#rachanaprati123

25 posts
  • psprem 6w

    #rachanaprati123
    @anusugandh

    आंखड़ियां झाईं पड़ी, पंथ निहार निहार।
    जिब्बार्डिया छाले पड़े,उसे पुकार पुकार।

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    इंतजार

    हम तन्हा उदास हैं , बस तेरे इंतजार में।
    खुद को भुला दिया है,हमने तेरे प्यार में।
    तुम लोट आओ ना, क्यूं दर्द दे रहे हो,
    तेरे इंतजार की घड़ियां, कैसे गुजार दूं मैं।

    शेर
    किसी के इंतजार में, घड़ियां कितनी मुश्किल से कटती हैं।
    ये उनसे पूछकर देखो,जो मर गई इंतजार करते करते।
    ©psprem

  • amateur_skm 6w

    #rachanaprati123 (◕ᴗ◕✿) मैं लेट हो गया
    @anusugandh didi ji��

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    प्रतीक्षा

    °
    धरती के उसके पहाड़ जैसे हाथ
    उसके प्रतीक्षा को बताती हैं
    जिसने चाहा पहाड़ों से छू लूं आसमां
    लेकिन प्रतीक्षा में सिर्फ़ उसे
    आसमां से बहते हुए पानी को बटोरना
    °
    किसी मंदिर की सीढ़ी पर
    अपनी देह लिए,
    अपने अश्रु से सींच रहे हैं
    उन पुष्प को
    जो बिछे हुए हैं,
    तुम्हारे प्रतीक्षा में,

    इसी प्रतीक्षा में,
    लगता है जैसे मैं बनता जा रहा हूं
    मंदिर की सीढ़ी
    कभी तुम छूओगे
    लगेगा प्राण फूंक दिए हो निर्जीव में
    तुम्हें देख
    चहक उठूंगा जैसे
    किसी ब्याही लड़की को मिल जाए
    उसकी वर्षों पहले खोई हुई *गुड़िया

    *गुड़िया (बचपना)

    /सौरभ

  • _do_lafj_ 6w

    विषय - लिबाज़, वस्त्र, कपड़ा।।
    वक़्त- कल रात 10 बजे।।


    कहते है रोटी , कपड़ा और मकान सबसे जरूरी होते है एक इंसान के लिए।।
    तो मेरा विषय यही है -कपड़ा।।
    (Second most important thing for human being)

    @anusugandh Thank you so much dii����❤️❣️
    @alkatripathi79 @mamtapoet @goldenwrites_jakir @gannudairy_

    #rachanaprati123 #rachanaprati124

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    ❣️

    धड़कने बढ़ने लगी है,
    पलकें तेरे आगे झुकने लगी है।।
    दिल की सारी कोशिशें,
    नाकाम होने लगी है।।
    कुछ इस तरह तुम,
    मेरी रूह का लिबाज़ बन।।
    मेरी हर साँस में,
    घुलने लगे हो।।


    ©_do_lafj_

  • anusugandh 6w

    #rachanaprati123
    #rachanaprati124

    आप सभी कलम कारों का बहुत-बहुत धन्यवाद जो आपने इंतजार के अलग-अलग रूप दर्शाए। सभी कलमकारों ने एक से एक बढ़कर रचनाएं लिखी।
    ममता जी
    जाकिर भाई
    दो लफ़्ज़
    अबरे शायरी
    गौरव जी
    पीयू जी
    आनंद भाई ने दो रचनाएं लिखी
    आर्यन वर्मा जी
    बलराम पांडे जी
    जिगना जी
    सभी की रचनाएं काबिले तारीफ थी ।निर्णय बहुत कठिन हो जाता है, जब इतनी सुंदर रचनाएं सामने आती हैं ।
    जाकिर भाई ने तो सबसे ज्यादा सात रचनाएं भेजी। मेरे लिए तो सभी विजेता है लेकिन निर्णय तो देना है।������������������������������

