#jakir

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  • goldenwrites_jakir 5d

    #jp #jakir #rachanaprati94 @loveneetm G @anandbarun @alkatripathi79 @anusugandh @jigna_a

    गुस्ताखी माफ़ ����������

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    नारी शक्ति ✍️

    ज़िन्दगी की कल्पना बिन नारी अधूरी है
    फलक हो या हो जमीं हर जगह नारी है
    देख जिसे मिलता हौसला वो जगजन्नी
    माँ दुर्गा हर इक नारी की कहानी है ,,,

    सूरज उगने से पहले उठ जाती अम्मा
    भूलकर वो अपनी ख़ुशी दर्द को छुपाती अम्मा
    कैसे लिखूं मैं उसकी कहानी उसकी मेहनत
    वो परिपूर्ण हर इक स्तर पर ऐसी हमारी अम्मा

    त्याग की परिभाषा जिससे - जिसने सहे हर दुख गम
    देकर अग्नि परीक्षा करती खुद को साबित ऐसी सीता मैया
    हर इक रूप में जिसकी तस्वीर वो नारी का स्वरुप
    बनकर बेटी बनकर बहन बनकर पत्नी हर इक रिश्तो में
    जान अपनी लगा देती करो उनका सम्मान
    नारी शक्ति की इज्जत पे जो लगाता इल्जाम
    रख कर ख़ुदको इंसान नारी को पीछे छोड़ जाता इंसान

    बंद तालों में क़ैद जिसकी कहानी
    जो छूना चाहे आसमाँ ऐसी है नारी की उड़ान
    देखा जिसने ख़्वाब उड़ने के उसने छुआ चाँद
    ऐसी है उसकी हिम्मत शक्ति जिसने पहचानी अपनी उड़ान

    ना बाँध सको उसकी हिम्मत तो ना तोड़ो उसका विश्वास
    वो खुदमे ही जिन्दा दुर्गा है उसकी इज्जत से ना करो खिलवाड़
    नारी शक्ति है तो हम है - इस बात का रखो ख़्याल ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 5d

    वक्त कैसा भी हो ,,,,,,,,,,,
    मुस्कुराहट ही हमारी पहचान होनी चाहिए ...
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 5d

    दिल गुनगुनाता

    कुछ पल ठहर जा जरा "दिल की गलियों में मेरे यारा
    इश्क़ की मद्धम - - - - मद्धम हवा चल रही है
    दिल बेताब है धड़कने रुक सी गई - जुबां पर नाम है तेरा
    कुछ पल ठहर जा जरा "दिल की गलियों में मेरे यारा
    कुछ पल ठहर जा -- कुछ पल ठहर जा जरा दिल की गलियों में मेरे यारा मेरे यारा ---- याराअअअअअअअअअअ
    ^^^^^^❤^^^^^^^❤^^^^^^❤^^^^^^❤^^^^^^❤
    आसमा पर छाए काले बादल - सूरज करता लुका छिपी
    वक्त ना तेरे ना मेरे बस में - आज हम यहां कल ना जाने हम कहां
    बरसो तलक किया इंतज़ार - लगता दिल ऐसे
    कल तो मिले थे पर लगता दिल को जैसे हम बिछड़े कुछ ऐसे
    कुछ पल ठहर जा जरा " दिल की गलियों में मेरे यारा
    मेरे यारा मेरे यारा ---- याराअअअअअअअअ
    ^^^^^^❤^^^^^^❤^^^^^^^❤^^^^^^❤^^^^^^❤
    देखता में रहु तेरी आँखों में - दुनियां की
    हर इक ख़ुशी गम की ज़िन्दगी
    तुझसे ही ये दिल की धड़कन बातें करे
    सज़ा दूँ तेरे ख़्वाबों का आसमा
    मोहब्बत के घर आँगन में
    वो इबादत मैं तेरी करूँ
    तेरी बाहों में मेरी सुबह शाम ये ज़िन्दगी
    तेरी अमानत बनकर गुजर जाए
    लिख तू हमारी ऐसी कहानी मेरे याराअअअअअअअ
    कुछ पल ठहर जा जरा " दिल की गलियों में मेरे यारा
    मेरे यारा मेरे यारा याराअअअअअअअअआआआआआ ❤
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    इक सच ✍️

    ज़ब रिश्तो में कड़वाहट आती है तब
    लगाव के परिंदे ज़िन्दगी के पिंजरे से उड़ जाते हैं
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    दादी माँ ✍️

