#PAPA

1021 posts
  • jazbat 1d

    कही-सुनी (कोरोना काल)

    आजकल कही तो ख़ूब जा रही है
    करने को कई बात कही जा रही हैं
    कहने वाले बहुत कुछ बता रहे हैं
    कुछ वाक़ई भलाई भी चाह रहे हैं ।

    सुनी हुयी बात अमल में नही आ रही है
    सच्ची या झूठी का वहम ला रही हैं
    भलाई अपनी नज़र नही आ रही है
    सुनकर अनसुनी की जा रही है ।

    कही-सुनी बातों को कान मत लगाओ
    देखो समझो परखो तब अमल में लाओ
    बहुत सी बेमतलब बातें फैलायी जा रही हैं
    अफ़वाहों से जिंदगियाँ ख़तरे में आ रही हैं ।
    ©jazbat
    Ranjana B.(15/4/21)

  • johniel 2d

    Papa

    Papa, the breakfast is ready, I'm having a baby, I'll raise it lonely.
    Papa, i named him larry, cause he look like you, but he doesn't have one.
    Papa, i act just like you but he's still looking for fact.

    Papa, aren't we going for a walk? It's 7 am the sun is just fine, why not you?
    Papa, can you fix his toy? It's broken just like me.
    Papa, can you take him to school? the bus is gone, just like you.

    JnN
    04-14-2021
    ©johniel

  • jitendra_parmar_ 4d

    Boys can relate !!
    Dream of many boys .
    #papa❤️

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    The hardest thing in this world is to hug your father..

  • gaamir 1w

    Vaada

    Parso tak wo Jaan maangti to dene ko Tayaar tha me...
    Or aaj usne maang bhi li....
    Par me de na saka...
    Kyu...
    Kyuki Yaar wo kal Papa ne taarif ki thi meri pehli Baar...
    To Man nhi Kiya fir koi aesa Vaada Nibhane Ka...
    ©gaamir

  • nisha995 1w

    Papa

    Aapka yun muskurana, hasna aur hasana,
    Cricket hone pe logo ko bulana aur mehfil jamana,
    Meri kacchi roti pe b wah meri bitiya bol k hosala badhana,
    Kbi bachpan k kisse sunana,
    Mummy ko chidhana unke gussane pe unko manana,
    Bhaiya k gusse se mujhe bachana,
    Kitna b sambhalo khud ko yaad ata hain, yaad ata h..
    Papa I miss you so much, I wish you could be here with us.
    ©nisha995

  • beingkashyap 1w

    Relation

    अपनो का हाथ पकड़ के चलिए !
    लोगों के पैर पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    ©beingkashyap

  • saks_hi 1w

    Pita...

    Kitna azib hota hai na ye rishta...
    Beti jb badi ho jaati hai tb vo apne pita se khul kr gale bhi nhi lga paati..
    ©saks_hi

  • trishaaj_rs 1w

    Mere Papa si duniyaa!

    Kyu ye duniyaa, Papa
    Tmsi nhi ho jaati hai?

    Kyu ye duniyaa, Papa
    Mujhko itna satati hai??

    Kyu ye duniyaa, Papa
    Har pal mujhe rulaati hai?

    Kyu ye duniyaa, Papa
    Mujhe hi galat batati hai??

    Kyu ye duniyaa, Papa
    Tmsi nhi ho jaati hai?

    Pr iss duniyaa me tm ho, Papa
    Ye duniyaa mujhe ab bhi jannat nazar aati hai
    ©trishaaj_rs

  • hrkhanhk 2w

    My loving Parents

    Meri jagah to zameen thi
    Lekin unhone kabhi ehsas hone na diya..

    Hamesha bankar rahe upar chat mere
    Kya hoti hai dhup, kabhi ehsas hone na diya...

    Mjhe to hamesha barish achi lagi..
    Kya hoti hai gam ki barish, kabhi ehsas hone na diya...

    Aj bhi ungli pakdi hui hai meri
    Kya hota hai Girna, kabhi ehsas hone na diya...

    Jab jo manga usse jayda diya...
    Kya hoti hai Jeb tang, kabhi ehsas hone na diya...

