Grid View
List View
Reposts
  • camyyy 1d

    दिल से

    जरूरतें कोई भी पूरी कर सकता है
    पर ख्वाहिशें सिर्फ आप खुद ही पूरी कर सकते हैं।
    ©camyyy

  • camyyy 3d

    हिम्मत

    हार जाने से तू पहले , जीत का सम्मान कर ले
    डर ना हो जाए हावी तुझपे , साहस का मान रख ले
    चेतना हो अच्छी और तू, चित का अवधान कर ले
    साथ चल संघर्ष के फिर, जीत का प्रावधान कर ले।

    साहसों के साथ चल फिर, हर बलाएं हारेगी ही
    कंटकों के राह चल फिर, शत्रु को तू मारेगी ही
    हौसले जब साथ हो फिर, अश्रु तुझको टारेगी ही
    जोश और होश हो फिर, उत्कंठता यूं वारेगी ही।

    जान को तू कर समर्पण , प्राण को तू कर समर्पण
    आश और विश्वास पर तू, मान का भी कर समर्पण
    वीरता और शौर्यता से, शान का भी कर समर्पण
    स्नेह उज्जवल प्रणय लौ से, त्रान का भी कर समर्पण

    साहस और वीरता ही, अब हमारी आन भी है
    हिम्मत और हौसला ही ,अब हमारी शान भी है
    आसमां से आगे जाके, सोच है कुछ कर दिखाना
    छोड़ पैरों की निशानी, तेरे शौर्य का सम्मान होगा।
    ©camyyy

  • camyyy 1w

    स्कूल

    तेरी खुशियों का घर
    तेरे ख्वाबों का समंदर
    तेरे बगिए का खिलता हुआ फूल हूं मैं
    और कोई नहीं तेरा स्कूल हूं मैं।

    तेरे बचपन की निशानी
    तेरे आंखों की वो पानी
    तेरे बीते कल का धूल हूं मैं
    और कोई नही तेरा स्कूल हूं मैं ।

    जहां उम्र तेरा गुजरा
    जहां गलतियां तेरा सुधरा
    जहां दोस्तों की टोली
    तेरी अंगुली था पकड़ा वही मूल हूं मैं
    और कोई नहीं तेरा स्कूल हूं मैं।

    जो स्वप्न तुझे दिखाए
    तुझे सजग पथ पर लाए
    तेरी गलतियां पिरोके
    तुझे मानवता सिखाए वही रूल हूं मैं
    और कोई नहीं तेरा स्कूल हूं मैं।

    तुझे रूला के जो हसाएं
    तुझे दौड़ना सिखाए
    तेरा हाथ पकड़ के नई बात राह तुझे दिखाये
    तेरी पंख को उड़ना सिखाए वो शूल हूं मैं
    और कोई नही तेरा स्कूल हूं मैं।
    ©camyyy

  • camyyy 1w

    रचनाप्रती

    सभी का तहे दिल से शुक्रिया की आपलोगो ने अपना कीमती समय निकालकर ,इतनी सुंदर रचनाए प्रस्तुत की।
    सभी को बहुत बहुत धन्यवाद
    स्पेशल थैंक्स @anusgandh ma'am & @kamini_bhardwaj1 ma'am को जो उन्होंने मेरा invitation accept Kiya aur बचपन विषय पर लिखकर हमे कृतार्थ किया।
    Thanku so much ma'am
    @gannudairy_
    @psprem
    @satender_tiwari
    @aryaaverma12
    @khaire_patil
    को शुक्रिया की उन्होंने इस रचनाप्रति में participate किया।आपलोगों की बचपन पर लिखी कविताएं इतनी अच्छी थी की दिल को छू गई ,और बचपन की याद दिला गई।
    बेहद उम्दा प्रस्तुति थी आप सब की।
    आज के दो विजेता जिनकी रचना उत्कृष्ट रही उनके नाम है
    @gannudairy_
    @aryaaverma12
    आप दोनो की रचनाए लाजवाब थी
    मैं @rachanaprati174 ke sanchalan ka bhar @gannudairy ko सौंप रही हूं।
    धन्यवाद
    ©camyyy

  • camyyy 1w

    बचपन

    पांव की पद चिन्ह है यह
    या है माटी,धूल की बस।
    यादों का है सुनहला पिटारा
    या खिलौना खेल का बस।
    झांक बचपन में जो देखा
    कीमत उसकी मुट्ठी भर बस ।
    पर जो सोचा आज फिर यह
    बेशकीमती हर एक कोना।
    दोस्तों के, जो संग बीती
    शाम थी वह अपरिमित निराली।
    विघ्न होता रात ही बस
    सुबह फिर अनूठी बातों वाली।
    ना फिकर कब पहर दोपहर
    बीत जाती साथ माली।
    गर जो लौटे शाम को घर
    फिर उछल कूद वहीं डाली डाली।
    काश !लौट आए वो बचपन
    साथ यारों वाला वो लड़कपन।
    बात बस स्वच्छंद हो और
    लौट आए रिश्तो में वो अपनापन ।
    सुबह की वही धूल माटी
    चूल्हे की वही सोंधी रोटी।
    लौट आओ साथ लेके
    पल वही कोषों उमंग वाली।।
    ©camyyy

  • camyyy 1w

    दिल से

    ईट की मंजिल
    सफर के वादियों से ज्यादा खूबसूरत तो नहीं होगा
    फिर ना जाने क्यों
    लोग मंजिल के प्यास में
    सफर की खुशबू खो देते हैं।
    ©camyyy

  • camyyy 1w

    दिल से

    किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंजिल
    कोई हमारी तरह उम्र भर सफर में रहा।
    ©camyyy

  • camyyy 1w

    दिल से

    अपनी खुशी के लिए आज
    मैं हर कीमती चीज खरीद लाई
    लेकिन बचपन की वो आजादी
    आज भी गिरवी रखा है।
    ©camyyy

  • camyyy 1w

    दिल से

    हर शख्स में तेरी ही शक्ल नजर आती है
    क्यूं बीती हर बात मुझे तेरी ही याद दिलाती है
    ©camyyy

  • camyyy 1w

    #rachanaprati

    जिगना दीदी का तहे दिल से शुक्रिया
    की उन्होंने मुझे संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है।


    आज का विषय है-: बचपन - क्या भूलूं, क्या याद रखूं
    ©camyyy
    सबकी सहभागिता की उम्मीद है ।
    सहाययुक्त

    समय सीमा 14 मई रात 12 बजे तक ।