#khwahish

298 posts
  • gaurav_7_ 11w

    Fir se wohi....

    Ek choti si khwahish hai meri
    Teri yaadon me jagah chahiye
    Nahi mil raha sukoon kahi
    Teri baahon mein panah chahiye

    Milne ki jaroorat nahi hai
    Na hai jaroorat roj baat karne ki
    Nahi hai jaroorat sath jeene ki
    Na hai jaroorat sath marne ki

    Ishq kiya hai tum se
    Aise kaise bhool jaunga
    Beintehaa kiya hai itana ke
    Na chahte hue bhi tumhe yaad aaunga

    Rona bhi nahi chahta main
    Na chahta hu hasna
    Bohot mehenga pada wo
    Tera mere dil me basna

    Dekhte dekhte itane saal ho gaye
    Fir bhi ye chahat badli nahi
    Jab bhulane ke liye tuze yaad karta hu
    Pyar ho jata hai firse wohi
    ©gaurav_7_

  • fly_little_more 13w

    khwahish

    Ek khwahish puri ho ibadat ke begair,
    Woh mujhe gale lagaye meri izzat ke begair!!



    ©fly_little_more

  • ammy21 13w

    Ab tu na hi mujhe koi irada de
    Na hi koi kasam koi waada de
    Na hi koi ishara na koi shahara de
    Ab bas mujhe khud ko paana hai
    Khud me gum ho jaana hai
    Kisi se koi taaluq ni rakhna
    Na hi kisi se koi rishta rkhna
    Tujhse mohabbat kar mai khud ko bhul gyi thi
    Apne saare khwahishe chhod baithi thi
    Ab wapas na aana
    Mujhe ab bas apne manzil ko hai paana
    Mujhe ab bas khud ko hai paana .....
    ©ammy21

  • mahamantri_writes 15w

    मुक़म्मल

    मुक़म्मल मोहब्बत की ख्वाहिशें भी मुक़म्मल न हो सकी
    ओर अधूरापन बाखुदा बिना मुराद के ही मिल गया।।
    ©mahamantri_writes

  • ishanisinghania 16w

    Hijr...

    Hum Apne beech ke nazdikiyon ko badhane ki chahat me the ....
    Aur wo behaya HIJR ki khwaish rakhta tha...
    ©ishanisinghania

  • shivangi579 17w

    Khwahish

    Har raat aate aate na jane kyun udaasi saath lati hai
    Tu dur toh jarur hai ab mujhse
    Par tere aas pass hone ka ehsas har bar saath lati hai
    Tu khwahish thi or shayad rahegi bhi meri pehli
    Par shayad ab teri yaadein dard ban k kabhi nahi satayegi..

    ©shivangi579

  • masoom_bachchi 17w

    Bachchi

    जरूरतें पूरी नहीं हुईं मेरी
    मैंने मेरे हीं ख़्वाहिशों को दफना दिया,
    हालातों से कुछ यूँ समझौता हुआ मेरा
    उम्र से पहले हीं 'बच्ची' को बड़ा बना दिया।

    खिलौने की किमत ऊँची थी
    मैंने 'चाहत कलम की है ' बता दिया,
    सपनों से कुछ यूँ इश्क़ हुआ मुझे
    मैंने किताबों से दिल लगा लिया।

    चाहत तो थी मुझे भी मासूम रहने की
    पर वक़्त ने मुझे समझदार बना दिया,
    नादानियाँ करने की वज़ह नहीं थी मेरे पास
    वक़्त ने मुझे बेवजह ही जिम्मेदार बना दिया।

    मेरे संघर्षों को देखकर अक्सर
    उसने आँखों से आँसू छलका दिया,
    'प्रेरणादायी कहानी लिखूँगी, माँ! '
    ये कहकर मैंने उसको हँसा दिया।

    जरूरतें पूरी नहीं हुईं मेरी
    मैंने मेरे हीं ख़्वाहिशों को दफना दिया,
    हालातों से कुछ यूँ समझौता हुआ मेरा
    उम्र से पहले हीं 'बच्ची' को बड़ा बना दिया।
    ©masoom_bachchi

  • ammy21 17w

    Raat udaas hai
    Tere milan ki aas hai
    Tu dur ho kar bhi
    Har ghadi mere aas pass hai
    Tu dil ki pehli khwahish hai
    Aur raat ki aakhiri yaad hai
    ©ammy21

  • legend_cvansh 18w

    तारीफ!!!

    के श्याही खत्म हो गई कलम की उसके बारे में लिखते लिखते,
    पन्नो का क्या उन्हे तो अभी भी उसकी तारीफ का इंतज़ार है।।
    ©legend_cvansh

  • vikasbabu 18w

    लिखूँगा

    मैं उससे जुदाई का सबब अपनी किस्मत खराब लिखूँगा..
    अपनी ख्वाहिश का तज़्किरा कर के उसका चेहरा गुलाब लिखूँगा..
    हुई बर्बाद मोहब्बत कैसे
    कैसे बिखरे हैं ख्वाब लिखूँगा...
    प्यार को वक़्त गुजारी लिख कर चाहतो को अज़ाब लिखूँगा..
    जिंदगी पर किताब लिखुंगा उसमे सारे हिसाब लिखूँगा..
    मैं उससे जुदाई का सबब अपनी किस्मत खराब लिखूँगा.. ||

  • ammy21 19w

    Ek khwahish hai ki yeh khwaish puri ho jaaye
    Vo chhata ek hi laaye aur baarish ho jaaye
    ©ammy21

