Grid View
List View
Reposts
  • divyankraj 72w

    हम तो निभा रहे थे वफा मगर हासिल क्या हुआ
    ना वो मिले ना मोहब्बत मिली हासिल क्या हुआ

    जिसके चांद से मुखड़े पर फिदा हुए थे हम कभी
    खबर लेते वो कहा हमारी जाने उनको क्या हुआ

    बसर कर गए थे उनके दिल में हम धड़कन बनकर
    चला सांस बनके उनमें मत पूछो मेहसूस क्या हुआ

    स्वरचित
    दिव्यांक राज


    ©divyankraj

  • divyankraj 93w

    ,

  • divyankraj 93w

    .

  • divyankraj 93w

    .

  • divyankraj 105w

    ,

  • divyankraj 105w

    ,

  • divyankraj 105w

    ,

  • divyankraj 105w

    ,

  • divyankraj 107w

    स्मार्टफोन

    बीमारी है ये कैसी हर शक्श यहां लाइलाज है
    स्मार्टफोन की लत लग गई जाने कैसे हर किसी को आज है

    सोने से लेकर जागने तक हर दम साथ रहे ये हमेशा
    मतलब नहीं किसी को किसी से चाहे माहौल कहीं भी कैसा

    इंस्टाग्राम फेसबुक किंडल ट्विटर को एक नया घर मिल गया
    वॉट्सएप यूट्यूब की पूछो मत देखकर परिणाम जग हिल गया

    खाने से लेकर सोने तक तस्वीर लेने का अब ट्रेंड है
    टिक टोक और गूगल तो सच में इनका बेस्ट फ्रेंड है

    दिन भर ऐसे घुसे पड़े है जैसे दीमक घुसा हो लड़की में
    उम्र ले गई छीन ये उनकी जो बीता कर ती थी कभी पकड़ा पकड़ी में

    क्या बूढ़ा क्या जवान क्या बच्चा हर कोई इसको ज़िन्दगी मान बैठा
    निष्कर्ष ये हुआ कि मोबाइल कंपनियों ने इनसे जमकर मनमर्जी पैसा ऐठा

    कभी जिन लड़कियों को होता है बचपन में खुद पे डाउट
    आज स्मार्टफोन लेकर बनाती है वो पाउट

    हर किसी को सेल्फी लेना चाहे खाना हो या मौत
    ये स्मार्टफोन सच कहूं बन गया हर किसी की जिंदगी की सौथ

    किलकारियों की जगह घर में गाने की आवाज़ देती सुनाई
    खरीदारी इतनी बढ गई भूल गए सब बुनाई कढ़ाई

    बेरोजगार से भी बदतर ज़िन्दगी कर दी इसने कुछ ऐसी
    बर्बाद कर गया अच्छे भले को भी करके ऐसी की तैसी
    ©divyankraj

  • divyankraj 108w

    तेरी आंखें खुद से इशारे करके जाने क्यों मुझे हर बार अपने पास बुला लेती है
    तेरी चेहरे की रौनक ना जाने क्यों दीदार करने को हर बार बुला लेती है
    अब तू ही बता कुसूर वार क्यों ना बनूं तेरी चाहत में मै
    तस्वीर देखता कभी कभी फोन को देखता जाने क्यों तेरी याद हर बार रुला देती है
    @दिव्यांक राज