#durga

82 posts
  • poetrani 5d

    Kushmanda

    I, Kushmanda is believed to be the creator of this universe. I am the devi of light and energy. I am represented with eight hands, holding Kamandal, Dhanush, Bada and Kamal in the right and Amrit Kalash, Jap Mala, Gada and Chakra in the left. I am also known as Ashtabhuja Devi because of this. I am the goddess of the cosmic egg (brahmanda). I gift lives to people and know how to lead my life too.
    ©poetrani

  • poetrani 1w

    चन्द्रघण्टा

    पिण्डज प्रवरारुढा चण्ड्कोपास्त्रकैयुर्ता
    प्रासादं तणुते महाम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता

    O Goddess Chandraghanta, who rides on tiger,
    Angry on enemies, holds many weapons in 10 hands, be propitious to me.
    ©poetrani

  • piu_writes 1w

    आह्वान

    आओ माता रानी जगत से अंधकार मिटाने को, मानव मन से असुरअत्व हटाने को और विश्व में दुर्गअत्व लाने को

    आओ माता रानी विश्व से रोग और संताप मिटाने को , अभय संचार करो माँ आओ सब दुःख दर्द मिटाने को

    आओ माता रानी बन कर जगत कल्याणी विश्व से पशुता मिटाने को, पाप हरो माँ पुण्य फल दो माँ, आओ सब क्लेश मिटाने को

    बन कर जगधात्रि धरो विश्व को आओ माँ विनाश रोकने को ,बन कर नव चेतना मानव मन में ,आओ माँ नव निर्माण कराने को

    बन कर शिवा आओ माँ मानव मन में नव शक्ति का संचार कराने को, मानव मन के विकार संघारो माँ, आओ माँ सृष्टि साकार करवाने को

    तमस हरो माँ ज्योति दो माँ आओ माँ अमृत संचार कराने को, हम तुम्हरे बालक अज्ञानी आओ माँ सब विकार मिटाने को

    तुम्हरी पीयू करे कर जोड़ विनती आओ बिराजो मन में माँ जीवन सफल सबल साकार बनाने को ,कोई गलती हो तो माफ़ करो माँ अपनी इस तुच्छ बालिका को

    अभय दो माँ कर आह्वान तुम्हारा सफल हो जाय जिवन सारा, आओ माँ बन कर दुर्गा चेतना जीवन की नैया पार लगाने को
    ©piu_writes

  • ashmita_sia 11w

    स्त्री

    ये कैसी दशा है तेरी सीता
    क्यों ये पुरुषो के समाज का साया है
    तुझपे?
    ये कैसी दशा है तेरी दुर्गा
    किसने चुरा लिया तेरा त्रिशूल?
    ये कैसी कहानी रच रहा है
    संसार की परम्परा
    द्रौपदी?

    ना कोई शर्म जानता है
    ना कोई हद मानता है
    ये तुझे मर्यादा के वस्त्र में धक कर
    उसे खुद ही उतरता है ।

    ये पुरषों का समाज क्यों तेरे
    कंधे पे रख बंदूक
    पीछे खड़े होकर
    खुद को मर्द मानता है ??

    क्यू इनकी भीड़ ने
    किया है तुझे अकेला
    कहां है तेरी सेना?
    कहां है तेरा त्रिशूल?

    तू रच अपनी कहानी फिर से
    ये तेरी भी मिट्टी है
    ये तेरी भी मिट्टी है।।
    ©ashmita_sia

  • amiravana 16w

    जब तक चुप थी
    दुर्गा ही ठीक थी
    जिस दिन भी बोल उठी
    गर्जन काली सी होगी
    @amiravana
    ©amiravana
    #conceptart
    Maa Kali, The Dark Mother in all her love and ferocity will guide you through transformation by dissolving all forms and time #amiravana




    #Photoshop #EmpoweringWomen #Empowerment
    #qutoeami
    .
    .
    #ramesstudios #mahakali #mahadev #mahakal #durga #jaimatadi #shiva #mahakaleshwar #harharmahadev #hindu #bholenath #devi #mahakaal #shiv #shivshakti #parvati #maa #navratri #har #bhole #kali #adishakti #india #mata #durgamaa

