badal_roy

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  • badal_roy 50w

    Jai bhole nath ����
    #bholenath #shiv #महाकाल

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    मेरे भोले

    तू नर में है ,तू प्रखर में है
    तुहिं क्षितिज में ,घर में है
    तुझ में समा का केंद्र है
    संकल्प तू और स्वर में है

    तुहिं अगम या है सुगम
    कोई तुझसे कैसे दूर है
    तेरा नदिश जो छू लिया
    वह खुद में ही भरपूर है

    यह सृष्टि तेरी अंश है
    जो तू ना हो विध्वंस है
    तेरे बिना ये जहान तो
    जैसे मोहन बिन कंश है

    हर कर्म हर संताप जो
    मानव करे है पाप जो
    होता वही है नीलकंठ
    चाहे स्वयं हैं आप जो

    पर क्यों अहम ये आ गया
    कैसे प्रलय सा छा गया
    अब भूल कर तुझको हे शंभू
    कैसे सब बदला गया

    क्यों कंकड़ों में नाम तेरा
    ढूंढ ना पाता कोई
    अब सब खुदी में व्यस्त हैं
    गुण तेरा ना गाता कोई

    हे रूद्र हे शंकर मेरे
    किस ध्यान में तुम खो गए
    नाराज होकर हमसे क्या
    पर्वत पर अपने सो गए

    गर हो उपस्थित तुम यहां
    तो धर्म कैसे खो गया
    या देखकर इसको हे स्वामी
    नैन तेरा रो गया

    यह आस्था की भूमि मेरी
    टुकड़ों में क्यों हो रहा
    कैसे यह भूल तुझको, खुद
    स्वयं से हाथ धो रहा

    है आखिरी यह विनय तुमसे
    हे देवों के देवता
    दिखाओ कोई राह सबको
    हूं चरण में नेवता

    ©Badal Roy

  • badal_roy 51w

    Word Prompt:

    Write a 6 word short write-up on Unfamiliar

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    ♣Unhappiness ♣unfamiliar to me

  • badal_roy 53w

    Who is

    Think about who is the person who is thinking about you when you are thinking about you .
    ©badal_roy

  • badal_roy 53w

    Word Prompt:

    Write a 3 word micro-tale on Confusing

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    Confusing ! ( My Passion )

  • badal_roy 53w

    जख्म

    जख्म दिल पे लगे फिर भी सह लेंगे हम
    चोट खाना हमारी तो आदत सी है
    ©Badal_Roy

  • badal_roy 54w

    ☺️ A child's imaginary tree ☺️

    A tree that dance
    With me at night
    The moon looks too big
    that glows with milky light

    He plays with me ,
    He sings so sweet
    And gives me glowing fruit
    To play and eat

    The stars looks like miracle
    When comes near me
    They floats in my surroundings
    And sits on that tree

    The whole night we fill
    With laugh and so fun
    Then mum calls like daily
    To wake up and run

    I go to my boring school
    And always remember those nights
    And wait to lay on bed
    When mum will off all lights

    ©badal_roy

  • badal_roy 55w

    बस रहे !

    कोई करिश्मा करे खुदा की सब भला सा रहे
    भर जाए घाव फिर भी भीतर जला सा रहे

    काम पूरा हुआ या बाकी कोई फर्क नहीं
    तम्मन्ना दिल की यही है कि सब टला सा रहे

    ठिठक के लटका रहे चांद आसमानों में
    मगर ये सर्दियां काहे यहां बला सा रहे

    ये सौक रुक ना जाए मोड़ पे कहीं जाके
    जिंदा ये जब तलक रहे तो मनचला सा रहे

    किसी की ज़िंदगी किसी से छुप के रहती क्यूं
    सभी की बातें हर किसी से बरमला सा रहे
    ©badal_roy

  • badal_roy 55w

    अच्छे

    जो हंथों हांथ बिक जाएं,
    वो आम अच्छे हैं ।
    जो यूं ही सबको दिख जाए,
    वो काम अच्छे हैं ।
    इरादे उनके आसमां से बुलंद होते हैं ।
    जो सबके दिल पर लिख जाए ,
    वो नाम अच्छे हैं।
    ©badal_roy

  • badal_roy 55w

    जिंदगी

    जिंदगी के हर मोड़ पे ,
    साथ कौन देगा ?
    यूं ही फिसलते रहोगे, तो
    हांथ कौन देगा ?
    इस तरह मुस्कुरा के जिंदगी,
    गुजारोगे कैसे ,?
    सभी अपने होंगे ,तो
    घात कौन देगा ?
    ©badal_roy

  • badal_roy 57w

    तू नर में है, तू प्रखर में है,
    तू हीं क्षितिज,में घर में है।
    तुझमें समा का केंद्र है,
    संकल्प तुं और स्वर में है।।

    तू हीं अगम या है सुगम,
    हम तुझ से कैसे दूर हैं।
    तेरा नदीश जो चू लिएं,
    तो खुद में ही भरपूर हैं।।

    ये श्रृष्टि तेरी अंश है,
    जो तु ना हो विध्वंस है।
    तेरे बिना ये जहान तो,
    जैसे मोहन बिन कंस है।।

    हर कर्म हर संताप जो,
    मानव कारे है पाप जो।
    होता वही है संभु,
    चाहे स्वयं हैं आप जो।।

    पर क्यूं अहम ये आ गया,
    कैसे प्रलय सा छा गया ?
    अब भूल कर तुझको हे भोले,
    कैसे सब बदला गया ??

    क्यूं कंकड़ों में नाम तेरा,
    ढूंढ ना पाता कोई ?
    अब सब खुदिं में व्यस्त हैं,
    गुण तेरा ना गाता कोई।।

    हे रुद्र हे संकर मेरे,
    किस ध्यान में तुम खो गए ?
    नाराज होकर हमसे क्या,
    पर्वत पे अपने सो गए ?

    गर हो उपस्थित तुम यहां,
    तो धर्म कैसे खो गया ?
    या देखकर इसको हे स्वामी,
    नैन तेरा रो गया ??

    ये आस्था कि भूमि तेरी ,
    टुकड़ों में क्यूं हो रहा ?
    कैसे ये भूल तुझको ,
    खुद, स्वयं से हांथ धो रहा??

    है आखरी है विनय तुमसे,
    हे देवों के देवता।
    दिखाओ कोई राह सबको,
    हूं शरण में नेवता।।

    ����������️ बम भोले⛰️��������

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    मेरे भोले

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    ©badal_roy