#rachanaprati110

17 posts
  • anusugandh 9w

    #rachanaprati111
    #rachanaprati110
    @aryaaverma12 जी का बहुत-बहुत धन्यवाद❤️
    विषय--- मझधार
    समय सीमा--- कल शाम 5:00 बजे तक
    ©anusugandh

  • aryaaverma12 10w

    सबसे पहले तो मैं आप सभी का धन्यवाद करती हूं की आप सभी ने #rachanaprati 110 में अपनी हिस्सेदारी दी,,
    @anandbarun @ anusugndh @jigna_ a @goldenwriters_jakir @mamtapoet @psprem
    सभी की रचना बेहतरीन शानदार उम्दा थी ,मेरे लिए सभी विजेता हैं,,
    #rachsnaprati111 की जिम्मेदारी मै @anusugndh दी को सौपाती हूं,
    कोई त्रुति हुई हो, तो माफी चाहती हूं
    धन्यवाद,धन्यवाद धन्यवाद

    @anusugndh di congratulations dear di

    ©aryaaverma12

  • goldenwrites_jakir 10w

    #ख़्वाब

    हौसला रख कर चला था मैं ख़्वाबों के शहर
    अधूरी मोहब्बत अधूरी ज़िन्दगी को लेकर
    मुकाम जमीं पर जुगनू की तरह मैं भी हो जाऊं ,,
    लिखूं कुछ इस तरह से शब्दों को कागज़ पर
    कि मैं मुकम्मल किताब हो जाऊं .....
    रास नही आया शायरों को लहजा मेरा
    गुमनाम मेरी ज़िन्दगी का आईना
    चंद पन्नो में उलझ कर ही बिखर गया ....
    ©goldenwrites_jakir

  • anandbarun 10w

    सच सपनों सा

    इक छोटा सा है आकाश
    हमारे दरम्यां
    बदलता रहता है शक्ल
    हम-नफ़स रहनुमां
    कमी छोटा तो कभी बड़ा
    पर निज है ये जहाँ
    लेती रहती विविध आकृति
    जन्म इनके अंतरा
    तो कभी छा जाती है धुंध
    और बिलखती है आत्मा
    तम और रौशनी का आयाम
    ढालता हमें एक साँचा
    कभी खुशबू की नन्ही बदली
    भर जाती है मद हाला
    विस्मित अंतरंग लम्हों का फिर
    खुल जाता है आसमां
    तो कभी जद्दोजहद की खटाश
    तोड़ देती है आसरा
    मुख मोड़ जाना होता है दूर
    विभ्रम में विपरीत दिशा
    पर कुछ नियत है ये फासला
    आगे जिसके ना होता जाना
    और घटने लगती हैं दूरियां
    तै है यूँ जुड़ने का सिला
    इक जानी पहचानी सी दायरे में
    असीम बसी है खुशियाँ
    स्वप्न, कल्पना की सगी जाया
    जीव जिससे रहे तरोताज़ा
    उमंग रस, स्वप्न बेल से टपक
    यथार्थ को देती जीवंतता
    ©anandbarun

  • piu_writes 10w

    देखा था तुमको जब एक ख्वाब देखा था तुमको अपने दिल के बहुत पास देखा था खैर जो देखा था बस एक ख्वाब था लेकिन किस्मत में मेरे कुछ और लिखा था
    ©piu_writes

  • anusugandh 10w

    सपने

    दिल ने एक कविता लिखी, कुछ अपनी कुछ तेरी लिखी,
    एक सपनों की कहानी लिखी ,कुछ आधी कुछ पूरी लिखी
    कैसी चाहिए थी यह जिंदगी, उन सपनों की उड़ान लिखी
    चिड़ियों की चहकती सहर, शाम की रवानगी लिखी
    खुशियों के पल आए जो ,वो नन्हीं किलकारी लिखी
    कुछ आंसुओं की कहानी, कुछ खुशी की इंतहा लिखी
    बीत गए इस जीवन के, उन गुजरे लम्हों की दास्तान लिखी
    हर सांस की रवानी लिखी, जाती हर सांस की रवानगी लिखी
    हर पल जीने की सादगी लिखी ,उमंगों तरंगों की जवानी लिखी
    जिस रात की सुबह ना चाही, उसकी दीवानगी लिखी
    पल पल जीती हर पल में ,साथ मरती इच्छाएं लिखी
    कस्तूरी की खोज में भटकते ,मन मयूरी की भागमभाग लिखी
    एक सपनों की कहानी लिखी, कुछ आधी कुछ पूरी लिखी!
    ©anusugandh

