#bhagatsingh

105 posts
  • siddharth199 18w

    The Atheist: Bhagat Singh

    नास्तिकता

    नही मसीहा कोई मेरा, न गुरु कोई महान है न अल्लाह का बन्दा मैं और न सीने में राम है मूरतों, मज़ारों से न चलती मेरी दुकान है मैं हूँ दीवाना तारों का, मेरा इश्क़ सुनहरा चाँद है।

    कोई गीता के पाठ पढ़ाता, कोई देता बाइबल ज्ञान है, कोई गुरुग्रन्थ माथे लगाता, कोई वाचता कुरान है, क्यों मन्दिर, मस्ज़िद, गिरजाघर ने बांट रखा इंसान है? मैं भारत माँ का बेटा हूँ, मेरा गौरव संविधान है।

    न शुक्रगुज़ारी की उसकी, न हाथ कभी फैलाया है, जो खोया है खुद खोया है, जो पाया खुद ही पाया है, क्यों भटक रहा तू दरबदर जब झूठा उसका नाम है? ज़रा आंख खोल कर देख काफिर, इंसानों में भगवान है।

    खुद ताज पहन बैठा महलों में, दरिद्र रात भर रोया है, पत्थरों ने दूध पिया और इंसान भूखा सोया है। मज़हब के ठेकेदारों से मेरा बस एक सवाल है, क्या मासूमों के आँसुओं का रत्ती भर भी मलाल है?

    मौलवी ओढ़े रंग हरा, भगवे में पंडित सिमट गया, पादरी पहने सफेद चोगा, लो तिरंगा भी बट गया, मज़हब के चौकीदारों ने यूँ लूट लिया ईमान है, सब गाते रहे तराने रब के, चुप बैठा राष्ट्रगान है।

    -एक नास्तिक :भगत सिंह
    ©love_with_sf

  • dhruvfauji 28w

    मनोहरन सर

    शिक्षक तो सभी हैं, पर मनोहरन सर की बात ही कुछ और है, ऐसा मैं नहीं, आप के शिष्य कहते हैं।
    "मनोहरन" नाम के जैसा काम आपका छाया है, बताओ आपको कोई कैसे भुला पाया है?
    बेस्ट टीचर अवार्ड के आप हैं अधिकारी सच्चे,
    ऐसा मैं नहीं, कहते हैं आपके ही बच्चे (शिष्य)।
    उज्जवल चरित्र का निर्माण करने वाले आप ईश्वर से बढ़कर हैं, सुगम व दुर्गम हर विपदा में आप माता-पिता से चढ़कर हैं,
    पढ़ाते तो सभी है पर सर के पढ़ाने का तरीका कुछ और है, ऐसे हैं हमारे सर,
    मनोहरन सर की तो बात ही कुछ और है।
    शिष्यों के लिए धूप ताप सब सहते हैं,
    ऐसा मैं नहीं, आपके ही शिष्य कहते हैं।
    जब मिले आप तो हुआ ईश्वर सा साक्षात्कार,
    पवित्र हो जीवन, यही है आपका विचार,
    सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं आप जीवन जीना सिखाते हैं, नित नए प्रेरक आयाम लेकर शिक्षण को सार्थक बनाते हैं, मनोहरन सर की तो बात ही कुछ और है, ऐसा मैं नहीं, आपके शिष्य कहते हैं।
    पग पग पर मार्गदर्शन करने वाले आपको, सभी शत-शत शीश झुकाते हैं,
    ऐसा मैं ही नहीं आपके शिष्य भी कहते हैं।
    ' स्वस्थ सुखमय जीवन हो आपका, यही है प्रार्थना,
    पूरी हो जीवन की आपकी हर मनोकामना।'

