#geet

691 posts
  • soamdigvijaykavi 3w

    "गीत-1"

    आँखों में भरो जरा पानी, याद करो वो जवानी,
    वीरो की रवानी,शहीदों की क़ुर्बानी,
    चले थे जो वतन को आज़ाद कराने, ऐसे की मतवालों की दीवानिया,
    याद करो ऐसी हज़ारो टोलिया की कहानियां,
    थी अभिलाषा इतनी की, शमाँ की लौ पर जलता पतंगा हो........
    सदा ऊँचा हमारा तिरंगा हो........
    खण्ड--खण्ड--भूखण्ड से मिलकर बना अखण्ड भारत को याद करो,
    उत्तर मे कश्मीर, दक्षिण मे तमिल,
    पूर्ब मे पटेल वाला गुजरात, पश्चिम वाला नागा याद करो,
    और याद करो यहाँ की ऋतुएँ है चार, धर्म भी चार और वेद भी है चार,
    मगर लहू का रंग केवल एक सबका लाल है,
    इन सब से मिलकर बना ये हिंदुस्तान है,
    शमाँ की लौ पर जलता पतंगा हो.........
    सदा ऊँचा हमारा तिरंगा हो..........
    याद करो कुरुक्षेत्र वाला वो रण, हल्दी घाटी वाली माटी,
    चेतक की चाल, लक्ष्मी बाई की तलवार,
    गुरु गोविंद सिंह के पुत्र चार और उनका बाज़,
    द्रोण का वो चक्रवीयू और भीष्म पितामाह की प्रतिज्ञा,
    पथ पर घायल लाला लाजपथ और गीता--कुराण साथ रखने वाले कलाम,
    याद करो रंग-दे-बसंती वाली टोली, भगत सिंह की बोली,
    आज़ाद की पिस्तौल, गाँव-गाँव की हरियाली,
    वो सुभाष जिसको नेताजी शब्द फबता है,
    और इन्क़लाब जिंदाबाद की वाणी, जिसे बोलकर फ़ासी झूले सेनानी,
    उधम सिंह की क़ुर्बानी, मुंशी प्रेमचंद की कहानी,
    दिनकर की रवानी, भक्त्ति सूरदास की और सेवइयां याद करो रसखान की,
    जो वतन के काम आयी वो जवानी याद करो,
    याद करो कुछ ऐसी कुर्बानी,
    शमाँ की लौ पर जलता पतंगा हो.....
    सदा ऊंचा हमारा तिरंगा हो......
    ©soamdigvijaykavi

  • extrovert_tales_ 3w

    DURING OUR FIRST MEET, WHEN WE EXCHANGED EYES FOREVER AFTER THAT I MUSE ON THIS SONG <3


    Na hai yeh pana ,
    Na Khona hi hai,
    Tera Na hona jane
    Kyun hona hi hai

    You are the one forever I wanna hold onto I look for love and behave desperately in your absence, The world flatters with me for you are nowhere but near my heart Your face is an epitome of Success and your wide smile and innocent folly talks takes me to new world where your own a galaxy Of twilight, You're my sunshine, you're my love!

    Aankhon mein ankhen teri,
    Bahoon mein baahein teri
    Mera na mujh mein kuch raha hua kya
    Baaton mein baatein teri
    Mein kahin bhi jata hoon
    Tumse hi mil jata hoon Tumse hi

    The galaxy you own in my eyes, the place you have in my heart is always in need of you presence, I remember the first time we exchanged eyes and the sight embarked with the sweetness of your warm hugs. the blackness fade and hues of magenta with glittering stars shines even louder, the loitering of snub heart bends when it finds your fragrance! whenever I go, where so ever my heart flies and it finds you:>

    Aadha sa vaada kabhi,
    Aadhe se zyada kabhi,
    Jee chahe karlu is tarah,
    Wafa ka. Chhode na chhute kabhi,
    Tode na toote kabhi,
    Jo dhaaga tum se jud gaya, wafa ka.