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    मैं एक बार फिर गौरव जी@gannudairy_ का धन्यवाद करना चाहती हूं जिन्होंने मुझे रचना प्रति के संचालन का अवसर दिया ।
    #rachanaprati124 के संचालन के लिए मैं@_do_lafj_ को विजेता घोषित करती हूं, उन्होंने कहानी के रूप में इंतजार दर्शाया जो बहुत सुंदर तरीके से दर्शाया गया था ,आपको बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं
    कोई त्रुटि रह गई हो तो क्षमा प्रार्थी हूं

    ©anusugandh

  • loveneetm 6w

    इंतजार

    कौन दिशा देखें गिरधारी,
    किस कारण है मौन,
    किसकी चिंता हृदय बसी,
    वो अपना जग कौन।

    रोज निहारें एकटक चंदा,
    नयन बहाएँ नीर,
    जगत के पालक कान्हा मेरे,
    क्यूँ बैठें गंभीर।

    विरह पीड़ की ऐसी ज्वाला,
    ऐसा अनुभव भाव,
    वहाँ तपे विरह से राधा,
    यहाँ हरि मन घाव।

    इंतजार की ऐसी गाथा,
    ऐसा अनुपम प्यार,
    प्रेम भाव का रूप कन्हैया,
    राधा भाव विचार।
    ©loveneetm

  • aryaaverma12 6w

    ✨इंतजार✨

    तुमने कहां था तुम आओगे,
    हम करें इंतजार तुम्हारा,
    आज भी ठहरे हैं,
    वही इंतजार में नैना,

    हमारी जिंदगी वही रुकी सी है,
    जहां तुम छोड़ गए थे,
    इंतजार में तुम्हारे,

    नहीं पता तुम आओगे या नही,पर,
    इंतजार तुम्हारा हर इक पल में हैं,
    क्यूंकि तुमने कहां था,तुम आओगे,
    तुम आओगे,,,,,,,,

    ©aryaaverma12

  • anandbarun 6w

    @anusugandh #rachanaprati123
    प्रस्तुत है: मेरी पहली रचना
    मैं 'कवि', खुद को न मानता
    कोशिश से कभी, ना हारता

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    इंतज़ार

    एकाकी
    अपलक
    आस
    कि तुम आओगे
    खिले हैं, अरमान।
    जानता हूँ
    बन गए हो जड़
    जिंदगी के हाथों।
    बुझती है हरपल
    पर रूकता नहीं
    ये सिलसिला,
    हर बार
    खिलने को होती हैं
    कितनी
    कि तुम आओगे जरूर।
    ना जाने
    कबतक चलेगा
    ये, यूँ ही, पर
    तुम जरूर आना
    मेरी अनन्त यात्रा
    शुरू होने से पहले
    इक बार।
    ©anandbarun

  • mamtapoet 6w

    इंतजार

    मौसम जैसा होता है इंतजार,
    कभी करता बेकरार, कभी कम कर देता प्यार।

    मिट्टी को रहता बूंदों का इंतजार,
    नन्हा बीज अंकुरण को रहता तैयार,
    छोटे छोटे कंवर, इठलाये जब धरती के ऊपर
    किसान को रहे,
    उसकी सही सलामती का इंतजार।

    साल भर की मेहनत कुछ घंटो में दिखाते,
    इंतिहाँ के बाद,विधार्थी परिणाम को ताकते।

    बेटी हुई विदा,
    माँ को रहे उसके फोन का इंतजार।

    बहू जब घर आई,
    हर जिम्मेदारी अच्छे से निभाए
    सास करे उस दिन का इंतजार।

    घर गिरवी रख बेटे को पढ़ाया,
    नौकरी कर, घर को छुड़ाये,
    एक बाप करे उस दिन का इंतजार।

    टूट गए सब पर्न शाख से,
    रूत फ़िर से बदले,
    नये रूप का रहे पौधे को इंतजार।

    दो घंटे से राशन की लाइन में खड़ा,
    खाली पेट और आँखों में पीड़ा
    अपनी बारी का करे इंतजार।

