#az

986 posts
  • anougraphy 6w

    अपने 'जाहिल' की जानिब से यौम-ए-पैदाइश की
    तह-ए-दिल मुबारकबाद क़ुबूल करें प्यारी जिगना������
    दुआ करता हूं ये सरपरस्ती और सेहतयबी बनी रहे❤️����
    Happy Birthday @jigna_a

    ➖➖➖➖
    अधिकार- अनूप शुक्ला ��
    © AnouGraphy ❤
    FB/ Insta : AnouGraphy
    #zahil #az #love_you_Maitri
    #Anougraphy
    ➖➖➖➖➖➖

    Read More

    हसीन चेहरे की ताबिंदगी मुबारक हो,,,,
    मेरी जिगना यौम-ए-पैदाइश मुबारक हो....

    - जाहिल 'अनूप'
    ©anougraphy

  • charfire_m 10w

    https://apps.supremecourt.az.gov/publicaccess/caselookup.aspx

    #https #apps #supremecourt #az #gov #publicaccess #caselookup #aspx

    See the point of this photo is to show that, those that use the legal system, are truthful, because they're up front about it, and through your ignorance you play along and you voluntarily give up your jurisdiction to your rights to take privileges; see what I'm getting at is as you can see they say "last/business name," so at all retrospection of common sense, and regardless of that semantics when you're viewing it and from any legal standpoint, they're referring to them being the same thing; now if they were not comparing them to be the same thing, then they would have an "or, " because then they would be able to use the excuse that they're trying to save on space to have you fill in the same spot for two different pieces of information that are not the same thing. #justsaying #pauper #USA #wheresyourfreedom ?

    Read More

    .

    .

  • vimal_tyagi 61w

    Feel free to tag me by using #vimal_tyagi or #vct  waiting to read your lovely words
    __________________________________
    @73mishrasanju @jayraj_singh_jhala @ramaiyya @kishor634 @raaj_kalam_ka
    #du #smb #panchdoot #shalonika #vimal_tyagi #hind #piaa_choudhary #satender #osr #vtt #r89 #az #elu #maggie

    Read More

    Thought Process

    You are the master of your destiny.You can influence, direct and control your environment.You can make your life that way whatever you want to make it.So let's think.
    ©vimmal_ttyagi

  • vimal_tyagi 73w

    सुप्रभात

    रूबरू होने की तो छोड़िये,
    गुफ्तगू से भी कतराने लगे हैं !
    गुरुर ओढे हुए कुछ रिश्ते,
    अपनी हैसियत पर इतराने लगे हैं.!!!
    ©vimmal_ttyagi

  • _bahetiankita 79w

    चलो आज कुछ नया कर के देखें

    चलो आज कुछ नया कर के देखें
    बड़ी एकरंग हो गई है ज़िन्दगी
    कुछ नए रंग अलग अंदाज़ में भर के देखें
    चलो आज कुछ नया कर के देखें

    जो आज कोई दे बिन बात ताना या करे गुस्सा
    तो उस पर बिना हताश हुए, हंस कर के देखें
    चलो आज कुछ नया कर के देखें

    जो आज कोई काम बिगड़े या नुकसान हो
    तो लोगों को बिना गुस्सा किए, माफ कर के देखें
    चलो आज कुछ नया कर के देखें

    जो आज कोई अपना लाचार, रोता दिखे कहीं
    तो बिना कुछ पूछे, जाने, उसका साथ निभा कर देखें
    चलो आज कुछ नया कर के देखें

    जो आज कोई बड़ी खुश खबरी मिली हो
    तो अनजान ज़रूरमंदों को उसका हिस्सा बना कर देखें
    चलो आज कुछ नया कर के देखें

    जो आज कोई मुसीबत आन खड़ी हो
    तो बिना कोसे, ईश्वर पर भरोसा कर, धन्यवाद देकर देखें
    चलो आज कुछ नया कर के देखें

    मिला मानव जीवन, प्रेम और विश्वास बढ़ा ने को
    तो आओ उसे, आज सार्थक कर के देखें
    चलो आज कुछ नया कर के देखें
    ©_bahetiankita

  • anougraphy 79w

    जाहिल कहिन✍
    ➖➖➖➖

    नौ-रोज़-ओ-नौ-बहार-ओ-संदान-ए-इश्क़-ओ-दिलबरे खु़श अस्त,
    "जाहिल" माशूक़-ए-मा' बा-शेवा-ई, आलम दो-बारा नीस्त....