    AFTER 9 BOLD MONTHS
    The day has merrily came, maybe I should face my love, my eternity of patience, I should ask you out and confess my feelings, why is it raining? The moment I stepped forward to touch you, goddam I woke up it was a dream so beautiful at least my eyes were conspicuous to get your glimpse, I know my promises are partly left to be completed, my heart pumps tremendously! The silence after rain. I have woken up to that. I have stared blankly across the room. The memory of your love is the smile on my face. You have managed to hold me from so far away. All the darkness in me has turned into soft whispers of rain. A tear trails down to my lips. Tonight, we meet again:)



    Dear,
    Immortal love, I hope you destined their journey from holding hands to holding tied knots!
    #jabwemet
    @extrovert_tales
    Penned at 2:15p.m.
    #jabwemet #bigfan #shahidkapoor #kareenakapoor #13years
    #geet #aditya #love 3tumsehi #selfless #loveaditya #ig #poems #nightwriters

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    Chore na chute kbhi,
    Tore na tute kbhi,
    Jo dhaga tumse judh gyaaaa
    Wafa ka....❤
    ©extrovert_tales_

  • jigna_a 3w

    #geet

    जब दीप जले आना की तरन्नुम पे।

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    बाँहों के घेरे में खुद को जब खोया है,
    हरबार वहाँ साथी मैंने तुम को पाया है।

    रातों के अंधेरों में जो दीपक जलता है,
    लगता के यारा वो आँखों का साया है।

    कुछ रंग बिखेरी है तितली मेरे दर पे यूँ,
    देखो लगता है यूँ हुडदंग मचाया है।

    मैंने तेरे सपनों में आने का सोचा है,
    ऐसा मुझ पे हमदम तेरा मन छाया है।

    "जिगना" तेरे दिल में कोई और बसाया है,
    कहने लगते तुझसे धोखा बस खाया है।
    ©jigna_a

  • goldenwriteszakir 4w

    दिल तुम्हे बस यूँ ही अवाज़ देता है
    लिख लिख कर नाम तेरा तुझे खुद में महसूस करता है
    तू ही गज़ल तू नज़्म तू ही सूफ़ियाना इश्क़
    तुझे हर बार दिल बस यूँ ही अवाज़ देता है !¡!
    ❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤
    #JP #chastushka #hindinama #geet #love #ishq #mirakee #dil @anusugandh @monadeep @officialhimanshu @anandsardar @di_hearted

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    .

  • goldenwriteszakir 4w

    दिल की आरजू

    में टुटा हुआ दिल लेकर अब कहां जाऊं (3)
    राह में अब फूल नही कांटों पर चल कर अब कहां जाऊं
    ज़िन्दगी चंद दिनों की मेहमा इन सांसो का कारवा लेकर अब कहां जाऊं -------- में टुटा हुआ दिल लेकर अब कहां जाऊं (2)
    ❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤

    लफ्ज़ो में अब तन्हाई बरस रही - तेरी तस्वीर के साथ कहां तक जाऊं
    तू ज़िन्दगी मेरी -- तुझसे बिछड़ कर खुद को कहां ले जाऊं
    ज़ख्म कुछ हरे कुछ सुख गए वो लाइलाज इश्क़ का आईना में कहां तोड़ आऊं,
    में टूटा हुआ दिल लेकर अब कहां जाऊं राह में अब भूल नही
    कांटों पर चलकर अब कहां जाऊं
    में टुटा हुआ दिल लेकर कहां जाऊं ❤❤❤❤
    ☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️☀️
    ©goldenwriteszakir

  • goldenwriteszakir 6w

    अंतरा

    मुझे कुछ nhi बस तू चाहिए
    ये मेरी नही दिल की चाहत है बस तू चाहिए
    तू ही मेरी ख़ुशी तु ही ज़िन्दगी तू ही आज तू कल मेरा
    वो साथ तेरा मेरे हमसफर ज़िन्दगी भर चाहिए
    Jis ख़्वाब में तू है वो नींद चाहिए
    मुझे कुछ नही बस तू चाहिए ये मेरा नही दिल की चाहत है
    बस तू चाहिए बस तू चाहिए बस तू चाहिए ।।
    ___________________________________________
    इक पल भी ये दुरी ये तन्हाई दिल को कबूल नही
    तुम बिन में अधूरा खामोश इन लम्हो से मुझे रिहाई चाहिए
    दिल में है हजारों ख्वाइसें वो आसमा वो तेरा अांचल चाहिए
    मुझे कुछ नही बस तू चाहिए
    लिखूं में तुझे वो नज्म वो गज़ल का आईना चाहिए
    ज़िन्दगी के सफर में हमसफर मुझे तुम्हारा साथ ज़िन्दगी भर चाहिए
    ये मेरी नही दिल की चाहत है बस तू चाहिए ।।
    ______________________________________________
    ©goldenwriteszakir___

