#hindiurdupoetry

1412 posts
  • anuradhasharma 1d

    ©anuradhasharma

  • anuradhasharma 5w

    ©anuradhasharma

  • anuradhasharma 5w

    ©anuradhasharma

  • the_mystical_maiden 7w

    आंखों से बहने वाले आंसू
    नहीं दिखे तुम्हें कभी,
    ना ही दिखे तुम्हें
    आंखों से बयां होने वाले मेरे जज़्बात,
    कहते रहे, सब पढ़ लेता हूं मैं,
    पर नहीं पढ़ पाए।
    ये आशाओं से भरी आँखें
    जो हँसती थी
    तुम्हारे होने पे,
    जो रोती थी
    तुम्हें खोने से।
    जो बयां करती रहती थी,
    मेरे दिल की बातें
    जो सपनों में
    देखती रहती थी,
    वो हसीन मुलाकातें।
    आज नम हैं वो आंखें
    आज खोखले हैं वो जज़्बात,
    जो ना ही तुम पढ़ पाये
    और ना ही समझ पाये।


    ©the_mystical_maiden

  • pratibhajadhav 14w

    चलो मुहब्बत ना सही;
    कम से कम उसने मुझे नफरत के काबिल तो समझा!!!
    ©pratibhajadhav

  • drnits 17w

    एक ज़मीं एक आसमाँ

    एक ज़मीं मेरी भी है,
    कहीं ख्वाहिशों के बागीचों की,
    एक आसमाँ मेरा भी है कहीं,
    ख्वाबों की उड़ानों का,
    ढूँढती फिरती हूँ जिसे हौंसलों की लौ लिए,
    रखा है मेरा वो सारा जहान कहीं बुलंदियों के आशियानों का...
    ज़िंदगी की रेत में था दफ़्न कहीं मगर आज ढूँढ कर निकाला है,
    देर से ही सही पर अब बहुत प्यार से संभाला है,
    कोई चुरा न ले जाये इसे हर वक़्त यही खौफ़ सताता रहता है,
    ये दुनिया बड़ी ज़ालिम है,
    यहाँ काफ़िरों का मजमा चारों ओर घूमता रहता है...
    रखूँगी महफ़ूज़ इसे अपनी सरहदों के बक्से में,
    साबुत नहीं तो टुकड़े ही सही मगर सजाऊँगी इसे अपने वजूद के नक्शे में..
    क्यूँकि, एक ज़मीं मेरी भी है कहीं ख्वाहिशों के बागीचों की,
    एक आसमाँ मेरा भी है कहीं ख़्वाबों की उड़ानों का...


    ©drnits

  • none_ever_thee 17w

    "ख़ामोशी..."

    ख़ामोश लब, दर-ओ-दिल, शूल सी चुभन है,
    रात काली, घनघोर घटा, बरस रही आँखें मेरी...

    भाए न दर्पण, टुकड़े शीशे की, धड़कन है,
    देती हर सांस दस्तक, रह गई बाक़ी, तर्पन मेरी।

    बेख़बर तू सिमट गया, किसी और की बांहों में,
    लगी बसर ज़माने की,बिखर गई तिनके सी, हसरत मेरी...

    मजबूरियों ने कहा, ख़्वाहिशों के पर कतरने हैं तुझे,
    झूरियों की भांति, जीवन, तर-बतर कहानी मेरी...

    शहर-ओ-आब की चाह में, लुट गया कोई ख़ास है,
    लो! दीद में झुलसता मकां-ए-मकबर जां मेरी...

    जा बैठा अब, चाहत का पंछी, पिंजरे की आड़ में,
    बेक़दर, करता भी क्या, शाख़-ए-शजर, पतझड़ मेरी।

    ज़माने भर की बातें करता क़ुर्बत में, मीलों दूर से,
    आग़ ने रुख़ क्या मोड़ा, धू-धू जल गई, बस्ती मेरी।

    शिक़वा करूँ भी क्या, हर शख़्स, गुज़रता मुसाफ़िर है,
    मंज़िल पर खड़ी, सफ़र को रुख़सत, ज़िंदगी मेरी।

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    "ख़ामोशी..."

