#labourday

59 posts
  • anuradhasharma 11w

    अरसे हुए , आपके इंतज़ार में ।
    अब आपके भेजे पैसे ,
    भी पाबंद लगे ।
    ले आई हूं , गिरवी गहने ।
    जिसकी आस , हम भूल बैठे थे ।
    अम्मी–अब्बू भी , ठीक लगे ।
    पर शायद , उन्हें आपकी कमी खले ।
    बच्चें भी , बेफिक्र स्कूल जाते ।
    पर उनमें भी , कुछ खालीपन लगे ।
    राशन–पानी भी , कम नहीं होते ।
    पर आप बिन , स्वाद कहां सजे ।
    होली –दीवाली भी , खूब मने ।
    पर आप बिन , वो त्योहार न लगे ।
    नहीं चाहिए , कुछ हमें ।
    आप , घर लौट आइए ।
    हमें बस , यही चाहिए ।
    अरसे हुए , आपके इंतजार में ।
    अब आपके भेजे पैसे ,
    भी पाबंद लगे ।

    ©anuradhasharma

  • ___shweta 24w

    #158th


    तेरी आंचल की मैं छाव मां
    तेरी ही परछाई मां
    तेरा गोद मेरे लिए जन्नत मां
    तू मेरे लिए मन्नत मां
    मां, आई ,माई, अम्मा, मम्मी, मॉम ,
    कहने को तुझे पुकारने के नाम अनेक है
    पर तेरी ममता हमारे लिए एक है
    मैं हारु तो प्यार से समझाती मां
    जीतने के लिए मेरा हौसला बढ़ाती मां
    तू ही मेरी हिम्मत मां, तू ही मेरा हौसला मां
    तू मेरी जीत मां,
    मेरी कामयाबी का तू हकदार मां
    हर गलती से बचाना भी तू जानती है
    मार्ग से जो भटक जाऊ
    तो सही मार्ग पर लाना भी तू जानती है
    मेरी गलती की डांट पापा से तू ही खा लिया करती है
    और उनसे कुछ भी न कहती
    मेरे खातिर तू सब कुछ सहन कर लिया करती है
    मां वही है जो मेरे बिन कहे ही सब कुछ समझ जाती है
    गुस्सा हो जाऊ उससे,
    तो भी वही मुझे मनाती है
    और खाना न खाऊ तो प्यार से मुझे खिलाती है
    हां मेरी मां,
    मुझ से भी ज्यादा
    मेरी मां मेरे बारे में जानती है...��

    श्वेता (SHWETA)✍️




    #Shweta


    @Mirakee

    #Mirakee
    #majdurdiwas
    #labourday
    #Nature #love #travel #life #inspiration #friendship #poetry #thoughts #diary
    #Hindi #English

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    तेरी आंचल की मैं छाव मां
    तेरी ही परछाई मां
    तेरा गोद मेरे लिए जन्नत मां
    तू मेरे लिए मन्नत मां
    मां, आई ,माई, अम्मा, मम्मी, मॉम ,
    कहने को तुझे पुकारने के नाम अनेक है
    पर तेरी ममता हमारे लिए एक है
    मैं हारु तो प्यार से समझाती मां
    जीतने के लिए मेरा हौसला बढ़ाती मां
    तू ही मेरी हिम्मत मां, तू ही मेरा हौसला मां
    तू मेरी जीत मां,
    मेरी कामयाबी का तू हकदार मां
    हर गलती से बचाना भी तू जानती है
    मार्ग से जो भटक जाऊ
    तो सही मार्ग पर लाना भी तू जानती है...
    श्वेता ✍️
    ©___shweta

  • rhyming_manu28 24w

    #labourday #labour #mayday #मजदूर

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    मजदूर

    हाँ वे मजबूर हैं.,
    अपने घर से दूर हैं.,।
    समाज के कोहिनूर हैं.,
    कहलाते जो मजदूर हैं.।।
    ©rhyming_manu28

  • ___shweta 25w

    #158th


    चलो आज मैं तुमको इश्क और मोहब्बत से नहीं
    मज़दूरो से मिलवाती हूं
    चलो आज मैं तुमको इश्क और मोहब्बत की दास्तां नही
    उन मजदूरों की दर्द भरी दास्तां से रु बू रु करवाती हूं
    असल में ज़िंदगी जीते कैसे है
    चलो आज मैं उनसे वाकिफ करवाती हूं
    दिन रात वो पसीने से नहाते है
    तब जाकर एक वक्त का खाना खा पाते है
    करती सरकारें उनसे हजारों वादे
    पर वो एक भी न निभाते है
    लेकर उनसे वोट वो कुर्सी पर बैठ जाते है,

