anjaan_ajnabee009

anjaan_ajnabee009@instagram zindgi ki talaash me hu mai ek sehra pyaas me hu....

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  • anjaan_ajnabee009 16h

    जनाब,अगर दिल मोम का है तो कभी भी पत्थर से लड़ाई मत लड़ना,, क्योंकि पत्थर को चोट लग कर भी दर्द नहीं होगा..मगर उससे टकरा कर हमारे मोम से दिल को तकलीफ ज़रूर होगी...

    ©anjaan_ajnabee009

  • anjaan_ajnabee009 2d

    एक अहम वाकिया लिखती हूं
    रमज़ान के मुबारक महीना लिखती हूं..
    रोज़े , तरावीह, सेहरी और इफ्तार लिखती हूं
    इस महीने में शबे कदर की रात लिखती हूं...

    पर आज फिर से हमने खाली पेट भूखे नंगे बच्चो और औरत को देखा
    फुटपाथ पर सारे साल रोज़े रखने वाले मजलूमों को देखा...

    अमीरों की इफ्तार पार्टी भी देखा और मजहब के नाम पर लोगों की बद - इख्लाक़ी भी देखा..
    रात को सरकते हुए कम्बल में लिपटे हुए इंसान को भी देखा,
    ना जाने कितने सालों से रोज़े रखे हुए इन गरीब इंसानों को देखा...

    रमज़ान मुबारक हो सबको
    मगर यह याद रहे गरीब और यतीमो को भी ईद का कपड़ा नसीब हो..
    ©anjaan_ajnabee009

  • anjaan_ajnabee009 3d

    शराब महंगी और सस्ता है गरीब का लहू,
    मेरे शहर में रोज़ बिकता है गरीब का लहू..
    पेट भूका,जेब खाली और आंखो में लाली,
    ना जाने फिर भी क्यों बड़े शौक से पीया जाता है गरीब का लहू..

    अपनी हवस मिटा कर किसी गंदे नाले में फेंक दिया जाता है है गरीब का लहू,
    उसकी लाश से फिर पोस्टमार्टम के नाम पर बहाया जाता है गरीब क लहू...

    लम्हे भर को कभी सोचा है किसी ने मरियम,
    इस कद्र बेदर्दी से आखिर क्यों बहाया जाता है गरीब का लहू.
    चलो आज इस तरह बहाया जा रहा है बदनसीब का लहू,
    पर ए हुक्मरानों एक दिन तुम्हारे गले में कांटा बन के ज़रूर उतरेगा गरीब का लहू...
    ©anjaan_ajnabee009

  • anjaan_ajnabee009 4d

    بدل گئی ہے کچھ ایسی ہوا زمانے کی
    کی عام ہو گئی ہے عادت نظر چرانے ک...
    .یہ بات کاش سمجھتے سبھی چمن والے،
    چمن لٹا تو نہیں خیر آشیانے کی..

    انہی خبر ہی نہیں و خود بھی آزمائے گئے
    جنہیں تھی فکر بہت مجھکو ازمانے کی...

  • anjaan_ajnabee009 2w

    Na Maine usko khatut likha na usne meri panah chaahi,
    Khud apni apni jagah pr hum ko malaal Kitna ajeeb sa tha...

    Na jaane kaise nayi ruto me puraani yaadon ki naav duba di,
    Nazar ki Darya me aane wala ubaal Kitna ajeeb sa tha...

    Hatheliyo per rakhe charaag ko khud bujhaya hawa se pahle,
    Udas mausam me be-basi Ka ye Saal Kitna ajeeb sa tha..

    Safar akele hi kaat loge?ye Maine pucha to wo ro para,
    Jawab Kitna ajeeb sa tha, sawal Kitna ajeeb sa tha...

  • anjaan_ajnabee009 2w

    By Mahshar afridi

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    Mai Apne zehan ki zid se bada preshan hu,
    Tere khayal ki chaukhat pr aana parta hai..
    Hum tere ba-gair hi ache the,
    Kya musibat hai..ye Kaisa pyar hai,
    Har din jatana parta hai...

  • anjaan_ajnabee009 2w

    मैंने कहा अब वो प्यार के रिश्ते नही रहे,
    उन्होंने कहा अब हम भी तो वैसे नही रहे..

    यार ये घरो की खिड़कियां दरवाज़े कम क्यं होने लगे,
    उन्होंने कहा घरो में झाँकने वाले जो अब नही रहे...

    फिर हमने पूछा हमारी आंखों की नीँद क्या हुई,
    उन्होंने कहा तुम्हारे आंखों में अब सपने भी तो नही रहे...

    अगला सवाल पूछा क्या करोगे जो हम न रहे,
    मेरे सवाल सुन कर वो फट पड़े और कहा यार अब तुम भी तो किसी के नही रहे.
    दुनिया मोहब्बतों के नाम पर देती है बस फ़रेब
    हकीकत में तो कोई किसी के नही रहे...

    आज मुद्दतों के बाद वो फिर से आये हमे देखने,
    हमारी उम्मीदों के कितने चराग़ है...और कितने नही रहें...

    ©anjaan_ajnabee009

  • anjaan_ajnabee009 3w

    बग़ैर सलाम दुआ के विदा होना अच्छा नहीं,
    किसी से मिल के जुदा होंना अच्छा नहीं..

    मोहब्बत में गिले शिक़वे ज़रूरी है मगर,
    किसी से मुसलसल खफा होना अच्छा नहीं...

    माना की वफा सबके बस की बात नहीं,
    तेरा इस कदर बेवफा होना भी अच्छा नहीं...

    कुछ दर्द अगर दर्द ही रहे तो अच्छा है,
    हर दर्द की दवा होना अच्छा नहीं...

    और सुन लो ए मगरुर इंसान...इंसान के इंसान होना ही अच्छा है,
    इंसान का होना अच्छा नहीं...

  • anjaan_ajnabee009 4w

    Aapko pasand hai gulab lekin,
    Saath me kaante bhi milenge aapko janab lekin...

    Hamari aankho k khawab kab k bikhar chuke,
    Jin aankho se dekhe the humne kbhi khawab lekin...

    Jinke lafzo me kbhi hoti thi cheeni si mithaas,
    Aaj zuban e khanzar se wo krte hai vaar lekin...

    Jhukna kbhi gunah nhi koi,
    Pr takabbur me doobe insan ko paana hamare armaan nhi lekin...

    Tu laakh bechain ho bichad kr mujhse,
    Pr izzat k aage mohabbat k koi daam nhi lekin....
    ©anjaan_ajnabee009

  • anjaan_ajnabee009 4w

    काश..!!!

    काश ! ऐसा होता
    के ऐसा हुआ ही न होता..

    ©anjaan_ajnabee009