    Meri jagah to zameen thi..
    Lekin unhone kabhi ehsas hone na diya...

    Ab mai aur kya bolunga, kya bayan karunga...
    Bas itna kahunga..

    Bayan karu tmhra martaba, to meri zindagi choti hai..
    Bayan karu tmhari tareef, to meri dictionary choti hai..

    Dedicated to My loving parents.

    HR khan
    ©hrkhanhk

  • jazbat 2w

    ख़ाली हाथ

    भूखे भोले भरमाए बेचारे
    बदनसीब बेअक़्ल सारे
    चालक चतुर चांडाल भी
    हैं सारे तक़दीर के मारे
    घूम रहे हैं हाथ फैलाए
    कुछ सच्चे कुछ झूठे हाथ
    करते कारस्तानी कभी तो
    कभी दिखाते ख़ूब मिज़ाज
    जैसी जिसकी जेब है दिखती
    जब जैसी जगह है मिलती
    वैसे दिखलाते जज़्बात
    कभी चाहे कभी अनचाहे
    कुछ हैं जो भर देते हाथ ।
    ©jazbat
    Ranjana B.(3/4/21)

  • shreya_seth 2w

    Direct From Heart

    मां याद है मुझे वो दिन, जब मै तेरे साथ रहा करती थी।
    मेरे रूठने मै मुझे मनाती , गलतियों पे डटती, समझाया करती थी।।
    अपने हाथो से खिलाती, थपकी देकर सुलाया करती थी।
    मां याद है मुझे वो दिन, जब मै तेरे साथ रहा करती थी।।

    अब जो तुझसे दूर हो गई, यहां कोई अपना सा नहीं।
    मेरी गलतियों पर, कोई समझने वाला नहीं।।
    रुठू भी किससे , कोई मनाने वाला नहीं।
    आज तबीयत कुछ ठीक नहीं, पर कोई पूछने वाला नहीं।।

    दम घुटता है मेरा, दिखावे के इस दुनिया में।
    इस घुटन में अब और नहीं जीना मुझे।।
    बस अब घर वापस आना है मुझे।
    रोती हूं, बिखर चुकी हूं अंदर से,
    अपनी ममता में आंचल में समेट लो मुझे।
    बस अब घर वापस आना है मुझे।।

    आंखे तरस गई मां के दीदार के लिए।
    कान भी उत्सुक है, पापा की पुकार के लिए।
    फिर आपसे दूर कहीं नहीं जाना मुझे।
    बस अब घर वापस आना है मुझे।।
    ©shre_ya55

  • jazbat 2w

    सतर्क रहो..

    वो जो पढ़, देख, सुन रहे हो
    वो दिमाग़ में भर रहा है
    वो जो दिमाग़ में चल रहा है
    वो हरकतों में बदल रहा है
    वो जो हरकतें हो रही हैं
    वो जीवन को दिशा दे रही हैं
    सतर्क रहो..विचार ज़रूर करो
    जो जैसा दिमाग़ में जाएगा
    वो उसी तरह बाहर आएगा।
    ©jazbat
    Ranjana B.(31/3/21)

  • ajtheimaginator 2w

    Papa

    Kitne pyare hona aap, din bhr kam karke bhi mere sath msti karne ki energy kha se late ho, khi bhi atku yaad bs tum hi aate ho,
    neend jo takiye per na aaye mujhko,
    apne hath ko takiya bnaker mujhe kitne pyar se sulate ho,
    Jivan ki har sidi aap hi to chdna sikhate ho,
    Beej vishwas ka boker kitna nider bnate ho,
    Giru jo khi me aaker aap hi to uthate ho, chhav jo rhe aapki chhu na pati suraj ki ek kiran mujko, har mushkil aasan lgti h, papa aapke sath hr dagar aasaan lgti h,
    agr jo kbhi dr jau bs aapki baho me hi sukun pau,
    Agr jo kbhi daat lgate ho, khilonon se phir muskan lotate ho,
    Kitna bhi khu km hai, bs isi tarah khush rhe aap hmesha,

