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Reposts
  • dillkiaawaz 18w

    उम्मीद आधी टूटी है अभी पूरी तो नही
    मोहब्बत के बदले मोहब्बत मिले यह जरूरी तो नही

  • dillkiaawaz 18w

    "जरूरत " और "जरूरी" का फर्क समझो मेरे दोस्त
    वरना तुम इश्क़ समझते रहोगे और वो दोस्ती !

  • dillkiaawaz 18w

    Happy Ramadan and Navratri ......

  • dillkiaawaz 18w

    Started with a simple hello and ended with a complicated goodbye

  • dillkiaawaz 18w

    And here I am fighting with myself
    For myself

  • dillkiaawaz 18w

    खुशियों के बढ़ते शोर-शराबे में हमें
    हमारी तरफ बढ़ती हुई उलझनों की आहट तक सुनायी नहीं देती.....

  • dillkiaawaz 19w

    गुज़र जाऊंगा एक दिन लम्हों सा
    और तुम यूँ ही बातों में उल्झी रहना!

  • dillkiaawaz 20w

    Everyone talks about external wars
    But What about the wars within ourselves ?

  • dillkiaawaz 20w

    Somehow you will always be the one
    They need but don't want

  • dillkiaawaz 20w

    He who has why to live for can
    Bear almost any how