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Reposts
  • bleedingsoul_ 72w

    Jawab dhundhte dhundhte,
    khud kab sawal ban gyi
    pta hi nhi chala.

    ©bleedingsoul_

  • bleedingsoul_ 75w

    तुम शब्द पढ़ने वाले
    लिखावट क्या पढ़ोगे।

    ©bleedingsoul_

  • bleedingsoul_ 113w

    एक ख्वाहिश है!!
    एक ख्वाहिश तुझे पाने की,
    तेरे दिल में समाने की,
    तेरे सारे नखरे उठाने की,
    तुझे अपना बनाने की,
    एक ख्वाहिश है!!
    तुझे पाने की,अपना बनाने की,दिल में बसाने की,
    पर तूने जो युं मुंह मोड़ा की,
    बस अब ख्वाहिश रह गई है,
    तेरे लिए आंसू नहीं बहाने की,
    दिल के घाव पर मरहम लगाने की,
    तेरी हां बस तेरी एक झलक पाने की,
    एक ख्वाहिश है!!

    ©bleedingsoul_

  • bleedingsoul_ 129w

    हां माना वो अच्छी है,
    खूबसरत भी है।
    पर क्या वो तुझे मुझ जितना प्यार करेगी ।
    शिक़वा नहीं है तुझसे,
    दिल है समझती हूं फिसल गया ।
    तुझे समझा है मैंने,
    तेरी बातें, जज़बातें सब समझती हूं,
    पर क्या वो समझ सकेगी ।
    किताबों की तरह पढ़ा है तुझे,
    हार सांस ने जिया तुझे,
    क्या वो करेगी।
    हां प्यार तो अब भी है तुझसे,
    पर कहीं पढ़ा है जिससे सच्चे दिल से चाहो कायनात भी उससे मिलने की कोशिश करती है।
    तो अब कायनात के भरोसे छोड़ दिया है कहना तुझसे,
    की प्यार है।
    बस अब यही जानने की ख्वाइश रह गई हैं कि,
    क्या कमी थी मुझे में की यह प्यार मुझे नसीब ना हुआ।

    ©bleedingsoul_

  • bleedingsoul_ 129w

    आपके नफरत के तूफ़ान ने मेरी प्यार की कश्ती ही डुबा दी।

    ©bleedingsoul_

  • bleedingsoul_ 129w

    कलम और कागज़ लेकर बैठ गई
    सोचा अपने शब्दों से तेरी तस्वीर बनाऊं
    दूसरों को थोड़ा और जलाऊ
    किस्मत पे अपने गुरूर था
    पर कायनात को कुछ और ही मंजूर था
    कलम की स्याही सुख गई
    लिखावट मेरी रूठ गई
    खूब मनाया पर तेरी यादें बयान करने को तैयार ना हुई कहने लगी कि डर हैं उन्हें
    कहीं पढ़ने वालों को मोहब्बत ना हो जाए।

    ©bleedingsoul_

  • bleedingsoul_ 129w

    हक नहीं

    हक नहीं
    हक नहीं कि अब तुझे अपना कह सकूँ,
    तेरी बाहों में सर रखकर दुनिया से दूर जा रहे ,सकूँ
    हक नहीं,तेरी जुल्फ सवार सकूँ,
    तेरी आंखों में डूब सकूँ,
    तेरे हर राज को अपने किताब के पन्नों में दफना सकूँ
    हक नहीं ।

    ©bleedingsoul_

  • bleedingsoul_ 130w

    अजीब है यह रात,
    खामोश रह कर चीखती है।

    ©bleedingsoul_

  • bleedingsoul_ 130w

    अपने लफ़्ज़ों में तेरी खुशबू घोल के बिखेर देती हूं।
    लिखावट हो तुम मेरी,
    हर दफा बस तुम्हे ही लिखती हूं।

    ©bleedingsoul_

  • bleedingsoul_ 130w

    Main samajhti Hoon
    Teri har baat Ko samajhti hoon
    Jo tune kabhi kahe hi nahin
    Tere inkaar mein chhupa iqrar ko samajhti Hoon
    Main sab samajhti Hoon
    Tera gussa, tera yuh naraz ho Kar chale jana Nazre churana, phone na uthana
    Main samajhti Hoon
    Mana ki maine galti ki par bewafai nahin Tujhe sataye, tujhe rulaya
    Par tujhse chup kar main bhi to royi
    Main samajhti Hoon mujhme khamiyan hai Main sab samajhti Hoon
    Par kabhi tujhe Na samajh paye

    Aditi Kashyap
    ©bleedingsoul_