  • shanti_devi 11w

    तुम से मुहब्बत भी कोरोना की तरह है,।
    न बता सकते हैैं, और न छुपा सकते हैं।।
    ©shanti_devi

  • soamdigvijaykavi 11w

    "किसान-1"

    पल-पल रोज-रोज कब क्या कर रहे हो,
    हर बार हर वक़्त सियासी ड्रामा क़्यो कर रहे हो,
    बेचने को हो तैयार तुम सब कुछ बाज़ारो मे नीलाम कर चुके हो,
    अब और कितने नये उद्योगपतियों की राह देख रहे हो,
    खुशियों का है माहौल अयोध्या मे राम का राज़ भी आ चुका है,
    मग़र है जीवन मे जिनकी बदौलत खुशियां उन्हें क़्यो नही देख रहे हो,
    राहों मे क़्यो बिछाये रखे है शूल,
    अग़र है याद सब तो किसानों को क़्यो रहे हो भूल।

    क्या अपनी शक्ति के घमण्ड के आगे तुम्हे कुछ नही दिखता,
    नवम्बर से धरातल पर बैठा हुआ किसान तुम्हे नही दिखता,
    मेरे कवि ह्रदय को देश की अश्मित पर घाव दिख रहे है,
    संविधान की गरिमा बचाने वाले सब लाचार दिख रहे है,
    मुल्क़ की आज़ादी ख़ातिर जिन्होंने चुमी थी फाँसी,
    उनके वंशज सड़को पर हक के लिये लड़ रहे है,
    तब तक मे कलम को नही रोकूँगा केवल आंगर-अंगार लिखूँगा,
    हक नही मिल जाने तक मे किसान-किसान केवल किसान लिखूंगा।


    ©soamdigvijaykavi

  • shanti_devi 13w

    नैनों से बहे नीर इतने कि,नैन सूखे कुएं हो गए।
    इश्क़ की आग में जल कर सारे अरमान धुएं हो गए।।
    ©shanti_devi

  • shanti_devi 14w

    बहुत फर्क है इन दो बातों में..........…
    औरत को इज्ज़त की आंखों से देखना, और !
    औरत की इज्ज़त को आंखों से देखना।।
    ©shanti_devi

  • ajnabi_abhishek 14w

    एक लंबे अरसे के बाद एक गीत एक अलग जॉनर में पेश-ए ख़िदमत है....

    #Abhishek_Ajnabi #geet @vipin_bahar @rangkarmi_anuj @raakhaa_ @rani_shri @tds_sr_tbnu__shreyasi @vasudhagoyal @sknaina @mai_shayar_to_nahi_ @radhika_1234569

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    गीत

    भंवरे से एक दिन इक कली ने कहा।
    मेरी खुशबू बनी सिर्फ तेरे लिए।
    हर कली पे फिदा हो कली ने कहा।
    किन्तु मैं हूं बनी सिर्फ़ तेरे लिए।।..भंवरे..

    देखकर के तुम्हे ही संवरती हूं मैं।
    तेरे छूने से ही तो निखरती हूं मैं।।
    मेरी अंगड़ाइयां हैं तुम्हारे लिए।
    टूटकर के तुझी में बिखरती हूं मैं।।
    प्यार से, प्यार से मनचली ने कहा।
    मैं हूँ कबसे तनी सिर्फ़ तेरे लिए..भंवरे..

    तुम हो रसिया मुझे है पता सुहृदे।
    कितनों पे है फ़िदा तू बता सुहृदे।।
    तुम बनो सिर्फ़ मेरे, मेरे ही रहो।
    इतना मुझको नहीं तू सता सुहृदे।।
    मानती हूं पुराने 'रसिक' हो सनम।
    मैं हूं रस की घनी सिर्फ़ तेरे लिए..भंवरे..

