anupamasharma

I like fragrance of Jasmin��

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  • anupamasharma 11w

    बसंती ऋतु

    आये थे अमृत ऋतु लेकर
    तृप्त हुए वो ही जाने....,

    जिनके मन मधुमास बसा
    वो मरु तरुवर क्यूँ अकुलाने ।।


    ©anupamasharma

  • anupamasharma 24w

    चाँद

    दिल का चाँद ना जाने कितनी बार उगा....
    ना जाने कितनी बार डूबा.....

    ©अनु
    ©anupamasharma

  • anupamasharma 24w

    तस्वीरें

    ना जाने कितनी तस्वीरें इकठ्ठा कर रखी हैं.....
    एक तुझे..... लिखने के लिए ।।

    ©अनु
    ©anupamasharma

  • anupamasharma 26w

    Love

    love is not a creation,
    It is a nature and natural feeling.
    ©anupamasharma

  • anupamasharma 26w

    झूठ

    इंसान भी मिलते हैं झूठ के पुलिंदे बने,
    किसने किसको लूटा है
    कौन कितने वादों में वो झूठा है...
    कैसे मोम से पुतले बने...

    ©अनु
    ©anupamasharma

  • anupamasharma 27w

    इंद्रधनुषी सपने

    इंद्रधनुष के रंग लिए ना जाने कितने सपने
    बेरंग हो गये
    इन बेरंग सपनों में रंग भरेगा कौन ...
    बस इसी कल्पना में इतना आगे निकल चुकी है मन की दौड़ , "कि अब रुकती नहीं ,थकती नहीं'
    बस मंज़िल को इस छोर से उस छोर तक ढूँढ़ते रहने को, मशाल लिए कहाँ से कहाँ आ पहुँचे हैं ये कदम और मन की चाल चाह के साथ...
    ©anupamasharma

  • anupamasharma 29w

    शब्द

    शब्दों सो सोच बड़ी नहीं होती....
    ये तो वो शय है.... जो झलकती है
    सिर्फ किसी - किसी में...

    ©अनु
    ©anupamasharma

  • anupamasharma 30w

    हमसफ़र

    छोड़ दिया किसी ने उसे ये कहकर
    अब बना लेना मुझे भाई, न कहना हमसफ़र...

    ©अनु
    ©anupamasharma

  • anupamasharma 31w

    सफर

    अब सफर शुरू होता है ,तेरे जाने के बाद....
    अब कौन आएगा , तेरी याद आने के बाद..

    छोटा सा फासला था ,इतना गहरा हो गया
    कौन इस तरह बच पायेगा, डूब जाने के बाद

    #सफर #याद #फासला #डूब

    ©अनु
    ©anupamasharma

  • anupamasharma 31w

    ख़्वाब

    आँखों से ख़्वाबों को मोड़ना
    मन्नत के धागों को तोड़ना
    चाँद के पास सितारों को छोड़ना
    बस यही नहीं होता
    और इसलिए तू भी नहीं मिलता

    ©अनु
    ©anupamasharma