#apraadh

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  • juhigrover 115w

    सुबह उठते ही हमारा ध्यान अखबार पे जाता है,
    और कुछ भी ग़लत होता है,सरकार ही ग़लत है,
    अग़र अपराध ज़्यादा होते हैं,तो सरकार ग़लत है,
    महंगाई, ग़रीबी, बेरोज़गारी, जनसंख्या वृध्दि....,
    कुछ भी हो,कोई हो न हो, सरकार तो ज़िम्मेदार है।
    हम चाहे कभी भी टैक्स न भरें, हम हमेशा सही हैं,
    हम सामान लेते समय छुपा के कम पैसे दें, सही हैं,
    हम कहीं कुछ ग़लत देख आगे चल दें, हम सही हैं,
    हम कुछ ले दे कर चुनाव में हिस्सा लें, हम सही हैं,
    हम अपने माथे पे सही का ठप्पा लगवा कर लाये हैं।
    अग़र बदलाव चाहते हो तो पहले खुद को बदलो,
    पूरा समाज तो बदलेगा, सरकारें भी बदल जायेगी।
    कोई सुबह उठते ही नही कहेगा कि सरकार गलत है,
    सरकार भी हम में से है, मतलब कि हम ही गलत हैं।
    ©juhigrover