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  • divya100 15w

    ��पापा�� अब ♥️ में हैं,मेरी बातों में हैं...धड़कन�� में हैं,चांदनी रातों में हैं...हमारे चहरे पे जो मुस्कान ला दें...उन प्यारी यादों में हैं����कौन कहता है दूर हो जाता है इंसान मौत के बाद???महसूस करके तो देखो...तुम्हे बनाने वाला आज भी तुम्हारी साँसों में है...��

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    मेरी आवाज़ में जो ज़िंदा हैं गूंज बन कर...उनसे फरियाद करती हूँ...
    साथ चलें हमकदम बन कर,क्योंकि Papa मैं हर कदम पे आपको याद करती हूँ...

    हर दिन मैं मुस्कुराने की वजह तलाश करती हूँ...
    पर खुशियाँ तब छलकती हैं आँखों से,जब आपसे ही आपकी बात करती हूँ...❤❤
    ©divya100

  • divya100 17w

    इम्तिहान-ए-वफ़ा में हमारा ज़िक्र कर लेते...
    हम मोहब्बत का हर पन्ना तुम्हारे नाम लिख देते...

    हर हर्फ़ में खुशबू आती इश्क़ की...
    अगर हम स्याही छोड़ अपने खून से लिखते...

    ©divya100

  • divya100 23w


    दिल में एक मलाल रहता है,हर पल एक ही सवाल रहता है....
    तू दूर हो कर भी,पास इतना कैसे कि वक़्त बेवक़्त बस तेरा ही ख्याल रहता है...
    मिट कर भी मेरी यादों से...कैसे खाबों में बेमिसाल रहता है???

    दिल में एक मलाल रहता है,हर पल एक ही सवाल रहता है....
    बंद दरवाज़े,खुली खिड़कियों से क्यों तेरा इंतज़ार रहता है...
    गलियों से जब तू गुज़रे मेरी,क्यों चहरे पे नूर-ए-जलाल रहता है???

    दिल में एक मलाल रहता है,हर पल एक ही सवाल रहता है....
    तेरे होने से खुद पे करार रहता है...क्यों गैरमौजूदगी में हाल बेहाल रहता है...
    फूलों से महकता है चमन सबका...क्यों मेरी फुलवारी को
    तुझ पे ऐतबार रहता है???

    दिल में एक मलाल रहता है,हर पल एक ही सवाल रहता है....
    नाराज़ हो कर भी मुझसे,मेरा दिलदार रहता है...क्यों हर मुश्किल में बन कर मेरी ढाल रहता है....
    मुरझा जाते हैं सब फूल जब बगिया के...क्यों उस पतझड़ में बन के बहार रहता है???

    दिल में एक मलाल रहता है,हर पल एक ही सवाल रहता है...
    मेरी बेरंग होली में...क्यों बन के रंग गुलाल रहता है....
    ठहरे से इस जीवन में...क्यों तेरी लहर का उफान विशाल रहता है???

    दिल में एक मलाल रहता है,हर पल एक ही सवाल रहता है...
    मेरी बातों का तेरी बातों से...मेल बेताल रहता है...
    फिर भी क्यों अपनी जुगलबंदी का स्वाद कमाल रहता है???

    ©divya100

  • divya100 23w

    रंजिशें बहुत हैं रिश्तों में,अब थोड़ा सा सुरूर चाहिए...
    बहुत देख लिया झुक कर हमने...ऐ चहरे अब तुझपे थोड़ा सा गुरूर चाहिए

    जो खत्म कर दिया हमने..दूसरों को रोशन करने के खातिर,वापिस अपना वो सारा नूर चाहिए✨
    रंजिशें बहुत हैं रिश्तों में,अब थोड़ा सा सुरूर चाहिए...

    बहुत खेल लिये पत्थरों से...अब तो हीरा भी कोहिनूर चाहिए..
    रंजिशें बहुत हैं रिश्तों में,अब थोड़ा सा सुरूर चाहिए...