    जानती हूं कि नश्तर चुभाओगे तुम।
    सेज़ जैसे हमी को बिछाओगे तुम।।
    तुम हो मेरे सनम तेरे सर की कसम।
    तुम भी वादा करो न सताओगे तुम।।
    दर्द मीठा सा तुमने दिया है मुझे।
    मैं भी हूं चाशनी सिर्फ़ तेरे लिए..भंवरे..
    ©ajnabi_abhishek

  • shanti_devi 14w

    2021-

    भगवान करे '२०२१' कुछ ख़ास हो।
    ख़ुशी का हर लम्हा हम सब के पास हो।।
    ©shanti_devi

  • shanti_devi 14w

    शाम की चाय-

    मुद्तों बाद आज ख़ुदा ने हमें उनसे मिलाया है,
    और कमाल तो देखो, उसने शाम की चाय पर भी बुलाया है।
    ©shanti_devi

  • anjum_rizvi 26w

    Geet

    Teri geeton ko sunkar is nadaan dil ko milta h qarar
    Iske har lafz se ho rha h halka halka khumar
    Baithe h fir se aaghosh mein un yaadon ko lekar
    Jane q ye mariz e ishq dil hota h beqarar
    ©anjum_rizvi

  • ajnabi_abhishek 28w

    सभी लेखक-लेखिकाओं अनुजों एवं सहोदरों को इस अजनबी का नमस्कार.....हाजिर हूं अपने नए गीत
    'कामना' के साथ जिसमें प्रेमी-प्रेमिका के मिलन की कामना को एक दायरे में रहकर परिभाषित करने का प्रयास किया है.... श्रृंगारिक गीत है आनन्द लीजिये...

    अभी पढ़िए.... जल्द ही सुनने को भी मिलेगा यूट्यूब पर...... Yutube link Bio में है। पूर्व प्रेषित गीत सुन सकते हैं।

    #Abhishek_Aznabi #geet #hindii @anita_sudhir @rani_shri @jiya_khan @vipin_bahar @malay_28 @vasudhagoyal @priya_sandilya @rangkarmi_anuj @neha_ek_leher @tds_sr_tbnu__shreyasi

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    कामना

    सुर्ख होंठों पर तुम्हारे शुष्क अपने लब सजाऊँ।
    बोल दो इक बार जाना मैं कहाँ और कब सजाऊँ।।

    चूमना मैं चाहता हूं तेरे नयनों के पटों को।
    उंगलियां सुलझाना चाहें उलझी ज़ुल्फ़ों की लटों को।
    डूब जाऊं मैं तुम्हारी, आंख के अविरल तरल में।
    है नहीं उस पार होना मत बुलाओ केवटों को।।
    झील से नयनों नयना डालकर गोता लगाऊं।
    बोल दो इक बार जाना मैं कहाँ और कब सजाऊँ।।

    प्यास ग्रीवा की मैं अपने चुम्बनों से तृप्त कर दूं।
    वक्षःस्थल पर रखूं सर ख़ुद को मैं अनुरक्त कर दूं।
    जिस्म दो एक जान कर दूं बाहों में भरकर तुम्हे।
    चूमकर माथे को तेरे ख़ुद, तुझे संतृप्त कर दूं।।
    आ कली से पुष्प कर दूं पंखुड़ी से रस चुराऊं।
    बोल दो इक बार जाना मैं कहाँ और कब सजाऊँ।।

    ग़र लबों से कह न पाओ तो इशारों में बताओ।
    भेज दो लिखकर हमे यदि सामने न बोल पाओ।
    हूं प्रतीक्षारत खड़ा मैं, कब से तुमको देखने को।
    आ भी जाओ अब प्रिय यूं और न हमको सताओ।।
    मन तरंगों में मैं तेरे नाम की सरगम बजाऊं।
    बोल दो इक बार जाना मैं कहाँ और कब सजाऊँ।।
    ©ajnabi_abhishek

  • goldenwrites_jakir 29w

    बेवजह तो नहीं दिल की धड़कन में प्यार तेरा
    आँखों में लेकर चला तेरे नाम का ये आसमां
    हजार दर्द मिले उन जख्मो से जिन लम्हों में शामिल तू रहा
    बेवजह तो नहीं दिल की धड़कन में प्यार तेरा
    प्यार तेरा प्यार तेरा प्यार तेरा ,,,,,,,

