ashu154

People who follow me without reading my works, please don't annoy me. Thank you����

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  • ashu154 2w

    कैसे करते हो तुलना तुम उस प्यार का?
    जो था पहले कभी किसी के लिए
    पर ,अब वो है नही या होगा
    आगे किसी के लिए।

    जब ढूंढते हो तुम उसको
    ना सिर्फ लोगों के चेहरों में
    बल्कि दूसरों के नज्मों में
    भी उसी को पढ़ते हो।

    जब धूमिल पड़ गई हों यादें उसकी
    लेकिन उसके एहसास मात्र से
    निकल पड़ते हो तुम
    फिर से यादों के कारवां में ।

    जब अचानक से जी उठती हैं
    कविताएं तुम्हारी अब तक मृत थी जो
    जिनमें जिक्र था सिर्फ समाज का
    अब जिक्र है तो बस उसके होने का ।

    कैसे करते हो तुलना तुम उस प्यार का ?
    ©ashu154

  • ashu154 5w

    दिल जला कर मेरा पूछते हैं वो
    कि ये धुआं कहां से आ रहा है।
    ©ashu154

  • ashu154 7w

    I was checking my notes section and i found these lines written one year ago generally i only keep my write-ups in my notes but i don't remember exactly if i had written this or not so i will not claim the copyright. Any help would be appreciated.

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    The beauty lies not on the face but in the heart
    The one which we see is momentary
    It changes with the pace of time.
    Your smile shows the real beauty
    Which is in your heart
    The positive vibes

  • ashu154 11w

    किसे ढूंढ रहे हो?
    खुद को या अपने वजूद को?

    खुद से तो रोज ही मिलते हो आईने में
    लेकिन वो तुम कहां ही होते हो
    वो तो है तुम्हारा बहरूपिया
    या यूं कह लो एक परछाई
    जो लगाए होता है मुखौटा
    तुम्हारे शक्ल का।

    मुखौटा तो तुम भी लगाए फिरते हो
    वो होने का ,जो तुम नहीं हो
    फिर भी दुनिया देख नही पाती
    लेकिन आईना देख लेता है
    क्योंकि वो कहते हैं ना
    आईना हमेशा सच दिखाता है।

    किसे ढूंढ रहे हो
    खुद को या अपने वजूद को।
    ©ashu154

  • ashu154 13w

    जहा कभी गुजारे थे खेलते हुए बचपन के दिन
    आज उसी शहर में आते हैं
    रहने के लिए मुसाफिर की तरह
    यारों के बिन।
    ©ashu154

  • ashu154 18w

    कल रात एक ख़्वाब देखा
    ख़्वाब में था मैं
    वैसे तो हर बार हम साथ होते थे
    लेकिन इस बार था सिर्फ मैं।

    पहाड़ों में एक घर था मेरा
    बिलकुल वैसा जैसा
    मैने चाहा था हमेशा से
    और उसमें थी कुछ किताबें
    किताबें जिनमें ज़िक्र था मेरे सपनों का
    सपने जो मैं अक्सर देखा करता था
    खुली आंखों से।

    आंखें जिसने जाते देखा था तुमको
    छोड़ कर मुझे अपने सपनों के लिए
    सपने जो हम दोनों के ही पूरे हुए
    पर रहा कुछ अधूरा
    तो वो था हमारा साथ।
    ©ashu154

  • ashu154 19w

    Kissing loneliness is good sometimes,
    And falling in love is always a bold decision.
    But you misinterpreted my love,
    And created a world of void in your illusion.

    I had never a type nor will,
    Had always been with wrong people
    And got my hope killed.

    Yes,
    I have searched for love so desperately,
    That i lost you with every passing hello,
    And myself with every love you.
    ©ashu154

  • ashu154 20w

    ऐ ज़िंदगी,
    तुझसे कुछ ऐसे सबक लेते जाएंगे
    जो तू बिछाए काटें राहों में,
    तो उससे फूलों का डगर बनाएंगे।

    जब जब होगी गम की बारिश,
    तो उससे खुशी की फ़सल उगाएंगे।
    जो तू डुबोना चाहे दुख के सागर में,
    तो तैर कर सुख के किनारे आयेंगे।
    और भर दे जब ज़िंदगी अंधकार से,
    तब सूरज सा उजाला लायेंगे।

    ऐ ज़िंदगी,
    तुझसे कुछ ऐसे सबक लेते जायेंगे।
    ©ashu154

  • ashu154 23w

    पहले जैसा अब किसी से खफा नहीं होता,
    पहली नज़र का वो खुमार हर दफा नहीं होता।
    टूटा कुछ ऐसे कि वफ़ा नही होता,
    एक मुद्दत लगती है बनने में
    वरना यूं ही हर कोई बेवफ़ा नही होता।
    ©ashu154

  • ashu154 29w

    किए कर्म अच्छे पर सबाब ना मिला,
    लिखे खत तुझे कई पर जवाब ना मिला।

    लूट गए तेरे ईश्क में ऐसे कि हिसाब ना मिला,
    मयखाने में तेरे नैनों से नशीला शराब न मिला।

    अगर सोना चाहा भी तो कोई ख्वाब ना मिला ।
    रूह तो हो चुका था तुम्हारा कबका,
    पर कर लूं खुद को कैद तुझमें कभी ऐसा रुआब ना मिला।
    ©ashu154