#hindi_diwas

26 posts
  • _ruhani 5w

    अंग्रेजी कार्यालयों की और उर्दू शायरों की सिर्फ जरूरत हो तो अच्छा हैं। इन्हें आसानी से मंजिल तक पहुंचा देने वाली सड़क ना बनने दें अथवा तैयार रहें हिंदी भाषा को मातृभाषा से कोई सरकारी योजना बन कर सीमित होते देखने के लिए।

    भाषाएं सारी बहुत प्यारी हैं,पर यदि मातृभाषा का प्रचार करने की आवश्यकता पड़ रही है तो बात खतरे की है।
    _____

    " महत्व मूल रूप से अर्थ का होता है " भाषाएं किसी को बाध्य भी नहीं कर सकती हैं।
    ����

    #hindi_diwas
    @miraquull

    Read More

    भारत हिंदी से बहुत आगे निकल आया है
    हिंदी अब भी सिर्फ भारत की है।

    ©_ruhani

  • ajnabi_abhishek 5w

    मां के लिए कुछ भी लिख पाना बड़े से बड़े साहित्यकार के लिए असंभव सा है...ऐसे मां की महिमा का बखान करना मुझ अदने से स्वघोषित कवि के लिए कहाँ संभव है। हां मां की बातों को शब्दों में उतारने का एक छोटा सा प्रयास किया है...उम्मीद है कि आपकी उम्मीद टूटी नही होगी....

    कालिंदी--यमुना नदी।
    आलिंदी---हृदय ऊपरी भाग
    आनंदी---प्रसन्न करने वाला/वाली

    #Hindi_diwas #Abhishek_Aznabi #Hindiwriters @hindiwriters @anita_sudhir @vipin_bahar @prashant_gazal @raakhaa_ @rani_shri @alkatripathi @vasudhagoyal @rangkarmi_anuj @dil_k_ahsaas

    Read More

    मां के लिए

    मैं हिन्दी हूँ, मैं हिन्दी हूँ।
    दुल्हन के सर की बिंदी हूं।।
    मैं हिन्दी हूँ, मैं हिन्दी हूँ।

    मैं अलंकार से शोभित हूँ।
    व्याकरण से मैं परिपोषित हूँ।
    यह विश्व बने परिवार मेरा।
    इस आशा से मैं लोभित हूँ।।
    हर दुःख के लिए आनंदी हूँ।
    मैं हिन्दी हूँ मैं हिन्दी हूँ।।

    मैं सरल सुगम सदाचारी हूँ।
    मैं खुशियों की व्यापारी हूँ।
    जो शब्द पौध को सींच रहे।
    उन कवियों की आभारी हूँ।
    हर एक हृदय आलिंदी हूँ।
    मैं हिन्दी हूँ, मैं हिन्दी हूँ।।

    रस छंदों से हूं भरी हुई।
    लिपि देवनागरी तरी हुई।
    अस्तित्व को लेकर अड़ी हुई।
    पर हूं किंचित अब डरी हुई।
    मैं गंगा हूँ, कालिंदी हूँ।
    मैं हिन्दी हूँ, मैं हिन्दी हूँ।।
    ©ajnabi_abhishek

  • starrdust 57w

    Heyaaa!!
    So this is my attempt at hindi poetry after ages literally!! I hope you like it teeny tiny bit��✌

    Made a lot of effort in typing it. Thoda appreciate kar dena yar��

    PS: please ignore the 'matra' error��

    Fun fact: Its hindi diwas today��

    @mirakee @writersnetwork #hindi_diwas

    Read More

    कभी कभी मन करता है कि छिप जांऊ कही
    कभी कभी मन करता है वापिस ना आऊ कभी
    कभी कभी लगता है कि कल सब थीक हो जाएगा
    पर कभी लगता है कि कल में ही जी लेने दो ना अभीl

