#mohbaat

77 posts
  • pratiksha31 28w

    Manjar

    इन झरझराती हवाओं से कहदों के अपना रूख बदल ले,

    अभी मेरी आंखों में बस उसके मंजर हैं!!
    ©pratiksha31

  • vermaraman 33w

    ©vermaraman

  • ankesh_s26 35w

    Sirf Mohabbat hona hi kafi nhi hota❤️
    Khudkismat hona bhi jaruri hota hai❣️
    ©ankesh_s26

  • vswrites97 86w

    कभी मां के कहे जिन कामों से मुझे कोफ्त होती थी आजकल में वो काम भी मुस्कुरा के कर लेता हूं
    दरअसल हर वक्त तू जहन में जो रहती है तो काम के बहाने ही सही अकेले में तुझसे बाते कर लेता हूं....

  • soamdigvijaykavi 91w

    "नज़्म"

    मुद्दत हुई अपनी मुलाक़ात को,
    अरसा बीत गया हुई अपनी बात को,
    कोई ख़बर आयी नही किधर से भी,
    ना जाने तुम अब कैसी हो,
    बदल गयी हो या अब भी पहले जैसी हो।
    क्या अब तुम खुद की बात खुद से ही करती हो,
    वक़्त की सारी कड़वाहट खुद ही सहन करती हो,
    नाराज़ होने पर अब नाराज़गी जतलाती हो या खामोश रहती हो,
    पर एक बात तो बताओ बारिश के बाद सड़क पार करने को किसका हाथ थामती हो,
    पहले तुम आकाश की कड़कड़ाती बिजली से डरती थी क्या अब भी डरती हो।
    बिछड़े ही क्यू हम अच्छा था साथ मिलकर रहते ऐसा तुम कहती हो क्या,
    चलो छोड़ो बिछड़े पहले थे हम अब साथ मिलकर रह ले ऐसा तुम सोचती हो क्या,
    तुमसे मिलने की वो शाम अभी-भी सजे-सवरने बैठी है,
    तुम्हे पाने की ललक अभी-भी दिल मे दुल्हन बने बैठी है,
    सच बताना क्या अब भी मेरा नाम सुनकर एक लम्हें को तुम चोकती नही,
    अपने हाथों की लकीरों मे मेरे नाम की लक़ीर को चूमती नही,
    जल्दी सोने का बहाना क्या तुम अब ये बतलाती नही,
    तुमसे है ख़्वाबो मे मिलना क्या तुम अब ऐसा सोचती नही।
    सुनो जब मै तुमसे मिला था ऐसा लगा था जैसे दो नदियों की दो अलग धारा का मिलन हुआ,
    मगर जब मै तुमसे अलग हुआ तो ऐसा लगा जाना,
    एक ही किनारे की एक ही धारा का टूटना हुआ,
    मै बंजारा-सा तुम महलों की ठाकुराइन-सी,
    तुम्हे मुझ जैसे आवारा को दिल मे कैद करना था,
    जिद छोड़कर अपनी तुम्हे मौहब्बत को जीतना था,
    मै हूँ परेशां कि तुम कैसी हो,
    अबतलक तुम्हे अपने खत से अपना हाल-ए-बयाँ करना था,
    मै अब भी वोहि हूँ वही पुराना है नंबर मेरा,
    भले ही रॉंग नंबर से ही सही अब तक मेरा फ़ोन तो तुम्हे मिलाना था,
    माना बिछड़े हमे मुद्दत हुई कैसे भी सही,
    तुम्हे अबतक अपना दिल-ए-हाल बताना था।
    ©soamdigvijaykavi

  • pushtip12 97w

    @pushti.p12
    #mohbaat #pyar #intazar #bewafa
    Pyar ki junge mai sab jahiz hai marna bhi jahiz hai aur tadapna bhi jahiz hai...

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    Meri chahat ne usse khushi de di,
    Badle mai usne mujhai khamoshi de di,
    Khuda se dua mangi marne ki toh,
    Usne bhi tadapne ke liye zindagi de di...

  • ala_rasi_01 98w

    Naa karo ishq
    Yeh ishq me koi rota koi hasta hai ..
    Mohbaat cheez hi aisi hai is duniya me..
    Insaan jisse chahe usse paa kar rota hai.
    Aur jisse na paa paye usse panne ke liye rota hai..
    Na karo ishq is mohbaat ke naam me dhoka hai.
    ©ala_rasi_01

  • roohalfaz 99w

    मोहब्बत

    मोहब्बत के नाम पर सोदा ना कर
    ये तो वो पवित्र रिश्ता है
    जिसकी शुरुआत ही भागवान से हुई थी।।

  • ala_rasi_01 105w

    Sach kaha naa..

