aryan_tripathi21

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Apni hasti mene kuch iss tarah bata di; Zara si Phuuk le, aur hawa me udaa di.. https://www.yourquote.in/aryan-tripathi-jnz9/quotes/

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Reposts
  • aryan_tripathi21 172w

    Have not been active here since months, got busy with the new college"s schedule. I am sorry for not reviewing the posts i am tagged in, and will be doing it soon. I feel blessed reading comments from people asking my whereabouts ��.
    Thankyou for love ❤

    Any edits/suggestions will be heartly welcomed.


    #love #hindi #poetry #urdu #broken #truelove

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    तू मेरे ख़त का इंतेजार न कर ,
    भूल जा मुझको, अब मुझसे प्यार न कर ;

    निकल चुका है मेरे सीने से, अब ये जो गम तेरा ,
    मेरी कोशिशों को बस, तू यूँ ही बेकार न कर ;

    जला चुका हूँ मैं यादें, मिटा चुका हूँ तेरे निशां ,
    जो चोट सब से छुपाई है, उसपे वापस वार न कर ;

    रहा हर हाल में मैं तन्हां, तू मेरी हो या न हो , 
    अब तो ख़ुद को भी खो चुका हूँ, मुझे और बेजार ना कर ;

    यूँ सब से छुपके बुलाने का तेरा क्या मतलब ?
    मैं दो जहानसे लड़ निकला, मेरी और हार न कर ;

    तू मेरे ख़त का अब और इंतेज़ार न कर ,
    भूल जा मुझको, अब मुझसे प्यार न कर।
    ©aryan_tripathi21

  • aryan_tripathi21 185w

    Yeh unn sbke liye hai, jo ek sabhya vyakti ki sabhyata ko uske kamzori samjh baithte hai.


    #hindi #kavita #mirakee #hindiwriters #poetry #love #motivation #urdu

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    बातों में न उलज़ाइये, कच्चे नहीं है हम,
    पुचका के मान जायेंगे, बच्चे नहीं है हम |

    हमने दिवाली आपसे, इक कम देखी नहीं ;
    इस धोख़े में ना रहना, कि कुछ समज़ते नहीं है हम |

    अब साथ तुम चलो या नहीं, खुद ही तय करो ;
    इक बार चल दिए, तो पलटते नहीं है हम |

    ठोकर भी तुम दो, और गाली भी तुम ही दो ;
    फिर माफ़ भी करें, इतने तो अच्छे नहीं है हम |

    ललकार ही देते, तो तुम्हें शेर समज़ते ;
    जूठी सी तारीफ़ों से तो पटते नहीं है हम |

    किससे उलझ रहे हो, ज़रा ये भी देख लो ;
    शोला है भीतर, पर सुलगते नहीं है हम |

    बातों में न उलज़ाइये, कच्चे नहीं है हम;
    पुचका के मान जायेंगे बच्चे नहीं है हम |
    ©aryan_tripathi21

  • aryan_tripathi21 186w

    जितना भी प्यार कर लो, इतनी कसर रहेगी 
    कुछ बातें तेरे दिल से, यूँ बेख़बर रहेंगी |

    जब होश ना रहेगा, किसको खबर रहेगी ?
    जब नींद जा खुलेगी किस पर असर रहेगी |

    जब हम नहीं रहेंगे, किस पर नज़र रहेगी ?
    जब तुम ही ना रहोगे, किसको फ़िकर रहेगी ?

    जन्नत के ख़ाब होंगे ये रहगुज़र रहेगी 
    ये कौन जानता है जन्नत किधर रहेगी ?
    गुस्ताख़ दिल की चाहत, तो चाँद पर रहेगी 
    और जमीं के टुकड़ों पर अपनी क़बर रहेगी |

    नज़रें तो फिर भी मिलने को बेसबर रहेंगी 
    ये प्यार की फ़ितरत है, यूँ जोशभर रहेगी |

    जितना भी प्यार कर लो, इतनी कसर रहेगी 
    कुछ बातें तेरे दिल से, यूँ बेख़बर रहेंगी...
    ©aryan_tripathi21

  • aryan_tripathi21 187w

    कट गया पेड़, मगर ताल्लुकात कुछ ऐसे थे;
    कि बैठे रहे जमीन पर वो परिंदे रात भर|
    ©aryan_tripathi21

