#hindinama

1100 posts
  • radhawrites 1h

    ए मेरे शहर
    क्यों हो रुका रुका सा
    क्यों हो फिका फिका सा
    क्यों वक्त बन गया हैं दिवार सा
    ©radhawrites

  • manisha_baranwal 2h

    ..

    मै नाराज़ नहीं हूं..
    मुझे मनाओ मत...
    मै इंसेक्योर्ड हूं....
    बस, सीने से लगा कर...
    इतना कह दो कि "मै सिर्फ तुम्हारा हूं"..
    ©manisha_baranwal

  • radhawrites 3h

    मत पूछिए
    हम कैसे हैं
    कभी न भूल पावोगे
    हम ऐसे हैं
    ©radhawrites

  • radhawrites 3h

    बिताए होगें हसिन पल
    बहुतों के साथ
    पर
    भुला न पावोगे
    वह याद हम हैं
    ©radhawrites

  • radhawrites 3h

    जब भीड में
    तनहाइयाँ सताए
    तब
    अपनेपन का
    एहसास हम हैं
    ©radhawrites

  • shab_e_firaqq 5h

    कीमत सोने की थी ...

    मेरे तोहफे में दिए उन सोने के झुमकों पर उसके कहे गए
    "आई लव यू " को मैं वाकई में प्यार समझ बैठा था ...


    ©shab_e_firaqq

  • raman_writes 6h

    हसरत - ऐ - दिल

    तमाम हसरत - ऐ - दिल बताएंगे आपको ।

    ख़ुद को समेटे कर आपसे मिलेंगे एक दिन ।।

    ©raman_writes

  • deovrat 9h

    ख़्वाहिशें

    ●●●
    आँखों ने गुज़श्ता वक़्त के कई मंज़र देखे।
    कितनी असाइशें देखीं ग़म के समंदर देखे।।

    यहाँ पे वक़्त की रवानी नें बरसाए हैं क़हर।
    टूटते घोंसलों के साथ ही बसते हुए घर देखे।।

    नज़र कमज़ोर हुई दूरबीनी पे निखार आया।
    उड़ते पंछी से ज़ियादा तज़ुर्बात के पर देखे।।

    उसको दीवाना समझते हैं सब उसके अपने।
    ख़्वाहिशें हो गई पूरी क्या अब मुड़कर देखे।।

    जहाँ में कुछ नहीं जो अब उसे मख़मूर करे।
    यहाँ साक़ी-ओ-पैमाने "अयन" ने सब देखे।।
    ●●●
    © deovrat "अयन" 14.04.2021
    असाइश=सुख, चैन।
    दूरबीनी=दूरदृष्टि। मख़मूर=उन्मत्त

  • ps_originals 10h

    14-April-2021 (01:12 am)

    Self Made~
    मेरी कलम से~

    सिर्फ एक इश्क़ की खातिर ये,
    जो काम तूने किया ए दोस्त...

    खंज़र ये पीठ पर मारा जो,
    तूने अच्छा नही किया ए दोस्त...

    तेरे संग किया था जो कभी, किसी ने,
    मेरे संग वैसा ही, तूने किया ए दोस्त...

    ये धोखा दिया जो तूने,
    तो एक बात बताता जा,
    सब लोग यही तो करते है,
    कौनसा कुछ नया तूने किया ए दोस्त...

    भरोसे की नींव पर है टिकता,
    कोई भी हो रिश्ता,
    उस नींव को ढहाने का,
    काम तूने किया ए दोस्त...

    ज़ख्म देकर तू अब,
    मरहम लगाने आया है,
    ज़ख्मो पर नमक छिड़कने का,
    काम तूने किया ए दोस्त...

    एक सोच ने कब्र में,
    दफना दिया वो रिश्ता,
    हमने किया ना याद,
    तो ना उसने किया ए दोस्त...

    ज़हर रिश्ते में कोई अपना ही घोलता है,
    ऐसा ही कुछ काम, तूने किया ए दोस्त...

    तुझको हर दफा अपनी पलकों पर बिठाया था,
    तेरे हर आँसू को अपने हाथों से मिटाया था,

    तूने हक़ दोस्ती का ये, हमको जो अदा किया है
    तूने ही खुद को मेरी, नज़रों से गिराया ए दोस्त...

    सामने से जो कहता यार गर्दन भी हाजिर थी,


    खंज़र ये पीठ पर मारा जो,
    तूने अच्छा नही किया ए दोस्त...