  • goldenwrites_jakir 10w

    #ख़्वाब ✍️

    वो ख़्वाब ही तो था "जो संग तेरे दिल ने सजाया था
    वो सपने अब तेरे सब बेरंग बेनूर हो गए
    चुभते आज भी उनके निशां दिल की गहराई में
    वो ज़ख्म कि सूरत हरपल हर इक लम्हा
    दर्द ज़िन्दगी को देती ,,,,,
    कैसे भुल जाऊं हमारी मोहब्बत की दास्तां
    जिसमे आज भी बिखरते ख़्वाब सांसे ले रहे ...
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 10w

    #ख़्वाब ✍️

    ख़्वाब भी पूछते हैं अब "सवाल बिखर जाने का
    क्या रहगई कमी ख़ुदसे ही ख़ुदको अनजान रखने का
    तमाम रात जागकर जिसका इंतज़ार खुली आँखों से किया

    उसको को इक पल भी क्या तेरा ख़्याल ना आया
    ज़िन्दगी बिन मोहब्बत की खिल रही थी फूलों कि तरह
    उसे उजाड़ कर क्या उसे ये एहसास भी तेरा ना आया
    ख़्वाब पूछतें है अब सवाल बिखर जाने का
    क्या उसे फिर तुम पर प्यार ना आया ... ?
    ©goldenwrites_jakir

  • jigna_a 10w

    सपने/ख़्वाब

    ख़्वाब पे नज़्म, जिसे ये मुलाक़ात इक बहाना है की तरन्नुम पे गुनगुनाइए।
    ***********************************

    ख़्वाब ही तो वहाँ पनपता है,
    दिख रहा सच जहाँ खटकता है।

    आँख भी सच कहाँ दिखाती है,
    रात का मन जिधर भटकता है।

    एक दुनिया बनी बनाई है,
    झूठ क्या है सही ना दिखता है।

    बात पर इक बड़े पते की है,
    नैन में नूर सा चमकता है।

    रो दिए हम वहीं हँसा करते,
    कौन है जो वहाँ समझता है।

    लोग कहते गुबार निकला है,
    जो ज़हन में कहीं अटकता है।

    देख "जिगना" सपन सलोना तू,
    नेह झरना वहीं छलकता है।
    ©jigna_a

  • anandbarun 10w

    सपने

    तुम गुजरते बादलों सा बेसुध
    मिटता रहता फलक से ख्वाबों सा
    बरसते फुहारों में हकीकत सा तुम
    जमीं हो जाती फिर से तरोताजा
    बैठ जाती वो धूंध की चादर
    फूटती कोंपलों सी मैं उमड़ कर
    देखने आसमां सितारों का
    कभी होता वो सूरज अपना
    तो कभी चाँद भी अपना होता
    ढूँढती सिसकियों में सांसों के अपने
    झलकते ओस के मोतियों में तुम
    सिलसिला यूँ गुफ्तगू का अपना
    रहे कायम ये जहाँ अरमानों का
    हरी धरती ये चाँद और तारे
    स्वर्ग अपनी शाश्वत समय की धारे।
    ©anandbarun

  • psprem 10w

    ख्वाब

    इंसान ख्वाब बहुत ऊंचे उड़ने के देखता है।
    पाना चाहता है सातवां आसमान।
    पर फिसल जाता है,नीचे की तरफ।
    गिर पड़ता है गड्ढे में।
    क्योंकि जोश में खो देता है।
    अपनी वास्तविक पहचान।
    ख्वाब देखना बुरा नहीं।
    मगर अपनी वास्तविकता के साथ,
    अपनी हिम्मत और अपनी
    कुशलता के साथ।
    बिना परवाज़ के उड़ना,
    नामुमकिन है सब जानते हैं।
    मगर हिम्मत और जज्बा पैदा
    कर के वो ख्वाब कर सकता है पूरा।
    उसे ख्वाब और हकीकत के,
    अन्तर को समझना होगा।
    तभी कोई ख्वाब पूरा होगा।
    पर प्रयास में कोई बुराई नहीं।
    ©psprem

  • goldenwrites_jakir 10w

    #ख़्वाब ✍️

    सपनो के साय में "ज़िन्दगी को मुस्कुराते हुए ज़ी
    नन्हे कदमो से जमीं से फ़लक का सफर तय कि
    खुली ज़ब आंखे नींद से आधी रात को
    ख़्वाबों का आशियाना टूट कर बिखर गया
    फलक से फिर जमीं पर खाली हाथ लौट आए ....
    ख़्वाब देखने में हसीन लगता है
    पर मुकम्मल हर इक का नही होता
    किसी कि ज़िन्दगी किसी कि हर इक चीज़
    नीलाम हो जाती है ये ख़्वाब ही हैं
    जो किसी को जमीं किसी को फलक तक लेकर जाता है
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 10w

