#dipps

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  • dipps_ 5d

    शे'र

    वो बचपन वो बचपना सब कुछ खो दिया उसने,
    जिस दिन बाप को गले लगाकर रो दिया उसने!
    ©dipps_

  • dipps_ 5d

    #dipps #hindi #hindiwrites

    Koi waps lakr dedo mujhe wo sukun mera

    Temporary

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    शे'र

    बाते करने को तो कुछ नहीं है लेकिन,
    उसे जब मिलता हूं, गले लगा लेता हूं!
    ©dipps_

  • dipps_ 1w

    #dipps #hindi #hindiwrites
    Maybe it's temporary

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    शे'र

    चांदनी रात हो और उसमें हल्की सी बरसात हो,
    इक तुम जो मेरे साथ हो हाए फ़िर क्या बात हो!

    गले लगे, माथा चूमे, ज़रा होठों से कुछ काम ले,
    उससे भी खूबसूरत जो मेरे हाथ में तेरा हाथ हो!
    ©dipps_

  • dipps_ 1w

    ग़ज़ल

    कभी कभी रोते हैं तो मुस्कुरा देते हैं,
    कभी जो हंसते हैं तो मुस्कुरा देते हैं!

    चेहरे पर इस नूर की वजह न पूछो,
    जब उन्हें देखते हैं तो मुस्कुरा देते हैं!

    ये खुशियां किसी वजह से है लेकिन,
    जब भी वो हंसते हैं तो मुस्कुरा देते हैं!

    कैसे भला उनसे कोई नाराजगी रखते,
    वो सुनो कहते हैं तो मुस्कुरा देते हैं!

    कितने प्यारे लगते है जब रूठते है वो,
    वो क्रोध भी करते हैं तो मुस्कुरा देते हैं!

    वो जो हमारी कभी यूं एक नहीं सुनते,
    मेरे गुस्से से डरते हैं तो मुस्कुरा देते हैं!

    मुझे जो मुझसे ज्यादा ख़ुद का करके,
    वो यूं हक जताते हैं तो मुस्कुरा देते हैं!

    जिंदगी मानो जन्नत लगती है मुझको,
    वो जो गले लगते हैं तो मुस्कुरा देते हैं!
    ©dipps_

  • dipps_ 2w

    शे'र

    कुछ दूरियां हमसे यूंही बरकरार रखना मियां,
    जो लोग पास आते हैं वो गले से लगा लेते हैं!
    ©dipps_

  • dipps_ 2w

    शे'र

    बेमतलब कुछ लोगो से इक रिश्ता बन जाता है,
    कौन जाने कैसे कोई इंसाँ फरिश्ता बन जाता है!
    ©dipps_

  • dipps_ 2w

    ग़ज़ल

    ख़ैर तू बता के क्या है अब तैयारी तेरी,
    धड़कन ने देदी है दिल को सुपारी तेरी!

    हमने तो आजमाए है सब मंसूबे अपने,
    अब की बार है, अब तो ख़ैर बारी तेरी!

    क्या कयामत है, तेरे नज़रों की शरारत,
    दिल पर चली है, नज़रों से कटारी तेरी!

    मेरे दुःख का हल, तेरी मुस्कुराहट से है,
    हम कैसे उतारेंगे ये सर से उधारी तेरी!

    हर हाल में यूं तुम सब्र से काम लेती हो,
    अच्छी लगती है मुझे ये इख्तियारी तेरी!

    लोग खुश रहते है जो मेरे साथ रहते है,
    पर मुझे खुश रखना है जिम्मेदारी तेरी!

    चांद भी बैठता है, मेरे साथ मेरे छतपर,
    देख उसको भी लगी है, ये बीमारी तेरी!
    ©dipps_

  • dipps_ 2w

    शे'र

    बड़े दिन हो गए बैठकर मेरे यार के साथ,
    कभी छत पर अकेले कभी प्यार के साथ!
    ©dipps_

  • dipps_ 3w

    शे'र

    इस तरह एक शख्स बरबाद हुआ है,
    उससे उसका ही खून दो बार हुआ है!
    ©dipps_

  • dipps_ 3w

    #dipps #hindi #hindiwrites
    तदबीर - तरकीब
    शाद - खुश
    ईजाद - कुछ नया ढूंढना
    अबाद - तैयारी

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    ग़ज़ल

    मियां तुम भी इक दिन मुझे याद करोगे,
    न किसीसे पहले, न किसीके बाद करोगे!

    मुमकिन है, के मैं कभी रूठ जाऊं तुमसे,
    क्या तदबीर लगाओगे, कैसे शाद करोगे?

    नजरों से ज़ाहिर होते है, इरादे ये आपके,
    तुम अदाओं से क्या बहाना ईजाद करोगे!

    कोई भरोसा नहीं मिलने का बिछड़ने का,
    खैर उम्मीद है तुम तो कुछ अबाद करोगे!

    मुझको खो दोगे और मुझमें खो जाओगे,
    तलाश मे मेरी फ़िर जिंदगी बर्बाद करोगे!
    ©dipps_

  • dipps_ 3w

    #dipps #hindi #hindiwrites
    तदबीर - तरकीब
    औ - और

    I don't know what to say re �� but thank you @mridulrapotra

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    ग़ज़ल

    ये कैसा प्यार तुम मुझसे निभाना चाहते हो,
    दूर रहकर मुझसे , मेरे पास आना चाहते हो!