    बादलों के पीछे कहीं " सितारों के आँगन में
    इक तारा बनकर रौशन " मेरी दादी माँ
    याद आती आज भी उनकी इतनी
    आँखों से बरसती बारिश इतनी प्यारी मेरी दादी माँ ,,,
    मिल जाता राह में ज़ब भी कोई बुजुर्ग
    दे देता उनको चाय पीने के पैसे
    लेकर नाम मेरी दादी माँ का
    दिल में होती ख़ुशी सोचकर खुश है मुझसे मेरी दादी माँ
    ......... !¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    लौट आओ ✍️

    ख़्वाबों से दूर हर रोज इक ज़िन्दगी तुमसे मिलती है
    रख कर दिल में मोहब्बत की तस्वीर
    आईना ज़िन्दगी का देखती है
    क्या पाया क्या खोया उस गम को मुस्कुराहट में बदलती है
    ख्वाबों से दूर हर रोज इक ज़िन्दगी तुमसे मिलती है
    लौट आओ तुम ये आँखे तुम्हारा इंतज़ार करती हैं ......
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    #rachanaprati93

    ज़िन्दगी पर इश्क़ की बदलीयाँ छाई है
    यादों की बारिशो में चाय की तलब तुम्हे बुला रही है
    हर तरफ रिमझिम बारिश का शोर है
    इक तू इक मैं तन्हा यहां इश्क़ तन्हाई के जुगनू गिन रहे हैं
    आकर थामलो फिर हाथ मोहब्बत का ज़िन्दगी की ये आरजू - खुदा से तुम्हे मांग रही है ,,,,,
    सजाएं फिर वही महफ़िल इक मैं इक तू और तुम्हारे हाथों की चाय साथ हो
    लिखें फिर दिल की जमीं पर
    " रूह - ए - इश्क़ - इबादत "
    तुम और मैं " हम हो जाएं
    गबाह ये काले बादल - बरसती बारिश - यादों की वो शाम
    इक नई कहानी हमारी फिर लिखें
    पीकर संग तुम्हारे वो अधूरी चाय
    ......... ............. !¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    #rachanaprati93

    पहली मुलाक़ात के वो लम्हें
    चाय से शुरू होकर काले बादलों में लुका छुपी खेलती धूप
    कभी बरसता बादल तो कभी याद आती फोन पर मीठी मीठी बातों की तकरार
    थामकर चलते रहे हम मंदिर की सीढ़ीयां बनकर हमदम हमसफर
    लेकर संग प्यार की सौगात ,,,,,
    पहली मुलाक़ात ज़िन्दगी में रंग बदलने लगी बदलता रहा मौसम बहार का
    धुप छाँव थी ज़िन्दगी में अब उसका आँचल छाँव बनकर मेरी रूह को सुकून दे रहा था
    उसके लबों की मुस्कान मेरी ज़िन्दगी में ख़ुशीयों के फ़ूल खिला रहे थे
    कैसे कहूं उसकी मोहब्बत उसकी वफ़ा उसकी ज़िन्दगी में - मैं क्या हूँ
    वो दर्द दिल का आज भी मेरी आँखों से बरसता है
    मेरी ज़िन्दगी में छाए तन्हाई के बादल हमारी ज़िन्दगी की कहानी सुना रही है
    यादों की चांदनी आज भी जीने की बजह बनकर मेरी साँसो के साथ परछाई बनकर साथ चल रही है
    मोहब्बत की वफ़ा तन्हाई में इंतजार की बजह दिए जा रही है
    इक उसकी यादें और इक वो अधूरी चाय
    आज भी ज़िन्दगी के कोरे पन्ने पर एक तस्वीर एक आयना दिखाती है वो पहली मुलाक़ात वो आख़री लम्हा और वो अधूरी चाय
    ज़िन्दगी में गम की बारिश छोड़ जाती ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    दिल की जुबां नम आँखों से कागज़ पर फिसल जाती
    दिखते नही रंग मोहब्बत के ज़िन्दगी में
    और रात दिन तेरे इंतज़ार में हर इक सांसे यूँ ही गुजर जाती..
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    आँखों में आब पेशानी पर सलवटें
    ज़िन्दगी ये कहानी लिखती रही
    इमदाद की रहगुजर में नशाद
    परछाई बनकर साथ चलती रही
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    रंग मोहब्बत के