    [नौ-रोज़ का दिन हो और बहार का मौसम भी और इश्क़ की कसौटी भी हो और हसीन माशूक़ा भी, तो ऐ 'जाहिल' जी भर के माशूक़ का अपने सुलूक में हर एक का साथ दे ले क्योकि यह दुनिया दोबारा हाथ नही आएगी]




    पेश-ए-ख़िदमत है नौ-बहार 'जाहिल',
    उम्मीद है आप इस नाज़ुक ख़याली से लुत्फ़अंदोज़ होंगे ��

    और आप जदीद वाक़ियाती शायरों के कलाम पे, "माहिर-ए-फ़न" कि "फ़साहत-ओ-बलाग़त-ओ-अश्र पज़ीरी" पे निशानदेही बाकी है,
    तो बस सबसे इल्तिज़ा है के "तन्क़ीद-ओ-तहकी़क" के लिए ज़रा सा वक़्त दे��

    एक और बात ,
    मैं कोई 'अरूज़ी' नहीं हूं और न ही ऐसी कोई मुझ में 'सलाहिअत' है,
    तो आप 'मुसल्लिम-उस-सुबूत असातिज़ा', 'उस्ताज़-उल-असातिज़ा' और 'अहबाब-ए-महफ़िल' से गुज़ारिश है की यहाँ निशानी में "तन्क़ीद-ओ-तहकी़क़" जो अब "बराए नाम" ही रह गई है तो बस इल्तिज़ा है ईमान से निशानदेही कीजिये ��


    आपकी तवज्जो का मम्नून-ओ-मुतशक्किर हूँ��
    यार ज़िन्दा ,सोहबत बाक़ी��

    ➖➖➖➖

    मायने ✍

    जदीद =आधुनिक
    फ़साहत-ओ-बलाग़त-ओ-अश्र पज़ीरी = सीधा सादा लेखन और चामत्कारिक लेखन और प्रभावकारी लेखन
    तन्क़ीद-ओ-तहकी़क = समीक्षा व आलोचना
    अरूज़ी = उर्दू छन्द शात्र का ज्ञाता
    सलाहिअत = योग्यता एवं दक्षता
    मुसल्लिम-उस-सुबूत असातिज़ा = पूर्ण रूपेण प्रामाणिक गुरु
    उस्ताज़-उल-असातिज़ा = गुरुओं के उस्ताद
    अहबाब-ए-महफ़िल = मंच के दोस्तों


    ➖➖➖➖
    अधिकार- अनूप शुक्ला ��
    © AnouGraphy ❤
    FB/ Insta : AnouGraphy
    #zahil #az
    #Anougraphy
    ➖➖➖➖➖➖



    #HKS #hindilekhan #love_you_Maitri @hindilekhan @hindikavyasangam @writersnetwork @panchdoot

    Read More

    नौ-बहार 'जाहिल'

    .
    आप 'जाहिल' से रूठे तो मुश्किलो से मनते है,,,,
    चलिए सवार होइए हम गधे से घोड़ा बनते है....

    -जाहिल 'अनूप'
    ©anougraphy

  • _bahetiankita 79w

    हरसिंगार

    हरी पत्तियों से भरा हरसिंगार का पेड़
    संध्या में नन्ही कलियां उभरती हैं उसमें
    जो रात के बढ़ने के साथ खिलने लगती हैं
    महकाने लगती हैं घर, आंगन, चोबारे,

    रात्रि के प्रथम प्रहर में
    जब कली रूप लेती है पुष्प का
    मानो करती है श्रृंगार वृक्ष का
    हरी पत्तियों के बीच
    सुंदर सफदे पुष्प और नारंगी डंडी
    मादक सुगंध बिखराते चहुंओर

    चांद की रोशनी में
    निखर आता है उनका रूप
    मोहक खुशबू जैसे
    भेजती है संदेश प्रेम का

    सुबह की पहली किरण के साथ
    वृक्ष का साथ छोड़ झड़ जाते हैं सारे पुष्प
    बिखर जाते हैं, बिना किसी आस के,
    बस एक रात का जीवन
    फिर भी नहीं किसी से शिकायत
    याद दिलाते हैं यही कहानी सबकी
    आना और जीवन काल पूरा कर चले जाना...