  • _soundless_ 20w

    सबके चहरे में वो बात नहीं होती
    थोड़े से अंधेरे में रात नहीं होती।
    ज़िन्दगी में कुछ लोग बहुत प्यारे होते हैं
    क्या करें उन्हीं से आजकल मुलाकात नहीं होती।
    एक ही दुनिया में रहकर मिलने को तरसते हैं
    पर वो मिलने की मुराद पूरी नहीं होती।
    ©nisha19

  • surajsanu 21w

    Samajhne walo samajh jao����





    #khwab #khwahish #lover #sanam #love

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    Khwabon ke duniya toh kehne ko he
    Lekin kahin bhi nhi
    Mera bhi sanam hei
    Lekin woh bhi iss duniya mein nhi

  • dixitpriya22 25w

    Bahut khali sa lagta hai ye man mera....
    Zindagi se hara hua insaa hu mai...
    Galtiyan nhi gunahe ki maine..
    Khud ke nazaro se gira hu mai....


    Ki Khwahish thi ek achha insaan banne ki...
    Are yar ye kya ban gya hu mai....

    ©dixitpriya22

  • preranarathi 25w

    ख्वाबो कि दुनिया

    देखनी है मुझे भी वो दुनिया जहाँ परिया रहती हैं,
    सुना है वहाँ हर खवाईश पुरी होती हैं।
    बहती नदी का पानी चमकता हैं,
    और जहाँ हर फूल खिलता है।
    मछली थोड़ा सा इतराती हैं,
    सबको उछल कर दिखलाती हैं।
    उगता सूरज सबके लिए खुशीयाँ लेकर आता है,
    रात को चंदा सुकून की नींद सुलाता हैं।
    निले आसमान में तारे अपनी रोशनी फैलाते हैं,
    और जुगनू टिम टिमाते हैं।
    बादल सफ़ेद सी रूई कि रजाई बन जाते हैं,
    और पेड लहरा-लहरा कर गाते है।
    जहाँ का आसमान गुलाबी होता है,
    और साथ में ईदंरधनुष भी दिखता है।

    - प्रेरणा राठी
    ©preranarathi

  • anasmoh 31w

    एक तमन्ना

    एक तमन्ना ये है कि तुझे अपना बना लूं
    तुझे आंखों में बसाके दिल में छुपा लूं
    यूं तो तेरे चाहने वाले काफी है दुनिया मे
    तुझे सबसे चूरके अपना बना लूं

    एक तमन्ना ये है कि दुख के बादल दूर हो
    खुदा का रेहम और सब जगह उसका नूर हो
    और कितना आजमाओगे हमको
    मुझे पता है दुख तो बोहोत है तुमको

    एक तमन्ना ये है कि खुश रहे ये दुनिया
    फिर चाहे कितनी भी मतलबी हो दुनिया
    हमारा काम सिर्फ भलाई का हो
    तभी तो पहचानेगी तुम्हे ये दुनिया

    एक तमन्ना ये है सब कुछ दू अपने मता-पिता को
    इतनी तकलीफ उठाई है अब और दुख न दे खुदा उनको
    युही हस्ते रहे और उनका साया बना रहे
    ए खुदा इनको छीन के ऐसा दुख न देना किसी को।
    ©anasmoh

  • prachiagrawal77 33w

    तमन्ना

    तमन्ना है, आसमान मे पंख अपने फैलाने की,
    ख्वाबों का एक मुकम्मल जहां बनाने की।

    हसरत है, अपनी काबिलियत से सबको पीछे
    छोड़ जाने की,सारे जहां मे अपनी अलग
    पहचान बनाने की।

    हा आरज़ू है दिलो मे अपनी जगह बनाने की,
    अपनी सही एहमियत सबको समझाने की।

    ए जिंदगी नहीं है हिम्मत मुझ में तुझसे जीत
    पाने की, है कशिश एक दबी सी दिल में कहीं
    फिर भी कुछ नया कर दिखलाने की,

    फूलो की तरह महक कर सब में निःस्वार्थ भाव
    जगाने की,नदियो की तरह बह कर सागर से पार
    जाने की

    हसरत है मेरी सबकी ख्वाहिश जानकर,बात अपनी
    मनवाने की,एक तार में पीरो के खुशियों को गीत कोई
    गुनगुनाने की
    ©prachiagrawal77

  • dreams_in_moonlight 38w

    फुर्सत के लम्हों में सुंदर होठों को याद करना एक दिलकश सा शग़ल है,
    हमारी बोझिल सी शाम में ये किसी का अनचाहा दखल है।
    नहीं चाहते कल्पना के रास्तों पे वापस भटकना,
    मगर ख्वाहिशों का खंडहर भी अपना एक ताजमहल है।
    ©dreams_in_moonlight

  • _insiya 39w

    Khwahish::TUM

    Khwaab: Jo pura ho jaye

    Khwahish: Jo Adhuri rah jaye

    *Tum meri khwahish nikle.....

    ©Insiya

  • san2799 43w

    कुछ अधूरे हिस्से

    कुछ फ़ैसले जिंदगी के
    अधूरे ही रख छोड़ दिए
    बात मुक्क़दर की हो

    कोशिशों की दीवार कहां टिकती है
    लाख सजाओ तस्वीर में मुस्कुराहट
    ज़ख्म दिल के सिसकते ही रहते हैं

                क्या इल्म है इस दुनिया को
                कुछ बदनसीब ऐसे भी होते हैं
                अपने ही अरमानों को दफ़्न करके    
                भी वो बोझ उठाये फिरते हैं किसी
                 गैर की ख्वाहिशों का

    ©san2799