#nav

16 posts
  • creative_chanchal 8w

    थोड़ा सा दूर गयें तो लगा कि
    तुम हमें भुल गयें हो
    पर जब बारी याद करनें की आई तो लगा कि
    कहीं तुम्हें किसी ने कहा तों नहीं है?
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 8w

    सुनने में आया है कि तुमने ग़म को भुलाने के लिए
    बोतल का सहारा लिया है।
    अब सवाल हमारा यह है कि
    कितना ग़म कम हुआ है तुम्हारा
    क्या तुम बता सकते हो?
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 8w

    बहुत कम लोग होते है ऐसे
    जो आपकों समझते है
    आप पर यक़ीन करतें है
    आपकों चाहतें है
    आपका सम्मान करतें है
    वरना आपके जज़्बात से खेलते हैं!!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 8w

    पूछों क्या पूछना है तुम्हें
    क्योकि हर जगह दिल के राज़ नहीं खोले जातें है
    कुछ जगह अपनें भी देखें जातें हैं!!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 8w

    आज फिर रूबरू हुए है उन लोगों से
    जो झूठ की नींव पर पर अपनी दिखावटी दुनिया के साथ जीने में यक़ीन करतें है!!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 13w

    #thoughtsoftheday #nav-sari #self-reflection !!

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    शब्दों का खेल !!

    आज फिर कुछ लोग ऐसे दिखे
    जो शब्दो के साथ खेल गयें
    और भरीं महफ़िल को अपना दीवाना बना गयें।

    दीवान-ए-महफ़िल में शमा लिए
    कहाँ पता था उन्हें
    कि वह मनोभावों का खेल रच रहा है।

    मनोभाव का खेल ?
    हाँ, मनोभाव का खेल !
    महफ़िल ए शमा लिए दीवानों को
    हम ही भुल गयें थे कि
    वह सब एक ही बिरादरी के तो हैं।

    झूठा ही सही
    महफ़िल को वह दीवाना कर गयें
    कसूर उनका नहीं, हमारा है
    क्योकि हम दूसरों के रंग में ढलना नहीं चाहतें
    और हमेंशा भुल जाते है कि कोई हमारा नहीं है, यहाँ !
    ना हीं ऐसे है, जो खुद को "Passionate" कहते है
    पर सच को कहना और सच को कबूल करना दोनों ही
    उनके लिए लाज़िमी नहीं है।।
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 15w

    किसी की आवाज़ !!

    आज फिर किसी की आवाज़
    कानों में अब तक गूँज रही है
    ऐसा लग रहा है
    वह शख्स बिते वक़्त के बाद
    आज फिर मेरे सामने खड़ा है!!

    आवाज़ किसी शख्स की याद तो दिला देतीं हैं
    पर हम अभी भी इस उलझन में है
    दो अलग-अलग इन्सानो की आवाज़ के साथ
    बोलने का लय भी एक जैसा कैसे हो सकता है....

    कॉलेज खत्म हुए अरसों बित गयें
    दोस्तो को मिले बरसों हो गयें
    सब व्यस्त है अपनी-अपनी नई दुनिया में,
    अपने सपनों को पंख लगाने में, अपनी दिशाओं में रास्ता बनाने में!
    फिर भी दोस्तो संग बिते पल आज भी साथ लिए हुए है!!

    वक़्त का दौर ही कुछ ऐसा है कि
    पता ही नहीं चलता
    कब आया और कब चला गया
    हम और हमारे सपनें कहें या फिर यह भागम-भाग
    जहाँ वक़्त का हिसाब तो नहीं रहता है पर
    ग़म का हर एक तर्ज़ याद रहता है !!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 17w

    कनेक्शन

    मेरे सफ़रनामा में यह बारिश और यह बादल
    हमेशा मेरे हर क़दम पर साथ देते हैं ।
    ना जाने कोई कनेक्शन हो इनका मुझसे !
    मेरे दिल के हर राज़ खोल देते हैं।।
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 18w

    अल्फाज़

    अल्फाज़ भी लहरों की तरह है
    कभी बारिश की बूंदों की तरह बह जाते है, तो
    कभी आँखो की बूंदों की तरह बह जाते है !!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 18w

