#long

1279 posts
  • silver__grace 1w

    #missing
    #love
    #Mira quill
    #poem
    #long distance
    #long-distance relationship
    #sad

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    Ohh!!! Dear.....
    Hold on for a minute more
    Lemme love u from the bottom of my core
    My hopes and wishes are still there to speak
    The waves of emotions are in the peak
    Cut the road hold my hand
    Come closer and take me to your wonderland
    We breathe.. we live under the same sky
    But still i miss u, why???
    The days we spent ....thoug it was from distance
    But trust me I enjoy ur presence
    Your company gives me butterflies
    I crave for those now by looking into your eyes.....
    ©silver__grace

  • 3xclusivedreamer_art3 1w

    From my heart

    I was told that i was so silent 
    After a few years it changed 
    I was told I talked too much 
    Even though I remained silent 
    By not talking about the pain 
    I was not able to shout 
    Because there were people around 
    Who would blame me 
    For who I am 
    For the way I look 
    For how well I performed 
    For trying to express myself 
    That's when I started 
    To shut the world out 
    Whenever I tried to give up on that 
    People would end up disappointing me 
    Slowly it developed 
    Into my natural state 
    To the state I never wanted to be in 
    That's the exact opposite of who I was 
    Now I care less 
    When people get hurt 
    Unless I hurt them 
    I never care but I act 
    With a hope 
    That I'll turn into the one 
    The one who I was 
    I can't get over those people 
    Who I dearly cared for 
    Who broke me into pieces 
    Repeatedly 
    Why am I writing this 
    I am pretty sure no one will read 
    Still I do since 
    I don't know any other way 
    To get rid of this feeling 
    The feeling 
    that has stayed in my chest for years 
    This heavy feeling
    Never seems to disappear
    Since people misunderstand me 
    At all times 
    I hope I escape 
    Somewhere faraway 
    Where they would 
    Let me be ..
    Many of my gifts 
    Are separated from me 
    Isn't it cruel 
    To just rip off so many things 
    Away from me 
    This world is cruel 
    I tried to express my pain 
    It seems that I couldn't 
    I wish I can 
    Atleast through these lines 
    This isn't poetry 
    This isn't a story 
    These are just 
    The lines from my heart 
    That follows no rules 
    And No specific order 
    I am judged for my choices 
    For my preferences 
    For my likeness 
    And basically for who I am 
    I hate no one 
    I hate nothing 
    I never want to admit this 
    But I can't deny the facts..
    I can't lie forever 
    If I did reveal 
    I am pretty sure 
    That no one would be by my side..
    ©3xclusivedreamer_art3
    ©Samyuktha

  • kailashn 1w

    महाराणा

    ©kailashn

  • kailashn 1w

    #हिन्दी_काव्य_कोश #mirakee #hindi #urdu #love #long #instawriters #revolution #poem #astheticthoughts

    उच्छृंखल उदधि, वेगवती शीत समीर
    मौन विराजित राघव, लाखन अति अधीर

    हे राघन निरर्थक बैठे यूँ ही कर रहे विनय
    शस्त्र संधान की आज्ञा दो हम तो हैं क्षात्र तनय

    असहनीय है ये जलधि का छद्म सा अट्ठाहस
    ये ही कंटक पथ का,वर्ना लंकेश का क्या साहस

    वैदेही का संताप स्मरण करो हे रघुकुल नायक
    सारंग कोपित हुआ अधिक, वारीश पिपासु हैं सायक

    तब कोदंड पर शरारोहित कर दिया प्रभु ने
    मुख अमर्ष में लोहित कर लिया प्रभु ने

    स्वयं पयोनिधि प्रकट हुए राम के समक्ष थे
    अथाह सागर देव नतमस्तक प्रत्यक्ष थे

    इस विकट परिस्थिति का एक उपाय बताया
    सेतु निर्माण करो देव तुम ये मार्ग सुझाया

    प्रभु राम ने विनय देव की मानी
    होगा सेतु निर्माण उदधि वक्ष पर, ये ही योजना ठानी

    शेष अगले भाग में......

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    राम-समुद्र संवाद

    कविता अनुशीर्षक में
    ©kailashn

  • porcupine 2w

    Longest nights

    The longest nights I have endured
    Because you are not here
    ©porcupine

  • kailashn 2w

    नख शिख वर्णन

    ©kailashn

  • balaji_venkat 2w

    Night cry

    Two hearts apart,
    Long lengthy night,
    The cry of loneliness.
    ©balaji_venkat

  • kailashn 2w

    मनुज भाव

    हे मनुज कर गरलपान
    जो परिस्थितियों में विद्यमान
    समर हो प्रारब्ध से तो
    उद्यम का हो संधान

    साधना है कर्मण्यता
    और पाप है विराम
    साधना की छांव में
    पल रहा भविष्य ललाम

