#jindagi

724 posts
  • sheetanjli 1w

    शक्ल अच्छी हो ना हो
    पर कर्म अच्छे करने चाहिए
    ©sheetanjli

  • __silent__eyes__ 3w

    Jindagi

    Ye hame kuch aise lamhe de deti h ki ham chaha k bhi bhul nhi shakte....aur hamare kismat m wo hota hi nhi.....kismat kahi..hakikat kahi
    ©__silent__eyes__

  • pouredonpaper 4w

    मौत आएगी कहीं सीने से लगा लूँगा
    जिंदगी पूछेगी नही नाम भी मेरा
    ©pouredonpaper

  • linkstarlin 6w

    ज़िंदगी

    तू ज़िंदगी है मेरी यूं मुंह न फुलाया कर
    कभी रूठ जाऊं मैं तो प्यार से मनाया कर
    ©linkstarlin

  • _sach_in 7w

    जिंदगी

    जिंदगी छोटीसी क्यू ना हो लेकीन संतुष्ट हो
    क्या पता आज ही आखरी दिन हो
    हर पल मुस्कुराते रहो , उदास मत हो
    क्या पता जिससे खफा हो
    उसे कभी मिल भी ना पाओ
    ©_sach_in

  • 7043780378whataap 7w

    JINDAGI

    Jindagi ki us daur se gujar rhe,

    Jaha apna bhi paraya lagta hai,

    Sath kab kiska kaha tak ho,

    Sab kuch bs apnaya sa lagta hai!

  • sheetanjli 8w

    ना मैं मीरा बनू
    ना तुम मेरे श्याम बनना

    मैं सीता बनू
    बस तुम मेरे राम बनना.
    ©sheetanjli

  • sheetanjli 9w

    मैंने सोचना बंद कर दिया है।

    क्योंकि जो मैं सोचती हूं
    वो होता नहीं है

    और जो होता है
    वो कभी मैं सोच भी नहीं सकती हूं
    ©sheetanjli

  • silverquil1309 10w

    Jindagi

    Jindagi badlnae kae liyae ladna
    Padta hai aur jindagi asan karnae kae
    Liyae samjhna padta hai ....
    ©silverquil1309

  • sheetanjli 11w

    एक बार होश में आना चाहती हूं.....

    ताकि

    ठीक से मदहोश हो सकूं


    ©sheetanjli

  • sheetanjli 13w

    #jindagi #life # mirakee
    #love # hate

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    मैं उसे इतनी शिद्दत से चाहती हूँ कि ❤
    उसके सिवा किसी और को देखना भी नहीं चाहती हूँ

    और कोई और उसे देखे
    ये मैं बरदाश्त भी नहीं कर पाती हूँ

    ©sheetanjli

  • _jouissance 13w

    हम इंसान बड़े स्वार्थी होते हैं, सिर्फ खुद के बारे में सोचते हैं, ऐसा हम बहुत सुनते हैं!
    मगर काश की ये सुनी हुई बात सच होती
    मगर हमें तो अपनी जिंदगी से ज्यादा दूसरों की जिंदगी में दिलचस्पी होती है
    इतनी कि सोचते हैं कि कैसे उसे बर्बाद या आबाद करें!
    हम स्वार्थी तो हैं मगर ये दुनिया ऐसी है की हमें दुनिया के बारे में सोचने के जाल में फांस लेती हैं
    और हम सोचते भी हैं खुशी खुशी हर दूसरे व्यक्ति के बारे में और खुद को स्वार्थी कहते हैं
    काश इस बात का एहसाह भी होता की हमने तो दूसरों को देखने और सुनने में वक्त बिताया
    और अपनी तरफ तो कभी ज्यादा देखा ही नहीं और हमेशा खुद को अधूरा ही जाना
    अंदर बैठे अपने असल हुनर को तलाशने और तराशने में तो वक्त ही नही दिया
    सचमुच कितना स्वार्थी होता है इंसान, अपना सारा स्वार्थ दूसरों पर खर्च कर देता है!
    ©_jouissance

  • shivanirj 14w

    कागज की नाव

    जिद्दी है
    केहती हे समंदर पार करेगी,
    पर है तो वो एक कागज की नाव।
    ©shivanirj

  • _jouissance 14w

    हर सुबह लगभग उसी 20 साल पुराने attitude के साथ जागती ही हूं की हर इंसान, हर चीज ये याद दिलाने लगती है की मैं बड़ी हो चुकी हूं तो मुझे मेरे attitude ko छोटा करना होगा!


    ©_jouissance

  • _jouissance 14w

    है तो ये जिंदगी मगर इसमें तो mathematical equation से भी ज्यादा variables हैं
    इतने variables की मेरा मेरे constant तक पहुंचने का सफर अभी भी एक सफर ही है
    जाने कब इन खट्टे मीठे variables के बीच उस constant से मुलाकात होगी!


    ©_jouissance

  • krishnakalantri 15w

    अब थक चुका हूँ...