    ज़िन्दगी के खूबसूरत रंग दिल से होकर शब्दो में घुल गए
    बनकर कागज़ पर तस्वीर मोहब्बत कलम की परछाई बन गए
    तुम लौट आते हो फिर ज़िन्दगी में -
    ज़ब एहसास की धड़कन दिल में धड़कती है
    तुमसे ही ज़िन्दगी खूबसूरत वो ज़ज़्बात मुस्कान बनकर इक कहानी हमारे कलम से कागज़ पर सिमट जाती है ,,,,
    इत्तेफ़ाक़ से ही सही बिगति पलकों को बेजान इक अवाज़ बनकर किसी दिल में उतर जाती है
    महसूस कोई करता कोई अनदेखा वो ज़ज़्बातों की कहानी कलम से कागज़ पर मेहफ़ूज़ हो जाती
    हर इक दर्द की दवा मरहम सी लगती - ज़ब छूता इक दर्द दूसरे दर्द से सबकी कहानी फिर अपनी सी लगती
    ज़िन्दगी के रंगों में रंग हजार मुस्कान सुकून से परे हम इंसान
    ना जाने क्यों ख़ुदको ही खुद से अजनबी रख कर बेरंग हो चले
    .......!¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    उल्फत ✍️

    बरसता है ज़ब बादल फलक भी रोता है
    मिलने को जमीं से उसका इश्क़ भी तड़पता है
    बरसता है जब बादल फलक भी रोता है ,,,
    मोहब्बत नही गुनाह फिर भी सज़ा दिल को मिलती है
    वफ़ा की राहों में तन्हाई साथ चलती है
    इंतजार के ज़ख्म गहरे - हर पल दर्द में रूह तड़पती है ,,
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 1w

    जल धारा ✍️

    आज भी बहती उस जल धारा के किनारे यादें हमारी
    लेजाती संग अपने मेरे पलकों से कुछ बुँदे लेकर नाम तुम्हारी
    कितने हसीन खूबसूरत वो लम्हें थे
    ज़ब संग हम तुम उस धारा के हिस्से थे
    छल छल बहती मधुर संगीत की वो लहरें जिसमे दिखती तस्वीर हमारी थी
    चार रोटी की वो कहानी "प्याज़ के संग आम का अचार
    और बहती नदियाँ की जल धारा और तेरे आंचल की छाँव में
    पेट के साथ रूह भी सुकून से भर जाती थी
    तेरे लबों की मुस्कान वो तेरी नादानियाँ - मस्तियाँ
    आज भी इस बहती धारा में मौजूद है
    आता में तन्हा यहां - और जाता संग तेरे
    इसी खूबसूरत हमारी यादों की ये जल धारा .... !¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 2w

    वफ़ा ✍️

    मोहब्बत से ही मोहब्बत को रुख़सत करेंगे हम
    रख कर तेरे दिल में तस्वीर मेरी
    तेरी ही साँसो में जिएंगे हम

  • goldenwrites_jakir 2w

    कहीं से तो आए उसकी आहट इंतज़ार में
    मेरे हमदम हम ख़ुदको तेरे लिए छोड़ बैठे हैं
    ज़िन्दगी बेरंग बेमजा नही सब के बिना तन्हा बैठे हैं
    उल्फत लगाती आग हर इक साँसो पर
    हम तेरी चांदनी की बरसात के इंतज़ार में बैठे हैं
    दुआ सुनकर दिल की रब ख़ामोश बैठे हैं
    हर इक ज़ख्म पर हम यादों के पानी लगाए बैठे हैं
    कभी बदलेगा ज़िन्दगी का पन्ना
    हर रोज ख़ुदको किताब बनाए बैठे हैं ...
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 2w

