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  • avivek 18w

    Mehfilein

    खुद से पहले जिनको रखता था,
    क्या यूं रूठना उनका जायज़ है?

    मुझसे है पूछती रुह मेरी,
    क्या तू उनके साथ के लायक है?

    क्यूं आज भी ढलना चाहता है,
    बेढंगी दुनिया के रंगों में?

    ।।उस महफ़िल को ढूंढता फिरता है,
    जहां तेरे अर्ज़ से सबको शिकायत है।।
    ©avivek

  • avivek 18w

    Invisible feelings II

    ।।ना मर कर आंसू आयेंगे,
    ना जीते जी रो पाएंगे हम।।

    ।।कोई हाल भी अपना पूछे तो,
    ठीक ही सबको बताएंगे हम।।

    ।।जो बात न करते मरहम की,
    क्यूं उनको जख्म दिखाएंगे हम।।

    ।।कभी गम अपना नहीं बांटेगे,
    पर गम सबके ले जाएंगे हम।।
    ©avivek

  • avivek 18w

    Talismann VIII

    ।।बिन मतलब बदनाम ना कर,
    तेरी वफ़ा से थे कुछ सवाल मुझे।।

    ।।तूने कहा था,तेरे लिए वक्त नहीं था...
    आज आगया है तेरा खयाल मुझे।।
    ©avivek

  • avivek 18w

    Talismann VII

    ।।दिल पर घाव है तो क्या हुआ?
    हम खून से नहीं, जुनून से लिखते है।।

    ।। आंखों के आंसू माफ है तो क्या हुआ?
    हम दर्द में होकर भी सुकून से लिखते है।।

    ©avivek

  • avivek 18w

    Word Prompt:

    Write a 6 word short tale on Memories

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    Invisible feelings I

    ।।इस दिल पर ऐसा वार हुआ था,
    जिसने दुश्मन को भी रुलाया था।।

    ।।उस गम को भी हमसे प्यार हुआ था,
    जिस गम ने हमे आजमाया था।।
    ©avivek

  • avivek 18w

    Talismann VI

    गर नीयत सबकी नेक थी,फिर धोखे देता कौन ??
    सच्चाई जो सबने देख ली,फिर रहते क्यूं सब मौन ??
    ©avivek

  • avivek 18w

    Talismann V

    ।।साथ अपने दिखते है सब दिन की चकाचौंध में,
    रात में अपनी रौशनी खुद बनना पड़ता है।।

    ।।बात यूं ही करते है सब अपनों के साथ की,
    बुरे हालातों वाले रस्तों पे खुद चलना पड़ता है।।

    ©
    ©avivek

  • avivek 18w

    Talismann IV

    ।।गम के समंदर में भीगकर,
    रज़ा किनारों में टिक गई।।

    ।।सबक दुनियादारी का सीखकर,
    वफा बाजारों में बिक गई।।
    ©avivek

  • avivek 18w

    Talismann III

    लिख दूं अपने राज़ फलक पे,
    पर नसल कलम की पहचाने कौन?

    ।।इन्हे जात, शकल से लेना देना,
    पर असल में मुझको जाने कौन?
    ©avivek

  • avivek 18w

    Talismann II

    ।।जो दुनिया किसिकी सगी नहीं,
    वहां तेरे नाम क्या है??

    ।।बस गम को बेचकर रकम कमा,
    खुशियों के दाम क्या है??
    ©avivek