#oreocookie

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  • divine_love_words 43w

    वक़्त के साथ सबकुछ बदलेगा
    हम, हमारी आकांक्षाएं
    हमारा परिवेश, हमारी प्राथमिकताएं
    बस नहीं बदलेगा
    मेरा तुम्हारा और तुम्हारा मेरा होना
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 47w

    खींचेगी दुनिया मेरे पैरों के नीचे की जमीन
    तुम सर पे मेरे आँचल की छाँव रख देना

    पूछी जाएगी जहाँ में औक़ात मेरी
    तुम मेरे हाथों में अपना हाथ रख देना
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 50w

    हमारे रिश्ते को जो बात खास बनाती है, वो ये की मुझे तुम्हें खो देने का डर नहीं है। तुमसे बिछड़ के कैसे रहूँगी ऐसी कोई कल्पना ही नहीं हुई। मैं तुममें अपना जन्नत नहीं ढूंढती। जन्नत तो भीतर होता है। तुम उस जन्नत का गुलाबी मौसम हो। भीतर जन्नत पैदा किये बगैर कोई मोहब्बत मुकम्मल नहीं हो सकती। हम मुक़म्मल हैं क्योंकि हमारी रूह जन्नती है। और हमारी मोहब्बत रूहानी। तुम्हारा नहीं होना सम्भव ही नहीं है। जैसे दोपहर को रात नहीं हो सकती। वैसे ही अलग हमारी ज़ात नहीं हो सकती। कुछ चीजें जोड़े में बनाई जाती हैं। जैसे मैं और तुम।
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 53w

    मुझे समंदर नहीं पसंद, जिसकी लहरें पल पल बदलती रहती हैं। मुझे बदलने वाली चीजें नहीं पसंद। मुझे शोर नहीं पसंद और समंदर बहुत शोर करता है। उसके शोर में दिल की आवाज़ कहीं खो सी जाती है। और जहाँ दिल की आवाज़ दबा दी जाए वहाँ ठहरना मानों जिंदगी की नाशुक्री करना। मुझे दरिया नहीं बनना जो अंत में समंदर से जा मिले। मुझे झील पसंद है। झील का पानी कुछ यूँ ठहरा हुआ सा लगता है जैसे लंबे सफर का मुसाफिर मंजिल मिलने पर हमेशा के लिए ठहर गया हो। पुरसुकून हो कर बस वहीं अपनी दुनिया बना कर बस वहीं का होकर रह गया हो। तुम मेरी जिंदगी का वही ठहराव हो। जहाँ सुकून है।जहाँ झील की रुमानियत है। बदलते लहरों के खौफ नहीं। मुझे भी झील की पानी की तरह बस तुम पर ठहर जाना है। यहीं अपनी दुनिया बनानी है।
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 56w

    मेरी सब लड़ाईयाँ मुस्कुराहट से अपनी तुम फौत कर देते हो
    कहो ये शिकवे-शिक़ायत, लड़ाई-झगड़े तुम्हें आते क्यों नहीं
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 56w

    तेरे कांधे पर सिर रख कर रक़ीबों को भी रोये हैं हम
    ऐ सनम तुझसे और कितनी हमनवाई हम मांगें
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 59w