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    जब तक

    जब तक चुप थी
    दुर्गा ही ठीक थी
    जिस दिन भी बोल उठी
    गर्जन काली सी होगी
    @amiravana
    ©amiravana

  • ammy21 24w

    Ma durga

    Ayi giri nandini nandhitha medhini
    Viswa vinodhini nandanuthe
    Girivara vindhya sirodhi nivasini
    Vishnu vilasini jishnu nuthe
    Bhagawathi hey sithi kanda kudumbini
    Bhoori kudumbini bhoori kruthe
    Jaya jaya he mahishasura mardini ramya
    Kapardini shaila suthe...

    ©ammy21

  • poetrani 26w

    नारी दुर्बल कहते तुम?


    चाहे हूँ रूपवती, चाहे मैं कुरूप हूं
    कोमल सा हृदय लिए ममता का एक रूप हूं
    मूल्य चुका ना पाया वो कर्ण भी मेरे दूध का
    दानवीर केहता जिसे इतिहास दूर-दूर का
    यज्ञ से जन्मी अग्नि मैं, रक्त से केश भिगोए है
    जाने कितने दुष्टों के पाप धरा ने धोए हैं
    बनकर कभी भीलनी मैंने ईश्वर को झूठ खिलाया है
    वहीं कहीं बन अहल्या स्पर्श का आनंद पाया है
    सीता बन दुर्भाग्य को अब भी गले लगाती हूं
    राधा बन निश्चल प्रेम को अश्रुओं से नहलाती हूँ
    जान बचाने अपने लाल की उसको खुद से दूर किया
    देवकी अभागन बनने को जब सृष्टि ने मजबूर किया
    बन यशोदा शिशु किसी का हृदय से अपने लगाया है
    नारी दुर्बल कहते तुम?अरे,मुझमें ब्रह्मांड समाया है
    उस युग से इस युग और अगले कईं युगों का कूप हूँ
    कोमल सा हृदय लिए ममता का एक रूप हूं


    ©poetrani #hindikavita #mirakee #writersnetwork #pod #maa #mother #durga #seeta #bhilni #agirlwhowrites #poetrani #mothersday #poemonwoman #womanhood #woman

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    नारी

    चाहे हूँ रूपवती, चाहे मैं कुरूप हूं
    कोमल सा हृदय लिए ममता का एक रूप हूं
    मूल्य चुका ना पाया वो कर्ण भी मेरे दूध का
    दानवीर केहता जिसे इतिहास दूर-दूर का
    यज्ञ से जन्मी अग्नि मैं, रक्त से केश भिगोए है
    जाने कितने दुष्टों के पाप धरा ने धोए हैं
    बनकर कभी भीलनी मैंने ईश्वर को झूठ खिलाया है
    वहीं कहीं बन अहल्या स्पर्श का आनंद पाया है
    सीता बन दुर्भाग्य को अब भी गले लगाती हूं
    राधा बन निश्चल प्रेम को अश्रुओं से नहलाती हूँ
    जान बचाने अपने लाल की उसको खुद से दूर किया
    देवकी अभागन बनने को जब सृष्टि ने मजबूर किया
    बन यशोदा शिशु किसी का हृदय से अपने लगाया है
    नारी दुर्बल कहते तुम?अरे,मुझमें ब्रह्मांड समाया है
    उस युग से इस युग और अगले कईं युगों का कूप हूँ
    कोमल सा हृदय लिए ममता का एक रूप हूं
    ©poetrani

  • prodyumno 50w

    Durga Puja

    The flute of homecoming was played
    Hidden hope in the heart bloomed
    Sheuli flowers intoxicating smell
    'City of Joy' was casted on a spell

    Durga puja was different this year
    Covid has filled our hearts with fear
    Idols makers had huge losses to bear
    Hoping durgaMa will hear their prayers

    Street food/Rituals, missed to an extent
    Pujo feel kept us going every moment
    Making people realise what is important
    Living a normal life still feels so distant

    A pleasant morning full of hope & dew
    Everything will change & seem new
    The longing for this festival remains
    Puja will begin after a year again
    ©prodyumno

  • maakinidhi 51w

    #prayasss70#durga ashtami special# jai mata di❣️❣️����������������

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    क्या कभी सोचा है?