    ©none_ever_thee

  • the_mystical_maiden 22w

    इतनी भी मनहूस नहीं हैं हमारी यादें।।

    #shayari #hindiquotes #hindiurdupoetry #hindiwriters

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    कभी तो खुदसे याद कर लिया करो हमें,
    इतनी भी मनहूस नहीं हैं हमारी यादें।।


    ©the_mystical_maiden

  • soulmateshyari21 22w

    @soulmate

    Kitna kuch kahana hai tumse par kah kaha pata hoo pata hai ki beena hai tere bagar par ek pal bhi kaha rah pata hoon .....

    @soulmateshyari21
    ©soulmateshyari21

  • pratibhajadhav 24w

    मत रहा करो इस कदर खामोश तुम ;
    लगता है जैसे, रूठे हो मुझसे!!!
    ©pratibhajadhav

  • pratibhajadhav 24w

    सुनो,
    मत आया करो यूँ मेरे ख्वाबों में मुसलसल;
    मेरी इजाजत के बिना !!
    ©pratibhajadhav

  • pratibhajadhav 25w

    Love

  • pratibhajadhav 25w

    Love

  • happy_hummingbird 26w

    Is duniya ki nazar kya lagi hum,
    Hasne ki jagah muskurana sikh gaye hum

    ©happy_hummingbird

  • shambhavi1001 28w

    सहमी लड़की

    मैं सोचती हूं
    किसी दिन ज़माने में तब्दीली लाऊंगी
    पर फ़िलहाल
    अपनी आदतों में बदलाव लाने की हिम्मत नहीं
    मैं एक सहमी सहमी सी लड़की हूं।

    किसी दिन बनूंगी मैं भी बेपरवाह
    ना होगा मुझ पे ज़माने कि बातों का असर
    पर फ़िलहाल ज़रा से तानों से ही चोटिल,
    मैं एक सहमी सहमी सी लड़की हूं।

    एक दिन चीख चीख कर नारे लगाऊंगी
    और
    ज़ुल्म पर बुलंद आवाज़ से वार करूंगी
    पर फ़िलहाल खामोश हो कर अंदर ही अंदर घुटती हूं
    मैं एक सहमी सहमी सी लड़की हूं।

    कर दूंगी ख़त्म
    एक दिन ज़माने से हर एक बुराई
    पर फ़िलहाल अंदर की बुराई से ही हारी हूं
    अपने ही बनाए उसूलों को तोड़कर
    खुद को कोस कोस कर रोती हूं
    मैं एक सहमी सहमी सी लड़की हूं।

    एक दिन इश्क़ में बाग़ी हो जाऊंगी
    और लड़ लूंगी ज़माने से
    अपने महबूब की खातिर
    पर फ़िलहाल
    घर पे आते शादी के रिश्तों से मैं डरती हूं
    मैं एक सहमी सहमी सी लड़की हूं।

    एक पल में सारी बेड़ियां तोड़ दूंगी ज़माने की
    पर फिलहाल,
    बेबस, कमज़ोर और लाचार करती
    दिमाग़ की बेड़ियों की गिरफ़्त में हूं
    मैं एक सहमी सहमी सी लड़की हूं।

    खुद को कोसती
    खुद पर झुंझलाती
    हालातों से जूझती,
    अपने वुजूद पर सवाल उठाने वाली,
    मैं एक सहमी सहमी सी लड़की हूं।

    खुद ही हूं मैं अपनी राहों में अड़चन
    मैं खुद ही हूं अपने और कामयाबी के बीच में रोड़ा
    हर रोज़ नए मंसूबे बांधती हूं
    और उन को पूरा ना कर पाने से
    अंदर ही अंदर एक आग में जलती हूं
    मैं एक सहमी सहमी सी लड़की हूं।

    दो आवाज़ें आपस में भिड़ती हैं
    एक हौंसला अफ़ज़ाई करती है
    दूसरी रौंद देती है हर उम्मीद
    दुनिया से जंग लड़ने के लिए
    फिलहाल मुझ में ताक़त ही नहीं
    अपने आप से हुई जंग में
    मैं ख़ुद से ही हार जाती हूं
    मैं एक सहमी सहमी सी लड़की हूं।