    Zaruri thodi hai ki har rishte ka naam mohbbat hi ho...
    Kuch rishte mohbbat se badkar hote hai...
    Jinhe hum dost kehte hai..
    ©ala_rasi_01

  • kunalmaheshwari 109w

    ❤Acchi lgi

    किसी दूसरे से मिली झायरी अच्छी लगी
    एक मुदत से बंद मिट्टी से भरी डायरी अच्छी लगी
    उनको उनसे ज्यादा बात हमारी अच्छी लगी
    यानी दिन से ज्यादा रात में लिखी शायरी अच्छी लगी
    ©kunalmaheshwari

  • archanadhivar 113w

    Raat

    Yeh Raat woh shaks ke liye hai
    jin ka pyar adhoora reh gya.
    Yeh Raat ab bitaye toh kiske sath
    islye Humne isse aab paane pr likha
    shuru kar diya.
    Dil Toh toot jayega lekin yeh kalam aur paana(page) zindagi bhar sath dega.
    Chahe koi bhi moood aane do zindagi me
    Yeh Raat bitani hai bas paanoo pr apne luvs likh kar.
    Mohbaat ko hum Iss Tarah luvso me pesh karege ki tumhari kami mesus nahi hogi.


    ©archanadhivar

  • soamdigvijaykavi 121w

    "गीत"

    मरहबा...... मरहबा........ मरहबा.......... मरहबा.......

    इबादत मे नज़रो का झुक जाना,
    रातों का ख़्वाबो मे घुल जाना,
    इशारो मे आँखों का आँखों से मिल जाना,
    सिहरन से काप जाना कोई देख ना ले इस कदर,
    अपनी उँगलियों को तेरी उँगलियों से छूना,
    वो लड़खड़ाती जुबाँ लफ्ज़ो का खामोश हो जाना,
    खेर अब तो तुमने हमे बदनाम कर दिया,
    इज़हार-ए-इश्क़ मे कर दिया ऐसा हमने क्या,
    जो तुमने पलट कर के जाने का फ़ैसला कर लिया,
    दुश्मनी के लिए ये जमाना कम था क्या।
    मरहबा........ मरहबा......... मरहबा.......... मरहबा........

    धीमे-धीमे ही सही आहिस्ता से कट रही है ज़िन्दगी,
    भवंर मे था सफीना जब तुमने साथ था छोड़ा,
    भला जब से साहिल से मिले हो तुम,
    लहरों की तरहा तुमने हम से किनारा कर लिया,
    धुल से जो नाम लिखा था साथ तुम्हारे,
    अब तलक मिटा नही शीशे को हज़ार बार धो लिया,
    वो खुशबु आज भी आ रही है शर्ट से,
    आखरी बार गले लगे थे जब तुमसे,
    खेर अब तो तुमने हमे बदनाम कर दिया,
    इज़हार-ए-इश्क़ मे कर दिया ऐसा हमने क्या,
    जो तुमने पलट कर के जाने का फ़ैसला कर लिया,
    दुश्मनी के लिए ये जमाना कम था क्या।
    मरहबा........ मरहबा......... मरहबा.......... मरहबा........
    ©soamdigvijaykavi

  • pravene 125w

    चाहत उनकी हम पा ना सके ,
    यादों के साए हम मिटा ना सके ।
    भूल थी शायद वो मेरी ,
    इस बात को हम अपना ना सके।।
    ©pravene

  • pravene 125w

    यांदे

    आज लिखने को कुछ खास नहीं ,याद है तेरी पर तू पास नहीं थक गया हूं आज काम से ,फिर दोहराएंगे किस्सा तेरे नाम से
    सोचना नहीं ये अंत नहीं , प्रेमी हो कोई संत नहीं
    फिर मुलाकात होगी यादों के बिस्तर पर तू मेरे साथ होगी ।।
    ©pravene

  • pravene 126w

    **इश्क़**

    हाल ए इश्क बयां नहीं होता ,
    दर्द ए दिल का निशा नहीं होता।
    लोग फिर क्यो करते है इश्क़ ,
    जिसका कोई खुदा नहीं होता ।।

    फिर जब याद आती है महबूब की,
    समझ आता है ऐसा कोई कुआं नहीं होता।
    जिसमे कोई डूबा ना हो ,
    और वो किस्सा बयां नहीं होता ।।

    रह जाती है वो कहानियां ,
    जिनका कोई फलसफा नहीं होता ।
    टूटे हुए दिल से कोई बेवफा नहीं होता
    प्यार में इंसान कभी खफा नहीं होता ।।

