#hindiurdu

1296 posts
  • seher__ 1w

    रातों की मद्धम सी रोशनी भी
    ज़िन्दगी के गहरे अंधेरे को मेरे
    सुकूँ दे जाती है...



    ©seher__

  • seher__ 2w

    दिल शायद सम्भल रहा है धीरे धीरे
    बस ख़यालों पर क़ाबू पाना
    कभी कभी नामुमक़िन सा लगता है
    आख़िर बिखर कर हज़ार टुकड़ों में
    फ़िर ख़ुद से मुक़म्मल होने में
    थोड़ा वक़्त तो लगता है


    ©seher__

  • seher__ 2w

    जुस्तजू जिसकी हक़ीकत में
    ख़्वाबों में उसके क़रीब हूँ मैं
    इज़्तिरार है सहर में
    रातों में ज़हनसीब हूँ मैं


    ©seher__

  • seher__ 2w

    प्यार आँखों में था उसकी
    फ़िक्र तेरी, उसकी रूह करती रही

    निगाहें तेरी झुकीं झुकीं
    उसके जिस्म पर ही मरती रहीं

    रुहानी का मतलब आख़िर तू क्या समझे
    दर्द दे कर उसको, रूह तेरी हँसती रही


    ©seher__

  • seher__ 2w

    थोड़ी कमज़ोर थी मैं
    वो और कमज़ोर कर गया
    एक क़तरे जितना दर्द मेरा
    समंदर जितना कर गया
    ©seher__

  • seher__ 2w

    झूठी मासूमियत तले कुछ हवसी अपने राज़ छिपाए बैठे हैं
    जिनके रहते असल मासूम कठपुतली बन के रहते हैं


    ©seher__

  • ravi_shukla1 3w

    तुम्हारे लिखने का अंदाज़ कलम बयां करती है,
    स्याही से क्या गिला शिकवा हैं भला,
    वो सिर्फ तुम्हारे दर्द को बयां करती है,
    तुम चाहो लाख अपने दिल को फना करना,
    वो कागज़ की कश्ती तुम्हारा हाल बयां करती हैं....
    ©ravi_shukla1

  • ramkishorbhatibucheti 3w

    एक पहर

    मेरे इरादो में हद से गुजरने की
    फिर से उठ रही एक लहर हैं
    जिंदा जज्बात है जीत भी पा लूंगा
    मेरा दुश्मन चाहे पूरा शहर है।

    कोई नहीं यहां जमीं पर रामकिशोर
    हर इंसा के सीने में घुला जहर है
    उकरे पापो के निशां धोने को
    ये इरादे मेरे निर्मल नहर हैं।

    कहे दुनिया नापाक इरादे मेरे
    क्योंकि इनमें क़यामत और कहर हैं
    कयामत लाने को न लगेंगे बरसो मुझे
    मेरे लिए बस काफी एक पहर हैं।।

    रामकिशोर भाटी बुचेटी

  • ramkishorbhatibucheti 4w

    कहानी लफ़्ज़ों में बयां हो रही है
    स्याही कलम से जुदा हो रही है
    मिलना बिछड़ना हंसना रोना सब है किस्सों में
    मगर उसकी वो मुस्कुराहटे खुदा हो रही है

    जीने मरने के वादे कर रहा था मै
    वो पागलपन, आज हैरानी हो रही है
    गुलशन गुलाब शामे राते मैं खुद था
    फकत वो ही कहानी हो रही है

    मान रहा था कल तक जिसे जीत मेरी
    आज वो क्यों शिकस्त हो रही है
    रेगिस्तान के सूखे दरख़्तों में नमी को देखो
    वो जून कि दोपहर अगस्त हो रही है।

    © रामकिशोर भाटी बुचेटी

  • vishi_wish 4w

    दो फूल एक रात का किस्सा है
    मोहब्बत बस जज़्बात का किस्सा है

    जो अब तलक मुझसे कही ना गयी
    ये शेर ओ शायरी उसी बात का किस्सा है
    ©vishi_wish