    एक नौकरी

    आजकल एक नौकरी की तलाश हमे दर-दर भटकाती है
    न जाने कितना कुछ छोड़ना पड़ता है उस एक नौकरी के खातिर
    न जाने कितना सबसे दूर जाना पड़ता है उस एक नौकरी के खातिर
    न जाने घर परिवार सबको छोड़ मीलों दूर मकान बसाना होता है बस उस एक नौकरी के खातिर
    हाँ मकान ! जहाँ अपना कहने वाला कोई नहीं।
    अनजान शहर, अनजान रास्ते, अनजान लोग
    ओर उसी अनजानी दुनिया में अपना ख़ाली, विरान, सुना सा मकान
    जहाँ खुद थोड़ा ज़ोर से बोल दिया तो अपनी ही आवाज़ गुंज कर सुनाई दे देंगी।
    यही हाल है आजकल ज्यादातर पढ़े-लिखे नौजवानों का
    जो अपने भविष्य की चिंता में आज का वक्त नौकरी खोजने में और उस नौकरी के लिए अपने घरोंदे को छोड़ना पड़ रहा है।
    आजकल एक नौकरी, नौकरी नहीं जीवन संघर्ष का जरिया और नज़रिया दोनों हो गया है।
    अफसोस हमारे पास जब वक़्त होता है तो हम उसे ऐसे जायर कर रहे होते हैं कि आने वाला वक्त और लोग सब अपनें होंगे
    पर ये किसे पता कि अगर यहीं हाल रहा तो अपने ही
    हमें पहचाने से इन्कार करेंगे।
    यहीं तो कसूर है हमारा! वक्त रहते कोई हमे सही तरीकों से समझाता नहीं है और अगर किसी को कोई ऐसा मिल गया तो उसकी बात पर समय रहते कभी गौर करते नहीं है
    क्यो सही फरमाया ना हमने.....
    बात समझ में तब आतीं हैं जब हम ठोकरे खा रहें होते है ओर तब तक बहुत देर भी हो जाती है
    जहाँ समय रहते गलतियों को सुधारा जा सके
    और अगर सुधारने की कोशिश में लगे तो दुनिया की निगाह हम पर ऐसे तंज मारती है जैसे हमने कोई जुर्म किया है
    आज ही रिहा होकर जेल से छूटे है।
    एक जुर्म किये हुए कैदी सा महसूस करा देती है ये दुनिया!
    बस यहीं है आज की कहानी हमारी और हमारी तरह चुनौतीयों को अपनें कंधों पर लियें हुए फिर रहें युवाओं की!!
    ©creative_chanchal

  • creative_chanchal 19w

    गुलाब

    जिंदगी भी गुलाब के फूल की तरह है!
    दिखने में खूबसूरत
    पर काँटो से भी जुड़ी होती है!!
    ©creative_chanchal

  • irtiza_lone 34w

    #shopianisbleeding
    #pulwama
    #nav♥️irt����

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    .

  • akkucallie 95w



    Nhi chahiye tere jaisa koi aur
    Mujhe to bus tu chahiye
    Kaise bana lu kisi or ko mai humsafar
    Jab meri manzil tu hai
    Hai kai dastan isqh ke barso se
    Bus ab unme humari bhi ek khani honi chahiye
    ©akkucallie

  • akkucallie 95w

    9 feb ( Chocolate day)

    Nhi chahiye mujhe Koi uphaaar koi chocolate
    Ki nhi chahiye mujhe koi uphaar Koi chocolate
    Bus tu sath rahe Mera uphaar banke, humare rishto me meethas ho jaise ho koi chocolate
    ©akkucallie

  • akkucallie 95w

    Aarj hai

    Aisa nhi hai Ki Teri yaadein aati nhi hai
    Per Ab Mai kisiko batati nhi
    Maine isqh tujhse nhi, tere rooh se ki thi
    Jisko Mai kisi me batungi nhi
    ©akkucallie

  • jaidhinijain 194w

    # hindiwriters #hindikavysangam #nav varsh # hindiurduwriter@hindiwriters

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    चेत मानव चेत

    चेत मानव चेत
    प्रकृति भी करे
    आगत का स्वागत विगत का विसर्जन
    रचे धरा पर
    नव सृजन ,नव पल्लवन , नव जीवन
    प्राणदायिनी माँ
    दे आशीष ,धर संकल्प ,कर श्रम
    देख मानव देख
    चहूँ और बौराई कोंपले उम्मीदों की
    सींच मानव सींच
    आशा से लगन से अथक परिश्रम से
    हिंदू नव वर्ष पर
    यही शुभाशीश...कामना ..आमीन ....

    ©jaidhini