    #SeMiWriteups
    ©ps_originals

  • radhawrites 12h

    अजीब रिश्ता हैं
    आपसे
    नाराज होकर भी
    नाराज नहीं हो सकते
    ©radhawrites

  • hindinama 14h

    @_bahetiankita जी की रचनाएं पढ़ें,

    हिन्दी लेखनी को बढावा दें,

    माँ के लिए जो भाव हर एक व्यक्ति के होते है,
    उनको बहुत ही भाव पूर्ण तरीके से दर्शाया है, अंकिता जी ने,
    बहुत अच्छी रचना) :

    हमे अपनी पोस्ट में टैग करें #Hindinama

    Read More

    माँ

    क्या कहूं? क्या लिखूं?
    कहां तू शब्दों में समाएगी?
    कहां किसी पोथी या ग्रंथ में बंध पाएंगी?
    तू ही मुझे इस दुनिया में लाने का स्त्रोत
    तू ममत्व, निश्छल प्रेम, वात्सल्य से ओत प्रोत
    तू चंचला सम सदैव हर लेती हर दुःख को
    पद पड़ते जहां तेरे खुशियां आ जाती उस ओर
    जब भी संशय में घिरे, तू आशा की लौ बनी
    गिरना नहीं बुरा, उठ आगे बढ़ने की तू ने सदैव समझ दी
    स्वाभिमानी तू ने सदैव देना ही जाना
    प्रत्युपकार में कुछ ना मांगा ना चाहा
    कभी शिथिल हो, जब पथभ्रष्ट हो जाते
    तब आज भी तेरे अविरल संघर्ष को देख प्रेरणा पाते
    जीवनदायिनी, तुझे शत शत नमन
    तेरे ऋण को मैं मां कैसे चुकाऊं?
    बस यही मांगू हर जन्म में तुझे ही मातृरूप में पाऊं।
    © Ankita baheti

  • radhawrites 15h

    अलग है लफ्ज़ हमारे गैरों सें
    कोई समझ नहीं पाता
    तो
    कोई भूल नहीं पाता
    ©radhawrites

  • rangkarmi_anuj 1d

    "सड़क जो सोती नहीं"

    आवाजाही की रफ़्तार में
    मुसाफिरों की इफ़्तार में,
    जुगनू जैसी गाड़ियों की
    भागती हुई शरारा में,
    नींद जिनकी कभी पूरी होती नही
    एक तरफ सड़क जो सोती नहीं।

    हादसे की गवाह बनके
    ज़िंदगी की परवाह करके,
    साइरेन की गूंजती आवाज़
    से सबको आगाह करके,
    बख्तरबंद गाड़ियों की सलामी होती नहीं
    एक तरफ सड़क जो सोती नहीं।

    मील का पत्थर गुज़रे
    सिर का गठ्ठर गुज़रे,
    ठेला, रिक्शा, तांगा, टेम्पू
    लोगों से सटकर गुज़रे,
    लेकिन कहानी भी खत्म होती नहीं
    एक तरफ सड़क जो सोती नहीं।

    शोर शराबे आगे पीछे
    तंगहाली को धागे खींचे
    धक्का परेड की कतारें
    जल्दबाजी पकड़ने भागे पीछे
    सिलसिले की विदाई कभी होती नहीं
    एक तरफ सड़क जो सोती नहीं।
    ©अनुज शुक्ल "अक्स"

    PC- Google/RightfulOwner

    @hindinama #hindinama #hindiwriters @hindiwriters

    Read More

    ©rangkarmi_anuj

  • shab_e_firaqq 1d

    ऐ ज़िंदगी बड़ी रंगीन हो तुम ...
    उन काली घनेरी रातों में , आंसू भारी बरसातों में
    होती बड़ी गमगीन हो तुम
    ऐ ज़िंदगी बड़ी रंगीन हो तुम ...

    पिया मिलन के मेलों में , चुम्बन के उन रेलों में
    होती बड़ी हसीन हो तुम
    ऐ ज़िंदगी बड़ी रंगीन हो तुम ...

    प्रेम की अधूरी किताबों में , वफ़ा की झूठी बातों में
    एक तमाशबीन हो तुम
    ऐ ज़िंदगी बड़ी रंगीन हो तुम ...

    ज़िंदगी के इस सफ़र में , टेढ़ी मेढ़ी इस डगर में
    शमशान की चिताओं में , इंसान की चिंताओं में
    होती बड़ी तल्लीन हो तुम
    ऐ ज़िंदगी बड़ी रंगीन हो तुम !!!

    ©shab_e_firaqq

  • a_girl_inkings_her_emotions 1d

    Title ➡️ 【शिकायतें】
    .

