deepajoshidhawan

www.instagram.com/deepajoshidhawan

A Healer to others by profession but write poetry to heal myself.

Grid View
List View
Reposts
  • deepajoshidhawan 4h

    ईश्वर सबकी रक्षा करें����

    Read More

    फिज़ाओं में ज़हर सा घुल गया है अब मैं किधर जाऊंगा यारों
    साँस रोक लूँ या खींच लूँ दोनों ही हाल में गुज़र जाऊंगा यारों
    ©deepajoshidhawan

  • deepajoshidhawan 3d

    #hindiwriters @hindiwriters

    Covid 19 on rise
    So what
    Election rallies must go on

    Read More

    शतरंज

    शह और मात का खेल राजा और वज़ीरों के बीच का है,,
    पैदल तो दोनों ही तरफ सिर्फ पिटने के ही लिए बना है..
    ©deepajoshidhawan

  • deepajoshidhawan 3d

    ख़्वाहिश

    तुम से मिलने के बाद
    छोटी बड़ी सारी ख़्वाहिशें
    जाने कहाँ गुम सी हो गयी हैं

    बस एक अदना सी
    ख़्वाहिश महफ़ूज़ रखी है
    मैंने दिल के अकेले कोने में

    कुछ अजीब सी लगेगी
    ये शायद तुमको सुनने में
    चलो आज मैं कह ही डालती हूँ

    चाँदी से बाल, पिचके गाल
    झुकी कमर, लड़खड़ाते कदम
    काँपती आवाज, धुँधली आंख लिए

    ये बुढ़िया जब भी आवाज़ दे
    भले ही आज से दो गुना बड़बड़ाना
    बस सामने आकर "क्या है" कह जाना
    ©deepajoshidhawan

  • deepajoshidhawan 4d

    अपील����

    Read More

    जागिये

    हर तराज़ू के दो पलड़ों की तरह
    मौज़ूदा हालात के तराज़ू में भी दो ही पलड़े हैं
    एक तरफ मास्क और दो ग़ज़ की दूरी है
    और दूसरी तरफ़ अपनी और अपनों की ज़िन्दगी
    यदि आप अब भी
    पहले को मज़ाक समझने की भूल कर रहे हैं
    तो दूसरा आपको मज़ाक बना कर रख छोड़ेगा
    ©deepajoshidhawan

  • deepajoshidhawan 5d

    #hindiwriters #hindiwriters
    आजकल जो अपने आसपास दिख रहा है ,
    वो ही कलम से बयां करने की एक कोशिश।

    कैसे हैं आप सब?
    आज कल काम के हालात यहां आने की मोहलत ही नहीं देते।
    आब सबकी रचनाएं miss करते हैं।
    ऊपर वाले से दुआ करते रहिए कि ये दौर जल्दी से जल्दी
    गुज़र जाए।
    स्वस्थ रहिये, सुखी रहिये।
    ������

    Read More

    तेरा हूँ गुनहगार बता क्या है सज़ा मेरी,,
    हैरां हूँ परवरदिगार बता क्या है रज़ा तेरी...
    ©deepajoshidhawan

  • deepajoshidhawan 1w

    हालातों का असल जायज़ा ख़बरे और आंकड़े नहीं दे पाएंगे।
    कोरोना को पूरी दुनिया में शायद दो ही पक्ष सौ फीसदी सही
    से समझ पाए है।
    पहला वो जो इस माहौल में ,मौत की ओर तिल तिल बढ़ते
    मरीजों की आंखों में खौफ़ और बाहर इनकी सलामती की
    दुआ माँगते परिवारीजनों के चेहरों की दहशत के बीच की
    कड़ी हैं यानी कि अस्पताल कर्मी,
    और दूसरा वो जिन्होंने इस बीमारी में कोई अपना खोया है।
    इसे मज़ाक समझना छोड़ दें। घर पर रहें, सुरक्षित रहें ����

    #hindiwriters @hindiwriters @hindinama

    Read More

    बिन पतवार कश्तियां खुद करते हो हवाले तूफ़ां के
    और शिकायत समंदर से कि तुमको डुबोता क्यों है
    ©deepajoshidhawan

  • deepajoshidhawan 1w

    इस क़दर हुआ था कभी ख़ुद पे मग़रूर आदमी,,
    कि हो गया है आज क़ैद होने पे मजबूर आदमी..
    ©deepajoshidhawan

  • deepajoshidhawan 1w

    गृहस्थी शायद इसी को कहते हैं......
    #hindiwriters @hindiwriters @hindinama

    Read More

    सुनो जी

    कुछ तुम कह लेना, कुछ मैं कह लूंगी
    कुछ तुम सह लेना , कुछ मैं सह लूंगी

    ज़िन्दगी की धूप- छाँव में बारी बारी
    कुछ तुम रह लेना , कुछ मैं रह लूंगी

    वक़्त के दरिया में टूटी ग़र जो कश्ती
    कुछ तुम बह लेना , कुछ मैं बह लूंगी

    ज़माना हमेशा से घात लगाए बैठा है
    कुछ तुम तह लेना, कुछ मैं तह लूंगी

    मिट्टी से जनमे और मिट्टी ही होना है
    कुछ तुम ढह लेना, कुछ मैं ढह लूंगी
    ©deepajoshidhawan

  • deepajoshidhawan 2w

    दिल में एक तहखाना है
    गूंजती हैं जिस में
    कुछ आवाज़ें , कुछ आहटें

    राज़ क्यों सब से छुपाना है
    कि क़ैद हैं इस में
    कुछ रंजिशें , कुछ अदावतें

    गुज़रे हुआ ज़माना है
    मिलती नहीं इस में
    कुछ मुस्कराहटें, खिलखिलाहटें

    चलो कि ढूँढ कर लाना है
    हैं गुमशुदा इस में
    कुछ हसरतें, कुछ ख़्वाहिशें

    उम्मीद पर ये ज़माना है
    मिल जाएं उसे इस में
    वो बेफ़िक्र बातें, पुरकशिश चाहतें
    ©deepajoshidhawan

  • deepajoshidhawan 2w

    बेवफ़ाई के हाथों क़त्ल इश्क़ को क्या नाम दें ऐ ख़ुदा,,
    बेहयाई, बेरहमी, तकदीर, तेरी मर्ज़ी या फिर हादसा..
    ©deepajoshidhawan