    @rajkssora
    चाय से मेरी दोस्ती उतनी ही पुरानी है जितनी कि तुमसे। चाय से अपनी पुरानी खुन्नस रही है। चाय की खुश्बू से ले कर स्वाद तक, कुछ भी हमें पसंद न था। चाय पीने जाऊँ और मेरी जीभ न जले ऐसा कभी न हुआ। भरी दुपहरी या मई-जून की गर्मी में चाय पीने वाले लोग मुझे ताड़ी पीने वालों से कम बौराये हुए नहीं लगते । एक तो गर्मी ऊपर से गर्म पेय कोई भला क्यों पिये ये बात मेरी समझ के बाहर थी। मेरे हिसाब से चाय कॉफ़ी सर्दियों के सामान हैं। फिर हुआ यूँ की सर्दियों में ही वसंत बन के तुम आ गए। और तुम्हारे साथ बकबक सुनना और चाय पीना दोनों शुरू कर दिया हमने। पीना तो अब भी नहीं आया है। अब भी ठंढा कर के पीते हैं। पर हाँ बनाना जरूर आ गया है। अब अक्सर खुद के लिए बना लेते हैं और बालकनी में बैठ कर तुम्हारी मौजूदगी महसूस कर लेते हैं। कभी चायपत्ती थोड़ी कम होती है कभी दूध, पर चीनी बराबर रहती है। पर तुम कभी शिकायत नहीं करते। और हाँ ! चाय हमें नीट ही पसंद है, बिना अदरक इलायची के। जैसे तुम हो, बिना ढोंग-आडंबर के।

    #internationalteaday #tea #oreocookie

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    हम-तुम और चाय

    चाय मुझे नीट ही पसंद है, बिना अदरक-इलायची के।
    जैसे तुम हो, बिना ढोंग-आडंबर के।
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 60w

    हुआ यूँ, की एक दफा
    मैंने कह दिया उनसे
    "मुझे फूल पसंद हैं"
    फिर मेरे घर बगिया थी
    या बगिया में मेरा घर
    वो सारे जमाने के फूल
    मेरे आँगन में जमा आये
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 63w

    I am short so he keeps me uphold in his arms
    I am anxious so he hugs me tightly and leaves no space for worries between us.
    I am short tempered so he shawars love to cool down my frustration.
    I have panic attacks so he fills spaces between my fingers and stays like a pillar.
    I have weaknesses so he helps me to turn them into my strength.
    I am a girl so he treats me like a queen.
    I am love so he loves me with the depth of ocean and to the moon and back.

    ©divine_love_words

  • divine_love_words 63w

    अब तक सोई थी, भरमाई थी,
    अज्ञानता से बौराई थी
    अब जागी हूँ, तो प्रिय मिले
    बदली छंटी और धूप खिले
    अब देख सकूँ जो सूक्ष्म बहुत है
    नित जाहिर है पर गूढ़ बहुत है
    इच्छाएँ सारी अर्पण कर के
    सुख दुःख सारे दर्पण कर के
    चित की शीतलता पाई है
    तेरा मिलना इसी जन्म में
    हर दुःख की भरपाई है
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 63w

    "तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो" से प्रेरित

    #oreocookie

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    तुम आओगे तो लाओगे
    पतझड़ में वसंत जगाओगे
    तुम भर सकोगे घाव सब
    मरहम तुम बन कर आओगे

    राजे...

    तुम श्वेत हो तुम रंग हो
    जीने का तुम ही ढंग हो
    तेरे सिवा सोचूँ मैं क्या
    पल पल तुम्हीं तो संग हो

    तुम प्रेम हो तुम तुम प्रीत हो
    हर शब्द तुम, तुम गीत हो

    तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो
    मनमीत हो राजे
    तुम्हीं मनमीत हो

    तुम हार हो, तुम जीत हो
    इस पल तुम्हीं, तुम अतीत हो
    हो तुम्हीं हृदय की गति
    हर उष्म में तुम शीत हो

    तुम प्रेम हो तुम तुम प्रीत हो
    हर शब्द तुम,तुम गीत हो

    तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो
    मनमीत हो राजे
    तुम्हीं मनमीत हो

    राजे...