    जिंदगी की राह में चलते चलते अब थक चूका हूँ
    शायद अब जिंदगी जीना ही मैं भूल चुका हूं,
    खुप तौर-तरीक़े आजमाए इसे खुश बनाने में,
    पर इस बेबस दुनियां में खुदको भी कही खो चुका हूं...

    हाँ जिंदगी की राह में चलते चलते अब थक चूका हूँ...

    एक वक्त था,
    जब हौसला था, गुरूर था,
    कुछ कर दिखाने का बहता जुनून था,
    यार था, प्यार था,
    सबका अपना अपना एक किरदार था,

    पर समझ नही आया कब ये सब मैं खो चुका हूं,
    धीरे-धीरे खुशी के हर वो पल मैं भूल चुका हूं,
    वक़्त के साथ साथ आगे तो बढ़ गया जिंदगी की राह में,
    पर बीते लम्हो में खुदको मैं कही खो चुका हूं,
    हाँ जिंदगी की राह में चलते चलते अब थक चूका हूँ...

    पर अब न खुश हूं, न किसीसे वफ़ा हूँ
    बस खुदमे ही कही खोया हूँ,
    शायद जिंदगी के किसी मोड़ पे मिले कोई जीने की वजह,
    इसी झूटी उम्मीद में अब जी रहा हूँ...
    हाँ जिंदगी की राह में चलते चलते अब थक चूका हूँ...
    खुदको कही मैं खो चुका हूं...

    ©krishnakalantri

  • chahat_samrat 16w

    कोई जिम्मेदारियों की गठरी लादे जी रहा
    कोई उधड़े पुराने गमों की कथरी सी रहा
    कोई बांधे है पोटली में तहजीब के सिक्के,
    कोई बेबस खारा समंदर अपने आसूं पी रहा
    ©chahat_samrat

  • bhavika28 18w

    सड़क
    कितने ही एहसासों को जोड़े रखती है सड़क ,
    कितने ही यादों को जोड़े रखती है सड़क ।।
    उन सड़कों में रहती है किसी की प्रतिक्षा ,
    निगाहें गड़ाए प्रेयसी करती है इंतज़ार अपने प्रियतम का ।।
    उन्हीं निगाहों में दिखती है किसी माँ की पुकार ,
    जो सरहद में तैनात अपने बेटे की राह निहारें बैठी है ।।
    कोई यादों का झरोखा लेकर गुजरता है उन रास्तों से ,
    जो बन जाती है फिर किसी के लिए यादों की सड़क ।।
    रक्षा का धागा बंधा कलाई में भाई के ,
    कहता है भाई से बहना को अबकी बार ,
    सिखाऊँगा गाड़ी हाँ उन्हीं सड़कों पर,
    जहाँ से वो सफ़र मीलों का तय करेगी भविष्य लिखने को ।।
    एहसासों की पुनरावृत्ति करती सड़क ,
    उन स्कूली बच्चों को रोज़ मिलवाती है ,
    पीछे छुटे हुए समय के हंसी ठहाकों से ।।
    जो पंक्तिबद्ध चलते या समूह में चिल्लाते ,
    सड़कों को रोशनी से भरती उनकी आवाज़ें ,
    सड़कें स्थिर वहीं रहती है और ताकती है रोज ,
    सबकी यादों को खुद में रखे हुए खामोश सी ,
    बीत जाता है तो बस जीवन एक पलक झपकते ।।
    खुद मौन की आवाज़ लगाती सड़के ,
    मौन से पुकारती है ओ मुसाफ़िर लौट आना ।।
    मैं जीना चाहती हूँ वही हंसी ठिठोली ,
    जो तुमने चलते हुए साथी से की थी ,
    मैं उस इंतज़ार से ज़्यादा जीना चाहती हूँ ,
    प्रेम में पिया की प्रेयसी को हाथों में हाथ डाले हुए ।।
    माँ कीं प्रतिक्षा को आलिंगन करते हुए इन्हीं सड़कों में देखना चाहती हूँ ।।
    बहन को भविष्य की कामना को संग्रहीत करते हुए अनुभव करना चाहती हूँ ।।
    "हाँ मैं सड़क हूँ मैं भी जीना चाहती हूँ
    जो छुट गये हाथ कई उनको संजोना चाहती हूँ
    मैं सड़क हूँ मौन में भी कई भाव दर्शाना जानती हूँ "
    Mannkibaatein
    #mirakeewriters
    #mirakee
    #hindiwriter
    #writerofthoughts
    #jindagi

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    सड़क

    "हाँ मैं सड़क हूँ मैं भी जीना चाहती हूँ
    जो छुट गये हाथ कई उनको संजोना चाहती हूँ
    मैं सड़क हूँ मौन में भी कई भाव दर्शाना जानती हूँ "
    ©mannkibaatein

  • shreyashabd 18w

    उसने कहा था कयामत तक साथ देगा,
    अफ़सोस कुछ पल भी साथ न चल पाया
    ©shreyashabd

  • shreyashabd 18w

    यकिनन मालूम था मुझे, एक दिन इस सफर का अंत होगा,
    अफ़सोस इस बात का है, ये जानते हुए भी मैंने इस सफर को जारी रखा.
    ©shreyashabd