    कभी कभी कल की बीति बाते चेहरे पर एक मुस्कान ला देती हैं
    पर कभी एक आह भर कर नीन्द खुल जाती है
    कभी मन करता है कि यह पल बस यही ठहर जाए
    पर आगे बढ़ने की कामना भी तो सताये जाती हैl

    कभी कभी लगता है कि बहुत हो गया
    कुछ पल श्वास लेने कि इच्छा जागति है
    तंग आ जाती हूं मैं भी दुनिया कि इस होड से,
    कभी ही तो इस नदी के तूफ़ान में शांति आति हl

    कभी कभी लगता है कि सब व्यर्थ है
    उस कल की चिंता करना जो ना जाने कब आएगा
    आएगा भी या नहीं, पता नहीं..
    पर फ़िर कभी कभी सोचा करति हूं मैं भी
    कि मेरे नाम का तारा कभी तो अपनी रोशनी पहुंचाएगा
    कभी तो मेरा जीवन भी सार्थक नजर आएगाl

    कभी कभी पूछती हूं खुदसे कि क्यूँ सहम जाती हूं
    क्यूँ सपने देखने से घबराती हूं?
    डर किस बात का है?, जो होना है सो होना है
    क्यूँ पंख फ़ैलाने से हिचकिचाती हूं?

    कभी कभी सोचा करती हूं कि आखिर इतनी मेहनत का कुछ फ़ल मिलेगा भी या नहीं?
    अभी अंदर से आवाज़ आती है पता नहीं
    पर फ़िर जब किसी दिन सोचने बैठती हूं तो जवाब मिल जाता है
    कोइ प्रश्न नहीं रहता, संदेह का पर्दा हट जाता हैl

    कभी कभी सोचती हूं कि आखिर क्यों इतना सोचा करती हूं?
    ज़िन्दगी छोटी सी है सोचने में ही निकल जाएगी
    कभी सुख तो कभी दुख तो आते रहेंगे
    इतना सोचेगी तो जीने से पहले ही खत्म हो जाएगीI

    ©starrdust

  • kr_gaurav 57w

    हिंदी

    स्वरों से शब्दों में बंधे , रहती थी पावन सी बनी
    शब्दो की निर्माता से निःशब्द अब "हिंदी" बनी
    कुंठित नही हूँ आज मैं अस्तित्व जो खोते रही
    ढल जाऊं जिस दिन मैं यहाँ, होगी छवि धूमिल तेरी
    पश्चिम तुम्हे अब भा रहा, मेरा यहाँ क्या घर नही
    देदो मुझे आदर मेरा, इस एक दिन का *पर्व* नही

    ©kr_gaurav

  • ajnabi_abhishek 57w

    हिन्दी

    सुहागन के माथे पे शोभित ज्यों बिंदी।
    भाषाओं में ऐसे सुशोभित है हिंदी।।
    ©ajnabi_abhishek

  • abc__xyz 57w

    हिंदी दिवस

    हिंदुस्तान की शान है हिंदी,
    हर हिंदुस्तानी की पेहचान है हिंदी।

    एकता की अनुपम परम्परा है हिंदी,
    हर दिल का अरमान है हिंदी।।

    हैप्पी हिंदी दिवस

  • nadim_fahash 109w

    हिन्द के हिंदी सिपाहियों को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
    देर से लिखने के लिए माज़रत चाहते हैं
    #mirakee #hindi_diwas #hindi #poetri #panchdoot #hindiwriters #n_zaara #nadim_fahash
    @shikha_thakur @abhi_mishra_ @ajnabiabhishek @zaarasheikh @hindikavyasangam

    Read More

    हिन्दी

    हिन्द से हिंदी हिंदी से हिन्द
    हिन्द के वासी हैं,हिंदी है पहचान हमारी
    हिंदी है आन हमारी,हिंदी है शान हमारी
    हिंदुस्तानी हैं हम,हिंदी है जान हमारी
    हिंदी का प्रयोग करें,है ज़िम्मेदारी हमारी
    हिन्द से हिंदी कभी मिट सकती नहीं,
    मिट जाएंगे मिटाने वाले जबतक है
    हिंदी के सिपाही,हिंदी से हिन्द का रिश्ता है'अनमोल'
    हिन्द से हिंदी हिंदी से हिन्द----
    ©nadim_fahash

  • __shayarana__ 110w

    गुलाब दफ़न डायरी में जैसे हो जाते हैं ,
    हिन्दी भी syllabus में समा ली गयी...