    तोड़ दी सारी बेड़ियाँ पुरानी...अब इक नया दस्तूर चाहिए...
    रंजिशें बहुत हैं रिश्तों में,अब थोड़ा सा सुरूर चाहिए...

    फ़ासलों ने जिनके ज़िन्दा रखा है...
    अब उनकी क़ुरबत में फ़ना होने का फितूर चाहिएरंजिशें बहुत हैं रिश्तों में,अब थोड़ा सा सुरूर चाहिए...

    क़ुरबान कर दी हर खुशी मकदूर बन कर...
    बस...अब हर गम महताब सा दूर चाहिए
    रंजिशें बहुत हैं रिश्तों में,अब थोड़ा सा सुरूर चाहिए...

    ©divya100

  • divya100 25w

    ज़िन्दगी के पन्नों में मैं कुछ दिन पीछे जाऊं तो...
    किस्मत की करवट तुम सब को बतलाऊँ तो...

    आँखों से आँसू बन कर वो दिन फिर से बह आते हैं...
    सच्ची यारी की बात करूं तो,पापा बहुत याद आते हैं

    सोच में थोड़ा डूबूं तो..आँसू भी मुस्काते हैं...
    लगता है जैसे वो आज भी..मुझसे बतियाते हैं...

    मानो कहते हों मुझ को..थोड़ा मुस्कुराने को...
    हस कर पहले की तरह..हर गम भूल जाने को...

    कंधे पर रख कर हाथ मेरे वो,सामने आ जाते हैं...
    सच्ची यारी की बात करूं तो,पापा बहुत याद आते हैं

    वो कहते हैं मुझसे कि वक़्त बदल गया है...
    सूरज तो वही है..पर अब दिन एक नया है...

    मानो मेरे हँसने पर वो भी...खिलखिलाते हों...
    मेरे आँसू पोंछ कर कोई अपना दर्द छुपाते हों...

    कागज़ और कलम सा जो..प्यारा साथ हमारा था...
    अब उसमें कलम अकेली क्या करे???बस कागज़ ही उसका सहारा था
    ©divya100

  • divya100 27w

    लिखने को मेरे यार यहाँ...
    इस जग में बाकी है,प्यार कहाँ???

    नफरत के काले घेरे में...
    दुनिया के सुन्न अंधेरे में...
    मिलता है सच्चा दिलदार कहाँ...
    लिखने को मेरे यार यहाँ...
    इस जग में बाकी है,प्यार कहाँ???

    आँसू वाली आँखों में,पेड़ों की टूटी शाखों में...
    किसी का है इंतज़ार यहाँ...
    लिखने को मेरे यार यहाँ...
    इस जग में बाकी है,प्यार कहाँ???

    देखो प्यारे खाबों में...
    कुछ दिल बेचारे बेताबों में...
    पाओगे बेचेनी वहाँ...
    लिखने को मेरे यार यहाँ...
    इस जग में बाकी है,प्यार कहाँ???

    रंग बिरंगी बहारों में, तीज सावन से त्योहारों में...
    बोलो दिखता है सच्चा श्रृंगार कहाँ???
    लिखने को मेरे यार यहाँ...
    इस जग में बाकी है,प्यार कहाँ???
    ©divya100