    #हमेशा सोचते हैं हम क्या मांगेंगे मां से!
    क्या कभी सोचा कि कितना मिला है!
    धन,विद्या, बुद्धि सब पाया है हमने!
    हमारी प्रार्थनाओं का मिला हर सिला है!

    कभी सिर्फ धन्यवाद कहना ईश्वर को!
    सब कुछ के लिए जो उसने दिया है!
    देख लेना उन्हें जो वंचित हैं हर खुशी से!
    और फिर सोचना कि क्या तुम्हें मिला है!

    बात क्या कहूं जिंदगी के उतार-चढ़ाव की!
    ये सब भी तो जिंदगी का ही कोई हिस्सा है!
    हौसले से जो जी जाए, जिंदगी है वही सच में!
    वक्त से पहले न मुकद्दर से ज्यादा कभी मिला है!

    कभी निकालकर फुर्सत जिंदगी की व्यस्तता से!
    महसूस करना कि कितने भाग्यशाली हैं हम!
    रहमत उस खुदा की सबको मिलती नहीं है!
    दिया सब उसी ने , फिर क्यों सवाली हैं हम?

    शांति और प्यार जो जीवन में सबका मिले!
    सोचिए सबसे बड़ा धन है हमको मिला!
    जरूरतें हो जाएं पूरी जो मिले इतना भी!
    कभी करना नहीं उस खुदा से गिला!

    बिन मांगे ही मुझको तो सब कुछ दे दिया!
    तेरी कृपा की कृतज्ञ मैं बारम्बार हूं मां!
    जिस कश्ती की पतवार सौंप दी है तुझे!
    उसी कश्ती पे हमेशा सवार हूं मैं!

    जिन चीजों पे कोई न चले बस मेरा!
    हर एक वो चिंता अब तेरी है मेरी!
    मुस्कुराती हूं मैं चाहे दुःख हो या सुख!
    जानती हूं संभालेगी तो सब मां ही!
    ©maakinidhi

  • shambhavi1001 51w

    नग्नता

    क्या तुमने कभी किसी को नग्न अवस्था में देखा है?
    नहीं, नहीं, नहीं,
    मेरा मतलब तब नहीं
    जब किसी ने कपड़े ना पहने हों
    मेरा मतलब
    तब, जब उसके चरित्र के ऊपर
    आडंबर, पाखंड और झूठी नैतिकता का लिबास ना हो।
    जब वो ऐसे नग्न हो
    कि उसके शरीर के अंग नहीं
    बल्कि उसकी
    कुंठित मानसिकता
    कलुषित विचार
    और अंदर का दरिंदा तुम्हारी
    आंखों के सामने हो,
    एकदम नग्न।
    मैंने कभी किसी को नग्न अवस्था में नहीं देखा
    लेकिन मैंने बहुतों को नग्न देखा है।
    समाज में स्वीकार्य, सभ्य लोग
    धार्मिक लोग, कुलीन लोग
    ये नंगे लोग, ये नंगे लोग।
    सती के केश गिरने वाले स्थल को शक्तिपीठ कह कर
    पूजते लोग
    फिर औरतों के बाल पकड़ कर घसीटते,
    प्रताड़ित करते लोग
    ये नंगे लोग,ये नंगे लोग।
    समान भाव से देखने वाले दयालु लोग
    अपनी ऊंची जाति के अहंकार में,
    अगले ही क्षण क्रूरता की सभी सीमाएं तोड़ते लोग
    ये नंगे लोग,ये नंगे लोग।
    "हर मनुष्य ईश्वर की रचना है" कहते लोग
    मज़हबी बहस में पड़ते लोग
    माथे पर तिलक लगाते लोग
    लोगों के बहते ख़ून पर खुश होते लोग
    शक़ है मुझे,
    इनके ललाट पर सिंदूर ही है ना?
    किसी के बहते ख़ून से टिपकी तो नहीं लगाते कहीं?
    ये नंगे लोग, ये नंगे लोग।
    ग़रीबों के अधिकारों का हनन करते
    फिर
    दान का ढोंग रचते,
    झूठी शान में मरते
    ये नंगे लोग, ये नंगे लोग।
    सद्मार्ग, सद्बुद्धि,
    संयम, सत्य की बात करते लोग
    और इन बातों पर अमल करने वालों को
    नाेंच खाते लोग
    ये झूठे लोग, ये नंगे लोग।
    ये नंगे लोग
    मुझे सदमा देते हैं।
    ये नग्नता मेरा दम घोंट देती है
    और लोगों से दूर ले जाती है
    मैं सोचती हूं
    अब अगर कोई बिना कपड़ों के
    मेरे सामने आ भी गया
    तो क्या मुझे कुछ शर्म महसूस होगी?
    क्या मैं सहम जाऊंगी?
    क्यूंकि नग्नता की इस चरम सीमा को देखने के बाद
    मुझे वो
    नग्न लोग कम नग्न दिखने लगे हैं।
    नग्नता शरीर में नहीं,
    दिमाग़ में होती है
    विचारधारा में होती है
    और
    ये लोग एकदम नग्न हैं
    और दुख इस बात का है,
    कि इन्हें मलाल भी नहीं।
    ©shambhavi1001