    ©_bahetiankita

  • shiv__ 82w

    मैं उनसे कुछ दिन दूर क्या हुआ...!
    उन्होंने तो रास्ता ही बदल दिया... !!
    ©shiv__

  • anougraphy 85w

    जाहिल कहिन✍
    ➖➖➖➖

    आशा है आप सभी को यह प्रेम भाव प्रभावित करेंगे और एक बात हिंदी इतनी अच्छी नहीं लिख पाते हम बस हृदय से प्रयास किया है��������


    ➖➖➖➖
    अधिकार- अनूप शुक्ला ��
    © AnouGraphy ❤
    FB/ Insta : AnouGraphy
    #zahil #az
    #Anougraphy
    ➖➖➖➖➖➖



    #HKS #hindilekhan #love_you_Maitri @hindilekhan @hindikavyasangam @writersnetwork @panchdoot

    Read More

    बहु सुमन बहुधारा से समृद्ध सत्यअनादि प्यार,,
    नाद-वेद, चंचल-गति में निर्मल हृदय विस्तार....

    -जाहिल 'अनूप'
    ©anougraphy

  • thoughtfulrohini 88w

    .

  • anougraphy 94w

    "सो दससीस स्वान की नाईं।
    इत उत चितइ चला भड़िहाईं॥"

    क्रोधवंत तब रावन लीन्हिसि रथ बैठाइ।
    चला गगनपथ आतुर भयँ रथ हाँकि न जाइ॥

    वही दस सिर वाला रावण कुत्ते की तरह इधर-उधर ताकता हुआ भड़िहाई के लिए चला।

    फिर क्रोध में भरकर रावण ने सीताजी को रथ पर बैठा लिया और वह बड़ी उतावली के साथ आकाश मार्ग से चला, किन्तु डर के मारे उससे रथ हाँका नहीं जाता था॥


    #love_you_Maitri #zahil #az #Anougraphy

    Read More

    यदि आप परस्त्री का अपहरण करके उसे सुविधा व सम्मान के साथ बंदी बना कर रखते है तो आप तनिक ना घबराएं, आप तो हमारे समाज के अर्धज्ञानीयों द्वारा जयकारों के साथ महान और वीर सिद्ध कर दिए जाएंगे,

    अरे होंगे उनके लिए रावण ज्ञानी और महान मेरे लिए तो सबसे बड़े शिवभक्त नंदी और महाज्ञानी हनुमान ही है और सबसे बड़े वीर मेरे राम
    जय श्री राम

    -जाहिल 'अनूप'
    ©anougraphy

  • anougraphy 94w

    जाहिल कहिन✍
    ➖➖➖➖


    "ये सफर जितना तवील है उतनी ही दिलचस्प भी"


    आज एक जदीद वाक़ियाती शायरा @monikakapur के कलाम का जायज़ा लेते हुए अज़-ईन हमने भी अहवाल-ए-इश्क़-ए-मजाज़ी पर कुछ लिखा है ��
    उम्मीद है आप इस नाज़ुक ख़याली से लुत्फ़अंदोज़ होंगे ��

    एक और बात ,
    मैं कोई 'अरूज़ी' नहीं हूं और न ही ऐसी कोई मुझ में 'सलाहिअत' है,
    तो आप 'मुसल्लिम-उस-सुबूत असातिज़ा', 'उस्ताज़-उल-असातिज़ा' और 'अहबाब-ए-महफ़िल' से गुज़ारिश है की ईमान से निशानदेही कीजिये ��


    आपकी तवज्जो का मम्नून-ओ-मुतशक्किर हूँ��
    यार ज़िन्दा ,सोहबत बाक़ी��

    ➖➖➖➖

    मायने ✍

    तलाश-ए-मरहला = मंजिल की तलाश
    हसरत-ओ-यास = संभावनाओं की हदों

    जदीद =आधुनिक
    अज़-ईन = लगे हाथ
    अहवाल-ए-इश्क़-ए-मजाज़ी = सांसारिक प्रेम के हालात

    अरूज़ी = उर्दू छन्द शात्र का ज्ञाता
    सलाहिअत = योग्यता एवं दक्षता
    मुसल्लिम-उस-सुबूत असातिज़ा = पूर्ण रूपेण प्रामाणिक गुरु
    उस्ताज़-उल-असातिज़ा = गुरुओं के उस्ताद
    अहबाब-ए-महफ़िल = मंच के दोस्तों

    ➖➖➖➖
    अधिकार- अनूप शुक्ला ��
    © AnouGraphy ❤
    FB/ Insta : AnouGraphy
    #zahil #az
    #Anougraphy
    ➖➖➖➖➖➖


    #HKS #hindilekhan #love_you_Maitri
    @hindilekhan @hindikavyasangam @writersnetwork @panchdoot

    Read More

    "जाहिल" उम्मीद

    तलाश-ए-मरहला मेरी हसरत-ओ-यास में फिरती है,,
    बस यूँही बसते बसते ही जाहिल बस्तियां बसती है....