    ग़ुम दिन का उजाला "रातों का अंधेरा
    वो सफर इश्क़ पर ये दिल चला
    तेरी ख़ुशी तेरी वफ़ा का सौदा हर इक लम्हा
    कोरे कागज़ पर दिल ने है किया
    इक तू मुझसे ख़फ़ा ख़फ़ा ये दर्द दिल ने हर इक पल है सहा
    बेवजह तो नहीं की धड़कन में प्यार तेरे प्यार तेरा प्यार तेरा
    बेवजह तो नहीं दिल की धड़कन में प्यार तेरा प्यार तेरा ,,,,,,,,

    तन्हाई बुलाती है बेवसी तेरी रुलाती है
    यादों की संदूक में तेरी तस्वीर पुरानी
    इक राग दिल का गुनगुनाती है
    बरसात की ये बुँदे आग इक इक रोम रोम में ये लगाती है
    जैसे पतझड़ जिंदगी मेरी वो अधूरी कहानी का राग गुनगुनाती है
    बेवजह तो नहीं दिल की धड़कन में प्यार तेरा ये एहसास जिंदगी हरपल हर लम्हा कराती है बेवजह तो नहीं दिल की धड़कन
    बेवजह तो नहीं दिल की धड़कन में प्यार तेरा प्यार तेरा ...।।

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    #prayasss53 @rekhuu #music #mondaymantras #zindgi #ishq #pain #writer #khamosh #song #geet #gazal #sky #moon #chahat # #sangeet #jakir #jp @lazybongness @kehta_hai_joker @officialhimanshu @heartilyvoice @flame__ दी

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    .

  • divpathak 37w

    गीत

    बाल का जुड़ा नहीं,इस पल बनाओ
    खोल दो,इस रात में तुम सारी गांठें

    मेघ भी बाहर,सनम तुम जा के आओ
    खोल बुंदो को,ढीले हो गयें हैं
    हम यहाँ दीवार के इस पार फिर भी
    मन के सारे तार गीले हो गयें हैं
    इस तकिये के बगल मैं आ के बैठो
    न,नहीं कोई मगर तुम बात करना
    आँख से पीती रहो तुम आज आंखे
    और सिर पर फेर कर के हाथ धरना

    बालो में यू हीं सरकती उंगलियों से
    खुल पड़े किसको पता कब प्यारी गांठें

    पंखुड़ी यह होठ की,लाल है जो
    रात भर बस प्यास से ताकत रहूंगा
    तुम ,उफन कर के,न मेरे पास आना
    इस तरस के रस को ही चखता रहूंगा
    सास के ताल पर,उठ गिर रही हैं
    पास मुझको खिंचती तेरी उभारे
    चेहरा उनपर धर के पर न गिर सकुंगा
    चाहें कोई आज कितना तीर मारे

    आज धस जाऊं अभी सिर तक भले ही
    सीने में रखे हुएं,यह भारी गांठें

    आज हम पास ,पर उपवास कर लें
    इस तपन के क्षण को भी एहसास कर लें
    पानी और प्यास दोनों आज संग है
    इन पलो को आओ थोड़ा खास कर लें
    एक खालीपन चला है उम्र भर संग
    आज तुम हो,पर इसे कैसे मिटाऊं
    आज दुविधा है,मगर कुछ पाप होगा
    एक को रख कर, जो दूज भूल जाऊं

    इसने ऐसा बाध रखा है,मुझे अब
    इसके आगे आज,सारी हारी गांठे
    -दिव्यांश पाठक
    ©divpathak

  • divpathak 41w

    गीत

    बुंदो की लडिया फिसल रहीं तेरे शरीर पर अनजानी
    भीगा काया सब उभराया,देखो पानी की मन मानी

    मद्धम मद्धम ठिठुरी ठिठुरी,सबको ही छलने जाती है
    आवारी हवा बारिश पहले,कुछ यौवन गान सुनाती है
    सबके मन के भीतर रहता एक अल्हड़ पन,आवारा पन
    बस एक सहारा चाहिए कि,बुला ले कोई इसारा बन

    पर जंग लगा है साकल में,खुलने में नहीं है आसानी
    बुंदो की लडिया फिसल रहीं तेरे शरीर पर अनजानी