    पता नहीं ये प्रेम इतना अजीब क्यों है? शिकायतें भी उससे होती हैं, सवाल भी उनसे करने होते हैं, पर सामने आते ही मूँह में मानो ताले लग जाते हैं..शिकायतें सचमूच बहुत हैं लेकिन न जाने क्यों हर बार ये दिल उसकी तरफदारीयाँ करके हमें मना ही लेता है, ये बोलकर की छोड़ो भी तुम भी जानती हो अंदर ही अंदर उससे प्रेम तो अधिक है।
    .
    हाँ, माना प्रेम है पर ये किसने कह दिया की प्रेम है तो हमें शिकायत नहीं करनी चाहिए? मैं नहीं जानती की ये प्रेम के नियम, कायदे, कानून क्या होते हैं? मैने इससे कभी जानने की इच्छा रखी भी नहीं, और प्रेम में तो सबकुछ दिल के हिसाब से ही होता है फिर लोगों की क्यों सुनु मैं भला? मेरे लिए तो शिकायत करना भी हक के समान ही है, मैं तो ईश्वर से भी शिकायतें करती हूँ, फिर उससे न करुँ एसा असंभव है.. हेहे :p जिससे अधिक प्रेम होता है.. उससे अधिक शिकायतें होना भी लाज़मी है, जब तक हमदोनों के बीच ये शिकायतें हैं हमारे प्रेम में वृद्धि होती रहेगी क्योंकि हमदोनों निरंतर इस प्रयास में ही लगे रहेंगें की एक-दूसरे से हुई शिकायतें को कैसे दूर करे.. तो बोलो तुम सुनने कब आ रहे हो, हमारी लंबी-चौड़ी शिकायतों की पोटली..? ♥️��

    -रोली रस्तोगी
    ©#a_girl_inkings_her_emotions

    °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°
    #mylove #hindipanktiyaan #deepfeelings #love #prem #poetrygram #hindinama #writeaway #positivevibes #lovehimforever #foreverlove #प्रेम #hindiprose #jazbaat #samvadlekhan #shikayat #shikaytein #poetryofinstagram #romanticquotes #lawofattraction #lovethoughts #believeinlove #soulmate #stayforever #cutefights #relationshipgoals #infinity #lovelife #roli_1312

    Read More

    .

  • raman_writes 1d

    फ़न

    बड़ा नुकसान उठाया है इस कारोबार में हमने ।

    रमन मोहब्बत करने का फ़न तुम में नहीं है ।।


    ©raman_writes

  • ajit___ 1d

    प्यार होना चाहिए,
    और बेशुमार होना चाहिए,
    की बिछड़ते वक़्त भी,
    वापस मिलने का खुमार होना चाहिए,
    ©ajit___

  • deovrat 2d

    तनहा

    ●●●
    रंज़-ओ-ग़म तनहा हैं खामोशियाँ तनहा।
    तनहा दहर-ओ-ज़िन्दगी हर बशर तनहा।।

    तनहाई की सर्द रातों में रहा क़मर तनहा।
    आगाज़ तनहा था फ़िर कटा सफ़र तनहा।।

    हिज़र तनहा है तो कहीं पर वस्ल तनहा।
    तनहा हम इधर और हो तुम उधर तनहा।।

    अश्क़ मिज़्गाँ-ए-चश्म पे ठहर गए तनहा।
    लबों पर सिसकती रहीं सिसकियाँ तनहा।।

    इस बेदार ख़ामोशी का है हर लफ़्ज़ तनहा।
    "अयन" आया था तनहा तो जाएगा तनहा।।
    ●●●
    © deovrat "अयन" 13.04.2021

    मिज़्गाँ-ए-चश्म=आँख की पलकें
    बेदार=जागरूक

  • ps_originals 2d

    12-April-2021 (03:30 pm)

    Self Made~
    मेरी कलम से~

    दिल्लगी-ए-यार की खातिर
    तुमने अपनो को खंज़र मारे है...

    दुखा कर दिल खुद अपनो का वो,
    खुद ही के ज़ख्म दिखा रहे है...

    खेल समझकर रिश्तों को शतरंज का,
    वो खुद ही शतरंज की बाज़ी हारे है...

    देकर मात नौसिखिया से, छोटे-छोटे प्यादों को,
    समझ के चेला उस्तादों को, शतरंज के गुर सीखा रहे है...

    महफ़िल-ए-रौनक मिली थी तुमको,
    गवाकर अब क्यों आप पछता रहे है...

    लगाकर आग खुद की खुशियों पर,
    राख पर आँसू अब क्या बहा रहे है...

    #SeMiWriteups
    ©ps_originals

  • raman_writes 2d

    गुमराह

    सारे सफ़र में वो आराम की बातें करता रहा ।

    एक शक़्श अपने मन को गुमराह करता रहा ।।


    ©raman_writes