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Reposts
  • barbad 4h

    ग़र जिस्म पर ही अपनी बसर होती तो ग़ालिब
    कह के जाते सबसे के एक बरबाद दरिंदा आयेगा

  • barbad 4h

    एक हद तक जाकर मैं लौट आता हूँ
    मैं अब तुमपें कोई बात नहीं छोड़ता

  • barbad 9h

    हम नहीं आयेंगे
    अब तुम्हारी बातों में

    तुम्हारी बातों से
    मोहब्बत की बू आती है

  • barbad 17h

    ��

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    हक जताना छोड़ दिया है
    एक दिन ये भी बताना पड़ेगा

  • barbad 20h

    सब समझता हूँ
    लेकिन अगर मगर
    मजा बेवकूफी में ही है

    ��

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    अंजाम ए हसरत कहो तो तौबा तौबा
    अंजाम ए इश़्क तो भाई शुभान अल्लाह

  • barbad 20h

    उसनें कहा इश़्क ज़िस्म से नहीं रूह से होता है
    मन तो कर रहा था उसी समय दम तोड़ दिया जाये

  • barbad 1d

    ऐसा है के सारे इल्ज़ाम हम पे थोंप दो
    हम आज नहीं तो कल मरने ही वाले हैं

  • barbad 1d

    हम किसी के सांत्वनें पर श़राब पीते है
    और समस्या ये है के उससे कम पीते है

  • barbad 1d

    श़राब से पहले उसकी गज़ाल सी आँखें
    मिरे मोहब्बत में मरने वाले पहले हम है

  • barbad 1d

    हमको मार देती है दूनिया भर की उदासी
    हम वो नहीं हैं जो अकेले में मजा लेते है