#Shehnazz

1 posts
  • preranarathi 7w

    मौत का बहाना

    तू तो चला गया इस दुनिया से मुँह मोड कर,
    मुझे अकेला ही यहाँ छोड़ कर।
    जाते-जाते ये तो बता जाता,
    नहीं आएगा तू फिर कभी इस जहां में लौटकर।
    बहोत मनहूस था वो सवेरा, जब तू जागा ही नहीं,
    ऐसा लगा जिंदगी का सूरज निकला ही नहीं।
    तुम तो बड़े बेवफा निकले जनाब,
    वादे किए उम्र भर के,
    और आज अधूरा ही छोड़ गए हमें आप।
    तुझसे मोहब्बत की है, तो तेरी जुदाई भी सह लेंगे,
    काटँ लेंगे तेरे बिना जिंदगी, पर बस काटँ ही लेंगे।
    और कोई उम्मीद तू हमसे मत रखना,
    मेरे मुसकुराने कि न कोई दुआ करना।
    न निकले मेरी आँखों से दरिया,
    ऐसी न ही तू कोई फ़रियाद करना।
    तेरी यादो से जुदा हम हो नहीं पाएँगे,
    वो क्या है न की,
    तेरे वाला ईश्क हम किसी और से कर नहीं पाएँगे।
    पता है, मुमकिन नहीं है तेरा लौटकर आना,
    पर उतना ही मुश्किल है, सिड का नाज से अलग हो पाना।
    रोज याद करेंगे तुझे सौ दफा अपनी दुआओ में,
    तू भले ही भूल जाना,
    पर हम पास होंगे अपने मोहब्बत के सारे इमतीहानो में।
    तुझसे बहोत कुछ सीखा हैं हमने,
    जिंदगी का हर पाठ पढ़ा है हमने तुमसे।
    तुमने हमें हमारे पैरों पर खड़ा होना सिखाया,
    पर परीक्षा लोगे हमारी, ये तो कभी न बताया।
    तुझे लगता हैं अब हमें तुम्हारी जरूरत ही नहीं,
    आकर देख तो एक दफा,
    तेरे बिना जिंदगी का कोई मतलब ही नहीं।
    कोई आहट हुई तो लगा के तू आ गया,
    मगर ख्वाब था मेरा,
    जो फिर एक बार तेरी याद दिला गया ।
    मेरी गोद में ली हुई वो तुम्हारी आखरी साँसे,
    आज भी याद हैं मुझे,
    जब तुम मेरे पुकारने पर भी नहीं जागे।
    जिंदगी मेरी पूरी पलट ही गई,
    जब तेरे दिल की धडकने रूक ही गई।
    तेरे हाथों ने फिर हाथ मेरा कभी ना थामा,
    और फिर चला गया तू, करके मौत का बहाना।

    - प्रेरणा राठी
    ©preranarathi