    ©kaushik_ksk

  • ajnabi_abhishek 110w

    हिंदी दिवस पर हिंदी में ही एक छंद प्रस्तुत है।

    #chhand #Abhishek_Aznabi #mirakee #Hindi_Diwas @dubeyakanksha @shikha_thakur @manutiwari @nadim_fahash @reetey

    Read More

    विश्व हिंदी दिवस

    हिन्द के निवासी सभी हिंदी का करें सम्मान,
    भाषा दूसरी न कोई मन में विचारिये।
    निज भाषा ज्ञान सर्व ज्ञान से है सर्वोपरि,
    हिंदी भाषा को समस्त कार्य में उतारिये।।
    हिंदी हिन्द की पहचान हिंदी ही है आन शान,
    हिंदी को कभी न अपने हृदय से बिसारिये।
    मातृ भाषा, भारती मां प्राण से भी प्यारी हमें,
    कीजिये नमन और चरण पखारिये।।
    ©ajnabiabhishek

  • shashi_the_lekhak 110w

    #Hindi_diwas ❤️

    @mirakee @writersnetwork#readwriteunite #rroy27#art #yaminiread #4ank #shayar #pod #poetry #yaad #love #Yaara ��❤️

    मैं चाहता हूँ ख़रीदार पर ये खुल जाए
    नया नहीं हूँ रखा हूँ यहाँ नया कर के...
    मना भी लूँगा गले भी लगाऊँगा मैं 'अली'
    अभी तो देख रहा हूँ उसे ख़फ़ा कर के..❤️
    ~Ali zaryoun ������

    Read More

    कोई हारकर जीता कोई जीतता ही चला गया ..
    किसी ने रात गुज़ारी सुकून मे...
    किसी का रात बितता ही चला गया..

    हर किसी ने नज़रे चुराकर देखा..
    हर किसी का चाल मैं देखता ही चला गया...

    थोड़ा मुस्कुराया सोचा थोड़ा ..
    फिर नज़रे राह को देखते चलता ही चला गया....

    आज भी वक़्त पीछे से पुकारता है कभी कभी..
    वक़्त पीछे रहता था रहता ही चला गया...

    शायद ज़रूरत पहले न किसी की ना आज है...
    खुद को समझाता था समझाता ही चला गया..

    कौन कितना अच्छा है सबका चेहरा ये वक़्त दिखाएगा..
    मैं दूरियाँ बनाकर चलता था चलता ही चला गया..

    'शशि ' समंदर को क्या ज़रूरत बरसात की .....
    फिर भी खुदा भींगाता था भींगाता ही चला गया...
    ©shashi_the_lekhak ✍️

  • shreyasi_rath 110w

    One more quote��my love for hindi will never end❤
    #hindi_diwas #jai_hindi #jai_hindustan

    Read More

    हिंदी❤

    मेरे देश की जान और शान बस्ती है तुझमे..
    आज वायदा करती हूँ!!
    दिन आएगा..
    जब तेरी जान और शान बसेगी मुझमें..