    फूलों को कभी मंदिर, कभी केसों में
    कभी फल में तब्दील होने का इंतजार।

    इंतजार तो इंतजार है कभी मज़ा,
    तो कभी सज़ा है।

    ©mamtapoet

  • goldenwrites_jakir 6w

    इंतजार

    कल फिर आएया "हर रोज यही सोचकर
    आज भी दिल "तेरा इंतज़ार कर रहा है |
    रखकर भीगी पलकों में उम्मीद के दीपक
    हर रोज अँधेरी ज़िन्दगी में रौशनी कर रहा हूँ |
    ©goldenwrites_jakir

  • _do_lafj_ 6w

    ��Short story��

    कई सालों के बाद फिरसे,
    आज उसके शहर जाना हुआ है,
    आंखे आज भी उसके इंतेज़ार में है,
    दिल आज भी उससे बेसुमार प्यार में है,
    एक स्टेशन के बाद बस उसका शहर है,
    हज़ारों उलझनें आज फिरसे दिल में है,
    सवाल है क्या आज भी वो शहर वैसा होगा?
    जैसे उससे मिलने के बाद आखरी दफ़ा छोड़ा था,
    आज तो कोई इंतेज़ार नही कर रहा,
    बार बार कोई कॉल नही कर रहा,
    इतने ख़यालों में खोए थे कि ट्रेन रुकी,
    ये वो स्टेशन था जहाँ मुझे उतरना था,
    धड़कने बढ़ गयी, किसी तरह अपने आपको,
    समेट के हम उतर गए,
    जैसे ही स्टेशन से बाहर निकले,
    वो चाय की दुकान आज भी वहाँ थी,
    जहाँ घंटों खड़े होके हम एक दूसरे को देखा करते थे,
    आज दिल नही कर रहा था चाय पीने का,
    पर कदम अपने आप ही बढ़ गए उस दुकान की तरफ,
    चाय ली पैसे दिए और जैसे ही उस कुल्लड़ को लबों से लगाया,
    आंखों ने साथ नही दिया,
    सारे ख़याल, सारे अहसास, सारी उलझने,
    आंसू बन के बहने लगी,
    खुद को संभाल पाते इतनी तो हिम्मत ही नही थी,
    फिर किसी तरह आंसू पोछे और आगे बढ़े,
    जाना कहाँ है ये मालूम था,
    पर कदम उस राश्ते पे बढ़ रहे थे जहाँ से कोई वास्ता नही था,
    दिल कर रहा था एक बार उसे कॉल करू,
    तभी याद आया,
    आखरी दफ़ा मुलाक़ात में उसने कहाँ था,

    ❣️"फिर से एक बार मिलूंगा तुमसे,
    जब मिल के बिछड़ने का ख़याल नही होगा,
    लकीरें होंगी गवाह मेरे इश्क़ की,
    इन् लकीरों में तेरे सिवा किसी और का नाम नही होगा।।"❣️

    क्या करूँ क्या कहूँ कुछ समझ नही आ रहा था,
    दिल कर रहा था वापस लौट जाऊ,
    उसके शहर में उससे ही मुलाकात नही होगी,
    ये तो कभी ख़याल भी नही था,
    इतने अजनबी हो जाएंगे,
    उस शहर और उस शख्स से,
    जिसके सिवा किसी और का खयाल नही था,
    आखरी बार पूछने का दिल कर रहा है,

    मिलोगे मुझे पहली बार की तरह???

