भी समझ नहीं आ रहा,
    जैसे युद्ध सा हो रहा है भीतर,
    मन में युद्ध, मन के ही विरुद्ध
    पर ये युद्ध चाह कौन रहा है
    मैं तो नहीं?
    सारे प्रयास सारी विफलताएँ,
    सभी दृश्य और अदृश्य संभावनाएं
    सब चल रही हैं मस्तिष्क में
    एक चलचित्र की भाँति,
    पर स्पष्ट तो अभी भी कुछ नहीं,
    कहने को बहुत कुछ है
    पर किसी को कुछ नहीं कहना।

    ऐसा होता है क्या ,
    विचारों की उधेड़बुन में मन डूबता जा रहा है
    घबरा कर आँखे मूंद ली,
    और आँखों में जो रूप नज़र आया
    वो महादेव आप का स्वरूप है।
    और सब स्पष्ट हो गया।
    ©mamtapoet

  • aryaaverma12 39w

    #rachanaprati143
    @happy81
    "महादेव" ये सिर्फ़ एक नाम नहीं है... बल्कि पूरी सृष्टि हैं,

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    महादेव

    दुनिया के लिए चाहें जो कुछ भी है आप
    मेरे लिए मेरे "सुकून" है आप
    ♥️

    ©aryaaverma12

  • _do_lafj_ 44w

    अंत है, अनंत है,��
    शिव ही बस सत्य है।।��

    #rachanaprati41
    #rachanaprati143
    @happy81

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    महादेव

    शिव के बिना ब्रह्मांड अपूर्ण है,
    शिव शक्ति से ही तो पूर्ण है।।
    गौरी के जो सिंदूर है,
    पूरे ब्रह्मांड का वो स्वरूप है।।
    आदि है, अनादि है,
    कालो के काल है।।
    शिव सत्य, शिव असत्य,
    शिव महाकाल है।।
    अंत है, अनंत है,
    शिव ही तो सत्य है।।
    नीलकण्ठ, भोलेनाथ, त्रिनेत्रधारी,
    पूरा ब्रह्मांड है शिव का पुजारी।।


    ©_do_lafj_

  • anantsharma_ 102w

    #rachanaprati41 @shruti_25904 @aka_ra_143 @tejasmita_tjjt @beleza_ @archana_000
    #rachanaprati143 @happy81


    सबसे पहले मैं @shruti_25904 जी का बहुत आभार व्यक्त करना चाहूंगा जो कि उन्होंने हमें #rachanaprati41 का कार्यभार सौंपा है। और उन सभी लेखकों को जिन्होंने #rachanaprati40 में अपना लेख दिया उनसे यह कहना चाहूंगा कि वाकई आप सबों की रचना सराहनीय और प्रसंसनीय थी , मैनें हरेक की रचनाएं पढ़ी।
    और साथ हीं सभी का शुक्रिया करना चाहूंगा जो आप सबों ने हमारी रचना को इतना प्यार दिया।��

    अब समय है #rachanaprati की कड़ी को आगे बढ़ाने हुए एक नया विषय देने का,
    तो आज के #rachanaprati41 का विषय है ( महादेव )
    मैंनें इस विषय का चयन इस लिए किया क्योंकि वैसे भी अब सावन का समय आने वाला है और सावन का महीना विशेष कर माहादेव के लिए बहुत प्रचलित है, और यह बहुत पावन भी माना जाता है।

    तो अब आप सबों से अनुरोध है इनपर बढ़ चढ़ कर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर,
    आप सबों के रचनाओं का हमें इंतजार रहेगा।��

    आप सभी अपनी रचनाओं को दिनांक 15/7/21 प्रातः 00:10am बजे तक दे सकते हैं।

    __________________
    विषय:-महादेव
    -------------------------------

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    ◆महादेव◆

    कालों के महाकाल हो
    दुखियों के दिन-दयाल हो।
    देवों में त्रिदेव हो
    तुम हीं तो महादेव हो।

    असुरों के संहारक हो
    सृष्टि के तुम पालक हो।
    भूतों के तुम नाथ हो
    तुम ही तो भोलेनाथ हो।

    गंगा के तुम धारक हो
    चँद्रमा के कष्ट निवारक हो।
    समुद्रमंथन के विष को धारण करने वाले
    तुम ही तो विषधारक (नीलकण्ठ ) हो।

    सती के प्रेम पुजारी हो
    गणपति के पितृ प्यारे हो।
    नन्दी तेरी सवारी है
    तू हीं तो जटाधारी है।

    सर्प है तेरे गले की माला
    भभूतियों में तुम लिपटे हो।
    शमशानों में तेरा वास हो
    तुम्ही तो अघोरी नाथ हो।

    देबों के महादेव हो
    कालों के महाकाल हो।
    जिसका कभी ना कोई अंत
    तुम तो वही अनंत हो।।
    ©anantsharma_