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Reposts
  • barbad 7h

    मैंने तलब को
    तलब से काटा है

    तुम्हारे इन्तजार को
    रातों में बाँटा है
    ©barbad

  • barbad 1d

    उतर रही हो जैसे रेत के टीले से रेत की लहर
    रह रहकर मिरे दिल में यादों की हुक उठती है
    ©barbad

  • barbad 1d

    जब जब ज़ेहन शब्दों से खाली मिलता है
    सर्द मौसम का नवम्बर आ जाता है
    ©barbad

  • barbad 1d

    मैं कुछ कहने को आऊँ
    तो वो समझ जाये

    अब जिससे हाथ मिले
    उसी से दिल मिल जाये
    ©barbad

  • barbad 1d

    कमी ज्यादा तो लगी ही रहती है
    ज़िन्दगी अक्सर तू खामखां रूठ जाती है
    ©barbad

  • barbad 1d

    क्या मज़ाल कहिये
    हम उनकी बात काट दें

    उसने कहा आप झूठे हो
    और हमनें सच टाल दी

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    एक नज़र की बात थी
    और उसनें हमपें डाल दी
    ©barbad

  • barbad 2d

    हाँ ठीक है के बोलने में हकलाता है
    मिरा दिल भी कभी आदमी रहा होगा

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    हाँ ठीक है के बोलने में हकलाता है
    मिरा दिल भी कोई आदमी रहा होगा
    ©barbad

  • barbad 2d

    Loving you isn't an option,
    It's my choice!
    ��

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    किसी मतले पर मरते मरते बचे है हम
    वगरना ग़जल को आज हिजाब मिल जाता
    ©barbad

  • barbad 3d

    ��

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    मुसीबतों से तो निकल आते है
    मोहब्बत में आकर हार जाते है
    ©barbad

  • barbad 3d

    सुनो! हाड़ मांस का इन्सान होना
    सुनो! और अपने भी अरमान होना
    सुनो! सबसे मुश्किल क्या है यहाँ
    सुनो! सबसे मुश्किल है सबसे आसान होना
    ©barbad