    Thank you so much Papa, I LOVE YOU SO MUCH.
    ©ajtheimaginator

  • jazbat 3w

    संतुलन

    सुख-दुःख
    छाँव-धूप
    आज-कल
    साल-पल
    दिन-रात
    जिस्म-जज़्बात
    पैसा-प्यार
    नौकरी-व्यापार
    अपने-पराए
    शांत-उकताए
    सेहत-शान
    ऐश-आराम
    हमेशा ही सिक्के ने दो पहलू दिखाए हैं
    दो विकल्प हमेशा सामने आए हैं
    जैसे चुनाव करे, वैसे परिणाम पाए हैं
    सुखमय रहा है उसका जीवन

  • jazbat 3w

    होली

  • godchild 3w

    When I 'm at my best ,
    You 're the proudest Father ..
    When I 'm at my worst,
    You 're still the best ,Papa ...
    You were ,are and will
    always be the Best .


    ©loneink

  • emotion_of_heart 3w

    I miss you Papa ❤️

    You know what hurts the most.??
    Having all blur memories of dad... And can't create more cause he's lost somewhere in heaven ...

    ©emotion_of_heart

  • anchalmehra 3w

    Papa(पापा)

    हर दिन उनको धूप में तपते देखा है,
    खुद धूप में तपते हमें छाँव देते देखा है।
    हमारी खुशी के लिए,
    खुद की खुशियां कुर्बान करते देखा है।
    हंसते हुए उस चेहरे में,
    हमारी चिन्ता का भाव देखा है।
    हमारे सपनों को पूरा करते ,
    खुद के सपनों को मारते देखा है।
    आँसू न दिखाते हुए भी ,
    उन आंखों को भीगा हुआ देखा है।
    लाबों पर हँसी और,
    दिल मे हमारे कल की फिक्र देखी है।
    पर क्या करें जनाब वो एक बाप है,
    उनको तो दुःख में भी मुस्कुराते देखा है।
    ©anchalmehra

  • jazbat 3w

    स्मरण एवं नमन 🙏

    ज़िंदगी ‘है’ से ‘था’ तक का है सफ़र
    बीच का वक़्त है उन यादों की नज़र
    जो हमारे कामों की बही है
    कहलाती हैं वो हमारी उमर
    उस उमर से ही हम करते हैं
    सबकी यादों में हमेशा बसर !

    ©jazbat
    Ranjana B.(22/3/21)

  • soonam 14w

    अरे.. जो करते थे ऐश अपने पापा के कैश पर
    आज उन्हें पैसे जुटाते देखा है..
    जो घुमते थे बेफिक्र होकर..रात भर
    आज उन्हें चिंता में डूबते देखा है
    जो करते थे हर छोटी बात पर जिद्द
    उन्हें छुप-छुप कर रोते देखा है
    एक दिन कभी न टिकते थे घर पे
    आज उन्हें अपना घर संभालते देखा है
    जिसे अपना घर कभी लगता था छोटा
    उन्हें अब एक कमरे में दिन गुजारते देखा है
    जो हर बात पर करते थे..बेटा-बेटा
    उस घर को बेटियों को संभालते देखा है
    परेशानियों में कभी जेंडर नहीं देखते..
    अरे जो लड़ते थे..हर छोटी-बड़ी बात पर
    आज उन बच्चों को साथ मिलकर सुख-दुख बांटते देखा है
    कि.. बिना बाप के बच्चों को घर चलाते देखा है..!!
    ©soonam

    @mirakee @writersnetwork @writerstolli @mirakeeworld #papa #father #children #family

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    कहते हैं.. एक बाप घर का स्तंभ होता है..
    ये कहना ही क्या.. यह तो सच है..
    क्योंकि एक बाप ही है जो..
    बिना थके हारे..बिना डगमगाये..
    बिना किसी इच्छा के..
    परेशानियों को अपने अंदर दबाए
    एक मजबूत स्तंभ की तरह
    अपने घर परिवार को उठाए चलता है
    ताकि उनका परिवार दर-दर की ठोकरें ना खाए..
    पर वही स्तंभ जब एक दिन टूट जाता है
    तोह.. जैसे सब बिखर जाता..!!
    ©soonam