    #rachanaprati123 @anusugandh @alkatripathi79 @goldenwrites_jakir @mamtapoet

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    ❣️

    इंतेज़ार


    ©_do_lafj_

  • goldenwrites_jakir 6w

    #इंतजार

    हर इक धड़कन को इंतजार तेरा है
    गुजर गई सदिया तन्हाई की गलियों मे
    |||||||
    तेरे जाने के बाद तेरी यादों में जीता रहा हूँ मैं
    बनाकर तस्वीर कागज़ पर शब्दो की
    हर रोज तुझसे मिलता रहा हूँ मैं
    गम के साय में पलकों से अश्क दिल के बहाता रहा हूँ मैं
    पल पल तेरे ही ख़्याल में
    ज़िन्दगी को झूठे ख़्वाब दिखाता रहा हूँ मैं
    क्या सहा इस दिल ने तुम बिन उन लम्हो को
    उन ज़ख्म के दर्द को हर पल महसूस करके जिया हूँ मैं
    कैसे कहूं तुमसे दिल की बात
    ना जाने कितने सालों से तेरे इंतज़ार में
    पल पल तेरे लिए तरसा हूँ मैं
    यादों के साय में ज़िन्दगी रुकी सी है
    चाँद सूरज रोज आते जाते - पर तेरी आहट
    तेरी चाहत तेरी मोहब्बत से दूर बहुत दूर रहा हूँ मैं
    कैसे कहूं इन 12 सालों में कितना तुझे याद किया
    कितना तेरे लिए तड़पा हूँ मैं ,,,,,,,
    तू भूली नही और ना ही भूलने की कोशिस की तूने
    मेरी तरह तू भी पल पल तड़प रही होगी
    मांग कर दुआओँ में ख़ुशीयाँ मेरी इबादत खुदा की कर रही होगी
    मजबूरी की ज़नजीरों में जकड़ी तेरे दिल की हर इक ख्वाइश होगी
    तू पगली रखकर लबों पर झूठी मुस्कान
    भीगी पलकों को छुपाकर रखती होगी .....
    ©goldenwrites_jakir

  • abr_e_shayari 6w

    बात तो सिर्फ एक रात की थी मगर,
    इंतेज़ार आपका उम्र भर कर लिया!

    इंतज़ार , उम्मीद देता हैं, और बदले में मांगता है आपसे आपका सब कुछ! बेइख्तियार होने तक का इंतज़ार , इस रचना के माध्यम से आप से साझा करने का प्रयास कर रही हूं!
    आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी ��������❤️
    सौजन्य से - #rachanaprati123
    @anusugandh
    @suryam_prachands
    @gauravs
    @mamtapoet
    @anandbarun
    @goldenwrites_jakir
    @officialhimanshu
    @anshuman_mishra
    @baagad_billa
    @abhinavmishra11

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    इंतज़ार

    शाम और हसीन होती,
    गर अस्ल में शाम होती,
    तेरे चहरे को देख देख,
    चिराग-ए-रौशनी तमाम होती,

    तेरा सर मेरी गोद में होता,
    मेरी जुल्फों से उसकी बात होती ,
    सो जाते तुम भी बतियाते बतियाते,
    मैं भी महकती , गुलफाम होती,

    मेरी चूड़िया जगा देती तुम्हे ,करवट लेते ही,
    तुम कहते "काश ये ज़रा ,खामोश मिजाज़ होती",
    मैं कहती"अच्छा, तुम सोओ ना",
    और इस तरह फिर अवध में शाम होती!


    ज़हे इंतेज़ार की घड़ियां तमाम होती,
    गर अस्ल में ये शाम वो शाम होती!


    ©Shruti

  • gannudairy_ 6w

    इंतजार

    इंतजार है उस आलम का.....

    जब तेरी बुलंदी के सितारों को तोड़ कर ऐ आसमा..
    जरा देखना,
    इक दिन इन्हें हम अपने कँधों पर सजा लेंगे..!!
    ©gannudairy_

  • piu_writes 6w

    इंतजार

    बस गया है वो मेरी यादों में इस तरह के अब इंतजार में करार आने लगा है , उम्मीद नहीं अब उसके आने की फिर भी उसपे और प्यार आने लगा है
    ©piu_writes

