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  • archanatiwari 18w

    #38posts 18/02/2022

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    हर्ष

    पल-पल कर के जीवन के बीते कितने वर्ष,
    जो हरि दर्शन हो जाये हृदय को मिले हर्ष।
    बस और न कुछ मैं चाहूं मेरे प्रभु जी तुमसे,
    प्रभु चरणों की रज बनूं यही है मेरा उत्कर्ष।।

    अर्चना तिवारी तनुजा ✍️
    ©archanatiwari