    सप्रेम भेंट
    गुंजन शर्मा
    ©dhruvfauji

  • dhruvfauji 28w

    मैंने ठान लिया

    भूल जाओ वह समय जहां उसी समय का अपमान किया है, क्योंकि मैंने, लक्ष्य को पहचान लिया है,
    विद्या का ही मान किया है, अब तो मैंने ठान लिया है
    चाहे पांवो में छाले हों, न अधिक भोजन के निवाले हों, फिर भी चलते ही जाना है,
    यह तो मैंने जान लिया है,अब तो मैंने ठान लिया है।
    चिकित्सा विज्ञान या सुरक्षा , अर्पण तन मन धन कर दूं, ऐसी रही है मेरी शिक्षा,
    फिर सेवा को जीवन मान लिया है, उत्तम गुणों पर तो, शत्रु को भी सम्मान दिया है,
    गुरु से उत्तम ज्ञान लिया है, फिर दंडवत प्रणाम किया है,अब तो मैंने ठान लिया है।
    विकेट मोड़ पर भी न रुकना, दुष्टों समक्ष कभी ना झुकना, ऐसी उदिता का भान किया है,
    क्षण क्षण पर आती बाधाओं में, हर मोड़ पर पलती दुविधाओं में,श्री राम चरित्र का ध्यान किया है,
    अब तो मैंने ठान लिया है।
    एक बूंद सा जीवन था मेरा, फिर सागर सा मैं बन जाऊं, कर्मण्येवाधिकारस्ते, इस वक्तव्य पर चल जाऊं, ऐसे स्वप्नों को प्राण दिया है,
    अब तो मैंने ठान लिया है।
    ©dhruvfauji

  • dhruvfauji 28w

    दिन है मेहनत के

    चलते रहना है दिनोंदिन, मंजिल सूनी है तेरे बिन,
    बाज की सी चाल चल, युद्ध के लिए मचल,
    जो आज है मौका नहीं आएगा वो कल,
    तो संभल ! तू युवा है हर पल,
    तो चल संदेशों पर विवेक व भगत के,अभी तो दिन हैं मेहनत के।
    लोग रह जाएंगे सब हैरत में, जब समझेगा तू
    यही तो दिन हैं मेहनत के।
    करता चल अविरल प्रयास, जगा लोगों की हर आस,
    जो बुने तूने सपने हैं, गढ़ उनको कहावत पे,
    बना ऐसा विश्व जहां हर गरीब कह पाए,आएंगे दिन सेहत के।
    तो हो जा ध्रुव और चलता चल, यही तो दिन हैं मेहनत के।
    जीवन देख सागरमाथा सा है चढ़ना, है बचाना मानवता को तो उत्तम चरित्र है गढ़ना,
    तो देख है ये सब करना, इसलिए ना बैठ भरोसे रहमत के, यही तो दिन हैं मेहनत के।
    ©dhruvfauji

  • khwahishaan 29w

    युद्ध में जख्मी सैनिक
    युद्ध में जख्मी सैनिक साथी से कहता है:
    ‘साथी घर जाकर मत कहना,संकेतो में बतला देना,
    यदि हाल मेरी माता पूछे तो, जलता दीप बुझा देना!
    इतने पर भी न समझे तो दो आंसू तुम छलका देना!!
    यदि हाल मेरी बहना पूछे तो, सूनी कलाई दिखला देना!
    इतने पर भी न समझे तो, राखी तोड़ दिखा देना !!
    यदि हाल मेरी पत्नी पूछे तो, मस्तक तुम झुका लेना!
    इतने पर भी न समझे तो, मांग का सिन्दूर मिटा देना!!
    यदि हाल मेरे पापा पूछे तो, हाथों को सहला देना!
    इतने पर भी न समझे तो, लाठी तोड़ दिखा देना!!
    यदि हाल मेरा बेटा पूछे तो, सर उसका सहला देना!
    इतने पर भी न समझे तो, सीने से उसको लगा लेना!!
    यदि हाल मेरा भाई पूछे तो, खाली राह दिखा देना!
    इतने पर भी न समझे तो, सैनिक धर्म बता देना!!
    ©अज्ञात

    हमें यह कविता सोशल मीडिया से हासिल हुई है। हमें इसके रचनकार का नाम नहीं मालूम है। जिस किसी की भी यह कविता है, वह हमें इसकी सूचना दे सकता है। हमें उनका नाम प्रकाशित करने पर प्रसन्नता होगी।

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    ..

  • asmakhan 29w

    Salute to all those heroes who fought for the freedom of our country till their last breath.
    Let's remember their sacrifice not just for today but everyday, cause they sacrificed their lives so that today we can breathe freely.
    We are indebted to them. ♥️

    ©Asma Khan

  • bhuwnesh 29w

    आज शहीदी दिवस है। 23 मार्च 1931 को भगतसिंह, राजगुरू, सुखदेव को अंग्रेज़ी शासन द्वारा फाँसी दी गई थी। समस्त भारत आपके अपूर्व बलिदान को याद करता है। नमन।
    ����
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    ©bhuwnesh

  • thandebaste 29w

    थप्पड़ का जवाब गोली था
    और कंकर का जवाब पत्थर,
    जो ना सुनती ये गोरी सेना
    तो कर देते धमाका, कान के पास आकर।

