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  • anusugandh 3h

    श्री राम

    श्री राम की महिमा.... है अपरंपार ,
    जिसको पूजे श्रद्धा से सारा संसार !

    कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक है श्री राम ,
    सारे जग के पालन हारे हैं श्री राम !

    माता पिता के पुत्र हैं आज्ञाकारी ,
    एक वचन खातिर छोड़ी अयोध्या नगरी!

    बुराई हटाकर अच्छाई पर विजय है पाई,
    सारे संसार को सच्चाई की राह दिखाई !

    सबके पूजनीय हैं प्रभु श्री राम ,
    अति अतुलनीय है प्रभु श्री राम!

    ©anusugandh

  • anusugandh 1d

    ✍️

    चले थे खुशियों का....... जश्न मनाने
    नज़र ऐसी लगी...खुद को लगे मनाने
    ©anusugandh

  • anusugandh 1d

    ✍️

    चलो उम्मीदों का दायरा कुछ कम करें
    खुशियों के दामन को...कुछ बड़ा करें
    ©anusugandh

  • anusugandh 2d

    #rachanaprati102
    @ajnabi_abhishek

    कल्पना की उड़ान ना जाने कहां से कहां ले जाए
    बस ऐसा हो संयोग कि... उसके मन में बस जाएं

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    संयोग

    कुछ ऐसा मधुर संयोग जो हो जाए,
    वह कृष्ण मैं उसकी राधा हो जाऊं!
    यमुना किनारे............ रास रचाए ,
    वह यमुना,मैं यमुना का जल हो जाऊं!
    नन्हीं नन्हीं बूंदों में...... नृत्य करूं जब ,
    वो बादल..... मैं उस की बूंदे बन जाऊं!
    समस्त नभ पर........... तब छा जाऊं,
    वो नभ........ मैं इंद्रधनुष बन हरषाऊँ!
    प्रकृति की एक-एक कली बन मुस्काऊँ,
    वह फूल बने, मैं उसकी खुशबू बन जाऊं!
    रोम रोम में बसा रहे ..........सदा वो ही,
    वो हृदय.. मैं उसकी धड़कन बन जाऊं!
    ऐसा प्रभु............. कुछ संयोग बना दो,
    बस उसके.......... चरणन में बस जाऊं!
    ©anusugandh

  • anusugandh 3d

    सबसे पहले piu ji का बहुत-बहुत शुक्रिया जिन्होंने मुझे संचालन के लिए चुना ।आप सब की रचनायें काबिले तारीफ है ।सभी ने अपने अपने जीवन साथी के लिए विचार बहुत अच्छे लिखे हैं
    Jigna ji ने- बहुत लंबा सफर है जीवन
    Anandbarun ji की 2 रचनाएं थी - पलकों में बंद मूरत बताया ,दूसरे में सपनों का राजकुमार के बारे में बताया
    ajnabi abhishek जी ने दीपक बाती जैसा रिश्ता बताया
    Lovneet जी ने राधा कृष्ण की प्रीत बताई
    Jakir bhai -मेरी पत्नी मेरी दौलत मेरा अभिमान
    Mamta ji ने परछाई बन साथ रहना
    Aryayaaverma ji जीवन साथी सच्चा लगता है से अपनी रचना को सजाया
    सुरेश जी ने दीपक बाती से रचना को सजाया

    आप सब ने इतना सुंदर लिखा है कि निर्णय करना बहुत मुश्किल है मेरे लिए तो सब विजेता हैं लेकिन मैं चाहती हूं कि किसी नये को यह जिम्मेवारी सौंपी जाए इसलिए#rachanaprati 102 के लिए @ajnabi_abhishek का चयन करती हूँ
    गलती के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ

  • anusugandh 4d

    कह रही है चांदनी दो दिलों की दास्तां
    तनहा दिल मिलने को खोज रहे रास्ता
    आओ मिलकर चले तारों की छांव में
    बनाए एक आशियां बादलों के गांव में
    ना कभी खत्म हो........ यह दीवानगी
    सदा चलती रहे ..मोहब्बत की रवानगी
    आ मिलकर आज .....यह कसम उठाएं
    हर जन्म मिले साथ ना कभी बिछड़ जाए
    जीवन भर का................... साथ रहे
    हाथों में सदा ................तेरा हाथ रहे

    करवा चौथ की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं

  • anusugandh 5d

    #rachanaprati101
    देर से संचालन करने के लिए क्षमा प्रार्थी हूं,व्यस्तता के कारण मैसेज नही देखा��

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    #rachanaprati101
    @piu_writes @goldenwrites_jakir @anandbarun
    @psprem
    बहुत-बहुत धन्यवाद piu ji आपका ,मेरा चयन करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।
    #rachanaprati101
    विषय __जीवनसाथी
    समय सीमा_ 25 अक्टूबर दोपहर 12:00 बजे तक

    एक डोर से बंधे हैं जीवन साथी हम
    जीवन के सफर में दीपक बाती हम

    ©anusugandh

  • anusugandh 1w

    सृजन

    आओ सृजन करें नए युग का
    नई नस्ल का ,नए व्यवहार का
    जो भूल चुकी .......पीढ़ी नई
    लाए भाव दिलों में,, प्यार का
    फूटेंगी नई कोंपलें, नई होगी दुनिया
    झूम उठेगी .........सृष्टि सारी
    जब खिलेगा फूल बागे बाहर का
    सृजन किया जिसने रचना प्रति का
    आज मना रहे शतक उसका
    दुआ है यह आगे बढ़ती रहे
    ना थमे कलम ,किसी कलमकार का✍️
    ©anusugandh

  • anusugandh 1w

    चाँद उतरा मेरे अंगना,, ,,एक नया पैगाम लिए
    अलसाई आंखों में ,,,,,देने को कुछ ख्वाब नए
    आलिंगन में भर लूँ उसको,,कर लूँ थोड़ा प्यार
    लाया है कितनी शीतलता,मन में भरता प्यार!
    ©anusugandh

  • anusugandh 1w

    सुकून

    सुकून के पल कहां ढूंढे रे बंदे ,
    सुकून तो बस ....तेरे अंदर है!
    क्यों दर-दर भटके गली गली,
    सुकून तो बस तेरे घर में है !!

    आज में जी ले..., आज ही अनमोल है ,
    जो बीत गया ..अब उसका क्या मोल है!
    आज है जो अब है बस उसका ही मोल है,
    वरना जिंदगी की नैया यूं ही डामाडोल है !
    ©anusugandh