  • vakilankita 51w

    Navratri

    प्रेम भी वो शक्ति भी वो
    चेतना भी वो और स्मृति भी वो है ।
    इतने सरल कहाँ है दिलों के रिश्ते,
    की ना जाने कितने जन्म लिए सती ने महादेव के लिए ।
    महाकाल की वो महाकाली भी,
    जो है शिवप्रिया और शिव शक्ति भी ।
    सृष्टि के आधार है शिव और वो शिव की अर्धांगिनी
    शिव से वो पूर्ण है शिव के बिना वो शक्ति नहीं ।
    शक्ति के बिना वो शव है
    नारी से ही जीवन और ऊर्जा है,
    अर्धनारेश्वर बन, देते जग को यही ज्ञान भी ।
    ©vakilankita

  • kriti_dinesh_shukla 51w

    नारी शक्ति

    नारी जब शक्ति बन जाती है,
    युद्ध भूमि में विजय हासिल कर
    Manikarnika कहलाती है।

    नारी जब सती बन जाती है,
    अग्नि कुंड में जौहर कर
    Padmavati कहलाती है।

    नारी जब शक्ति बन जाती है,
    रण भूमि में शत्रु मार कर
    रण चंडी कहलाती है।

    नारी जब विकराल रुप में आती है,
    दुष्टों का संहार कर के
    मां काली कहलाती है।

    दुर्गा , काली जिसके नाम,
    नारी शक्ति की है पहचान।

    और ,

    नारी जब क्रोधित हो जाती है,
    शत्रु मार कर
    महिषासुर मर्दनी कहलाती है।
    ©Kriti Shukla

  • yours_fortune 52w

    A country with highest crime rate against women.
    Will worship a woman for next nine days.

  • anusandhati 52w

    Shakti

    Tum shakti ho, फिर भी shiva ho,
    Tum shiva ho फिर भी shakti ho.
    Shiva shakti tum dono hi ho,
    Kabhi Maa to kabhi pita ho,
    Kabhi aasman to kabhi dharti ho,
    Kabhi chaya ho to kabhi dhoop ho,
    Kabhi baadal ho to kabhi baarish.
    Kabhi bhook ho to kabhi pyaas,
    Kabhi bimari ho to kabhi dawa.
    Andhera bhi tum, roshni bhi tum.
    Narayan aur narayani bhi tum.
    Kaun ho tum, kya pukaroon tumhe?
    Tum har jagah ho,
    Tum har roop me,
    Tum sarva ho,
    tum to aur koi nahee शायद main hi hoon
    Main aur koi nahee tum ho
    Mai hi shakti, mai hi shiva, main hi Shiva shakti

    @ranjana
    ©anusandhati

  • authormonica 52w

    .

  • tanujsingh 52w

    नवरात्रि.