  • anandbarun 6w

    इंतज़ार

    तारों से टूट कर
    क्यों बिखर जाती है
    रौशनी कुछ दूर चल कर
    अस्तित्व अपना
    सिमट रहा है पल पल
    कहाँ हो तुम
    दरवाजे के पार
    कुछ दिखता नहीं
    चलो एक कदम और
    छोड़ दो अंधेरे की देहरी
    सुबह रौशन हुई है
    सुन रहा हूँ तुम्हरी
    सुगबुगाहट कब से
    लेकर आयी है हवाऐं
    तेरी खुशबू पहचानी
    रूठी हो क्यूँ
    कितनी देर लगा दी
    हो रही इंतज़ार की
    इंतहा भारी
    रुका हूँ मैं कब से
    है तेरे आने की बारी...
    ©anandbarun

  • vaish_02 29w

    लगा के गुलाब आयने को,
    वो खुद को सँवार रही थी
    होशों हवास गवाँ के,
    ज़िन्दगी गुजार रही थी
    मयस्सर थे तुम,
    जब उसकी हकीकत में
    वो जहन में अपने,
    जन्नत उतार रही थी
    आज रुख़सत पे तुम्हारी ,
    उसको जहन्नुम भी नसीब नहीं हुआ
    अपनी अफ़रा तफ़री से
    एक दौर रिहा कर तो देखो
    वो तुम्हारे इंतजा़र में ,
    दह़लीज पे घर बना रही थी/

    ©Vaishnavi ♥️

    #rachanaprati123 @anusugandh

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    इंतजा़र

    ,...अपनी अफ़रा तफ़री से
    एक दौर रिहा कर तो देखो
    वो तुम्हारे इंतजा़र में ,
    दह़लीज पे घर बना रही थी/

    ©Vaishnavi ♥️

  • bal_ram_pandey 78w

    #abhivyakti30{✒️}
    @goldenwrites_ jakir ji��thanks for remembering me dear

    #rachanaprati123(repost)

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    **इंतजार** एक ग़ज़ल

    तुझको देखे हुए ज़माना हुआ
    यह भी कोई आजमाना हुआ

    न होती उल्फत तो ना याद करते
    तेरा मगर गज़ब का भुलाना हुआ

    इबादत की तरह ज़हन में है तू
    तेरा भी क्या रिश्ता निभाना हुआ

    मुकद्दर का लिखा कैसे पढ़ें कोई
    ख़ुद से ख़ुद को यह बताना हुआ

    मुखालिफ ही रहे सफीने हरदम
    कश्ती का हर बार यूं डूबाना हुआ

    न लौटे परिंदे शजर पे कभी फिर
    वक्त का शाखों का यूं हिलाना हुआ

    ©bal_ram_pandey

  • goldenwrites_jakir 84w

    ढूंढता फिर तुझे बीते लम्हों की गलियों में
    मिलते नहीं अब तेरे निशां --- तू है कहां

    हिचकिया भी अब आती नहीं - - - रोता है दिल यहां
    एक समंदर तेरी यादों का ------------- रखता है मुझे ज़िंदा

    इंतजार की भी हद हो गई ------- जिंदगी की भी अब उम्र होगई
    उधार मांग कर दुआओँ में धड़कनो को
    सजदे यार तेरे दिल करता है ....।।।।
    ������������������������������������
    #abhivyakti30
    #jp #jakir #rachanaprati123 @anusugandh @jigna_a @alkatripathi79 @anandbarun @mamtapoet

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    इंतज़ार यार तेरा

    आवोहवा में बीते ये जिंदगी - - - - जैसे में तेरा हूँ
    कभी याद बनकर ---- कभी ख्वाव में आकर
    मिले तू हर जगह ए-जिंदगी -----

    लग कर गले पूछे सबाल क्या है जिंदगी ----- भीगी है पलकें
    खामोश है जुबां ------ ये किस कसमाकस है जिंदगी ..

    तू ही हवा --- तू ही घटा --- तू ही मेरी तन्हाई
    ढूँढा तुझे ---- जमीं फलक
    तू मिलती कही भी नहीं ....
    किस रास्ते हम है चले --- किस रास्ते तुम हो चले
    पूछे पता फिर जिंदगी .....
    आवोहवा में बीते ये पल बीते ये जिंदगी ......