    किसी अपने "ने बहुत खूब कहा है

    खुद ही तोड़ दिया वो ख़्वाब जो कभी पूरा ना हो सके
    बाद में रोने से अच्छा है कि "पहले ही ज़ी भरकर रो ले ..
    ©goldenwrites_jakir

  • mamtapoet 10w

    सपनों का पुष्प

    कुछ ही समय हुआ है
    मन की मिट्टी में बीज रोपा था
    विचारों और सुंदर भावों से उसे सिंचित किया
    और देखो, आज प्रस्फुटन हुआ है
    एक सपनें का,
    अब शुरू हुई है कोशिशें
    एक सपनें को साकार रूप देने की,
    उसे हकीकत का जामा पहनाने की,
    जंग होने लगी है अब जरूरतों और सपनों में,
    रह रह के रोड़े डाल रही हैं परिस्थियाँ भी,
    कभी पर्न पीले होंगे, पतझड़ में गिरेंगे भी,
    लेकिन कर्म को पूरा भरोसा है अपनी मेहनत पर, क्योंकि उसने हार मानना नहीं सीखा है,
    हथेली की लकीरों को बदलने का जज्बा है,
    और सपनें को सच कर दिखाने का जुनूँ पाला है, ये जुनून, ये मेहनत, ये कर्म कस्तूरी बन
    महका करेंगे और ये महक उसमें रोज़ ताज़गी भरेगी और एक एक कदम बढाएगी उसका सपनें की सीढ़ी की ओर,
    जब पूरा विकसित हो जाएगा कर्म,
    तब उसपर खिलेंगे सपनों के पुष्प,
    और उस पुष्प से उत्पति होगी पुन:
    एक नये सपनें की,
    और ये क्रम निरंतर यूँ ही बिना रुके, बिना थके चलता रहेगा ऐसे ही।
    ©mamtapoet

  • goldenwrites_jakir 10w

    #ख़्वाब ✍️

    मन के पिंजरे से हर रोज इक ख़्वाब टूटकर बिखर जाता
    ज़िन्दगी कि आस पर काश का मोहर लगा जाता
    क्या होती ज़िन्दगी ग़र ख़्वाब सच हो जाता
    गमो के दल दल से आज़ाद हर इक दर्द हो जाता ,,,,
    देखने में ख़्वाब कितना अच्छा कितना सच्चा
    कितना अपना लगता है पर यक़ीन मानो पूरा करने में
    ज़िन्दगी कि हर इक साँसो का कारवाँ गुजर जाता है ..... !¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • aryaaverma12 10w

    #rachanaprati110
    @goldenwrites_jakir Bhai g
    @jigna_a di
    @mamtapoet Dear
    @anusugndh di
    @alkatripathi79 dear

    पूरी जिंदगी सपनों के पीछे भागते रहे ,
    आखिर में सपना मेरा सपना ही रह गया ,
    कुछ सपने,कुछ ख्वाहिशें लिए, आए थे,
    हम भी गांव की गलियां छोड़ शहर की चकाचौंध में,,
    सपने ,सपने ही रह गए,
    फिर पता चला कि,सपने तो आखिर सपने ही होते हैं,,

    Read More

    सपने

    सबसे पहले मैं @goldewrites_jakir bhai ji का शुक्रिया अदा करती हूं,, कि इन्होंने मुझे #rachanaprati110 की जिम्मेदारी सौंपी
    तो आज का विषय है,"सपने"
    हर इंसान का कोई ना कोई सपना जरूर होता हैं,
    किसी का पूरा तो किसी का अधूरा होता हैं,
    हर सख्स सपनों के पीछे ही भाग रहा हैं,
    किसी को मंजिल मिलती हैं,तो
    किसी के निराशा हाथ आती हैं,
    हर किसी का सपना पूरा हो,ऐसी दुआ करती हूं,,
    समय सीमा कल रात 10 बजे तक
    धन्यवाद
    ©aryaaverma12

  • goldenwrites_jakir 10w

    #rachanaprati110

    आप सभी का तहदिल से शुक्रिया
    इस पाठशाला को सफल बनाए रखने के लिए ,,
    आप सब कि कलम लाज़वाब खूबसूरत है
    आप सब ही विजय हो
    #rachanaprati110 पाठशाला को आगे बढ़ाने के लिए
    #aryaavermaa12 G को आमंत्रित करता हूँ .....
    ©goldenwrites_jakir