    कुछ ऐसे थे ये परवाने,
    आज़ादी के दीवाने, मस्ताने।।

    ©thandebaste

  • manishapersheera 29w

    आज अखबार के पन्नों में नाम आपका कुछ इस तरह छपा है, कि आज़ादी के पीछे का अटूट संघर्ष महसूस हो रहा है।
    ©manishapersheera

  • dhruvfauji 29w

    शहीद दिवस

    भगत सिंह कुछ लोग कहते हैं तुझे देश से बेगाना, कहते हैं तू था मानवता से अनजाना,
    क्यों जरूरी है हर बार लोगों को बताना,
    कि तू और तेरे साथी थे देश के लिए इतना दीवाना, कि
    मंजूर हुआ जवानी में फांसी पर लटक जाना
    ©dhruvfauji

  • amiravana 29w

    Thought 1

    Conquer yourself First
    Your dreams come true
    ...
    @amiravana
    ©amiravana

  • inspiredwriterepeat 46w

    वीरों के वीर

    हम आंधी हैं, हम तूफान हैं
    हम हिंदुस्तान के वीर जवान हैं।
    हम लड़ते हैं इस मां की मिट्टी के लिए,
    तभी तो हम कहलाते वीर जवान हैं।
    हम रुकते नहीं, किसी से डरते नहीं, बस यूंही चलते रहते हैं,
    तभी हम कहलाते वीर जवान हैं।
    रोकोगे तो हम तुम्हे रोक देंगे, इस मिट्टी में तुम्हे दबोच लेंगे,
    तभी तो हम कहलाते वीर जवान हैं।
    जब हमारी याद आए, तो सोच लेना हम अपने काम में मशरूफ हैं, और जब हम तुम्हे याद करेंगे, तो सोच लेंगे की हम सब साथ हैं, क्यूंकि हम इस देश के वीर जवान हैं।
    जय हिन्द।

    ©shachinigam

  • ohi_katnawer 54w

    प्यार, इश्क़, मोहब्बत महज़ अल्फ़ाज़ हैं
    असल में हैं क्या ,कोई इनसे सीखे
    थोड़ा वक्त क्या मांग लो लोग नसीहतें देते हैं
    जान की परवाह न करना, कोई इनसे सीखे
    सब दौड़ में हरदम कुछ न कुछ हासिल करने के
    सब खुशी खुशी कुर्बान करना, कोई इनसे सीखे
    चार दिन जवानी के, औरों के लिए
    बलिदान देना, कोई इनसे सीखे

    देख लो मर गए तुम किनके लिए जिन्हें इंसानियत का पता मतलब नहीं
    खून में आग हैं लेकिन मोहब्बत का पता मतलब नहीं
    तेरे नाम से अपने मतलब पूरे कर रहें हैं
    तेरे मकसद से जिन्हें कोई मतलब नहीं
    तुझे आज़ादी चाहिए थी न अपने मुल्क़ की देख मिल गई
    जिस गोद में तुम्हें छिपा दिया गया देख फिर से वो अपनों के हाथों उजड़ रही
    तू भरता रहा जोश और जोश जोश में सूली चढ़ गया
    देख तेरे बाद तेरा नाम लेके कोई कुर्सी चढ़ गया

    सियासतें अब भी नज़रअंदाज़ कर रही हैं, राजनीति अब भी जानें ले रही हैं
    एक धोखा तेरे साथ हुआ तू लौट आ अब
    ये सियासत और राजनीति अपने अपने मतलब के लिए
    तुझ जैसे कईयों की सांसें ले रही हैं

    ©Katnawer


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    सियासतें अब भी नज़रअंदाज़ कर रही हैं,
    राजनीति अब भी जानें ले रही हैं
    एक धोखा तेरे साथ हुआ तू लौट आ अब
    ये सियासत और राजनीति
    अपने अपने मतलब के लिए
    तुझ जैसे कईयों की सांसें ले रही हैं
    ©katnawer

  • scribblesandfables 54w

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  • raman_writes 54w

    बहुत कुछ सिखाता है बलिदान, ज़िंदगी माँगता है बलिदान ।
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    भगत सिंह

    ख़ाक से बना था अंगार था वो, चलता फिरता तूफ़ान था वो ।

    डरा नहीं फाँसी के फंदे से भी, भगत सिंह जांबाज था वो ।।


    ©raman_writes

  • tanveerahamed 54w

    A Revolutionary

    An iconic legend in history,
    A hero known for his bravery,
    His beliefs & ideas were revolutionary,
    He gallantly fought against slavery,
    Happily gave up his life for the country,
    Let's recall him on his birth anniversary,
    Bhagat Singh a man of glory!