    अम्बर का दिल भी भर आया आकर उपवास मिटाता है
    गिरती हैं बुंदो पर बूदें,धरती की प्यास मिटाता है
    बस प्यास की आस धरें दुनिया,बाकी जो है बेमानी है
    धरती पर जरा जरा धरती और सारी धरती पानी है

    हैं पंडित,शेख सभी प्यासें,पर करते हैं आना कानी
    बुंदो की लडिया फिसल रहीं तेरे शरीर पर अनजानी

    जब गली शहर होता छल छल,तुम आ जाती हो छत पे निकल
    बालो को झटक कदमो को पटक,पानी में करती कोलाहल
    कुछ बूद है चेहरे पर गिरता कुछ बूद कहीं पर ,जानें दो
    सबकी अपनी अपनी किस्मत,सबको अपना रस पाने दो

    इस योग के ज्ञान को खोज रहें,अबतक सारे ज्ञानी ध्यानी
    बुंदो की लडिया फिसल रहीं तेरे शरीर पर अनजानी
    भीगा काया सब उभराया,देखो पानी की मन मानी

    -दिव्यांश पाठक
    ©divpathak

  • divpathak 42w

    गीत

    घाट पर आयी थी ऐसी शाम उस दिन
    हो गया था मैं तुम्हारे नाम उस दिन

    दो हथेली, एक तेरी एक मेरी
    संग छोड़े थे,कटोरे का दिया हम
    भुझ गयीं थीं दूरियां, हो गयें थे
    मीत-प्रेमी यार या प्रियतम-पिया हम
    चार आँखे एक दीपक पर लगीं थीं
    धार पर जो चढ़ उतर उस पार होता
    जिंदगी के पल में बस,वह पल रत्न है
    प्यार जिसमे फैल कर संसार होता

    आज भी "मन" सोच कर है डग-मागाता
    शाम में ऐसा घुला था जाम उस दिन

    सारा हिस्सा छोड़ कर के नाव में यूं
    मैं था बैठा जा तुम्हारे ही बगल में
    एक तो गंगा की धारा भी है चंचल
    और दिल में भी चुहल थी उस ही पल में
    क्या बताऊं हर लहार है एक देवी
    मुझसे भी बेहतर समझती चाह मेरा
    नाव में कुछ इस तरह लचकाव आया
    हड़बड़ा कर थाम ली तू बाह मेरा

    धन्य है वह तेल वह बाती,उजाला
    मिल गया जिसका मुझे इनाम उस दिन
    हो गया था मैं तुम्हारे नाम उस दिन
    -दिव्यांश पाठक
    ©divpathak

  • divpathak 42w

    गीत

    हर बार यहीँ कहता है मन
    कुछ गा कर तुम्हे सुना दें
    हर बार यहीँ होता है घुटन
    कुछ गा कर तुम्हे सुना दें

    हर बार ही मन के धरती पर
    घिर आता है बादल अक्सर
    हर बार ही कण कण खुश होता
    की बूद करेगा उसको तर
    हर बार ही आधी आती है
    पत्ते हिलते कलियां हिलती
    लेकिन बदरी हट जाता है
    रह जातें है सब मुरझा कर

    फिर कर देता हूँ ख्वाब दफन ,
    कुछ गा कर तुम्हे सुना दें

    धुत्कार मिला एक कालिख को
    एक कालिख बनता है काजल
    दल दल बन जाएं एक नदी
    एक कीचड़ में उग आएं कमल
    एक बास से निकले धुन और स्वर
    एक बास पे हो आखिरी सफर
    मैं अचरज में,असमंजस में
    इस जग के पल पल में कुछ छल

    फिर भी मन कर देता अनशन
    कुछ गा कर तुम्हे सुना दे

    सब ज्ञान कहाँ छिप जाता है
    अपने मन को यह ज्ञान नहीं
    खुद को खुद से ही खोज सके
    इस काबिल भी इन्सान नहीं
    किस्मत दिन भर सोती रहती
    पर आँखे रातो को जागे
    मंजिल को पाने को दौड़ो
    मंजिल भी भागे है आगे

    दिल फिर भी यह करता गायन
    कुछ गा कर तुम्हे सुना दें

    -दिव्यांश पाठक
    ©divpathak