#MumbaiGirlRaped

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  • sumitsoni85 6w

    उसके बदन से खेला उसने,
    उसको दर्द दिया, उसे चोट पहुँचाई.

    इस पूरे वाक़्या के दौरान,
    ना उसे डर लगा, ना ही शर्म आयी.

    उसको इतना नोचा, इतना खरोंचा उसने,
    के वो बंद गाड़ी में भी चीख़ी... चिल्लाई.

    शायद कोई सुन ले, के काश कोई आ जाए,
    इस उमीद से उसने, हर राहगीर को आवाज़ लगायी.

    मगर वो वहशी वहाँ उसे फिर मरता छोड़ गया.
    ज़िंदगी से आख़री साँस तक उसे लड़ता छोड़ गया.

    वो भी लड़ी, पुरज़ोर लड़ी, मगर आख़िर में फिर हार गयी.
    उसे उसकी क़िस्मत नहीं, उस दरिंदे की दरिंदगी मार गयी.

    ©Sumit Soni