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  • dawn__ 15w

    कि एक तरफा ही रहा इश्क़ मेरा , हम मयखाने में क्यों जाएगे,
    हम खुद ही कच्चे इश्क़ के खेल में , दूसरों को क्या सिखाएंगे।
    ©dawn__

  • dawn__ 15w

    जला ये दिल और राख सब खत हो गए,
    कल तक थे सही , आज हम भी गलत हो गए ।
    ©dawn__

  • dawn__ 15w

    गए वो अपनी लत लगाकर , और दिल हमारा तरसता रहा,
    छोड़कर घर हमारा, इश्क़ शहर भर में उनका बरसता रहा
    ©dawn__

  • dawn__ 15w

    मैं तो खुश तन्हाइयों में अपनी, मुझे क्यों ख्वाहिश की हवा देते हो,
    अरे, तबाह करना था तो कर जाते, मुझे क्यों इश्क़ की दुआ देते हो।
    ©dawn__