  • aryan_tripathi21 194w

    I am sorry for not being able to review the writings i am tagged in. I am currently preparing for my college so not able to give much time to it. Will be back soon
    Thanks ;)
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    सब्र करो, भागो मत,
    थक-कर पीछे छूट जाओगे;
    थोड़ा रुको, दम भरो
    देर से ही सही, मंजिल तक पहुंच जाओगे|

    भरोसा करो, उम्मीद नहीं,
    मुंह के बल गिर जाओगे;
    सांस लो, वादे भूआओ
    देर से ही सही, संभल जाओगे|

    झूठ बोलो, झूठे वादे नहीं,
    वादो तले दब जाओगे;
    आंखों में देखो, छोड़ चले जाओ
    देर से ही सही एक इल्तजा पा जाओगे|

    रो-लो, टूट लो, रूठ लो, पर निर्भर ना हो,
    दो दिन में ही मारे जाओगे;
    कहीं बाहर जाओ, कहीं जगह ढूंढो
    शांति के लिए, एक कब्र तो पा ही जाओगे|
    ©aryan_tripathi21

  • aryan_tripathi21 198w

    Hello everyone, finally on mirakee after more than a month. I couldn't write much during this time neither could read any of the posts i am tagged in. So, I just wrote a few random verses here to mark my presence again ��. Feel free to drop suggestion/edits.
    Anyone who has any issue with getting tagged can straight away tell me about it.
    Thanks.
    Spread Love!

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    He stands on a two way divergent
    To choose between a sword and shield, just like another sergent;
    One comes to protect him, one defends him,
    He has to hurry, for the time commends him.

    He ignores, he resists, as there is just one grant,
    To choose between something he needs, and something he wants;
    Our warrior is still, and hesitant to decide,
    For the fear of losing the battle, always resides.

    He smiles, and makes a sacrifice,
    Something, that cant be termed as nice,
    Something, that wont ever suffice,
    Something, with ever lasting deafening cries.
    Yes, he sacrificed, he died;
    Even before our so called warrior, could ever decide.
    ©aryan_tripathi21

  • aryan_tripathi21 203w

    तेरे झूठ के समंदर में, तैरना हमने भी सीख लिया है;
    पर ना जाने क्यों, मजा डूब मरने में ही आता है |

    तेरे झूठ के रेगिस्तान में, जीना हमने भी सीख लिया है;
    पर ना जाने क्यों, मजा प्यासा तड़पने में ही आता है |

    तेरी झूठी दुनिया में, सच्चाई कुबूलना हमने भी सीख लिया है;
    पर ना जाने क्यों, मजा सच्चाई से दूर रहने में आता है |

    तेरे झूठ के समंदर में, तैरना हमने भी सीख लिया है;
    पर ना जाने क्यों, मजा उस असलियत के टापू से दूर रहने में ही आता है |

    ©aryan_tripathi21

  • aryan_tripathi21 204w

    While you are shedding your blood in this battle to win her,
    She has already taken refugee in someone else's castle.
    ©aryan_tripathi21

  • aryan_tripathi21 204w

    ए खुदा, अगर बद-दुआओं को कुबूलने से कभी फुर्सत मिले तुझे,
    तो तेरी दरगाह पर सालों बैठे उस गरीब को जरूर देख लेना,
    जो भूख से तड़पने के बावजूद तेरी दुआ-ए-सलामती की दुआ करता है!

    ©aryan_tripathi21

  • aryan_tripathi21 204w

    What do you think I really am?
    Your knight, with same Shiny Armor,
    Or a ship, in your crowded Harbour?
    Your guard, to guard your popular presence;
    Or a martyr, when you need some essence?

    Your friend, in your lonely loneliness,
    Or a Pimp, when you need one's Oneness?
    Your guide, when nothing goes right;
    Or a book, when you need something blunt to write?

    I understand, you wanna lay, you wanna play,
    But why do you treat me, just like another clay?
    This is not the way I am, is all I wanna say,
    But why do you insist, "Not today, please another day";

    What do you think, I really am?
    You think I am a tree, but I am the weakest stem,
    Don't run away, if virtual-actual one day Ram;
    Since you only see me,the way I not really am.
    ©aryan_tripathi21