    सुकून ✍️✍️

    बात कुछ वक्त पुरानी है
    दिल के दर्द से रूह जख़्मी है
    क्या पाया था ज़िन्दगी में फिर उसे खो दिया
    वो दर्द से राहत दिल को पाना ना मुमकिन था
    ना ही उस ज़ख्म की दवा थी ना ही कोई मरहम
    हर रोज दिल टूट कर बिखर रहा था
    रह रह कर उनकी यादें दिल को रुला जाती थी
    हर तरफ तन्हाई दिल को कुछ राहत देती
    तो कहीं उनको ख्यालों में महसूस करना
    उनके साथ ख़्वाnrब सजाना दिल को कुछ पल सुकून के दे जाता
    पर ज़ख्म और भी गहरे होते चले जाते
    ऐसे ही कई दिन कई साल गुजर गए पर राह नज़र दिल को नही मिलती
    रूह रहती बेचैन और ज़िन्दगी थक हार कर कहीं रुक जाती
    वक्त के साथ कुछ चीजे नज़र के सामने होने के बाद भी दिखाई नही देती ऐसा लम्हा भी मेरी ज़िन्दगी में आया ,,,
    तन्हाई का साया मुझे ऐसी जगह लेकर आया जहां रूह के हर इक ज़ख्म पर मरहम मिला
    बैठ कर उस दरगाह पर मन के सारे सवालों का जवाब मिला
    खोल कर रख दी दिल ने हर इक बात बंद आँखों से
    मन ही मन ख़ामोशी से सारे दिल के राज़ खोल दिए
    क्या ख़ुशी क्या गम हर इक बातों की कहानी रूह ने सुनादी
    कोई नही था पास फिर भी लग रहा था कोई सुन रहा है मेरे दिल की हर इक बात - कब कैसे दिल को सुकून मिलता चला गया
    कब कैसे हर इक ज़ख्म रूह से फना हो गए पता भी ना चला
    चहरे पर ख़ुशी लवों पर मुस्कान लिए बहाँ से लौट आया
    मानो इक नई ज़िन्दगी वहाँ से लेकर आया
    इक अलग ही आत्मविश्वास मन में उभर रहा था
    वो मन्नत का धागा मेरी ज़िन्दगी की कहानी लिख रहा था
    दुआ से बढ़कर कुछ भी नही सुकून का रास्ता
    वो बंद आँखों का जादू भीगी पलकों की नमी
    नई ज़िन्दगी की कहानी लिख रही थी
    सुकून मिला कैसे - कहां ----- आज भी वो लम्हा दिल को
    इक आईना ज़िन्दगी को दिखाता है .....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 2w

    उम्मीद इंतज़ार के साय में दफ़न होती चली गई
    रिहा ज़िन्दगी से हर इक सांसे होती चली गई

    खौफ ना रहा दिल के हर इक ज़ख्म को
    हर इक दर्द को सहते हुए ज़िन्दगी चली गई

    कभी ओढ़कर रखा यादों का दरिया आँखों में
    कभी तेरे ख्यालों का आसमा ज़िन्दगी सजाती चली गई

    रखा नही फिर कभी किसी और कांधे पर सर
    कागज़ कलम को तेरी परछाई जानकर तुझसे मिलती चली गई..
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 2w

    ज़िन्दगी से चलो कुछ शिकायत करें
    ज़ख्म दिल के कुछ हरे करें
    कहीं तो मिले मरहम
    चलो फिर दवा मर्ज़ पर करें ,,,,
    कौन किसका कब तक दोस्त
    आओ हर इक से फिर मिलकर गुफ़्तगू करें
    ज़िन्दगी चार दिन की आज हर इक साँसो का हिसाब करें ,,
    क्या पाया क्या खोया हर इक मुस्कान
    हर इक ख़ामोशी का आज हम जायजा करें
    छुपाकर कब तक ख़ुदको आईने से
    अपनी परछाई का हम क्यों बोझ बने
    करके तोबह हर इक गुनाह से - हम माफ़ी की तलब करें ....
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 3w

    ज़िन्दगी ✍️

    वक्त के साथ ज़िन्दगी में हलचल होती रही
    खुशियों की बारिसों के साथ
    गम की बदलिया भी ज़िन्दगी में आती रही
    क्या है ज़िन्दगी क्या है उसके मायने
    पल पल ये पहेली कभी सुलझती कभी उलझ कर रहती रही
    कब अपने बेगाने और कब बेगाने अपने बनजाते
    उस राह पर सफर ज़िन्दगी करती रही
    बचपन से सुन्दर ज़िन्दगी में कुछ भी नही वो एहसास फिर जीने की चाह में उम्र गुजरती रही
    रहे हाथ अकसर खाली कुछ पाने की चाह में
    वो लालसा भी दिल की अधूरी ही रही ... !¡!
    ©goldenwrites_jakir

  • goldenwrites_jakir 69w

    आंखे खुली ही रहती है तेरे दीदार के लिए ---
    एक जमाना हो गया तुझे देखे हुए ,,,
    दिल की धड़कन भी अब थमसी जातीं है
    ज़ब याद तेरी आती है ,,,,

    लिखकर कागज पर अस्क दिल के जुबां खामोश है
    इंतजार में जिंदगी ----- जिंदगी अब अनजान मेरी ख़ुशी से है
    गुमराह हो गई राहें ----- तक़दीर की लकीरो में
    और मोहब्बत यादों के निशां में तुम्हे तलाश कर रही है ....

    . तेरे जाने के बाद तन्हाई दोस्त बनी
    बेबासी ---- के लम्हों में मेरे आंसुओ की एक पहचान बनी
    कितनी लाचार है दुनियां मेरी ---- मेरी वफ़ा ही मेरी कमजोरी बनी

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    Collab with @sh_gopal #picturechallenge2020
    #jp #zakir #jakir

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