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Reposts
  • day2306 15w

    शिकायतों से दामन छुड़ा कर
    मैं खुद से मिलने निकल‌ पडा
    शिकायतों से किनारा‌ करके
    खुद से काफी अच्छी मुलाकात हुई।
    ©day2306

  • day2306 15w

    कैसे करूं तेरी इबादत
    तूने अपनी मुहब्बत से नवाजा जो मुझे
    ©day2306

  • day2306 15w

    कोई दे मुझे हौसला उनका सामना करने का
    उनकी नजर की दिलकशी, होशो‌ हवास भुला देती है।
    ©day2306

  • day2306 15w

    मैंने कई शहर‌ बदल‌कर‌‌ देखें
    कई साल‌ भी जाया किए
    की राते गुजारी करवटें बदलकर
    मगर अक्स तुम्हरा दिल में.. वैसे ही कायम रहा
    ©day2306

  • day2306 15w

    होंठ कट रहे हैं दांतों तले दबकर
    ये क्या कशमकश चल रही है आखिर..
    ©day2306

  • day2306 15w

    हां कुछ कहना है तुमसे..
    सुनो.. सुनोगे क्या..
    ©day2306

  • day2306 15w

    हम भला क्या नाराज होते किसी से
    हमें रुठना तो तब आता जब किसी ने कभी मनाया होता..
    ©day2306

  • day2306 15w

    जरा अल्फाज क्या दिए जज्बातों को
    पन्ने महकने लगे उनकी बातों से।
    ©day2306

  • day2306 15w

    भारतीय खौफनाक‌ परिप्रेक्ष्य में

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    अब तो जो हैं मंजर बदहवासियो का
    इसको या तो सुधार‌ दो, या सिधार ही जाओ
    ©day2306

  • day2306 15w

    कुछ ज्यादा‌ही ख्वाहिशें पाल‌ बैठे‌ है वो
    शायद कुछ ज्यादा‌ ही खोखला‌ किया‌ है वक्त ने किसी को
    ©day2306