    अच्छे,सुंदर ,साफ कपड़े पहनने को उनका भी मन ललचाता है ,
    बच्चे को मैं भी स्कूल भेजू
    इसके भी ख्वाब सजाते है
    अचानक से झटका लग ,
    वो ख्वाबों से फिर नीचे जमीन पर गिर जाते है
    कितने ख्वाबों को वो हर दिन दबाते है
    हां वो मज़दूर है
    दिन रात पसीने बहाकर
    तब जाकर वो ठीक से एक दिन का खाना खा पाते है,
    यूं ही न पड़ा होगा इनका नाम मज़दूर
    कुछ तो ये अंदर से मजबूर होगे
    और कुछ मजबूर किए जाते होगे,

    फिर भी ये बड़ी हिम्मत लेकर
    चेहरे पर सुंदर सी मुस्कान लेकर
    जिंदगी से लड़ कर
    जिंदगी जीते है
    आती होगी कभी कभी इनके मन में भी
    सारी परेशानियो से खुदखुशी करले
    फिर सोच अपनी स्थिति को,
    अगर जो हर कोई नेता, बिज़नेस मैन,और बड़ा आदमी बन गया
    तो मजदूरों का काम कौन करेगा,
    और देख अपने ही जैसे उन मजदूरों को,
    ज़िंदगी जीने की नई चाहत और उमंग
    अपने मन में फिर से लाते है
    एक आम आदमी जरा सी परेशानी पर खुद खुशी कर लेता है
    और एक मजदूर उन हजार दर्दों को लेकर,
    अपनी तकलीफों को सहन कर
    जिंदगी की अनेक कठिनाइयों से लड़कर
    एक रात का खाना नसीब हो गया
    कल को कहां से आ आयेगा
    इन सारी बातों को वो सोच कर,
    जिंदगी जीना भी ये
    एक आम आदमी को सिखाते है...

    हां आप मजदूर है
    इसलिए आप अंदर से मजबूर है
    हां मैं
    आप पर लिख कर मैं कभी कुछ साबित ना कर पाऊंगी,
    आप कितने तकलीफों और दर्दों से गुजरते है
    ये शब्दों में कभी बया न कर पाऊंगी...��

    #Shweta ✍️


    @Mirakee

    #Mirakee
    #majdurdiwas
    #labourday
    #Nature #love #travel #life #inspiration #friendship #poetry #thoughts #diary
    #Hindi #English

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    करती सरकारें उनसे हजारों वादे
    पर वो एक भी न निभाते है
    लेकर उनसे वोट वो कुर्सी पर बैठ जाते है,
    कभी कभी करता है मन मेरा बहुत सवाल
    कि आगे आऊ और अपनी मजदूरी
    और उन ना जाने कितने मजदूरों का हक छीन लिया उनसे
    उन सबका हक मांगू
    किए थे जो सरकार ने वादे
    उन वादों को याद दिला कर उनसे पूरा करवाऊं
    जो आगे गया कोई मजदूर हक की लड़ाई के लिए
    उनकी आवाजों को दबा कर उनको वही रोक दिया जाता है
    ना माने फिर भी
    कुछ मजदूर तो,
    यहां उनकी हत्या भी करवाया जाता है
    श्वेता✍️
    ©___shweta

  • uyirttezhu 25w

    Life

  • _rakhi 25w

    उन लोगो को भी श्रमिक दिवस की बधाई जो पिछले साल कविड में मजदूर जब, घर वापसी कर रहे थे तब, सरकार को सही बताने के लिए लोग उन श्रमिक भाई बहनों को गाली दे रहे थे की, इनकी वजह से भिड़ बड़ी और कारोना फैला। आपकी नौटंकी की प्रशंशा करती हूं।
    ©_rakhi

  • inked_selenophile 25w

    My Abu (dad) always says,

    We always talk about what we can expect from our life but have we ever wondered what life expects from us...

    Have you thought this?

    This post is dedicated to my father, I love you, dad!
    ...................................................................................................................................................

    Waking up on the pillow of soaked tears, keeping grief aside, he prays to the morning light expecting to feed his family today.

    The sun reflected expectation sometimes by testing his patience.

    Life smirked at him, making him sweat more.
    He smiled at life knowing that the treasure awaits the one who melts in tolerating.

    ~sometimes expectations fails as life expects us to bear a little~

    Till sunshine,
    When his muscles ached when his gentle hands lifted heavy loads when his soul craved thirst.