    ©divine_love_words

  • divine_love_words 63w

    शिद्दत

    तमाम तोहफों में
    बस एक चीज
    मायने रखती है,
    "शिद्दत"
    और वो इन
    झुकी पलकों से
    ज्यादा मैंने
    कहीं नहीं देखी।



    ©divine_love_words

  • divine_love_words 64w

    Your presence healed all the traumas, wounds and even scars which I got from past.You completed me not only in this 3D plane but I can feel our soul merging in 5D plane. I emerged as a self sufficient, more confident and more beautiful soul only after meeting you my love. You healed me, protected me physically, mentally, emotionally, spiritually and loved me in the way no one ever loved me. I found only healing love in your eyes for all the rejections, blames, threats I faced previously. Now I am free from all the hurts, resentments, guilt and pain. I am love and I only radiate love and peace. I am happy and wish to see happiness in everyone's eyes.
    ©divine_love_words

  • gulmohar_ 64w

    एक स्टेबल जॉब चाहिए थी
    जिंदगी की सिक्योरिटी के लिए
    वो स्तम्भ मैंने गाड़ दिया है
    अब उसके इर्द-गिर्द हमदोनों
    ख्वाब बुनेंगे,
    मोहब्बत के धागों से
    झिलमिलाते सपनों के सितारे
    किस्मत के आसमान में टांक कर
    जमीन से पाँव टिका कर बैठेंगे
    एक-दूजे का भरोसा थामे
    झोली में हमारी होंगी
    जमाने भर की खुशियाँ
    जो उम्र भर दुनिया में हम
    लुटाते फिरेंगे
    आँखों में आँसू आये तो
    किसी बच्चे को हँसा दिया जाएगा
    बस यूँही सुकून में जीवन
    बिता दिया जाएगा।
    ©gulmohar_

  • gulmohar_ 65w

    तू साँवला सही, गोरी मैं भी बहुत नहीं
    पर तेरा रंग मेरे रंग पर जँचता बहुत है
    ©gulmohar_

  • gulmohar_ 65w

    शीत के बाद वसंत की तरह
    प्रेम की पृष्ठभूमि पर अनंत की तरह
    तेरा आना प्रिय निश्चल सबेरा सा है
    तुम खगों में हो राजहंस की तरह

    पदार्पण तुम्हारा जैसे कान्हा की मुरली
    कानों में हो तुम प्रेम रस घोले
    पग-पग मेरे, तुमने मोती बिछाये
    प्रेम रस फिरते हो छलकाए

    तुमसे मिलन को थे हम अकुलाए
    फिर जैसे अप्रैल में शिरीष फुलाये
    हर्षित मन, सुंदर क्षण, सुमधुर बेला में
    मेरे अंग अंग में तुम मुस्काये

    शीत में हमने वसन्त मनाया
    खेली हमने वसंत में होली
    चैत में हमने फगुआ गाया
    प्रिय प्रेम नशे में मन भरमाया
    ©gulmohar_

  • divine_love_words 79w

    रोज पढ़ी जाने वाली दुआएं प्रकृति का हिस्सा बन जाती हैं।
    रोज पढ़ी जाने वाली दुआओं में हम एक हैं,खुश हैं,अटूट हैं।
    ©intoxicating_love_words
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 172w

    तुम आओ तो खेलूँ रंग!

    फ़ीके सारे रंग होली के!
    फ़ीके सब पकवान !
    सखियाँ मोरे पीछे पड़ी हैं,
    किया जिया मोरा हलकान !

    सब व्याकुल हैं, तत्पर हैं
    मोहे रंग लगाने को
    पक्के रंग मल कर
    मुझ संग होली मनाने को

    कैसे समझाऊं रंग प्रेम का
    हर रंगों से पक्का है
    जो पिया के रंग में रंग गई
    फिर नहीं कोई रंग चढ़ता है

    हाँ! तुम जो मलो गुलाल स्नेह का
    पियो प्रेम का भंग
    तुम रंग दो तो रंग जाऊँ
    तुम आओ तो खेलूँ रंग
    -@शालिनी
    ©intoxicating_zinx_words
    ©divine_love_words

  • divine_love_words 174w

    मैं चूना हो जाउँगी
    तुम पत्थर हो जाना
    मिल कर मुरझाये प्रेम की
    संगमरमरी इमारत हम बनायेंगे
    -@शालिनी
    ©intoxicating_zinx_words