  • purwar_ji 7w

    कीमती

    बे-आज़ाद न हो जाए ये शोकीन जिंदगी,
    खैर, कैद मिल भी रही है, तो इश्क की ।
    ©purwar_ji

  • aznabi_0 9w

    घबराहट

    जी घबरा रहा है, बहुत!
    कल कॉलेज का पहला दिन है
    डर है कोई कताला लड़की के
    नज़रों में गिरफ्त न हो जाऊं
    ©aznabi_0

  • aznabi_0 9w

    नफ़रत

    इक इतवार का छुट्टी ही था
    जिससे मुझे मोहब्बत था
    उससे भी नफ़रत हो गया
    इश्क़ होने के बाद
    ©aznabi_0

  • ashu_k_sath 9w

    दर्द होता है सबको पर सबको अपना ही दर्द बड़ा लगता है ।।
    #hindipoetry #hindiurdu #twoliners #broken #life #hindikavita

    By unknown writer

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    दर्द ...

    आदमी टूट जाता है बस एक घर बनाने में
    लगे हैं लोग यहां बस्तियां जलाने में

  • aznabi_0 9w

    इतवार

    जब स्त्री या पुरुष ढूंढ़ते हैं
    अपनी कक्षा में प्रेम को
    भाता नहीं उन्हें इतवार की छुट्टी
    ©aznabi_0

  • rehnumadil 11w

    वो शुद्ध हिंदी बोलता था मैं लाजवाब उर्दू
    वो पक्का मुसलमान था मैं सच्चा हिन्दू
    यही भारत है यारो यही है इसकी खुशबू
    ©rehnumadil

  • aanand_aahvaan 12w

    स्वनिर्मित

    यूं जो ये थकी हारी ख़ामोशी दबाए ,
    मीलों- मील चल रहे है हम.
    पता नहीं...!!!!!

    पता नहीं...
    क्यूं लगता है..??
    किसी महासिंधु के गहरे पानी में,
    डूबकर सफर कर रहे हैं हम...!!

    वैसे तो पहले जब इन रास्तों पर,
    अकेले चलना शुरू किया था ,
    सब कुछ अजीब सा लग रहा था,
    लेकिन, मगर, किंतु,कदाचित के बीच मन
    फसा हुआ सा था,
    हार, डर, तिरस्कार,बहस इत्यादि नफरतें थी,


    पर अब जब पलटकर रास्तों को देखता हूं..
    तो ना कुछ हलचले है, ना ही द्वेष,
    और मन पूर्णतः शांत है..

    अब लगता है जैसे मैंने खुद को स्वनिर्मित कर लिया है..

    "आनन्द आह्वान"
    ©aanand_aahvaan

  • ajit___ 12w

    हिन्दी में उर्दू का मिलना, फिर ग़ज़ल हो जाना,
    तुम भी सीखो यारा सजदों से फ़ज़ल हो जाना!
    ©ajit___

  • smartsam 14w

    प्यार से!

    हमको तो सिखाया धोको ने
    उनको बनाया साजिशों ने!

    उन्हें रचाया लोगों ने
    हमे बहकाया अपनोंने!

    हमने हौसला अफजाई किया बातों से
    उन्होंने सताया खामोशियों से!

    प्यार दिलसे किया हमने
    ठुकराया उन्होंने दिमाग से!
    हम तो रहे दिल के बे खताह
    उन्होंने जलाया आग से!

    हमने मनाया उन्हें
    भरोसे और इकरार से!
    बेफिजुल रुलाया हमे
    उन्होंने पर तकरार से!

    हमने सहलाया प्यार से
    उन्होंने देखा मगर इनकार से!
    वो चले आए दर्दे जुबान और औजार से
    हम मिलने गए जब उन्हें
    गुलदस्ते और प्यार से!

    ©SmartSam

  • shahzadsm_ 17w

    कभी चंद कलम के सिपाही हुआ करते थे अब बटन के सिपाहियों की एक फौज है।
    ©shahzadsm_