dedestined

child of second chances, queen of customisation, favourite of Murphy's law

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  • dedestined 2d

    Feel

    Worthy.
    Feel loved.
    Feel worthy of being loved.
    You might grow at-home with it,
    Or you might be astonished every time you feel it ...
    I will love.

    ©dedestined

  • dedestined 1w

    Nagging

    कोई कुछ नहीं सुनता...
    अपनी-2 दर्द की धुंध के अंदर ही
    रहना है
    आप सिर्फ़ देखकर
    अफ़सोस कर सकते हैं...
    और इंतज़ार कर सकते हैं...
    वो निकलेगा...
    धुंध से बाहर...

  • dedestined 4w

    तुम वो चीज़ हो
    कि जो होता
    तो 'लाइफ़ सेट' होती...

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    I miss you

    Like I miss 2 extra hours
    Every 24 hours
    In my life
    Every day

    ©dedestined

  • dedestined 4w

    No end

    In the middle of everything
    Is balance.
    & the thing about balance is
    That it has to be CONSTANTLY recalibrated.
    & THAT'S exhausting.

    ©dedestined

  • dedestined 8w

    Dost

    उसके घर ही बड़ी हुई - लगभग
    उसकी माँ से English grammar revise कर लेती थी
    उसके बड़े भाई ने बैडमिंटन के नियम सिखाए
    उसके घर घी-इडली और छोंक वाली maggi खा लेती थी

    KG 2 में
    मेरा स्कूल बदला था...
    वहाँ रेणु पहले से थी...
    मेरी माँ बताती हैं,
    5 साल की रेणु
    मेरा हाथ पकड़कर बाकियोँ से मिलवाने ले गई थी... मैं शर्मीली थी बचपन में...

    मेरे घर कुछ कलेश था...
    तो अपने घर से कटती थी मैं...
    अंधेरा होने पर ही घर का
    अनमने से रुख़ करती थी

    उसके भाई के तमाम दोस्त उसी के घर आते थे
    प्यासे, बे-दम, क्रिकेट से चूर...
    वो छेड़ती थी मुझे... "गौरव गुप्ता अच्छा लगता है न तुझे? पता है मुझको!"
    किशोरावस्था में शर्मीली नहीं रह गई थी मैं...

    स्कूल से घर लौटते एक्सीडेंट हो गया था मेरा...
    सायकिल कुचल गई थी...
    मुझे लोग उठाकर अस्पताल ले गए थे...
    मेरी माँ को बताते रेणु के ऑंसू ही नहीं थम रहे थे...

    "कुछ-कुछ होता है" का ज़माना था - "फ्रैं~~डशिप बैंड" का ज़माना...
    लेकिन उसने कॉमर्स ले लिया था...
    सेक्शन भी अलग हो गए
    स्कूल भी अलग हो गए

    शहर भी अलग हो गए
    ज़िंदगी भी अलग हो गई

    लेकिन हम अलग नहीं हुए
    हमारी दोस्ती में पिंक ट्विनिंग भी नहीं थी,
    और पिंकी प्रॉमिस भी नहीं,
    और लड़कियों की दोस्ती के बारे में
    कोई गीत भी बॉलीवुड नहीं लिखता

    लेकिन
    सहपाठिनी
    बचपन की साथी
    बड़े होने की सहभागिनी
    हर तजुर्बे की भागीदार
    किसी बैंड, किसी गीत की मोहताज नहीं...

    ©dedestined

  • dedestined 9w

    Friendzone

    Is really an artificial combo of two really different categories of persons

    One are those friends, who fancy us, but we don't fancy them, BUT they are awesome human beings & we want to always know them, want them to be in our lives till we die, AND we really want to NOT hurt them, so much so, we sometimes wish we DID fancy them!!!!

    The other are those who are longtime acquaintances or circumstantially around us for long hours in a day, & constantly invade our personal space & ignore signals, & even our requests to leave us (romantically) alone!! but we cannot practically get rid of them... they're HARDLY friends... friends don't do that!

    How can these two categories be clubbed together?

  • dedestined 9w

    जाहिल

    शहरी और
    ग्रामीण होने से
    जाहिल होने का
    कोई लेना-देना नहीं...

    शिक्षित और
    निरक्षर होने से
    जाहिल होने का
    कोई लेना-देना नहीं...

    संग्राम और
    लाड़ की परवरिश से
    जाहिल होने का
    कोई लेना-देना नहीं...