    मैं घुट घुट कर मर जाऊंगी
    और क़त्ल कर दूंगी ख़ुद के ही ख़्वाबों का
    पिंजरे को तोड़ने से पहले खुद ही बिखर जाऊंगी
    इन कमज़ोर करती,
    नोंच खाने वाली
    आवाज़ों से
    मैं ना तवां,
    फिर भी लड़ती हूं
    लड़खड़ाती,
    गिरती,
    फिर दोबारा उठती,
    मैं एक सहमी सहमी सी लड़की हूं।
    ©shambhavi1001

  • iamfirebird 30w

    मिलता मैं , मुझे मुझमें ढूंढती अगर
    हर किसी का नहीं मैं तेरा होता मगर
    @zoobear

    आगाज़ ए इश्क में ही हजारों गिले थे
    मोहब्बत के बदले बेरुखी के सिले थे
    @iamfirebird

    आगाज़ भी इश्क अंजाम भी इश्क होता
    समझती अगर तो मेरी बेरुखी से भी इश्क होता
    @zoobear

    तेरे बाद ना यह दिल आया किसी और पर
    छोड़ दी मोहब्बत मैंने उसी खूबसूरत मोड़ पर
    @iamfirebird


    हमने भी इस दिल को.....समझा रखा है
    इंतजार में तेरे उसी मोड़ पर बिठा रखा है
    @zoobear

    यही तो फर्क रहा तुम मैं और हम में जानी
    तुमने इंतजार की बात की हमने इंतजार किया
    @iamfirebird


    दो जिस्म एक जान में कब कोई फर्क हुआ
    तुम्हारी इसी अदा से हमने ......इश्क किया
    @zoobear

    चुप इतनी थी राह- ए-इश्क में शोर कहीं नहीं आता
    फासले इतने हुए के अब तुम पर यकीन नहीं आता
    ©iamfirebird

  • junaidwrites 31w

    थोड़ी देर के बाद, बस अब सवेरा होगा,
    ख्वाहिशों और तम्मंनाओं का बसेरा होगा,
    रंग तो होंगे सभी यु तो गुलिस्तानो में,
    ए वतन तेरा ही रंग, सभी से गेहरा होगा.

    ©junaidwrites

  • junaidwrites 31w

    गिरे अब्र से कई अश्क, गिरके ज़ाया होगए,
    अनसुने अलफ़ाज़, चेहरों की मानिंद खोगए,
    ढूंढ़ते रहे हम रु ए जमींकी हर सिम्त तक,
    कतरा ना बाकी रहा, सारे निशां भी धोगए.

    ©junaidwrites

  • junaidwrites 31w

    बहार का जामा पहनकर देखो खिज़ा आयी है,
    साथ अपने नफरतों का गज़ब अम्बार लायी है,
    यही जैसे तैसे अबतक निज़ाम तो चलता रहा,
    स्याह को कहती है उजला ये कौनसी बिनाई है,
    कत्लो गारत हर जगह पर मासूमो का खून है,
    जिंदगी पे संगो आतिश, लाशो पे गुल फिशायी है,
    कौन अपना कौन दूजा फेहरस्ति है दम ब दम,
    अपनों से अपने निकाले ये कौनसी शहेंशाइ है.

    ©junaidwrites

  • junaidwrites 31w

    वो देती है शकल जिंदगी को जिंदगी करके,
    मांगे तेरी ही ख़ुशी हर लम्हा बंदगी करके,

    वो बन के माँ देती है वजूद तुज़को दुनिया में,
    वो सजाती है चमन बहेेन बेटी की अज़मते भरके,

    वो जिंदगी में बीवी की शकल में जो आती है,
    बन के तेरी ही किताब ए इश्क़ वो रह जाती है

    वक़्त रहते अगर इनकी रेहमतो को जानेगा,
    जो कोई इनकी ज़हिन मसर्रतों को पहचानेगा,

    ये उसके जिंदगी में यूँही हमेशा शाद रहेगी,
    करके घर तेरा आबाद सदा आबाद रहेगी,

    किसी शकल में मिले औरतो की इज़्ज़त रखना,
    रब के बाद इनकी ही तुम आला अज़मत रखना.

    ©junaidwrites