    बहुत खुशी हुई जो
    नो दिन के लिए आई है तू मेरे दर पे,
    जालिमों का जमाना हैं
    अंधेरा होने से पहले चलीं जाना धर से ।
    ©tanujsingh

  • beingkashyap 82w

    चारदीवारी में क़ैद, मत रखो उसे,
    नन्ही सी "परी" है वो, उड़ने दो उसे,

    निर्बल वो नहीं, सोच तुम्हारी है,
    वो तो दुर्गा, काली, झांसी की रानी है,

    चीख रही है क़ैद में, "जी" लेने दो उसे,
    होंसलों के पंख लगा, उन्मुक्त गगन में,
    "सपने" पुरे कर लेने दो उसे ..।

    ©beingkashyap

  • untold_diaries_story 97w

    A candle march or a social media hashtags doesn't work
    You have to become durga and kali
    To stop this for forever
    ©untold_diaries_story

  • littlemisssunshine 105w

    Durga Puja

    Durga Puja is not a religious festival for us, it never was..It's a celebration of home coming of not only Durga Ma, but of all the loved ones who come home to their families, friends and loved ones from far away. In both the cases, their presence is eagerly awaited, happiness overflows in those teary eyes for just a glance.. Yes, it's the time of celebration when a daughter comes home she deserve to get pampered with anything and everything she loves and adores.. Hence the whole city is wrapped in lights and music.. The sense of freedom and enjoying the night away saying hello to Durga Ma along with others, echoes in everyone.. Though the style of enjoyment differs from person to person- be it a get together at home, or pandal hopping or satisfying your tongue with different varieties of unlimited food... All we know is its the most awaited unbounded happiness that is flowing inhibition free.. That's what we call Durga Puja and that's what we celebrate with love and laughter . I wish everytime a daughter arrives home, people shower her with so much happiness, respect and love that they do during these 9 days . Hence on this note, let's stop the brutal act of female foeticide and raise voice against it, keeping the differences aside let's try to listen to our daughters, without telling her to "try some more" when she suffers a suffocating marriage - let's embrace her and tell her we are just here beside with her decision,when she wants to reach for the stars - let her show the pathway.. In every possible circumstances, let's remind her she has a home where she can find a safer space to give wings to her thoughts, to rest her exhaustion and to always be loved without judgements .

    ©littlemisssunshine

  • advaitha 105w

    Durga pujo

    Draped in a white saree with red border, embellished with golden threads.
    I adorn my face with a kumkum in between my brows
    With Sindur on my just at the beginning of parting line of my pleated hair
    I tuck my waist long hair into a simple bun .
    I Accentuate my eyes with Kohl
    Applyng red dye over my finger & toes.
    & Slip my hands through red & white bangles.,made of corals & conche

    I head towards the dazzling pandals.
    To find you ,my beloved goddess.,right among us.
    From whom the the three mothers ,the tridevi were born ,who is the mother of all mothers.
    Nourishing the universe & anything beyond .

    With a Visage spotless & pure, seeing which even moon feels ashamed & envious,as I look at it & all my impurities fade away.
    With a beautiful hairlocks ,as Balck as a lake packed with black lotuses, seeming like the heavy black clouds which let down rain of knowledge & wash away our ignorance.
    Those hairlocks ornamented & braided,seems to combine sweetness & beauty of blue water Lillie's swarmed by bees.
    With a forehead as tender as that of lotus petal
    With eyes partly open ,which are the most pleasant ,whose vision safeguard everything under the sight
    With a smile which can soothe the rage of shiva, which can ease Vishnu & give vigour to brhama .

    Your voice makes music of flute seem wet & monotonous & puts even cuckoo to shame .

    You are the half of shiva, you are each & every ounce of creation ,what could I offer you .as everything here is yours.,all I could do is put heart & soul into the bogh you love.

    These ten days elating , beautiful & close to my heart pass away in the blink of an eye.

    As the beat of the drums makes everyone's feet dance ,as cheerful days have just rushed past .
    My heart is filled with unshead tears.
    With a heavy heart I bid you a farewell.
    But my soul entranced by you ,tends to search for you everywhere
    & When I see the mirror,I see those deep eyes in which I can see the universe,huge kumkum which wards fear away.a calm visage & simple smile.
    A reflection which seemed just like you.

    I am able to see you in me ,I am able to realise there nothing but you in my heart.
    Now i wait for you to return once again ,not with sorrow but with joy.
    ©advaitha