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Reposts
  • emotionsinked 122w

    पिता

    पिता ईमारत की वो नींव
    जो ईमारत को मज़बूत तो बनाता है
    पर कभी शिकायत नहीं करता के उसे पहचान क्यूँ नहीं मिली ।
    पिता
    घर की वो छत जो शरद, गर्मी , बारिश सब झेल लेता है खुद पे
    पर कभी कहता नहीं के मुझे तकलीफ होती है ।
    पिता
    रिश्ते की वो ड़ोर जिसमें सारे रिश्ते फूलों से गूथे हैं
    तारीफ फूलों की होती है पर धागा कभी नहीं कहता मुझे क्यूँ नहीं पूछा ।
    पिता
    दीवारों पे रंगी वो रंग जिसके बिना दीवार खूबसूरत नहीं लग सकती ।
    पिता वो हाथ जो हर दम तुम्हारे साथ है, हर क़दम खुद को बिछाये है तुम्हारे लिए,
    और कभी ना जतायेगा ना बताएगा ।
    पिता
    जो ग़लती पे डाँटेगा भी
    और माँ से कहेगा भी खाना खाया के नहीं ।
    पिता
    क्या कहें इस शब्द के बारे में ,
    कितना छुपा हुआ
    पर कितना ज़रूरी ।

  • emotionsinked 122w

    हमने जीन अपनों से उम्मीदें
    लगाए थे,
    दरअसल वो कभी अपने थे ही नहीं
    वो तो बस जाने पहचाने पराये थें ।

  • emotionsinked 142w

    Dear the love of my life,

    I haven't met you yet, but I am more than anxious to, I haven't kissed your soft lips yet, but I'm dying to, and I'm writing this letter to assure you that you will be treated with the highest respect, and most greatest care.
    By the time I have met you, I would have endured plenty of heartaches, upset stomachs, sleepless nights, and useless fights.
    But I promise you those events leading up to our encounter will make you somehow fall for me even more, and will someway make me appreciate you beyond anything I have ever loved.
    I promise you, that when I fall for you,
    you'll wish you met me sooner, but there my love, is how this all ties together, the greatest experiences are those you must patiently rely on time, 'cause meeting you will be anything but a coincidence.

    Sincerely, your future man

    P.S. I really can't wait
    - I love you.

    @rjun

  • emotionsinked 145w

    तू चली गयी है
    फिर भी तुझे पुकारता हूँ,
    मत समझना इश्क़ है तुमसे अभी भी,
    मैं तो बस हमारे पुराने
    इश्क़ का कर्ज उतरता हूँ ।
    @rjun

  • emotionsinked 145w

    वजह न देकर
    तुम जो ये अनकहा सवाल छोड़ गए,
    ना भर पाने वाला ज़ख़्म छोड़ गए
    ज़िन्दगी भर का मलाल छोड़ गए ।।

    @rjun

  • emotionsinked 146w

    Chalo ye badhai dene ka dikhava
    khatm hua,
    ab apni apni zindagi me laut jate hai.

    @rjun

  • emotionsinked 146w

    वक्त बदलता है,
    साल बदलते हैं।
    फिजा ये रन्गीन
    बेमिसाल बदलते हैं।
    नहीं बदलती बस
    फितरत इन्सान की,
    मौसम की तरह लोग,
    ज्जबात अपने
    कमाल बदलते हैं।।।

    नव वर्ष की शुभकामनाएँ

    @rjun

  • emotionsinked 146w

    New Year,
    Same tears ...

    @rjun

  • emotionsinked 146w

    लो ज़िन्दगी की किताब का
    एक और पन्ना आज जल गया,
    हम जीने की सोचते रह गए
    और एक और साल ढल गया ।

    @rjun

  • emotionsinked 148w

    You work so hard to
    make good friends ,
    and one grammatically
    incorrect sentence is enough
    to lose them..

    @rjun