    लोग कहते हैं 'पुराने लोग मिट्टी से जुड़े होते हैं! कुत्ता पालना फैशन है, गाय रखना सेवा है' और ना जाने क्या-क्या!

    ज़मीनी हक़ीक़त ये है
    कि लोग गाय "रखते" हैं, और
    चारा नहीं खरीदते
    गाय रास्ते पर चरती है, और गाड़ियों के नीचे आती है,
    बछड़ा पैदा हो, तो उसे गाय से दूर बांधकर
    भूखा रखकर मार डाला जाता है (बछिया को "गाय" बनाया जाता है)
    "मिट्टी से जुड़े" लोगों के द्वारा

    इस देश में
    जहाँ ट्रेन से
    पीने का पानी पहुँचना पड़ता है...
    पढ़े-लिखे लोग
    रोज़, हर रोज़! गैलनों पानी बहाते हैं
    अलार्म नहीं टंकी में लगवाते

    कहाँ तक लड़ लीजिये...
    पड़ोसियों से
    घरवालों से!

    ये "रिश्तेदार" होते हैं, रिश्ते निभाते हैं!
    ये 'इंसान' होना भूल जाते हैं?

    ©dedestined

  • dedestined 9w

    ट्यूनिंग

    क्यों नहीं बनती है,
    माँ से, बाप से, माँ-बाप से?

    माँ-बाप को लूटने, धोखा देने, या बेदख़ल कर देनेवाले औलाद की बात नहीं हो रही,
    बेटियों को गर्भ में मार देनेवाले माँ-बाप की बात नहीं हो रही

    सरल, शरीफ़, भले खानदान में...

    क्यों नहीं समझते पिता,कि फैशन डिज़ाइनर भी करियर होता है,
    और ये कि दर्ज़ी भी इंसान होता है? दर्ज़ी चोर तो नहीं होता? क्या शर्मिंदगी है दर्ज़ी बनने में?

    अपने से बड़ी औरत से प्रेम हो जाना गुनाह है? आदमी के लिए? क्यों माँ को कहने में नहीं अटकता, 'मेरा मरा मुंह देखेगा', क्यों चुनना होगा आदमी को माँ और प्रेमिका के बीच एक को?

    बुढ़ापे में माँ-बाप का ध्यान रखना बेटे का (और बेटी का भी) फ़र्ज़ है,
    "पोते-पोती देना" किसी का फ़र्ज़ नहीं है...
    नहीं हो सकता, होना बहुत पीड़ादायक/खतरनाक है, अपाहिज बच्चा पैदा होने का खतरा है,
    अरे! हमारी ज़िंदगी के तऱीके, उम्मीदें कुछ और हैं! हमें सपना ही नहीं है बच्चों का, बच्चे बड़े करने का...
    ये कैसा फ़र्ज़ है, पीढ़ियाँ बढ़ाने का?

    माना कि बड़ी ग़रीबी में बड़े हुए पिता, पाई-पाई जोड़कर बंगला बनाया
    बरामदे की फ़र्श पर "पत्तियाँ गिरती हैं", सो पेड़ कटवा देंगे?
    बया को
    और चमगादड़ों को
    बेघर कर देंगे
    पाई-पाई जोड़कर घर बनानेवाले पिता?

    जिन्हें देख-समझ,
    जिन्हें सुन-सीख-विचार
    बड़े हुए, इंसान हुए...
    जिन्हें - धार्मिक "बाबा" कहते हैं - "भगवान" समझना चाहिये
    उन्हें
    ना-इंसान जान
    कितनी कड़वाहट और हताशा होती है

    ©dedestined

  • dedestined 10w

    अब इस उम्र में

    रट्टा लगाया नहीं जाता...
    नहीं देनी - ना दें हमें तरक़्क़ी...
    दशकों के कारीगरों को ऐसे रेस में भगाया नहीं जाता
    बेचनी है, बेच दें FII को
    जो आफ़त में सम्हालते हैं, लाखों को पनाह देते हैं,
    माना कि सुस्त हैं, उन्हें, पूंछ में आग लगाकर जगाया नहीं जाता

  • dedestined 10w

    Word Prompt:

    Write a 8 word short write-up on Spark
    कुदरत से जुदा -
    - जानवरों से "ज़्यादा'" - बेहतर - इंसानियत की ओर
    - जानवरों से - पेड़ों से - नदियों से - मिट्टी से - दूर - बहुत दूर...

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    आग जलाकर हुए थे इंसान कुदरत से जुदा