    ©tds_sr_tbnu__shreyasi

  • ishq_wali_tapri 110w

    #हिंदी_दिवस
    #hindi_diwas
    #मातृभाषा_हिंदी
    #हिंदी_हैं_हम
    #ishq_wali_tapri

    Read More

    तेरे छूटते हुए दामन को मैंने किसी तरह थाम लिया,
    मेरी मातृभाषा हिंदी थी पर किसी ने मुझे अंग्रेजी से बांध दिया।

    ©ishq_wali_tapri

  • shreyasi_rath 110w

    My love for hindi will never end����
    #hindi_diwas
    "14th September" the best nd my fav. day every year.. ��������
    #jai_hindi #jai_hindustan

    Read More



    मेरा पहला शाऊर् है तू..
    मेरा इतेफ़ाक से बना जान है तू..
    मेरे राह में मेरे साथ चलने वाला आशना है तू..
    मेरे पागलपन का वजह है तू..
    मेरा सपना है तू..
    मेरी जिंदगी मेरी खुशी है तू..
    मेरे धड़कन का हिस्सा है तू...

    हिंदी है तू.. हिंदी हैं हम.. ❤

    ©tds_sr_tbnu__shreyasi

  • _dairy_of_untold_feelings 110w

    हो रहा अपमान मेरे देश में मेरी हिंदी का
    घुटनों के बल रेंगता सम्मान मेरी हिंदी का
    .
    .
    .
    ©_dairy_of_untold_feelings

  • raakhaa_ 110w

    #hindi_diwas
    जब मैंने लिखना शुरू किया था, तब मेरी पहली रचना अंग्रेज़ी में ही थी..पर समय के साथ रुझाव हिंदी की तरफ आया...अब लगता है हिंदी ज़्यादा अपनत्व धारण किये हुए है! हिंदी के ज़रिए मैंने बहुत कुछ सीखा भी...
    @abhi_mishra_ @shivimishra @ajnabiabhishek @abhishek_upadhyay @debashish_panda

    Read More

    प्रजा लिखूं मैं रूह अनगिनत,
    हिंदी को 'मल्लिका' लिखूं...

    हिंदी में तो लिख लेती हूँ,
    हिंदी पे मैं क्या लिखूं!

    ©shikha_thakur

  • paraskhandelwal 110w

    Woh maa hai saheb kisi baat se na katrayegi,

    Main bolun agar ki dard hai paeron mein toh woh bhi dabayegi.

    ©paraskhandelwal

  • panchdoot 110w

    .

  • why_so_dark 162w

    खोयी नही है , रौशनी अभी
    कुछ तो बाकी है।
    मिली नही है, मंज़िल अभी
    प्रयास अब भी बाकी हैं।

    ©why_so_dark

  • kmeenutosh 162w

    @Poetvinodvidrohi @oshmii @hindiwriters @hindikavyasangam @panchdoot @shikha_pandey @shriradhey_apt @anamika_ghatak @renusinghal_writer @laughing_soul

    #hindipod #hks #hindiwriters #hunetwork #hindilekhan #HonourableSupremeCourtOfIndia

    #hindi_diwas

    #hindidiwas14

    संध्या हो चली है त्यौहार के समापन का समय है तो प्रस्तुत हैं ये चंद पंक्तियाँ

    Read More

    समापन संदेश

    बढ़ चढ़कर सभी लिख रहें हिन्दी में
    है जागी आज कबसे सोयी थी कब्र में
    भारत के कण कण में जो थी बसती
    इक पुकार को आज है वही तरसती
    जंगे आज़ादी की इकलौती जो गवाह रही
    उसी की देखो किसी को अब परवाह नहीं
    मातृभाषा के संग है कैसा खिलवाड़ किया
    लपेट कागज़ में धरा बस इक दिन का मेहमान किया
    गैरों की वाणी में अब सारे बतियाते हैं
    माँ अपनी को गँवारू बताते हैं
    एहिं कारणे दिन ऐसा दिखलाया है
    आज एक सैलाब सा आया है
    देश नें हिन्दी दिवस मनाया है

    ©के मीनू तोष (१४ सितम्बर २०१८)

  • __raznish_ 162w

    हिंदी

    देख कर तुम्हें कोई अंग्रज़ी ख्याल नही आते,
    दिल की बातें मेरी सिर्फ हिंदी ही समझ है पाती।।
    ©singh_gudan_