    - जाहिल 'अनूप'
    ©anougraphy

  • anougraphy 95w

    अक्सर ये बात कही जाती है कि गांधीजी ने भगत सिंह और उनके साथियों को फांसी से क्यों नहीं बचाया?

    गांधीजी जानते थे अगर वे ऐसा करते तो उनकी तो लोकप्रियता और भी बढ़ जाती(बजाये घटने के जैसा की लोग सोचते हैं की गाँधी को जलन थी भगत सिंह की लोकप्रियता से )और सारे भगत सिंह के समर्थक गांधीजी के समर्थक हो जाते, मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया|

    तो अब एक बात समझनी है की आखिर गांधीजी ने ऐसा क्यों नहीं किया?
    गाँधी जी के आन्दोलन की नींव ही अहिंसा पर टिकी थी, वो अगर भगत सिंह का समर्थन करते तो वह उनके आन्दोलन के नियम के खिलाफ था| इतना बड़ा आन्दोलन कभी न परिवर्तित होने वाले कठोर नियम से ही चलाया जा सकता है|
    जब चौरी चौरा कांड में हिंसा हुई तो गाँधी जी ने आन्दोलन वापस लिया था इसी नियम को बरक़रार रखने के लिए| तो इस बार गांधीजी अगर अपना नियम तोड़ देेते तो लोगों को बहाना मिलता हिंसा करने का और फिर पूरा आन्दोलन गाँधी के आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो जाता और ऐसे नेता के कण्ट्रोल के बिना दिशाहीन आन्दोलन का जो परिणाम होता है वो हम 1857 के क्रांति को पढ़कर जान सकतें हैं|

    हम सोचतें है गांधीजी हिंसा के खिलाफ क्यों थे?
    उस समय की स्थिति लगभग वैसी ही थी जैसी आज की। वही पुलिस, वही कलेक्टर, सब वही व्यवस्था है बस सत्ता भारतीयों के हाथ में है| तो क्या आज इतने लोगों को हिंसा के नाम पर संगठित किया जा सकता है?

    गांधीजी का उद्देश्य भारत का बंटवारा कतई न था, मगर वक्त के आगे अगर गांधीजी लाचार हो गए तो क्या हम उनको गाली दें?

    गांधीजी ने कहा था - अंग्रेज भारत से जायेंगे मगर लड़ाई खत्म नहीं होगी, ये तब तक जारी रहेगी जब तक भारत के अंतिम चेहरे पे मुस्कान नहीं आ जाती|

    गांधीजी के मरने के लोग जितने भी फायदे गिनाते हैं वो तो हमे कभी हुए ही नहीं, अगर भारत की समस्या का समाधान चाहिए तो गांधीजी के दर्शन को समझना ही होगा|

    अंत में-
    सरकार को भी कम से कम राष्ट्रपिता के अपमान को रोकने के लिए कुछ करना चाहिये और राष्ट्रपिता के आलोचकों का ये कर्त्तव्य है की अगर इस पोस्ट में कोई त्रुटी हो तो उसे सप्रमाण सामने लाये|

    ©
    FB/ Insta : AnouGraphy
    #zahil #az #Anougraphy

    Read More

    गांधी एक विवेचना

    अपने ही देश मे बापू क्यो अपमानित ?

    क्रांति 1857 - प्रायोजित किया गया नाना साहेब पेशवा के द्वारा 30 मई को पूरे भारत में होना था क्रांति वो भी सशस्त्र , मगर वक्त को मंजूर नहीं था और मंगल पाण्डेय ने जल्दीबाजी दिखा दी वक़्त से पहले स्वतः स्फुरित आन्दोलन हुआ और दबा दिया गया क्योंकि कोई नेता न मिला इसे । जिसे नाना साहेब पेशवा को नेतृत्व करना था और हाथ लगी असफलता!!!