    जाने अंजाने गलतियां हो जाए तो ,
    प्यार कभी टूटा नहीं होता ।
    इंतज़ार का भी अपना आलम है,
    प्यार में कोई जुदा नहीं होता ।।
    इश्क़ बेवफा नहीं होता ।।2।।
    ©pravene

  • pravene 126w

    एक सपना

    सपनो में भी है उनका आना जाना ,
    जैसे हर बार की तरह नज़रे चुराना ।
    खामोशी से सब कुछ कह जाना ,
    नज़रे मिला के जैसे चुप हो जाना ।।

    यही आदाए थी जो वार किया करती थी ,
    जाने अंजाने दिल से प्यार किया करती थी ।
    कभी उनकी गुस्ताख़ी पर हसना ,
    कभी गलतियों पर तंज कसना ।

    प्यार भी था इंकार भी था ,
    लबों पर इजहार भी था ।
    टूटेगा ये सपना एक दिन ,
    इससे बीमार भी था ।

    आखिर वो दिन आ ही गया ,
    बिना बताए सपनो को उड़ा ले गया ।
    हम तमाशबीन बन देखते रहे ,
    खुशियों को मेरे बहा ले गया ।

    फिर क्या था हम हो गए अकेले,
    उनकी यादें और यादों के मेले ।
    काश कुछ पाते ,
    जीते या मर जाते ।

    जीते जी जिएंगे उनके सहारे ,
    दिल में उनका शहर रहेगा ।
    लबों पर रहे ना रहे सही ,
    प्यार हमारा अमर रहेगा ।।
    ©pravene

  • pravene 126w

    बाते जारी है ।

    सवाल अभी खत्म नहीं हुए , बाते अभी जारी है ।
    उनकी ना जाने कहां जाने की तैयारी है ,
    हम लगे है रिश्तों की नीव बचाने में ,
    उनकी तो अलग दुनिया बसाने की तैयारी है ।

    रिश्तों की छाव में हमने खुशियां बांटी बहुत ,
    फिर भी ना जाने कहां कमी रह गई ,
    इसी बात को उनके लब्जो से सुनना ,
    बस इसी बात की हमने की उधारी हैं ।

    जान आ जाया करती थी उनकी एक हसीं पर ,
    खत्म हुई ये जन्नत अब तो नरक कि बारी है ।
    आवाज़ तक ना सुनने पर आमादा है वो ,
    और लोग कहते है तुमने उसकी दुनिया उजाड़ी है ।

    दुःखी तो हूं उनके जाने से , लौत आए वो मेरे बुलाने से,
    ग़म के साए में जी रहे , सुबह शाम बस पी रहे ।

    वापस लौट आने की अब उनकी बारी है ,
    कर लूंगा एक बार उनसे फिर मोहब्बत ,
    बस एक बार वो फिर से करे इजहारे इश्क ,
    उनके लिए मैंने फिर से कि जन्नत की तैयारी है ।
    सवाल अभी खत्म नहीं हुआ, बाते अभी जारी है ।
    बाते अभी जारी है , बाते अभी जारी है ।
    ©pravene

  • agyat_lekhak 130w

    Mujhe to bas didar karna hai tera

    Night walk to baahaana hai

    Kyu dekhu me papa ki pariyo ko

    Mujhe nakhre to tere hi uthana hai

    ©agyat_lekhak

  • harshaltembhurne_ 132w

    ये रात मेरे कानों मे बस इतना कह गयी....
    यार तेरी 'मोहब्बत' तो अधूरी रह गयी...

    ©harshaltembhurne_

  • parul2190 134w

    #mohbaat barbadi ka ghr

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    Barbad

    Ek din kha tha usne
    Tumhe m barbad kr dunga
    Hm bhi sayad pgal the Jo
    Is bat ko nazarandaz Kr gye.
    Jo pll the jeene k liye ab WO
    Bs jhakhmo se hi bhr gye.

    Kash samjh pati kbhi
    Nafrat mujhse krne ko
    WO apne mnn me ibadat kr RHA h
    Sayad isliye jhuthi mohbat bhi
    Mujhe barbad krne ko badi
    Siddat se Ke RHA h..
    Kha malum tha iska kya anjam hota h
    Suna tha Maine to mohbat jindgi m
    Sukun ka pegam hota h.N Jane kb se apne
    Irade ka intzar Kr RHA tha barbad m ho jau
    Isliye bs mujhse jhuthi mohbat Krrha tha
    ©parulppp