  • divya100 43w

    आज से 3 महीने पहले,सिर्फ 3 दिन की ज़िंदगी रह गयी थी पापा के साथ...पर हमें कहाँ खबर थी।बहुत खुश थे हम सब पापा के साथ,मैं अपने जन्मदिन का इंतज़ार कर रही थी क्योंकि पिछला जन्मदिन भी मैं पापा के साथ नही मना पायी थी।हम घण्टों लूडो और शतरंज खेलते...टीवी देखते।पापा हमारे साथ बहुत मज़ाक करते,हमें बहुत खुश रखते मानो उन्हें सब पता था कि क्या होने वाला है।पता ही नही चला कि कब वो 3 दिन गुज़र गए और फिर आया वो दिन जब मेरे पापा ने अपनी आखिरी सांस ली...26 अप्रैल,वो दिन जब मेरा और पापा का 17 साल 10 महीने और 25 दिन का साथ खत्म हो गया����उस दिन के बाद से ना लूडो का ज़िक्र हुआ ना शतरंज की बात।मम्मी हमेशा कहते थे कि मैं पापा जैसी हूँ...उनकी इस बात को ध्यान में रखते हुए ही मैंने पापा के लिए आँसु नही बहाए क्योंकि वो रोया नही करते थे।रात को सोते वक़्त जब भी पापा याद आते हैं तो मन कहता है काश!!!!आप होते और फिर अंदर से पापा की आवाज़ सुनाई देती है और वो कहते हैं...मैं हूँ,मैं हूँ,मैं हूँ........और फिर मुझसे बहुत सारी बातें करते करते वो सो जाते हैं और मुझे भी सुला देते हैं...और ऐसे ही रोज़ वो अपने होने का एहसास कराते रहते हैं������������������������������������वो मुझसे कहते हैं.....

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    तेरी काली आँखों से,मैं आज भी सपने बुनता हूँ...
    तू देखे या ना देखे,मैं तेरी चिंता करता हूँ...

    रात के अंधेरे में,मैं भी तारे गिनता हूँ...
    तू माने या ना माने,मैं तेरे अंदर ज़िंदा हूँ...

    तेरे दिल में बैठा मैं,तुझ ही को याद करता हूँ...
    तू सुने या ना सुने,मैं तुझसे बात करता हूँ...

    तू जब रातों को रोती है,मैं भी परेशान रहता हूँ...
    तू समझे या ना समझे मैं,तुझसे बहुत कुछ कहता हूँ...

    अपने लिखने के शौक को,मैं तेरे अंदर पढ़ता हूँ...
    तू जाने या ना जाने,मैं पल पल साथ चलता हूँ...

    रब के हर फरिश्ते से,मैं तेरा ज़िक्र करता हूँ...
    तू माने या ना माने,मैं तुझपे फक्र करता हूँ...
    ©divya100

  • divya100 45w

    तू मुस्कुराहट की वजह था,आज आँसुओं का भी जिम्मेदार है...

    दुनिया नफरत करती है रुलाने वालों से...पर सच कहूँ तो मुझे आज भी तुझसे प्यार है...

    ©divya100

  • divya100 45w

    तुम्हें जाना ही था तो मेरा कसूर तो बता देते...
    जाने से पहले एक बार नज़रें तो मिला लेते...

    हर बात में जो मेरा ज़िक्र किया करते थे,उसकी वजह तो बता देते...
    जाने से पहले मुझे अकेले रहना तो सिखा देते...

    मेरा मुस्कुराना पसंद था तो मेरे आँसु तो मिटा देते...
    जाने से पहले ना रोने की कसमें तो खिला देते...

    परछाई देती है साथ बस रोशनी तक,ये राज़ तो बता देते...
    जाने से पहले अंधेरों से वाकिफ तो करा देते...

    रोज़ एक ही सड़क पर चलते रहे,कभी अपनी मंज़िल तो बता देते...
    जाने से पहले मुझे नई सड़कों पर चलना तो सिखा देते...

    मैं क्यों नहीं काबिल तुम्हारे,ये बात तो बता देते...
    जाने से पहले मेरा दिल तो लौटा देते...
    ©divya100

  • divya100 49w

    मेरे प्यारे सपनों का...श्रृंगार रहे तो अच्छा है...��

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    नींद-सी इस लड़की का...वो ख्वाब रहे तो अच्छा है
    रात अंधेरी-सी हूँ मैं,वो चाँद रहे तो अच्छा है...

    ©divya100