    ©tanveerahamed

  • ojash_2000 54w

    Bhagat Singh

    सूर्य अस्त हो चला है तमस के समंदर में फिर भी क्षितिज पर नूर-ए-आफ़ताब अभी बाकी है।

    आजाद सोच दफ़्न है जिंदा लाशों में कब से,
    भगत लौट आओ इंकलाब अभी बाकी है
    ©ojash_2000

  • iamshrish 61w

    आज़ादी...

    आये कई राजा थे कई सेना सल्तनत की आई थी
    बारी बारी मेरे भारत में आके सब ने मुँह की खाई थी
    रोक लिया था अजय सिकंदर को पोरस की तलवारो ने
    गिरता पड़ता भागा था निकेटर डर चंद्रगुप्त के वारो से
    आते गए वो बन विशाल फिर हो बेहाल वो चले गए
    देख देश के वीरो को कभी इधर गए कभी उधर गए
    बीता समय सन् 1175 लेकर सेना अब गोरी आया
    वो आया तो वो भी हारा पृथ्वीराज ने था उसे हराया
    समय का च्रक चलता ही गया वर्ष वर्ष बढ़ता ही गया
    कई वीर माटी में जन्मे भारत महान सजता ही गया
    औरंगज़ेब से लिया लोहा वीर शिवाजी महाराज ने
    पर तब तक अंग्रेज जमा चुके थे पैर भारत राज में
    मा भारती की धरती को उन अंग्रेजो ले था लूट लिया
    आत्याचार सीमा पर था किसी पर न उनको आती दया
    तब एक शेर ने हुँकार भरी थर्राया गीदड़ गोरो का जंगल
    शहीद हुए बैरकपुर में ज्योति क्रांति की जगा के मंगल
    क्रांति की ये विशाल आग अब पूरे भारत में फैली थी
    बरेली से खान बहादुर बिहार से कुँवर सिंह की टोली थी
    तोपे नाना आदि के मन में अब आज़ादी की लहर थी
    इलाहाबाद से अली लियाकत लखनऊ से बेगम महल थी
    सन् सत्तावन की आज़ादी क्रांति में खूब लड़ी मर्दानी थी
    झाँसी से खड़ी थी वीरांगना लक्ष्मी झाँसी की महारानी थी
    इस आज़ादी क्रांति ने तोड़ दी कंपनी की जो अकड़ थी
    अब देश में सीधा इंग्लैंड से वहा की रानी की पकड़ थी
    मा की आज़ादी के लिए तब कई महान वीर झूम गए
    हँसते हँसते वीर भगत सुखदेव राजगुरु मौत को चुम गए
    आज़ाद बिस्मिल उधम खान दत्त घोष लाल बाल पाल
    त्याग जीवन दिया वतन के लिए वीर मेरे भारत के लाल
    वीर जब लड़ रहे देश में तो बाहर भी एक वीर खड़ा था
    दूर वतन से थे अपने पर हौसला उनका बेहद बड़ा था
    नेताजी के बलिदानो का मैं क्या हिसाब करुगा
    वीर है महान है देशभक्त अपना आदर्श उन्हें कहुगा
    ऐसे ही वीरो के संघर्षो से भारत मेरा आज़ाद हुआ
    नेहरू बने प्रधानमंत्री बापू का सपना साकार हुआ
    बहुत वीरो के बलिदानो के बाद हमने आज़ादी पाई है
    नर मेरे वतन के अब भी शुभाष है नारी लक्ष्मी बाई है
    - श्रीश'अर्पित'
    ©iamshrish

  • devdoo 64w

    हरामजादो

    Redmi & One Plus ख़रीदना बंद नही कर सकते,
    पर चीनीराखी?

    या वह भी जवानो की जानों से महंगी है?

    खैर छोड़ो

    कोई होठों के लिए मरे,कोई नोटों के लिए मरे
    भगत सिंह भी बोलता होगा,ए सुखदेव हम भी किन हरामजादो के लिए मरे!
    ©devdoo

  • piyushalbus 71w

    तमस-darkness, क्षितिज-horizon, नूर-ए-आफ़ताब-sunlight, इंकलाब-revolution #bhagatsingh #light #freedom #azaadi #revolution #freedomfighters #freethought #nation #patriotism #hindiwriters @mirakee @writersnetwork @writersofmirakee @readwriteunite

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    भगत

    सूर्य अस्त हो चला है तमस के समंदर में, फिर भी
    क्षितिज पर नूर-ए-आफ़ताब अभी बाकी है।
    आज़ाद सोच दफ़्न है ज़िंदा लाशों में कब से,
    भगत, लौट आओ, इंकलाब अभी बाकी है ।।
    ©piyushalbus