    मंगल पाण्डेय जी महान क्रांतिकारी थे, मगर उनकी जल्दीबाजी के इस निर्णय ने भारत को आजाद होने से रोक दिया, संगठन से हट कर चलने का यही अंजाम होता है|
    वो हर देश जो प्रगतिशील हैं, जिन्होंने अपने नेता की हर बात मानी, सही-गलत सब में साथ दिया और अंत में विजय हुई, जैसे क्यूबा के फिदेल कास्त्रो|

    मगर भारत में एक गाँधी के विरोधी भी बने और समर्थक भी आपस की लड़ाई ही मची रही किसी का कोई मत था और किसी का कोई और...

    गांधीजी को ठीक से पढ़िये और समझिए। वो कोई नेता नहीं थे और न ही उन्होंने किसी पद की कामना की, न कोई लालच। चाहते तो वो भी अंग्रेजो की नौकरी कर चैेन की बंसी बजा सकते थे मगर एक धोती में जीवन निकाला हम लोगों की आजादी के लिए, करोड़ों लोग थे उनकी अर्थी के पीछे। वो सब गलत थे क्या ?

    गांधीजी को पता था कि बिना ताकत और हथियार के अंग्रेजों से हिंसा के दम पर भिड़ जाना मतलब आत्महत्या करना और एक बार हिंसक आन्दोलन अंग्रेजों ने कुचल दिया तो भारतीयों का मनोबल हमेशा की तरह १०-२० साल के लिए फिर से गिर जायेगा , इसीलिए गांधीजी अहिंसक आन्दोलन के पक्ष में थे , क्योंकि यही अंग्रेजों को हिला सकता था|
    वरना गांधीजी से पहले भी कई हिंसक आन्दोलन हो चुके थे, सब दबा दिए गए और मनोबल ऐसे टूटा लोगों का कि २०-३० बरस तक आन्दोलन के नाम से डरते रहे लोग और लोगों ने ये मान लिया था कि अंग्रेजों को सत्ता से उखाड़ना नामुमकिन है|

    तिलक जी, जो गांधीजी के गुरु थे उनके बाद खुद गांधीजी ने लोगो में असहयोग आन्दोलन के द्वारा आज़ादी की आशा का दीप जलाया | लोग समझ गए हमेशा की तरह दबा दिए जाने वाले हिंसक आन्दोलन का भी विकल्प हैं, अहिंसक आन्दोलन, बहिष्कार, अवज्ञा|

    ©anougraphy

  • abhishek_95 95w

    तेरी तन्हाईयो में हम कुछ कर बैठे
    अब ये आलम कैसा कि हम तुझ पे मर बैठे।
    ©abhishek_95

  • abhishek_95 96w

    तेरी यादों के सहारे जी रहा हूं
    तुम समझ रही हो
    मैं कैसे ये सह रहा हूं।
    ©abhishek_95

  • abhishek_95 96w

    चांद का रूख हो गर चांदनी पर तो
    मोहब्बत भी सरमा जायेगी ।
    गर रुख़ हो मुहब्बत का तुमसे तो
    मोहब्बत भी हो जायेगी।
    ©abhishek_95

  • abhishek_95 96w

    इतना भी मत इतराओ अपने हुस्न पर ,
    ऐ-हुस्न कि मलिका कि कोई देखना भी पसंद ना करें ,
    मुझे लग रहा है नजरें झुकी है तेरी कहीं खुद पर पछताना न पड़े।।
    ©abhishek_95

  • abhishek_95 96w

    मुझे तुम क्यूं अकेला छोड़ गई
    तुम अपने साथ मेरे सांसों क्यूं नहीं ले ग‌ई।
    ©abhishek_95

  • shiv__ 96w

    ख़ामोश, नज़रें चुराते हुए तेरे दिल का दीदार कर गई,
    गुलज़ार है दिल तेरा मिली वो शाम मुकम्मल इश्क़ कर गई|
    ©shiv_26

  • miracle__ 95w

    इस आबाद शहर और मशहूर बस्ती में
    थोड़ा बर्बाद, थोड़ा मग्रूर हूं मै
    मंजिल का तो पता नहीं,
    रास्तों का शौकीन हूं मै
    ये तीरगी और वो जुगनू
    यार है मेरे, इन सबो का अज़ीज हूं मैं
    बेअदबी से राब्ता पुराना ठहरा,
    इसीलिए लोगों की महफ़िल से दूर हूं मै।
    ©miracle__