    The rain reflected the expectation, testing his misery...
    Providing a pleasant breeze, the rain gave peace to him to hide the tears of pain.

    ~ At times life gives us unexpected love~

    Holding his breath, expecting to gift stars to the beloved family, when he held a handful of money

    The sky reflected his silent scar in the heart of the moon.

    ~ And at times life fulfills our expectations~

    And the life whispered,
    When expectation fails,
    listen to the rhythm of chaos
    to unfold the beautiful melody of existence!

    ~Trust life honey, expectations don't hurt~

    ©inked_selenophile


    #Mayday #Expectation #mylovemyfather #labourday

    My father has always worked hard for us and this is dedicated to his perseverance!

    @writersnetwork @mirakee #wod

    The comment section have my heart Take all the lovee guggies ���� #magicalmay

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    .

  • ezhuththu 25w

    உழைப்பே உயர்வு!
    உழைக்கும் மக்கள் அனைவருக்கும் எழுத்து'ன் உழைப்பாளர் தின நல்வாழ்த்துக்கள் ��

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    #labour #labor #labourday #laborday #mayday #wishes #work #workisworship #hardwork #may #may1 #instagram #tamil #tamilpoetry #tamilquotes #bestquotes #trending #thala #thalaajith #thalaajithkumar #happybirthdaythala #tamilstatus #ezhuththu ��️

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    ©ezhuththu

  • eeshamohsin 25w

    Phir subha gaya woh aj apny kaam per
    Araam kiya humny aj jis ke naam per

    ©Esha Alvi

    #labourday #laborday #urdupoetry #shayari #rekhta #urdu

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    پھر صبح گیا وہ آج اپنے کام پر
    آرام کیا ہم نے آج جس کے نام پر

    © ایشاع علوی

  • skyrus 25w

    .

  • shubhamjoshi 76w

    #मजदूर #दिवस #LabourDay #Labour #Day

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    मजदूर दिवस

    आसमान में विमान उड़ रहे हैं
    पर मजदूर पैदल ही चल रहे हैं..।।
    अपने घर में आराम से बैठ कर
    लोग अपनी कृतियों को रच रहे हैं
    देश के रचनाकार को पता ही नहीं
    कि कहीं उसके भी दिवस मन रहे हैं..!
    आसमान में विमान उड़ रहे हैं
    पर मजदूर पैदल ही चल रहे हैं..।।

    गर्भ में पल रहा ,शिशु भी ये सोचता होगा
    के जन्म से पहले कौन राजा, कौन मज़दूर होता होगा,
    रेड, ऑरेंज जैसे भिन्न भिन्न जोनों के बीच
    क्या कोई रोटी का भी ज़ोन होता होगा..!!
    वो कोरोना और भूख में
    भयानकता का अंतर कर रहे हैं..!
    आसमान में विमान उड़ रहे हैं
    पर मजदूर पैदल ही चल रहे हैं..।।

    कर्मपथ पर लगातार चलने की थकान है
    वो इस शहर से उस शहर भटकता परेशान है
    परिवार के साथ बिताने का एक क्षण कीमती है
    उसके लिए हमेशा से ही मामूली रही उसकी जान है
    संघर्षों के हाथों मजदूर मजबूर हो रहें हैं..
    आसमान में विमान उड़ रहे हैं,
    पर मजदूर पैदल ही चल रहे हैं..।।
    ©shubhamjoshi

  • vasubandhu 77w

    ©Vasubandhu

  • vasubandhu 77w

    ©Vasubandhu

  • blue_nib 77w

    श्रम दिवस

    शायद बैठा !!!
    जमीं पर होता...
    गर ये कुर्सी ना होती...
    शायद खाता...
    पत्तल पर ही...
    गर ये थाली ना होती...
    शायद रहता...
    झुग्गी में ही...
    गर पक्के मकान ना होते...
    शायद उठता...
    गंदगी खुद ही...
    गर वो ठेलेवाला ना आता...
    शायद जीवन...
    इतना सुखद ना होता...
    गर दुनिया में...
    ये "मजदूर" ना होता ||

    ©माही
    ©mahee_ki_siyahi

  • silence_seeker 77w

    मज़दूर, ये वही हैं जो ये देश चला रहे हैं,
    हमारी हर ज़रूरत का सामान इनके बिना उपलब्ध नहीं हो सकता,

