drraghav

शून्य ही शून्य

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  • drraghav 2w

    Lets celebrate the present moment
    It will never come back in our lives
    ©drraghav

  • drraghav 3w

    किससे कहूँ
    मैं .....
    अपने मन की व्यथा
    कौन सुनने वाला है
    यहाँ .....
    सब के सब फ़रेबी
    मतलबी....
    मैं ......
    कहाँ जाऊँ
    किससे कहूँ
    मैं ......
    अपने मन की व्यथा
    ©drraghav

  • drraghav 3w

    वहम

    जीवन इम्तहान लेता है
    पल पल बिना कुछ कहे
    सिखाता है नित नया नया
    अनुभवों से गुजार करके
    इसी सीखने और सिखाने में
    उम्र गुज़र जाती है और फिर
    अहसास होता है अकेलेपन का
    सब कुछ होता पास में परन्तु
    नहीं होता है कोई अपना
    जिससे जी भरकर बतिया सकें
    अपनी कहें और उसकी सुन सकें
    इसी को ज़िन्दगी कहते हैं यारों
    मत पालो वहम दिलोदिमाख में
    ये बड़ेपन का गुरूर खोखलापन है
    एकाकी जीवन जीने पर मजबूर करता है
    पैसा इज्ज़त शोहरत होने के बावजूद
    ©drraghav

  • drraghav 4w

    खोखले वायदे
    वायदों का
    क्या
    सपने ही तो हैं
    जो बेचे जाते हैं
    सब्जभाग दिखा दिखाकर
    रिझाया जाता है
    जनता को
    नेता बनना
    कोई
    आसान काम थोडे़ ही है
    ©drraghav

  • drraghav 4w

    बस यूं ही सांझ सबेरे
    सोते जागते
    ज़िन्दगी
    गुजरती जा रही है
    लोग मिलते हैं
    और
    चले जाते हैं
    हाँ
    उनमें से कुछ बहुत याद आते हैं
    जैसे
    तुम
    कुछ जीवन में
    अपनी अमिट छाप छोड़ जाते हैं
    जैसे
    तुम
    कुछ दिल में बस जाते हैं
    जैसे
    तुम
    ©drraghav

  • drraghav 7w

    वक़्त है कि कभी थकता ही नहीं
    अविरल चल रहा है सदियों से
    ©drraghav

  • drraghav 7w

    जरूरतें इन्सान को क्या से क्या बना देतीं हैं
    कभी कभी इन्सान को हैवान भी बना देती हैं
    ©drraghav

  • drraghav 7w

    नीद जाने कहाँ खो गई है
    ये विचार हैं कि रुकते ही नहीं
    उन्हें देखे मुद्दतें हो गईं
    उनका ख्याल है कि
    दिल से निकलता ही नहीं
    क्या कहूं ..?
    क्या नाम दूँ इसे ...?
    ये इश्क़ है या पागलपन
    मैं जानता ही नहीं
    सच आज तक वो मेरे दिल से
    पलभर को भी निकले ही नहीं
    उनकी यादें हैं तो सांसे चलतीं हैं
    वर्ना हम इस दुनियां में
    आपको मिलते ही नहीं
    ©drraghav

  • drraghav 7w

    कभी आपका बातें करने का मन नहीं करता
    अपनी कहानी सुनाने को जी नहीं चाहता
    ©drraghav

  • drraghav 8w

    फटीं एड़ीयाँ
    चिथड़े ओढ़े
    धँसे गाल
    ये ही पहचान है मेरी
    मजदूर हूँ
    इमानदारी से कमाना
    ही शान है मेरी
    ©drraghav