    चेहरे पर नकाब है और आँखें खुली रखी है,
    इरादा क्या है ? दिल को फसाना चाहते हो?

    होठों का हरकतों से , कोई मेल नहीं हो रहा,
    क्या वजह है औ क्या, तुम बताना चाहते हो!

    सब जानते है हम ये, तदबीर तेरे निगाहों की,
    लगता है जैसे तुम,मुझको सताना चाहते हो!

    शरमाते हो हर बात में, गालों में मुस्कुराते हो,
    इश्क़ ही है ये,या कोई और बहाना चाहते हो!

    चढ़ रहे हो नशे की तरह, बनकर शराब कोई,
    जैसे के प्रेम का,तुम जाम पिलाना चाहते हो!

    इन दिनों लिख रहे हो,शे'र प्यार मुहब्बत पर,
    जैसे उस शख्स को गज़लें सुनाना चाहते हो!
    ©dipps_

  • dipps_ 4w

    शे'र

    क्या मसअला है के जुबां से बताया नहीं जाता,
    मुझसे मेरा ये किरदार अब निभाया नहीं जाता!

    उस शहर में जहां लोग पत्थरों से बात करते है,
    मैं आईना हूं मुझसे आईना दिखाया नहीं जाता!
    ©dipps_

  • dipps_ 4w

    ग़ज़ल

    कही थी जो आशिकों ने उस कहावत का क्या कीजे,
    हो गई है मोहब्ब्त मियां इस हिमाकत का क्या कीजे!

    लगाकर काजल आंखो में जुल्फों से वो वार करते है,
    कातिल है अदायें उनकी इस कयामत का क्या कीजे!

    माना के ये मर्ज दिल का किसी दवा से न होगा ठीक,
    शराब से भी ये है बुरी पर इस आदत का क्या कीजे!

    बनाया है घर किसीने बेचकर किसीके ख्वाबों को,
    भूखे पेट जो सोना पड़े, उस शराफ़त का क्या कीजे!

    जीते जी मर जाते है कोशिश में प्यार को पाने की,
    मरने पर जो हासिल हो उस मुहब्बत का क्या कीजे!
    ©dipps_

  • dipps_ 4w

    शे'र

    रह गए है निशाँ तेरे मुझमें कही,
    मैं तुझमें कही....तू मुझमें कही!
    ©dipps_

  • dipps_ 4w

    शे'र

    ए ज़िंदगी देख कैसे हार रहा हूं मैं,
    ख़ुद में ही खुद को मार रहा हूं मैं!
    ©dipps_

  • dipps_ 4w

    शे'र

    हमसे फ़िर कोई बेमतलब , हमारी बात कौन करेगा,
    कौन लगाएगा गले हमे, सुकून की रात कौन करेगा!
    ©dipps_

  • dipps_ 4w

    #dipps #hindi #hindiwrites

    सहरा - रेगिस्तान
    आब - जल, पानी
    मर्ज - रोग , बीमारी
    महताब - चांद

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    ग़ज़ल

    नींद से चुरा कर हमने एक ख़्वाब रखा है लिफाफे में,
    वही पुरानी यादें और वही गुलाब रखा है लिफाफे में!

    भाग रहा है दरिया देखो,कैसे बनके लहर किनारे तक,
    सहरा से न कहना के लाके, आब रखा है लिफाफे में!

    क्या बात है मोहब्ब्त में, जो दीवाने नशे में चूर रहते है,
    लगता है इस मर्ज ने जैसे , शराब रखा है लिफाफे में!

    आ रहा है ख्याल क्यों , ये आसमां को आज जमीं का,
    लगता है किसी दीवाने ने, महताब रखा है लिफाफे में!
    ©dipps_

  • dipps_ 5w

    शे'र

    इतना भी हक मुझपर जताया न करो,
    माना के प्यार है सबको बताया न करो!

    और मानते है के हमने रोका था तुमको,
    मगर ये भी नहीं के गले लगाया न करो!
    ©dipps_

  • dipps_ 5w

    ताग - धागा
    सर्दखाना - मुर्दाघर

    #dipps #hindi #hindiwrites

    तीसरा और आखिरी शेर बदौलत है जिया खान के������

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    ग़ज़ल

    लेकर के दिल में कोई एक आग बैठ गया,
    फूल सारे मुरझाने लगे और बाग बैठ गया!

    कैसे बताते उन्हें के ये इश्क़ मेरा सच्चा है,
    मज़हब का नाम लिया और दाग बैठ गया!

    कोई चुनर तेरे ना'म की थी सर्द-खाने में,
    और फ़िर उसी मलमल का ताग बैठ गया!

    स्याह जिंदगी का मैं करता तो क्या करता,
    उम्मीद का सूरज दिखा तो चराग बैठ गया!

    तुम चले आओ तो रंग गालों पर लगाये,
    कहीं ऐसा न हो के बेरंग ये फाग बैठ गया!
    ©dipps_

  • dipps_ 5w

    शे'र

    लेकर के दिल में कोई एक आग बैठ गया,
    फूल सारे मुरझाने लगे और बाग बैठ गया!

    कैसे बताते उन्हें के ये इश्क़ मेरा सच्चा है,
    मज़हब का नाम लिया और दाग बैठ गया!
    ©dipps_