#banaras

242 posts
  • saurabh_k_tiwari 5d

    उस ओर भी एक शहर बसता है।
    इस ओर तो अब बस तुम्हारा ख़्याल बाकी है!

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 5w

    Banaras a beloved!!

    Banaras is like that one beloved with whom you never want to break up but you go far far away from her that is not because you don't love her anymore but because you don't want her to be blamed for tells of your struggle with life but once you win you give all credit to that beloved.

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 8w

    एक तस्वीर झूठी सी ख्वाहिश बनकर ठहरी है।
    कोई मेरी सांझ को पनघट का सहारा दे दे।

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 9w

    What feels terrible is, when you are deliberately misunderstood!

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 9w

    Understanding of essentiality of acceptance is rare in many people, nothing stays without temptation!

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 9w

    It is difficult to stay natural , many unwanted factors would try to push you into chaos!

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 9w

    वो मेरी आखिरी गज़ल थी।
    मैं अब अपनी कविताओं में केवल कहानियां लिखता हूँ।

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 9w

    मेरे बाद का मौसम तुम्हें खुशी देगा।
    मेरे साथ कि हवा अक्सर उदास रहा करती है।

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 9w

    घाट के बिना बनारस वैसा ही लगता है,
    जैसे माथे के बीच कुमकुम के बिना स्त्री श्रृंगार।

    ©saurabh_k_tiwari

  • shivanikushwah 12w

    ???

    Oyo se bhare jmane mein sath mandap tak le jaoge kya...
    Shimla Mnali to sabhi jate hai...tum mujhe banaras le jaoge kyaa..??
    ©shivanikushwah

  • saurabh_k_tiwari 13w

    उसके होने से एक आहट सी सुनाई देती है मुझे मेरे अन्दर।
    मैं उसकी बिखरी जुल्फों में बिखर जाना चाहता हूं।
    उसे खुद में भर लेना चाहता हूं और उसके होने को एक नया नाम देना चाहता हूं
    एक तिनका उठाकर तितली सा कुछ उसके बालों में पिरो देना चाहता हूं।
    जो बाकी है अधूरा सा लिखा हुआ इश्कनामा उसे पूरा करना चाहता हूँ।
    एक नई शक्ल देना चाहता हूं, होने को, होने की असीमित संभावनाओं को।
    मैं टूटे रास्ते के उस पुराने पेड़ के नीचे, बैठ जाना चाहता हूँ।
    और उसे तबतक लिखना चाहता हूं, जब तक कि स्याही ख़त्म न हो जाये।
    एक नई कलम से पूराने दिनों को किसी चीथड़े हुए डायरी के आखिरी पन्ने पर उतार देना चाहता हूं।
    और चैन से कुछ उम्मीद को सिरहाने रखकर, गहरी सांस भरते हुए, उसकी बिखरी जुल्फों में हमेशा के लिए बिखर कर उसमें समा जाना चाहता हूं।
    चाहता हूं कि इश्क में ख़ुद को फिर से कैद कर लिया जाए
    चाहता हूं ख़ुद के होने को फिर से जिया जाए।
    चाहता हूँ फिर से कोई गीत लिखा जाए।

    ©saurabh_k_tiwari

  • eashadas123 14w

    Assi Ghaat sa tmhara pyaar,
    Manikarnika Ghaat sa tmhara aitbaar..

    ©eashadas123

  • imgarima 17w

    बनारस...!!

    बनारस केवल शहर नहीं,
    एक खूबसूरत सा एहसास है,
    भोले का रहता जहाँ हरदम वास है...!

    मन में आस्था,
    दिल में हर कोई प्रेम लिए फिरता है,.
    इस शहर में हैं ऐसी कुछ खास बात तो जो,
    यहाँ हर कोई अपना बना लिया करता है..!

    थका हारा मन भी ,
    सुकून पा लेता है,
    जो इंसान यहाँ गंगा नहा लेता है...!

    गरिमा प्रसाद
    ©imgarima

  • saurabh_k_tiwari 17w

    I lost you, when I was not even prepared to breathe,
    I lost you, when I was not even prepared to dream,
    I lost you, in the evening,in the morning,in the midnight, in the twilight,
    I lost you,in all those moments when I tried loving you,
    I lost you in the hope of becoming one,
    I lost you every second in the chaos of unfound memory.
    I lost you for who I am,
    I lost you because I couldn't forget,
    I lost you in my disdain,
    I lost you, I lost you forever,
    I lost you in indefinable space time!
    I lost you!

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 17w

    किसी की याद आने भर से,
    किसी के मुस्कराने भर से,
    खत का आखिरी मसला लिखते वक्त,
    गोधुली कि आखिरी बेला में,
    सुबह की पहली किरण के आने तक,
    उदास ख्यालों को सरगम बनाते हुए,
    चाय की प्याली में आधी चाय पड़ी होने पर,
    खोये खोये आसमा को निहारते हुए,
    कलम की आखिरी स्याही ख़त्म होने तक,
    ढूंढ़ते फिरते रहना उस एहसास को ,
    जो दफ़्न हो गया हो दूरियों के खण्डहर में,
    बिस्तर की सिलवटों में सिमटी महक,
    छुअन का अजनबी सा घरौंदा मन के अंतःतल में,
    गर ये सब याद कर आंखें नम हो जायें,
    तो ये मान लेना तुमने इश्क को
    जीवन से कहीं बढ़कर जिया है।
    जीवन तो सब जीते हैं!

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 17w

    थोड़े फूल अक्सर मैं अब भी तोड़ लाया करता हूँ।
    तुम्हारी कुछ आदतें अब भी मेरी आदतों में शामिल हैं।

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 17w

    हर बिखरी हुई चीज बोझिल नहीं लगती।
    मैंने उसके बालों में बिखरे गुलाब देखें हैं।

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 17w

    Joy of suffering is the state of sublime pleasure !

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 17w

    मेरा अक्सर उदास रहना इस बात की गवाही है कि मुझमें तेरा इश्क अब भी बाकी है।

    ©saurabh_k_tiwari

  • saurabh_k_tiwari 17w

    माथे पर दिया चुम्बन गर याद आ जाये लौट आना।
    वो सांझ अब तक तुम पर उधार है!

    ©saurabh_k_tiwari