    मैं जिस फैक्टरी में काम करता हूँ, वहां बहुत सारे मज़दूर हैं, सबके अपने अपने किस्से, कहानियां और कभी ना ख़त्म होने वाली दर्द भरी दास्तां है,
    फिर भी अपनी सारी परेशानियों को एक कदम पीछे रख कर, दूसरों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, हँसी मज़ाक में अपना दिन जैसे तैसे काट लेते हैं,
    हर कोई यही सोचता है की हमारा दर्द सबसे ज़्यादा है, कभी इनके साथ कुछ दिन बिता कर देखना, अपने दुख का मुक़ाम भी पता चल जाएगा और उन्हें झेलने की क्षमता भी आ जाएगी,
    एक अखिल नाम का मज़दूर गोरखपुर से आया मज़दूरी करने क्योंकि उसके माता पिता का देहांत हो गया था, बारहवीं में पढ़ने वाला, दो छोटे भाई बहन की ज़िम्मेदारी उठाने वाले का दर्द सिर्फ़ वही समझ सकता है,
    हम सब बहुत भाग्यशाली हैं, जो हमे इतना सब कुछ मिला है,
    सबसे ज़्यादा सम्मान के यही हक़दार हैं,

    फ़िलहाल देश पर जो संकट है, उसमे इनका ही हाल सबसे खराब है, उम्मीद है आगे सब कुछ ठीक हो जल्द से जल्द ताकि ये वापस फिर देश को बनाने में लग जाएं....
    मजबूर हैं बस इसीलिए मज़दूर हैं....
    @hindiwriters #hind
    #labourday

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    इनका जीवन यही है...,
    खुद को भुला के दूसरों के लिए जीना है...,
    अपने गुज़ारे के लिए इन्हें....
    रोज़ कुआँ खोदना है और रोज़ पानी पीना है...|
    ©silence_seeker

  • kahanikuchlafzonki 77w

    उसने ही शहर को शहर बनाया
    अपनी खून पसीने से इसके कण कण को बनाया

    कैसी वक़्त की बेरुखी छाई शहर में
    मजदूरों के ही काम ना आया उनका बनाया

    मजबूरियों के कारण तो शहर आए थे
    मुसीबत में छोड़ दिया शहर अपना बनाया

    निकाल दी पूरी उम्र उसने काम कर शहर में
    पर फिर भी सुकून था चेहरे पे की यह उसने बनाया

    देख हालात उनके खुदा भी रो पड़ा
    नहीं दिया इस शहर ने जो मिलना चाहिए था आखिरी यह उन्होंने ही तो बनाया
    ©kahanikuchlafzonki

  • sanjay_kumr 77w

    मजदूर दिवस

    इस महामारी में भी
    इस मुसीबत के समय में
    हमारे मजदूर काम कर रहे हैं।

    इस महामारी में भी
    अपना जान जोखिम में डाल कर
    हमारे गली हमारे शहर को साफ कर रहे हैं।

    इस महामारी में भी
    जहां सबको घर में रहने को कहा गया है
    यह लोग बाहर सफाई कर रहे हैं।

    ©sanjay_kumr

  • kanwat 77w

    लेबर डे

    ज़िन्दगी हम तेरे मजदूर है...
    अपना कर्म करते रहेंगे !!
    थोड़ा सा हमें भी मौका दे...
    ये कर्ज़ कम करते रहेंगे !!

    दुसरो का गम समझ सके...
    अपनी खुशी मे शामिल करे !!
    इस तरह तेरे शुक्रगुजार रहे...
    बस यू हम तेरे जिंदगी भर मजदूर रहे !!
    ©kanwat

  • khwahishaan 77w

    मैं तन्हा, हाथ खाली, पास मेरे गुप अंधेरा है
    कहते हर साल लेकिन वो, आज दिन मेरा है

    मेरी तखलीफ़, छाले पैर के, सब ही तो ज़ाहिर है
    वो मेरा हौसला है जो, बावजूद खुश चेहरा है

    बनाये महल ही नहीं मैंने तो देश बनाये है
    एक किराये का आँगन फिर मेरा बसेरा है

    एक पुकार से सबकी मैं हाज़िरी दे देता हूँ
    जरूरत मेरी पर सबने, ही तो मुँह फेरा है ©ख़्वाहिशाँ #labourday #respect #humanity

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    ...

  • nehamorya 77w

    मजदूर

    होती है सबकी अपनी अपनी मजबूरी
    जो ले जाती है घर से दूर
    कभी उस मां के लिए,कभी अपने बच्चो के लिए
    चले आते है वो काम के लिए बहुत दूर
    पर वो मुसाफिर है , खानाबदोश नहीं
    मंज़िल थी उनकी,भटकने के सपने नहीं
    घर आने की चाह है उनकी वहीं फसे रह जाने की मर्ज़ी नहीं।
    ©nehamorya