#ahsas_riya_ke

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  • bal_ram_pandey 137w

    तू ने लिए है फैसले सारे
    दूरियां बढ़ाने वाले
    न रही परवाह अब ये कि क्या
    कहेंगे ज़माने वाले

    मेरे रू -ब -रू हैं कितने सारे मरासिस
    खूब- रू
    ज़ख्म कुरेदते है क्यूं वो ज़ख्म
    सहलाने वाले

    आईना भी पढ़ने लगा चेहरे पर
    खामोशी मेरी
    चुपचाप से क्यों है लब लोगों को
    हंसाने वाले

    बैठ गए बुझती शमा के पास पतंगे
    थक कर
    ढूंढ रहे हैं जुगनू... शमा की लौ
    जलाने वाले

    अब तो कह दो खुलकर तमन्ना ए
    दिल अपनी
    इंतज़ार में खड़े हैं कब से सब मुझे
    दफनाने वाले

    ©bal_ram_pandey