    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 97w

    दिल की कलम से .......

    उदासियों की बारिश मे दिल डूब रहा है
    ' बे रंग ना थी जिंदगी ...
    बे रंग अब होने को है ------------- इंतज़ार होता नहीं खत्म
    जिंदगी अब मिट्टी की दीवारों में चुन जाने को है
    होकर रूह आज़ाद जिश्म ढल जाने को है
    बर्षात कितनी आकर चले गई
    पतझड़ जिंदगी का बिखर जाने को है -- एक तेरी वफ़ा
    एक मेरी वफ़ा आग दिलों की इंतज़ार में फना हो जाने को हैं ।।
    ����������������������
    #jp #jakir #rachanaprati123 @anusugandh दी "
    #abhivyakti30 @flame_ @jiya_khan @khamosh_syaahi @malay_28 @rnsharma65 #diary #thoughts #poetry #life #inspiration #friendship #travel #love #nature

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    बे रंग है इंतज़ार

    बे रंग है जिंदगी की कहानी .....
    बे रंग है तेरी मेरी कहानी ------
    लाए कहा से जिंदगी मे रंग -- वो चमन फूलों का
    वो गुलिस्तां तितलियों का
    वो चांदनी रातो मे जलते भुजते जुगनुओ का उजाला ...।
    बे रंग --- बे रंग है -- बे रंग है जिंदगी की कहानी .......
    ---------------=--------------=----------------=-----------------
    एक झलक मिलती नहीं तेरी सूरत
    एक झलक मिलती नहीं तेरी सूरत --- एक झलक एक झलक
    है चारो और तन्हाई.... है गम की फुरबाई मिलती नहीं
    तेरी परछाई वो साया मेरा बेजान हो गया या या या ........
    बे रंग है जिंदगी बे रंग तेरी मेरी कहानी.........
    -------------------=--------------------=-----------------------
    आँखों से झलके वफ़ा के मोती सुबह -- शाम
    रातो मे गुजरे रात बेगानी -- आए ना खुशियों की सुबह
    वो जिंदगी की कहानी बे रंग बे नूर हो गई
    दर्द बढ़ने लगे जख्म नासूर की सक्ल मे दिखने लगे
    बे रंग जिंदगी तेरी मेरी कहानी हो गई
    बे रंग बे रंग........ .......
    --------------------------------"-------------------------

    ©zakirgoldenwrites

  • goldenwrites_jakir 109w

    New song .......

    इंतज़ार दिल को मेरे मोला
    मौला मौला मेरे मौला अब तू ही एक उजाला
    लिखदे फिर तू तक़दीर मे मेरी - जो लिखा दिल की लकीरो मे मौला मौला मेरे मोला अब तू ही एक उजाला
    मौला मौला मेरे मौला मौला मौला मेरे मौला.
    ✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️
    इक इक पल तन्हा अब है गुजरता
    इक पल मे लगे जैसे बीत गई कई सदियां
    ये एहसास ये एहसास मेरे मौला
    देता है मुझे दर्द इतना जैसे मे नहीं अब इस जहां मे
    मेरे मौला मेरे मौला
    मौला मौला मेरे मौला अब तू ही सहारा अब तू ही उजाला
    मेरे मौला .................................
    ✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️
    वो भी बेचैन है मे भी बेचैन हूँ दर्द उसको भी है
    दर्द मुझको भी है ये केसी वफ़ा की आग मे जल रहे है हम
    ये केसी तेरी खुदाई है , ये केसी तेरी कहानी है
    जिसमे हम जल रहे है मोला मेरे मौला मेरे मौला ......
    ना कोई राह अब ना कोई मंजिल अब
    हर तरफ नफरतो की गिर रही बिजलिया हर तरफ है तन्हाईया मौला मेरे मौला मौला मौला मेरे मौला
    अब तू ही उजाला मेरे मौला मेरे मौला मेरे मौला आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ .....
    ✨️✨️✨️✨️✨️✨️✨️
    ©zakirgoldenwrites_