    शक्ति की अर्चना हो
    कर्म का सिद्धांत हो
    भावना हो दृढ़
    जो कभी ना शांत हो
    ©kailashn

  • kailashn 2w

    ग़ज़ल

    बेइंतहा मुहब्बत का अंजाम क्या है
    ताउम्र इश्क़ रहेगा तो अस्क़ाम क्या है

    तालीम नहीं मिलती हैं जाँ दिये बिना इश्क़ की
    तुम तो जिंदा हो तुम्हें इश्क़ की इत्माम क्या है

    चलो मान लिया इश्क़ की महफिल में शामिल हो
    तन्हाई भी आयेगी इसका ऐहतमाम क्या है
    ©kailashn

  • kailashn 2w

    भारत

    ©kailashn

  • mr_dark_angel 3w

    Wanted

    Wanted someone who can be with me, care about me unconditionally
    No age limit & no qualifications required

    Contact me
    ©mr_dark_angel

  • virkat 4w

    अभिमन्यु

    दुस्साध्य सूक्त प्रणीत क्षिप्र शर
    धनंजय तनुज प्रवर धनुर्धर

    शैल निर्मित गात, पाषाण उर
    शर संचालन तडित वेग, द्रष्टा सकल सुरपुर

    बलिष्ठ बाहु परिधि ज्यों सकल व्योम हो
    अरि प्राण की दे रहा आहुति इस होम को

    फिर दिखा सुभट, कपट निर्मित दुष्कर चक्रव्यूह।
    गर्जन कर रहा कराल, प्राणघातक भट समूह

    हो गया प्रविष्ट उस में ज्यों मग्न विशाल मत्तंग
    सायण उद्वेलित कर रहा लंकवेष्टित दिव्य निषंग

    हाय! ये कपट लिप्त शौर्य, वधासन्न वो वीर
    निशस्त्र बालक पर टूट पड़े वो छद्म रणवीर

    सहस्र करवाल चली देह पर, देह क्षत विक्षत
    अमर्षमयी पृथासुत, उग्र पांडव पक्ष समस्त

    ©विरक्त

  • virkat 4w

    काव्य युद्ध

    नवोदय के अभिलाषी नर है
    रण में तो अब बस शर वृंद दिखेंगे
    काल की कपाल पट्टिका पर
    सुभट भैरव छंद लिखेंगे

    पौरूष की प्रत्यंचा पर
    संधान होगा तरुणाई का
    शोणित के कण-कण से
    भान होगा अरुणाई का

    छिन्न-भिन्न होंगें देह
    और पग पग पर मुंड मिलेंगे
    रण ही यज्ञ है क्षात्र धर्म का
    यहाँ कण कण में कुंड मिलेंगे
    ©virkat

  • virkat 4w

    नख शिख वर्णन

    शुचितर हिय तन सौंदर्य निर्विकार
    मुख मंडल पर ज्योति प्रखर का प्रसार
    भास्वर ललाट, अनिंद्य लावण्य लोकोत्तर वर
    तुम सौरभमयी देवी, चरित्र अति सुघर

    ज्योत्स्ना निर्मित देह, केश.. ज्यों जलधि नभ उर छाया
    कलित निर्धूम शिखा सा यौवन बस तुम ने ही तो पाया
    व्यक्तित्व कौस्तुभमय मायावरण नयन द्वय
    कांति ज्यों सूर्य ने किया तुम में विलय
    ©विरक्त

  • virkat 4w

    रोला छंद

    प्रेम विधित जो भाग्य, पाता प्रभु कृपा अनंत
    मोह होता जिस हिय,कहते ज्ञानी सब संत

    ©virakat

  • virkat 4w

    गुलाब

    भूल ही गया था उस वक्त वो गुलाब था
    वो वक्त भी बस एक छोटा सा ख्वाब था
    अब क्या उम्मीद की जाये कि मिलेंगे हम
    बह गया अब तो जो वो वक्त आब़ था
    ©virakat

  • its_okay_to_not_be_okay 4w

    #long story short

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    I know that god had plan for me....
    And for you too....
    Lets have faith in GOD....



    ©its_okay_to_not_be_okay

  • its_okay_to_not_be_okay 4w

    I believed god had a plan for me. It was hard to find a hope. Hard to do even daily activities. But still I put smile on my face, pretended everything is okay..


    ©its_okay_to_not_be_okay

  • its_okay_to_not_be_okay 4w

    Heart breaks, friends ignoring me, family issues, pressure of carrier, felt like too much on me. It was the time I simply don't wanted to live.
    BUT...



    ©its_okay_to_not_be_okay

  • nisharar 8w

    Ye long distance relationship bhi na yaar....
    Jaan lay lay thi hai intezar Kara k pyaar ko aur badha deti hai , k aab ek pal bhi intezar Nahi kiya jata...

    ©nishad_nisa